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कीजिये ये योगासन


कीजिये ये योगासन किसी भी उम्र में, दिखेंगे सदा जवान
आज के समय में गलत खान पान, प्रदूषण और तनाव की वजह से असमय ही व्यक्ति के चहरे की रौनक गायब हो जाती है और चहरे पे झुर्रियां आ जाती हैं | चहरे पे दाग धब्बे और झुर्रियां आने की वजह से हम जवानी में ही बूढ़े दिखने लगते हैं | यूं यो बाज़ार में कई सारे एंटी एजिंग प्रोडक्ट्स मिल रहे हैं लेकिन उनका फायदा कम और नुकसान ज्यादा है | हम आपको कुछ ऐसे योगासन बता रहे हैं जिन्हें करके आप अपनी बढ़ती उम्र को रोक सकते हैं |

मलासन
मलासन करने से शरीर फुर्तीला बनता है और जिससे उम्र का प्रभाव नहीं दिखता | इसके अलावा यह पाचन क्रिया को भी सही करता है | मलासन करने के लिए दोनों घुटनों को मोड़ते हुए मल त्याग वाली पोजीशन में बैठ जाए | अब दायें हाथ की कांख को दाहिने घुटने में और बाएँ हाथ की कांख को बाएं घुटने में टिका लें | अब धीरे धीरे सांस ले और छोडें, जितनी देर ऐसा कर सकते हैं करें फिर आराम की अवस्था में आ जायें |


उत्कटासन

इस आसन को करने से रक्त संचार अच्छा होता है और शरीर के अंग शक्तिशाली बनते हैं जिससे उम्र का प्रभाव दिखना बंद हो जाता है | इसे कुर्सी आसन भी कहते हैं क्योकि इसे करते समय शरीर की आकृति कुर्सी के सामान हो जाती है | इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएँ और अपने हाथों को सामने की तरफ फैलाएं | इसके बाद आप कुर्सी में बैठने जैसी अवस्था में आयें और हाथों को ऊपर करलें | कुछ देर बाद वापस आराम की अवस्था में आ जायें |


पूर्वोत्तासन

इस आसन को करने से दिमाग शांत होता है और तनाव बिलकुल भी नहीं होता जिससे की उम्र का प्रभाव दिखना बंद हो जाता है क्योंकि तनाव की वजह से हम जल्दी बूढ़े दिखने लगते हैं | इस आसन को करने के लिए सबसे पहले चटाई बिछाएं और पैरोंको सामने की तरफ फैलाकर बैठ जाएँ, अब अपने हाथों को पीछे ले जाएँ और हथेलियों को जमीन से टिका दें | अब हथेली और पैर की एड़ी की सहायता से शरीर को ऊपर की और उठायें और गर्दन को आकाश की तरफ करलें | ऐसा बार बार दोहराएं |


चतुरंग दंडासन

इस आसन को करने से शरीर के अंगो में कसाव बना रहता है और रिंकल्स दूर होते हैं | यह पूर्वोत्तारासन का बिलकुल उल्टा हैं, इसे करने के लिए सबसे पहले आप पेट के बल लेट जाए और अपने शरीर के वजन को पैरो की उगलियाँ और हाथो की हथेलियों के बल में उठायें | दो से तीन मिनट इस स्थिति में रहें फिरसामान्य अवस्था में आ जाएँ और इसे दोहराएं |



कपालभाति

यह एक चर्चित योगासनों में से एक हैक्योंकि यह बहुत सारी बिमारियों का इलाज है | इस करने के लिए सबसे पहले सुखासन में बैठ जाएँ और फिर अपने नाक से हवा बाहर को और छोडें और पेट को अंदर की ओरखींचें, यह क्रिया जल्दी-जल्दी करें | इस आसन को करने से शरीर के अंगो में जोर पड़ता है और उनमें कसाव आता है जिससे उम्र का प्रभाव नजर नहीं आता |


सुबह के समय करें ये दो योग, आप हमेशा रहेगे फिट

हम सब फिट रहने की कोशिश करते है और इसके लिए हम हर संभव कोशिश करते हैं| लेकिन कई बार हमारी कोशिश नाकाम हो जाती है और हम स्वस्थ नहीं रह पाते है| अगर आप स्वस्थ रहना चाहते है तो सही खानपान के अलावा आपको योग भी अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा| आप रोजाना सुबह के समय दो योग करें जिससे आपका शरीर हमेशा फिट रहेगा|


कपालभाती
यह एक ऐसा आसन है जिसके कई सारे फायदे हैं और यह करने से आपके शरीर से कई सारी बीमारियाँ दूर होने लगती हैं| आप सबसे पहले सुबह उठे तो इस असं को करके देखें| आप सुबह के समय इसे करें| इसे करने के लिए अप सबसे पहले सुखासन में बैठ जाएँ| इसके बाद अपने नाक से जल्दी जल्दी बाहर की तरफ साँस फेंके| ऐसा करने से आपके शरीर से खराब हवा बाहर निकल जाती है| यह आसन आपका वजन कम करने, आपकी स्वाश नली को साफ़ करने, आपकी आँखों को मजबूत बनाने जैसा काम करता है| यह आसन बहुत गजब है और आप इसे र्क्के देखेगे तो आपको बहुत अधक फायदा होने वाला है|


