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पहली बार बिकिनी वैक्स

पहली बार बिकिनी वैक्स कराने से पहले जरूर जान लें ये 8 जरूरी बातें

हाथ और पैरों की वैक्सिंग के अलावा अब महिलाएं बिकिनी वैक्स भी कराती है। हालांकि इसे कराना आसान नहीं हैं और हाथ और पैरों की वैक्सिंग के मुकाबले बिकिनी वैक्सिंग में काफी सावधानी की आवश्यकता होती है। क्‍योंकि बॉडी के मुकाबले बिकिनी एरिया की स्किन बहुत ज्‍यादा सेंसिटिव होती है और इस एरिया में बाल भी ज्यादा और हार्ड होते हैं जिसके चलते ये बहुत ही पेनफुल प्रोसेस होता है। लेकिन अगर आप रोजाना रेजर और इससे होने वाली जलन से बचना चाहती हैं तो बिकिनी वैक्स करवा सकती हैं। लेकिन अगर आप पहली बार बिकिनी वैक्‍स कराने के बारे में सोच रही हैं तो आपके लिए कुछ जरूरी बातों को ध्‍यान में रखना बेहद जरूरी है। तो अगर आप बिकिनी वैक्स पहली बार करा रही हैं या अगर आप इसे रेगुलर भी कराती हैं तो भी आपके लिए वैक्सिंग करवाने से पहले और बाद में कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आइए ऐसे ही कुछ टिप्‍स के बारे में जानें।

अच्‍छे पार्लर से कराएं

अगर आप पहली बार बिकिनी वैक्स करने जा रही हैं, तो इसे खुद से करने से बचें। क्‍योंकि बॉडी का यह एरिया बहुत ही सेंसिटिव होता है। किसी भी तरह की चोट लगने का खतरा बलर रहता है। बेहतर होगा पहली बार आप किसी अच्छे पार्लर में जाकर ही बिकिनी वैक्स कराएं।

कौन सी वैक्‍स करवानी है यह निर्धारित करें

आपके कुछ विकल्प यहां दिए गए हैं: एक साधारण बिकिनी वैक्स, जिसमें प्‍यूबिक एरिया के आस-पास के बालों को निकाला जाता है। जबकि ब्राजीलियन वैक्‍स में सामने से पीछे की ओर लगभग सभी बालों को हटा दिया जाता है। अब यह आपको सोचना हैं कि आपको कौन सी वैक्‍स करवानी हैं।
सफाई है जरूरी

हालांकि ये बात हमें आपको बताने की जरूरत नहीं है कि जब आप बिकिनी वैक्‍स करवाने जाए तो इससे पहले नहाए जरूर। क्‍योंकि ऐसा करने से आपकी स्किन के पोर्स खुल जाते हैं और वैक्सिंग कराने में पेन कम होता है।
वर्कआउट करने से बचें
अगर आप वर्कआउट करती हैं तो बिकिनी वैक्स करवाने से पहले ही करें, वैक्‍स के बाद वर्कआउट करने से बचें क्योंकि अगर उस एरिया में पसीना है और इसे सोखने के लिए बाल नहीं हैं, तो उस एरिया में जलन हो सकती है।

बालों को थोड़ा बढ़ने दें

आपने देखा होगा कि जब हम हाथों या पैरों की वैक्सिंग कराते हैं तो बालों के बहुत ज्‍यादा बड़े या छोटे होने पर बहुत दर्द होता है। बिकिनी वैक्स कराने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि इस एरिया के बाल बहुत ज्यादा छोटे या बहुत ज्यादा बड़े ना हो। अगर आपके बाल बहुत छोटे होंगे तो यह प्रोसेस बहुत स्‍लो होगा क्‍योंकि ऐसे में बार- बार वैक्स लगाकर बाल निकलने पड़ेंगे और यह आपके लिए बहुत पेनफुल हो सकता है। इसलिए वैक्सिंग सेशन के बीच लंबे समय का अंतर रखें, ताकि आपके बाल वैक्सिंग करवाने के लिए इतने हो जाएं कि वैक्स से आसानी से निकल सकें। 


पेनकिलर का सहारा

अगर आपको पेन बिल्‍कुल भी बर्दाशत नहीं होता है तो बिकिनी वैक्‍स खासतौर पर ब्राजीलियन वैक्‍स करवाने से पहले पेन किलर ले लेनी चाहिए। ताकि आपको दर्द का अहसास कम हो।


ढीले कपड़े पहनें

वैक्सिंग के तुरंत बाद टाइट कपड़े पहनने से रगड़ खाने से त्‍वचा को नुकसान हो सकता है, इसलिए वैक्सिंग के तुरंत बाद टाइट कपड़ों को पहनने से बचें। ढीले और हवादार कपड़े पहने ताकि त्‍वचा भी सांस ले सकें। 

स्विमिंग से बचें

बिकिनी वैक्स कराने के बाद 24 घंटों तक आपको स्विमिंग करने से बचना चाहिए। वैक्सिंग के बाद आपकी स्किन सेंसिटिव हो जाती है और उसी दिन स्विमिंग करने जाने पर सूरज की सीधी किरणें पड़ने की वजह से आपको जलन व रैशेज की समस्या हो सकती है।

बिकिनी वैक्स कराने के दौरान या बाद में किसी भी तरह का कट या जलन होने पर तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें क्‍योंकि सेंसिटिव स्किन के साथ किसी भी तरह की लापरवाही ठीक नहीं है।

