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थायराइड में क्या खाएं और क्या न खाएं


थायराइड में क्या खाएं और क्या न खाएं
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थायराइड में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए” इसका बहुत महत्त्व होता है, जैसा की हमने पहले भी कई बार आपको इस बात से अवगत करवाया है की किसी भी रोग को ठीक करने में जितना महत्त्व सही दवाई का है उतना ही महत्त्व सही खान पान का भी है, इसलिए हमने बहुत सारी बीमारियों के लिए डाइट चार्ट बताये है इसी श्रंखला का आगे बढ़ाते हुए आज जानते है -थायराइड बीमारी में कैसी हो रोगी की आहार तालिका

thyroid diet chart indian thyroid mein kya nahi khana chahiye थायराइड में क्या खाएं और क्या न खाएं
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सबसे पहले थायराइड बीमारी से एक छोटा सा परिचय : हमारे गले में सामने की तरफ मौजूद तितली के आकार की ग्रंथि थायराइड जब बढ़ जाती है तो इसे थायराइड, घेघा, गलाघोंटू या गोयटर रोग कहा जाता है। ऐसा तब होता है, जब यह ग्रंथि आयोडीन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों के अभाव में शरीर की आवश्यकता के अनुसार थायराइड हार्मोन पैदा नहीं कर पाती है। इसका अर्थ यह हुआ कि गोयटर की स्थिति में हमें थायराइड ग्लैंड को सक्रिय करने वाले भोजन करने चाहिए | थायराइड ग्रंथि सही तरीके से हार्मोन बनाए, यह हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म के लिए बहुत जरूरी है। यदि थायराइड ग्लैंड सही से काम नहीं करती तो गोयटर तो होता ही है, शरीर की कार्यक्षमता, शरीर के तापमान के संतुलन और सेक्स हार्मोन में भी कमी आ जाती है। इससे शरीर का बढ़ना भी रुक जाता है। यह रोग ज्यादातर 30 से 60 वर्ष की महिलाओं को अधिक होता है। थायराइड के प्रमुख लक्षण है – तनाव, अवसाद, नींद ठीक से न आना, कोलेस्ट्रॉल, आस्टियोपोरोसिस, बांझपन, पीरियड का टाइम पर न आना, दिल की धड़कन बढ़ना जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। #Thyroid #diet #Food #best #fruits #vegetables in #thyroid .
थायराइड में क्या खाना चाहिए : थाइरोइड में क्या खाएं
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थायराइड में छिलके सहित साबुत अनाज खाने चाहिए क्योंकि साबुत अनाज में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन्स आदि भरपूर मात्रा में होते हैं |
विटामिन डी भी जरुरी है थायराइड ग्रंथि के लिए : थायराइड में अच्छे से काम करने के लिए हमारे शरीर को विटामिन डी भी प्रचुर मात्रा चाहिए। विटामिन डी पाने का सबसे आसान तरीका है रोज आधा-एक घंटा धूप में बैठना है। हालांकि लोग त्वचा संबंधी समस्याओं के कारण ज्यादा धूप लेने से परहेज करते हैं। इसके अलावा मौसम की गड़बड़ी से भी कई बार पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती, इसलिए उन पदार्थों का नियमित सेवन करना चाहिए, जिनमें विटामिन डी होता है। ये पदार्थ हैं- दूध, मक्खन, पनीर, मछली, मछली का तेल, अंडे की जर्दी, दाल, बादाम, मशरूम, सोया और इसके उत्पादों में भी काफी विटामिन डी होता है, मगर सोया उत्पाद अन्य वजहों से थायराइड के लिए बाधा बनते हैं, इसलिए सोया उत्पाद नहीं लेने चाहिए।