सर्वांगासन

यह एक ऐसा आसन है जिसने सभी अंगो की भरपूर कसरत हो जाती है| आप सुबह के समय जब उठे तो एक बार इस आसन को आप जरूर करें| इसके करने के लिए आप सबसे पहले जमीन में पीठ के बल लेट जाएँ| इसके बाद आप आपको सर के बल खड़ा होना है और इसके लिए आपको अपने हाथो का सहारा लेना है\ अपने हाथो का सहारा लेकर जब आप खड़े होते है वो भी सर के बल तो यही आपके लिए योगासन होता है| इससे आपके शरीर का रक्त संचार बहुत बेहतर होता है| र

क्त संचार सही होने से आपके शरीर में खुजली, जलन, चेहरे में पिम्पल जैसी समस्या नहीं होती है| इसके अलावा यह माइग्रेन का बहुत अच्छा इलाज है| जिन्हें हमेशा सर दर्द की अम्स्य बनी रहती है उनके लिए यह योग बहुत अच्छा साबित होता है| अगर आप यह आसन करते हैं तो आपके शरीर की हड्डियाँ भी मजबूत रहती है| रीढ़ की हड्डी में आने वाली समस्या दूर होने लगती है| इसके अलावा इससे पाचन मजबूत होता है|

अगर आप खराब पाचन की समस्या से जूझ रहे हैं तो आप रोजाना इस आसन को करें जिससे आपको आराम मिलेगा| इसके अलावा यह आसन करने से आपकी अनकहे भी मजबूत होती है| इसके अला पीठ में अधिक बल पड़ता हैं जिससे पीठ भी मजबूत होती है| यानी की एक आसन में आपको कई सारी बिमारियों से छुटकारा मिल जाता है\ आप इस आसन में लगभग दो मिनट तक तो रहें ही जिससे आपको फायदा हो|

ये भी करें-

अनुलोम विलोम
यह आसन भी ऐसा है जिसके जरिये आप खुद को फिट रख सकते है| इसके करने से आपके शरीर में मौजूद विकार दूर होते है| आपका वजन कम होता है और पेट कम होता है| इसके अलावा आप जब इसे करते है तो आपके सर में होने वाला दर्द दूर होता है|

ये योगासन हैं सभी बिमारियों के इलाज



हम सब योगासन कभी ना कभी करने की कोशिश करते है और हम इसके फायदे भी जानते है की इससे बॉडी में फुर्ती आती है| हमे पता होता है की योगासन करना आवश्यक है लेकिन हम करते नहीं है| अलग अलग तरीके के योगासनों के अलग अलग फायदे होते है| हालाँकि कुछ आसन ऐसे होते है जो की कई सारी बिमारियों का इलाज होते है और आपको हमेशा फिट रखते हैं| आप इन आसनों को जरूर करें और हमेशा स्वस्थ रहें-
सर्वांगासन
यह एक ऐसा आसन है जिसमे लगभग सभी आसन समायें हुए है क्योकि इससे शरीर के हर एक अंग की कसरत बराबर हो जाती है| आप इस आसन को करने से पहले इस बात का ध्यान दें की अप समतल जमीन में बैठे हो| यह आसन ऐसा होता है जिसमे आपको सर के बल खड़ा होना होता है| आपका पैर ऊपर होता है और आपका सर नीचे होता है| इस आसन से आपके शरीर का रक्त संचार बेहतर होता है, ह्रदय की बीमारियाँ नहीं होती है| इसके अलावा हड्डियाँ मजबूत होती है, आँखों में मजबूती आती है, रक्त संचार बेहतर होने से बालो में मजबूती आती है| कमर मजबूत होती है| यानी की इस आसन के कई सारे फायदे हैं जो की आप समझ नहीं पायेगे और आपको ये आसन रोजाना कम से कम बीस मिनट के लिए करना चहिये और हमेशा फिट रहना चहिये|
हलासन
इसमें आपकी आकृति हल के सामान हो जाती है| एक समतल जमीन में बैठकर आप इस आसन को करें जिसे आपका बैलेंस बना रहे और आप अच्छे से इसे कर पायें| आप सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएँ और धीरे धीरे अपने पैरो को जोड़ते हुए पीछे की तरफ ले जाएँ| इसके बाद आप पैरों को पीछे ले जाकर जमीन में रख दें और हाथो को वैसे ही रखें जैसे पहले थे| आप इस आसन में है| यह आसन हड्डियों को मजबूत करता है| रीढ़ से जुडी हुई हर एक बीमारी ठेक करता है और आपके रक्त संचार को बेहतर बनाता है| अगर आपके सर में दर्द रहता है तो इस आसन से आप इसे ठीक कर सकते हैं| इसीलिए आप इस आसन को रोजाना करें|
भुजंगासन
इसमें आपकी आकृति सांप के सामान हो जाती है| आप सबसे पहले पेट के बल लेट जाएँ और इसके बाद अपने चेहरे को आसमान की तरफ ले जाने की कोशिश करें| इस दौरान आपकी कमर का निचला हिस्सा जमीन में होना चहिये| अर्थात आपको सांप के सामान आकृति बनानी है| इसे करने से पेट कम होता है और आपका वजन भी कम होने लगता है| इसके अलावा आपके शरीर को हमेशा फिट रखता है यह आसन| इस आसन को करने से बीमारियाँ दूर होती है|
कपालभाती

