Header Ads

आकर्षक और खूबसूरत बट


आकर्षक और खूबसूरत बट पाने के लिए महिलाएं करें हर रोज ये 3 एक्सरसाइज
लेग लिफ्ट भी सुडौल नितंब और पेट की मांसपेशियों को टोन करने के लिए बेहतरीन व्यायाम है।
सुडौल नितंब पाने के लिए करें ये तीन एक्सरसाइज।



आकर्षक और सुडौल नितंब या बटक्स (buttocks) हर लड़की पाना चाहती है। दरअसल, बटक्स सुडौल और प्रॉपर शेप में होते हैं, तो जींस या कोई भी वेस्टर्न ड्रेस पहनने में अच्छे लगते हैं। अक्सर कुछ महिलाओं का शरीर इतना भारी होता है कि ऐसे ड्रेस में उनका नितंब बहुत ही भद्दा लगता है। महिलाएं अपने नितंब के आकार को लेकर परेशान रहती हैं। कई तरह के उपाय भी महिलाएं करती हैं ताकि सुडौल नितंब पा सकें। आप नियमित व्यायाम, सही खानपान और सही जीवनशैली से सुडौल नितंब पा सकती हैं।

इसके लिए आपको नितंब की मांसपेशियों और हिप फैट पर सही तरीके से काम करना होगा। नितंब मांसपेशियां तीन तरह की होती हैं- ग्लूटस मैक्सिमस, ग्लूटस मीडियस और ग्लूटस मिनिमस। आप इन मांसपेशियों पर जितना काम करेंगी, सुडौल नितंब पाने में आपको उतनी ही मदद मिलेगी। सुडौल नितंब पाने के लिए व्यायाम आपकी काफी मदद कर सकते हैं। जानें, कौन से व्यायाम करने से आप पा सकती हैं सुडौल और आकर्षक बटक्स-

सुडौल नितंब पाने के लिए करें ग्लूट ब्रिज।
ग्लूट ब्रिज

यह नितंब की मांसपेशियों के वॉर्म-अप के लिए बेहतरीन व्यायाम है। हालांकि, शुरुआत में इसे करना थोड़ा कठिन हो सकता है, लेकिन दूसरे ही दिन में आप इस व्यायाम को आराम से कर सकेंगी।

कैसे करें ग्लूट ब्रिज

पीठ के बल लेट जाएं। घुटनों को मोड़ लें। अब एड़ियों को भी कूल्हों के पास ले आएं। हाथों को सीधा रखें और हथेलियां जमीन को छूएं। अब कूल्हों और कमर को अपने कंधों से घुटनों तक ऊपर एक सीध में उठाएं। इस दौरान अपने पैर और हथेलियों को जमीन पर टिका कर रखें। इस स्थिति में दस सेकंड तक रुकें और फिर आराम से सामान्य अवस्था में लौट आएं। इस प्रक्रिया को दस बार दोहराएं।
सुडौल नितंब पाने के लिए करें सिंगल लेग ब्रिज। 

सिंगल लेग ब्रिज

यह भी एक वॉर्म-अप व्यायाम है। इससे कूल्हों की मांसपेशियों को टोन करने में मदद मिलती है। अगर आपका काम दिन भर बैठ कर करने वाला है, तो यह व्यायाम आपके लिए बेस्ट है।



कैसे करें सिंगल लेग ब्रिज
पीठ के बल लेट जाएं। एक घुटने को मोड़ लें। इस दौरान अपने तलवों को जमीन के साथ सटाकर रखें। अब दूसरे पैर को जमीन पर सीधा रखें। सांस छोड़ते हुए पैर व शरीर को ऊपर उठाएं। इस दौरान पूरे शरीर का वजन दूसरे पैर पर रहे। इस अवस्था में धीरे-धीरे सांस लें। इस पोजिशन में तीन सेकंड तक रुकें और फिर धीरे-धीरे पुरानी अवस्था में लौट आएं।

सुडौल नितंब पाने के लिए करें लेग लिफ्ट। © Shutterstock.

लेग लिफ्ट
यह भी सुडौल नितंब और पेट की मांसपेशियों को टोन करने के लिए बेहतरीन व्यायाम है।

कैसे करें लेग लिफ्ट

पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों को सीधा हवा में रखें। अपने हाथों को जमीन पर सटाकर रखें और पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। इस अवस्था में पांच सेकंड तक रहें। इस प्रक्रिया को 10 से 15 बार दोहराएं।


 10 कारणों से खुलकर नहीं आते Periods, देसी नुस्खो से करें इलाज


बदलते लाइफस्टाइइल में महिलाओं पर तनाव इतना ज्याhttps://healthtoday7.blogspot.com/दा हावी हो गया है कि इससे लाइटर पीरियड्स(Light period) की समस्या हो रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि इससे महिलाओं में अर्ली मेनोपॉज का खतरा बना रहता है। पीरियड्स में लाइट ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं और आज हम आपको इन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं। चलिए जानते हैं वो कौन-से कारण है, जो लाइटर पीरियड्स का कारण बनते हैं और इसे कैसे दूर किया जाए।

क्या है लाइटर पीरियड्स?