थायराइड में सेहत के लिए विटामिन बी जरूरी : थायराइड की अच्छी कार्यप्रणाली में विटामिन बी बहुत मददगार है। यह विटामिन दूध, सी फूड, मछली, हरी मटर, दाल, हरी सब्जियां, टमाटर, केला, अंगूर में खास तौर से होता है। हरी सब्जियों में कुछ सब्जियां नहीं लेनी चाहिए जिनका जिक्र नुकसानदायक पदाथों में इसी पोस्ट में नीचे किया गया है।
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फोलिक एसिड भी है थायराइड का अच्छा दोस्त : फोलिक एसिड इन पदार्थों में खूब होता है- एस्परगस यानी शतावरी, गहरी हरी पत्ती वाली सब्जियां, मटर और फलीदार सब्जियां, खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, आम, पपीता, अंगूर, मेवे जैसे बादाम, अखरोट, बीज जैसे सूरजमुखी का बीज, अलसी का बीज, मक्का, चुकंदर, गाजर, अनानास, सेब, और अजवायन इसलिए इनको थायराइड में जरुर खाना चाहिए | पढ़ें यह पोस्ट – 
थायराइड में थकान होने पर मुलेठी का सेवन अच्छा रहता है |
एक कप पालक के रस में एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच जीरा पाउडर मिलाकर पीने से थायराइड में विशेष लाभ मिलता है |
सेलेनियम वाले पदार्थ खाएं, जैसे सूरजमुखी का बीज, मछली, मशरूम, प्याज और सभी प्रकार के साबुत अनाज |
थायराइड में दूध में हल्दी मिलाकर पियें इससे भी लाभ होता है |
थायराइड में हरा धनिया भी बहुत काम की चीज है इसके लिए हरे धनिये को पीस कर इसकी चटनी बनाये और एक गिलास पानी में एक 1 चम्मच चटनी घोल कर पिए।
खूब पानी और तरल पदार्थ लें : थायराइड रोग में व्यक्ति को खूब पानी पीना चाहिए। जिन फलों का जिक्र लाभदायक पदार्थों में किया गया है, उनका जूस पीना चाहिए। पेट साफ रखना चाहिए यानी कब्ज की शिकायत नहीं होनी चाहिए।
तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से से भी थायराइड रोग में लाभ मिलता है |
आयोडीन भी है जरूरी : थायराइड में आयोडीन शरीर के लिए सबसे जरूरी है। यह थायराइड की ठीक से कार्यप्रणाली सुनिश्चित करता है। आयोडीन की आवश्यकता को सबसे नीचे विस्तार से समझाया गया है |
आयोडीन मुख्य रूप से आयोडाइज्ड नमक और सी फूड में मिलता है। इसके अलावा यह हरी साग-सब्जियों, अदरक, टमाटर, हरी मटर और कॉड लिवर ऑयल (मछली का तेल) में मिलता है। Watercress यानी जलकुंभी भी आयोडीन को पाने का अच्छा जरिया है। पर हाइपर-थाइराइड बीमारी में ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए |
जलकुंभी बहुत फायदेमंद है थायराइड में जलकुंभी को बहुत लाभदायक बताया गया है। शाकाहार में यह आयोडीन का बहुत अच्छा स्रोत है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सब्जी के पेस्ट को यदि सूजे हुए स्थान पर लगाया जाए तो यह सूजन को कम करने का भी काम करता है।
थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए : थायराइड में परहेज
सब्जियों में पालक, मूली, सरसों, ब्रोकोली, फूलगोभी, शलजम, फलों में स्ट्रॉबेरी, नट्स में मूंगफली फोलिक एसिड के धनी होते हुए भी ये सब थायराइड में नुकसानदायक हैं, इसलिए इनका सेवन नहीं करना चाहिए। पालक का जूस पी सकते है उसके लिए ऊपर एक नुस्खा बता दिया गया है |
थायराइड में ब्रोकोली, फूलगोभी, को या तो बिल्कुं ना खाएं या फिर बहुत ही कम मात्रा में खाएं तथा इनको उबालकर खाना चाहिए।