यह एक ऐसा आसन है जिसके बारे में हर कोई जानता है| लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं की इस आसन से कई सारी बीमारियाँ गायब होने लगती है| आप सांस को तेजी से बाहर की तरफ छोड़े और यही इस आसन में होता है| इससे आपकी श्वास से जुडी बीमारियाँ, सर दर्द, रक्त संचार की समस्या आदि दूर होते हैं|





मेडिटेशन करने में आप यहाँ कर जाते हैं गलती, इसीलिए नहीं होता है फायदा
मैडिटेशन यानी की ध्यान हमारे लिए बहुत जरूरी है| यह हम इ आत्मज्ञान करवाता है| दुनिया में क्या हो रहा है ये तो हम जानते है लेकिन खुद के अंदर क्या चल रहा है इसकी जानकारी हमे मैडिटेशन से मिलती है| हालाँकि कुछ लोग इसे करते हैं लेकिन सही से फायदा नहीं होता है| लम्बे समय से करने के बाद फायदा नहीं होता है तो आप इसमें कुछ ये गलतियाँ कर रहे हैं-
पोजीशन सही नहीं

मैडिटेशन में हर एक बात ध्यान दी जाती है और सबसे महत्वपूर्ण है आपके बैठने का तरीका जो की आरामदायक होना चहिये| अगर आप कमर सीढ़ी करके बैठते है और आपको दर्द होता है तो आप इस आसन में नहीं बल्कि कमर झुका के ही बैठ लीजिए\ हमे लगता है की इसे केवल कमर सीढ़ी करके किया जाता है जबकि ऐसा नहीं है| अगर आपके शरीर में जरा सा भी पैन हो रहा है तो आप इसका फायदा नहीं ले पायेगे| लोग बैठते समय ही गलती कर जाते है और आपको यह नहीं करनी चहिये|
कुछ देखने की कोशिश

ये बड़ी सामान्य बात है की जब हम मैडिटेशन करते है तो हम कुछ देखने की कोशिश करते है| जैसे की हम भगवान् की मूर्ती देखने की कोशिश करते हैं या फिर अपने आराध्य की फोटो या फिर जलता हुआ दीपक देखना चाहते हैं| ऐसा ना करें क्योकि इससे आप मैडिटेशन का फायदा नहीं ले सकते हैं| आप कुछ देखने की कोशिश क्यों करते हैं जो हो रहा है आँखों में सामने उसे देखिये| आँखे बंद कीजिए और जो भी आ रहा है आने दीजिए और उसे हटाने की कोशिश ना करिए| जब आप कुछ ख़ास देखने लगते है तो आपके सर के बीचो बीच दर्द होने लगता है और इससे आपका ध्यान भंग हो जाता है| आपको जो चहिये वो मिल जाएगा लेकिन पहले आप खुद का जोर इसमें लगाना बंद कीजिए|
साँसों का संतुलन

मैडिटेशन में आपके साँसों का संतुलन बहुत जरूरी है| आपकी साँसे जब आप ले रहे हो तो आपको वो सुने देनी चहिये| इसीलिए सांसो को सामान्य रखें| मैडिटेशन तब ना करें जब आप रोजाना करते हैं बल्कि तब करें जब आप शांत हो और आपको कोई मानसिक चिंता ना हो और आप फ्री हो| ऐसे में आपकी साँसे सामान्य चलेगी और आप इन्हें कण्ट्रोल कर सकते है| ऐसे में आप बेहतर मैडिटेशन कर सकते है और आपको फायदा होगा| इसीलिए इस बात का ध्यान रखें|
ये ध्यान रखें
सबसे बड़ी बात इसमें ध्यान रखने की जरूरत है और जहाँ लोग गलती करते हैं की पहले ही दिन से कुछ ना कुछ चाहते है जबकि ये गलत है| उन्हें लगता है की पहले दिन दिमाग शांत हो जाएँ, हम स्वस्थ हो जाएँ, चीजे दिखाई देने लगे| ऐसा नहीं होता है| वैसे इसे सदियों की साधना कहते हैं लेकिन कम से कम दो से तीन महीने तो ध्यान लगाने में लग जाते है| इसीलिए आप इस बात का ध्यान रखें की इसमें समय लगेगा|

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