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झटपट मिलेगी सिर दर्द से राहत

झटपट मिलेगी सिर दर्द से राहत, आजमाए ये घरेलू नुस्खे

गर्मियों का समय आ चुका हैं और धूप ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया हैं। जी हाँ, धूप की वजह से गर्मियों के दिनों में शरीर का ग्लूकोज लेवल कम हो जाता है जिसके चलते सिर दर्द की समस्या होने लगती हैं। इससे राहत पाने के लिए लोग दवाइयों का सहारा लेना पसंद करते हैं जो सेहत को नुकसान पहुँचाने का काम करती हैं। इसलिए आज हम आपके लिए कुछ ऐसे घरेलू उपाय लेकर आए है जिनकी मदद से आपको सिर दर्द से मिनटों में राहत मिलेगी। तो आइये जानते है इन घरेलू उपायों के बारे में....


- सिर दर्द मांसपेशियों में तनाव की वजह से भी होता है। इस तनाव को कम करने के लिए गर्दन, सिर और कंधों की मालिश करें।
- अगर सिर दर्द की समस्या लगातार होती हो तो सुबह सेब पर नमक लगाकर खाली पेट खायें। इसके बाद गुनगुना दूध पी लें। कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से सिर दर्द से छुटकारा मिल सकता है।


- सिर दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए लौंग के पाउडर में नमक मिलाकर पेस्ट बनायें और दूध के साथ पियें। कुछ मिनटों में सिर दर्द कम हो जाएगा। लौंग पीसकर सिर पर लेप भी लगा सकते हैं।

- लहसुन एक प्राकृतिक दर्द निवारक औषधी है। लहसुन की कुछ कलियों को पीसकर निचोड़ लें और उसका रस पी लें। इससे भी सिर दर्द आराम हो जाएगा।

- तुरंत सिर दर्द से राहत के लिए एक साफ कपड़े में बर्फ का टुकड़ा बांध लें और 10 मिनट तक सिर पर रखने और हटाने से राहत मिलेगी।

- सिर में भारीपन रहता हो तो लौंग, इलांयची और अदरक डालकर चाय बनायें और पीयें।




डायबिटीज से पीड़ित लोगो को जरूर खाने चाहिए ये फल, तुरंत दिखने लगता है असर

भारत में तेजी से डायबिटीज यानी कि मधुमेह की बीमारी फैल रही है। इस बीमारी का मुख्य कारण खानपान में लापरवाही है। लिहाजा हम अपने खानपान को संयमित कर और व्यायाम के जरिए इससे छुटकारा पा सकते हैं। डायबिटीज के मरीज अक्सर ऐसे फलों से दूरी बना लेते हैं, जिनमें शुगर की मात्रा अधिक होती हैं। डायबिटीक लोगों को मानना है कि इनसे ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है मगर कई फल ऐसे होते हैं, जिनमें ब्लड शुगर को कंट्रोल करने वाले तत्व जैसे विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर मौजूद होते हैं। वहीं इन फलों में पॉलीफेनोल नामक तत्व भी होता है, जो बल्ड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है।

जामुन :- डायबिटीज में जामुन बहुत लाभकारी होता है। इममें 82 फीसदी तक पानी और 14.5 फीसदी कार्बोहाइड्रेट होता है। साथ ही इसमें हाइपोग्लाइसेमिक गुण पाए जाते हैं। जो ब्लड और यूरिन में शुगर के स्तर को कम करने में मददगार साबित होते हैं। जामुन के साथ-साथ इसकी गुठली भी डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होती है।

पपीता :- डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप पपीता खाना चाहिए। इसमें भारी मात्रा में विटामिन और जरूरी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। साथ ही इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भी शामिल होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाते हैं। दिल और नर्वस सिस्टम को सुरक्षित रखते हैं।
अमरूद :- फाइबर होने के कारण यह डायबिटीज में होने वाली कब्ज की बीमारी को दूर करता है। साथ ही यह डायबिटीज टाइप-2 के खतरे को कम करता है। अमरूद में मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखने का काम करता है। इतना ही नहीं, अमरूद में विटामिन -ए और विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है।

आड़ू :- इसमें भरपूर मात्रा में पोटेशियम, फाइबर, विटामिन ए और विटामिन सी मौजूद होता है। आड़ू का Glycemic Index 28 से 56 के बीच होता है, जो इसके साइज पर निर्भर करता है। गौरतलब है कि जिन फलों का Glycemic Index 55 से कम होता है, वे डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित होते हैं।

नाशपाती :- इसमें कैल्शियम, आइरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के, फोलेट, बीटा कैरोटीन, ल्यूटिन, कोलिन और रेटिनॉल सहित सभी जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। इसका Glycemic Index भी काफी कम होता है।

चेरी :- इसमें ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं, जो शरीर में इंसुलिन की मात्रा को नॉर्मल कर ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखते हैं। चेरी के छिलके में मौजूद लाल रंग दिल के लिए फायदेमंद होता है।

अनार :- डायबिटीज के मरीजों में दिल की बीमारी होने की संभावना बहुत अधिक होती है। अनार में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। साथ ही अनार शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम कर के डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद पहुंचाता है।