थायराइड में सोयाबीन और इससे बने सभी उत्पादों से दूर रहना चाहिए। एक अध्ययन के अनुसार, सोयाबीन में थायराइड विरोधी गुण पाए गए हैं और यदि किसी व्यक्ति के भोजन में पहले से ही आयोडीन की कमी चल रही है तो सोया का दुष्प्रभाव ज्यादा बढ़ जाता है। सोया उत्पादों में सोयाबीन, टोफू, सोया दूध, सोया बार समेत वे सभी उत्पाद आते हैं, जो किसी भी तरह से सोया से संबंधित हैं।
थायराइड में इन चीजों से भी दूर रहें- फल : आडू, स्ट्रॉबेरी, बाजरा, सब्जी : मूली, आलू, और मूंगफली |
विशेषज्ञों के अनुसार इन सभी चीजों में फ्लेवोनॉयड नाम का तत्व काफी मात्रा में होता है, जो वैसे तो शरीर के लिए बहुत काम की चीज है, मगर कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ फ्लेवोनॉयड थायराइड की कार्यप्रणाली में बाधा पहुंचाते हैं, जिससे थायराइड हार्मोन का उत्पादन रुक जाता है।
थाइराइड में वजन बहुत तेजी से बढ़ता है इसलिए कोलेस्ट्रॉल और सेचुरेडेट फैट खाने से हर हाल में बचना चाहिए ।
थायराइड में ज्यादा चीनी, तला भोजन ठीक नहीं है ज्यादा चीनी का सेवन भी थायराइड की सुचारू कार्यप्रणाली के लिए नुकसानदायक होता है।
थायराइड में घी, डालडा या वनस्पति घी, तेल, रेड मीट, चिकनाई, वसा, क्रीम, जंक फूड, और फास्ट फूड से थायराइड में परहेज रखें |
तेज मिर्च, खटाई, इमली, ज्यादा मसाले वाले पकवान इन सभी खाद्य पदार्थो को थायराइड में नहीं खाना चाहिए |
सॉफ्ट ड्रिंक, पैन केक, जैम,जैली, कुकीज़, केक, पेस्ट्रीज, कैंडीज, और डिब्बाबंद भोजन से भी दूर रहें। ये खाद्य थायराइड में नहीं खाना चाहिए |
चाय, सिगरेट, तंबाकू, कॉफी शराब, और बीयर से भी से थायराइड में परहेज रखें |
रिफाइंड अनाज यानी मैदा, थायराइड में पॉलिश्ड सफेद चावल, सफेद ब्रेड, पास्ता, चौमिन, मैगी ,बर्गर, पिज़्ज़ा आदि भी नुकसान करेगा। इसलिए इन चीजो से भी थायराइड में परहेज रखें |
थायराइड में चावल नहीं खाने की सलाह दी जाती है परंतु फिर भी आप खाना चाहे तो पुराने चावलों को मकई के दानो के साथ उबालकर कम मात्रा में खा सकते है |
थायराइड में अपनी दैनिक दिनचर्या इन चीजो को भी शामिल करें |
कुकरौधा की पत्तियां बांधे : डैडेलियोन यानी कुकरौधा या सिंहपणीं नाम की सब्जी भी थायराइड में फायदे की चीज है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके इस्तेमाल का तरीका यह है कि इसकी सलाद में इस्तेमाल होने वाली पत्तियों पर घी का लेप लगा देते हैं। इसके बाद पत्तियों को गर्म करके गर्दन के सूजे हिस्से पर बैंडेज से बांध देते हैं। दो हफ्ते तक इसे बंधा रहने देते हैं। जानकारों के अनुसार, इससे बहुत फायदा होता है।
गले पर आइस बैग रखें : गले पर 20 से 30 मिनट तक आइस बैग रखें। इसके बाद उतनी ही अवधि के लिए इस बैग को दिल पर भी रखें। ऐसा दिन में दो से तीन बार करें।
पर्याप्त आराम करें : थायराइड में आराम बहुत जरूरी है। रोग जारी रहने तक भारी व्यायाम नहीं करना चाहिए। अच्छी नींद लेनी चाहिए। आप योगासन कर सकते है – 
थायराइड में नमक और आयोडीन को लेकर काफी लोग भ्रमित रहते है कुछ वेबसाइट पर नमक ना खाने की भी सलाह दी गई है जो पूरी तरह से गलत है

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