पीरियड्स के दौरान होने वाली ब्लीडिंग शरीर में जमी गंदगी को दूर करने का काम करती है। ऐसे में इसका सही से होना बहुत जरूरी है। मगर महिलाओं का गलत लाइफस्टाइल पीरियड्स को प्रभावित करता हैं, जिससे इसकी अवधि और ब्लड क्लॉटिंग कम हो जाती है। कुछ महिलाओं को तो 1-2 दिन से ज्यादा मास्क स्त्राव होती ही नहीं। इससे आप ना सिर्फ गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकती हैं बल्कि यह अर्ली मेनोपॉज का खतरा भी बढ़ाती है।
लाइटर पीरियड्स के कारण
प्रैग्नेंसी

जब कोई महिला गर्भवती होती है तो योनि से हल्का खून निकलता है लेकिन रक्तस्राव खुलकर नहीं होता है। इसे प्रत्यारोपण रक्तस्राव (Implantation Bleeding) कहते हैं। ऐसे में अगर 1-2 महीने ऐसा हो तो आपको प्रैग्नेंसी टेस्ट करना चाहिए।
वजन बढ़ना या घटना

वजन के एकदम घटने या बढ़ने का असर भी मासिक धर्म पर पड़ता है। दरअसल, वजन कम होने या बढ़ने पर हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है, जिसके कारण पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग कम हो जाती है।
अधिक एक्सरसाइज करना

जो महिलाएं लगातार भारी एक्सरसाइज या वर्कआउट करती हैं, उन्हें भी पीरियड खुलकर नहीं आता है। इसके अलावा जो महिलाएं अधिक एनर्जी ड्रिंक पीती हैं, उन्हें भी पीरियड्स खुलकर ना आने की समस्या हो सकती है।
बढ़ती उम्र

बढ़ती उम्र के कारण भी पीरियड्स की अवधि और रक्तस्त्राव में कमी का कारण हो सकती हैं, जिसे प्री-मेनोपॉज भी कहा जाता है।
तनाव

अधिक तनाव देने पर मस्तिष्क मासिक धर्म चक्र हार्मोन को बदल देता है जिसके कारण पीरियड खुलकर नहीं आता है। इतना ही नहीं, लगातार स्ट्रेस में रहने से मेनोपॉज और पीरियड्स की अनियमितता भी हो सकती है। हालांकि जब तनाव कम हो जाता है तब पीरियड फिर से सामान्य हो जाता है।

बर्थ कंट्रोल पिल्स 

बर्थ कंट्रोल पिल्स भी पीरियड्स के खुलकर ना आने का कारण बन सकता है। गर्भनिरोधक गोलियां शरीर में पर्याप्त अंडा नहीं बनने देती हैं, जिसके कारण लाइट पीरियड की समस्या हो सकती है।
पर्याप्त नींद ना लेना

8 से 9 घंटे की स्वस्थ नींद न लेने के कारण शरीर पर्याप्त मात्रा में कार्टिसोल का उत्पादन करता है। यह एक स्ट्रेस हार्मोन है, जो मासिक धर्म को प्रभावित करता है। यह कम ब्लीडिंग के साथ पीरियड्स अनियमित होने का कारण भी बनता है।
हेल्‍थ प्रॉब्लम्स
सर्वाइकल स्टेनोसिस (Cervical Sstenosis) या एशरमैन सिंड्रोम (Asherman's Syndrome) जैसी हेल्श कंडीशनर के कारण भी पीरियड्स खुलकर नहीं आते। इसके अलावा थायरॉइड, पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम जैसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों भी महावारी पर असर डालती हैं।
स्तनपान करवाने पर

बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद और स्तनपान करवाने के कारण भी महिलाओं को पीरियड्स खुलकर नहीं आते। स्तन में दूध का उत्पादन करने वाले हार्मोन, अंडोत्सर्ग (Ovulation) को रोकता है। इसके कारण पीरियड अनियमित हो जाता है और खुलकर नहीं आता है।
खून की कमी

जिन औरतों में खून की कमी या एनीमिया की शिकायत होती है, उन्हें भी पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग कम होती है। ऐसे में आपको अपनी डाइट में बदलाव करना चाहिए।
अपनाएं घरेलू तरीके
गाजर का जूस
आयरन और विटामिन्म से भरपूर गाजर का सेवन ना सिर्फ हार्मोंस को बैलेंस करता है बल्कि इससे खून की कमी भी पूरी होती है, जिससे पीरियड्स खुलकर आते हैं।
दालचीनी

दालचीनी पाउडर को पानी में उबाल कर पीने से भी पीरियड्स खुलकर आते हैं। आप चाहे तो 1 गिलास गर्म दूध में थोड़ी-सी दालचीनी मिलाकर भी पी सकते हैं।
पपीता

रोजाना 200 ग्राम पपीते का खाने से शरीर में रक्त प्रवाह बेहतर होता है, जिससे मासिक धर्म खुल कर आना शुरू हो जाता है।


कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.