सेब :- इसमें भारी मात्रा में सॉल्युबल फाइबर होता है। ये डायबिटीज के मरीजों में होने वाले इंफेक्शन को जल्दी ठीक करने में मदद करता है। इसके अलावा सेब में पेक्टिन भी मौजूद होता है, जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखता है। साथ ही सेब में एंटीऑक्सीडेंट्स गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर में कोलेस्ट्रोल को कम करते हैं. डाइजेस्टिव और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी मददगार साबित होते हैं।

तरबूज :- इसमें किसी भी तरह का कोई फैट या कोलेस्ट्रोल नहीं होता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होते हैं। तरबूज में मौजूद फाइबर डाइजेस्टिव सिस्टम को सही रखने और कोलेस्ट्रोल को नियंत्रण में रखने में मदद करता है।

ब्रोकली :- ब्रोकली फैट फ्री और शुगर फ्री होती है। इसे डाइट में शामिल करने से आप कई तरह के जरूरत पोषक तत्वों की भी पूर्ति कर सकते हैं। इसमें विटामिन ए, सी, डी, ई और ‘के’ के अलावा डाइटरी फाइबर, कैल्शियम और कई तरह के मिनरल्स जैसे आयरन, फास्फोरस, जिंक एवं पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है। इतना ही नहीं, ब्रोकली बहुत ही स्ट्रॉन्ग एंटी ऑक्सीडेंट्स भी है, जो फ्री रेडिकल्स से बचाकर कई बीमारियों का खतरा कम करती है।

पत्तागोभी :- इसमें फैट और शुगर की मात्रा नहीं होती है। लो शुगर वाले फूड्स में यह बेहतर विकल्प हो सकता है। यदि पोषक तत्वों की बात की जाए तो इस फूड में विटामिन ए, सी, डी, के और ई होता है। इसके अलावा पत्तागोभी कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक एवं सोडियम का भी अच्छा स्रोत है।





मासिक धर्म के दौरान भूल कर भी ना खाएं ये चीजें, नहीं तो बढ़ जाएगी परेशानी

महिलाओं को मासिक धर्म यानि पीरियड्स में काफी परेशानी होती है। सुस्ती और मूड स्विग्स के अलावा उन्हें काफी तेज दर्द का सामना भी करना पड़ता है। कई लड़कियां इस वक्त में इसता परेशान होती हैं कि वो डिप्रेशन में चली जाती हैं। इन दिनों में आपको काफी सोच समझ कर और संतुलित खान पान रखना चाहिए। मासिक धर्म के दौरान अपनी सेहत को बनाए रखने के लिए आपको पौष्टिक आहार लेना चाहिए। इस खबर में हम आपको बताएंगे कि इस दौरान आप किस तरह की खानपान से दूरी बनाएं जिससे आपको ज्यादा परेशान ना होना पड़े।

चीनी युक्‍त खाद्य पदार्थों से बनाएं दूरी

कोशिश करें कि स दौरान चीनी युक्‍त खाद्य पदार्थ पीरियड्स के समय ना खाएं। ये और भी ज्‍यादा दर्द पैदा करते हैं। पर अगर मीठा खाने का मन करे भी तो, आप मीठे फल जैसे, आम, तरबूज या सेब आदि खा सकती हैं।

फैट वाले खानों से रहे दूर

इस दौरान आप फैट वाले खानों से दूर रहें। जैसे मीट में भारी मात्रा में सैच्यूरेटेड फैट पाया जाता है। इसके सेवन से आपके पेट में सूजन और दर्द हो सकता है। पिरीयड्य में ये परेशानी काफी ज्यदा बढ़ जाती है। इस दौरान अगर आपको नौन वेज में कुछ खाना हो तो आप मछली का सेवन कर सकती हैं।

शराब

शराब हमेशा नुकसानदायक होता है. इसे कभी भी हाथ नहीं लगाना चाहिए। पर खास कर के इस वक्त शराब को और भी ज्‍यादा नुकसानदायक होती है। इससे ये डिप्रेशन होती है। यह खून को और भी ज्‍यादा पतला बनाती है, जिससे पीरियड्स कई दिनों के लिये बढ़ सकते हैं। चाय पीजिये ना कि शराब।

पैक किया हुआ फूड

बेक्ड फूड हमेशा लोगों को काफी आकर्षित करते हैं। ये काफी टेस्टी होते हैं। पर इसमें भी ट्रांस फैट भारी मात्रा में होता है। पीरियड्स के दौरान इससे दूरी बनाएं क्योंकि यह आपके एस्‍ट्रोजन लेवल को बढ़ा सकता है और इससे यूट्रस में दर्द होता है। इसकी जगह पर आप ब्रेड खा सकती हैं, जिससे आपको काफी सारा फाइबर मिले।

गैस बनाने वाले खानों को कहें ना

पीरियड्य के दौरान ऐसे सभी खाद्य पदार्थों से आप दूरी बना लें जो गैस बनाती हों। फास्ट फूड, तले हुए खानोंसे बचें और साबुत आहार खाएं जो कि हेल्‍दी होते हैं। असके अलावा आप मेवे भी खा सकती हैं।

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