गुस्‍से को करना है काबू तो 'मोती पहनें', मैरिड लाइफ भी रहेगी खुशहाल

प्राचीन वैदिक ज्योतिष मोती को चंद्रमा से जोड़ते है। जैसे चांद से हमें कोमलता और शांति मिलती है, ठीक उसी तरह मोती पहनने वाले लोगों को सुखदायक और शांत प्रभाव मिलता है। जेम ऑफ मून पर्ल है। मोती, विशेष रूप से सफेद किस्म शुद्धता, ज्ञान, धन और अखंडता का प्रतीक है। ज्यादातर लोग अधिक शांति पाने और अपने मिजाज को ठीक रखने के लिए अपने लिए मोती चुनते हैं। मोती उग्र स्वभाव वाले ऐसे लोगों की जरूरत होती है जो पानी तत्व की कमी महसूस करते हैं। मोती संतुलन बनाने और कूलिंग एनर्जी प्रदान करने में अहम भूमिका निभाता हैं। इसलिए लो एनर्जी या आलसी स्वभाव वाले लोगों के लिए मोती एक आदर्श विकल्प नहीं हो सकता है। मोती विभिन्न आकार और रंगों में उपलब्ध होता है।


मोती गोल, अंडाकार, ड्रॉप, सर्कल और बारोक विभिन्न आकारों में आते हैं। बारोक एक अनियमित आकार के मोती के लिए एक सामान्य शब्द है। अधिकांश नेचुरल मोती बारोक होते हैं। मनके मोती भी होते हैं (एक गोल खोल मनका के साथ मोती) जिसमें एक तरफ पूंछ विकसित हो सकती हैं।

 ''मोती व्हाइट, ब्लैक, गोल्डन, पिंक और ग्रे कलर की एक विस्तृत विविधता में आते हैं। ब्‍लैक मोती व्‍हाइट के रूप में मांगे जाते हैं। ब्‍लैक मोती शायद ही कभी जेट ब्‍लैक आते हो, ये नीले, हरे, चांदी, ग्रे, एबुर्जिन, कॉपर, मोर आदि में आते हैं। मोती में हरा रंग प्रमुख है। मोती के रंग का वर्णन करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे आम शब्द में बॉडी, ओवरटोन और ओरिएंट हैं। बॉडी का रंग वह होता है जब आप मोती को सीधे देखते हैं।



अकोया और मीठे पानी के मोती आमतौर पर सफेद या क्रीम होते हैं। ओवरटोन एक पारभासी (अर्ध-पारदर्शी) परत है जो बॉडी के अधिकांश या सभी हिस्से को कवर करती है। यह रोज, पिंक, सिल्वर, पीच, लैवेंडर या अन्य रंगों के हो सकते हैं। कभी-कभी (विशेष रूप से अकोया मोती के साथ) ओवरटोन को कृत्रिम रूप से बनाया जाता है। ओरिएंट एक झिलमिलाता, इंद्रधनुषी प्रभाव है जो मोती की सतह के पार जाता है। यह उन रंगों की तरह है जिन्हें आप बड़े और पारदर्शी साबुन के बुलबुले पर देखते हैं।
पर्ल के पॉजिटीव असर या फायदे
मोती पहनने से भावनात्मक स्थिरता, स्वभाव और मानसिक शांति को बढ़ावा मिलता हैं। मोती एक तनावपूर्ण दिमाग के लिए एक भावनात्मक संतुलन लाता हैं।
मोती चेहरे और आंखों के आकर्षण और कोमल भावनाओं सहित कोमलता और शारीरिक सुंदरता को बढ़ाते हैं।
मोती मानसिक शांति, शक्ति और याददाश्त में सुधार के लिए भी बहुत अच्छा होता हैं।
मोती अनिद्रा, गले और आंखों से जुड़ी परेशानियों, पेचिश, दिल से जुड़ी समस्याओं आदि के लिए मददगार होता है।
प्यार, घनिष्ठ संबंध और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए मोती बहुत मददगार होता हैं।

मोती पति और पत्नी के बीच के बंधन को मजबूत करने में मदद करता हैं। ऐसा माना जाता है कि शादी के दिन मोती पहनने से वैवाहिक मोती धारण होता है और आत्मविश्वास में भी सुधार होता है और पॉजिटीव एनर्जी पैदा होती है। मोती जीवन में प्रसिद्धि, धन, सौभाग्य और विलासिता की वस्तुओं को लाने के लिए फेमस हैं।
मोती क्रोध, तनाव और मानसिक तनाव को शांत करने के लिए बहुत अच्छा होता हैं। चिड़चिड़े स्वभाव वाले लोगों को मोती पहनने की सलाह दी जाती है।
मोती चंद्रमा के दुष्प्रभाव को दूर करते हैं और मन को मजबूत करते हैं।
मोती समृद्धि का प्रतीक है और माना जाता है कि यह सौभाग्य लाता है।

मोती कैसे पहनना चाहिए?
दाहिने हाथ की छोटी उंगली में मोती पहनने की सलाह दी जाती है। इसे चांदी की अंगूठी में पहनना चाहिए।
सोमवार की सुबह मोती पहनना चाहिए।


स्विमिंग से पहले रखें किन बातों का ध्यान, सीखें इन एक्ट्रेसेस से

एकता कपूर का सबसे ज्यादा टीआरपी लाने वाला टीवी सीरियल ‘कसौटी जिंदगी की 2’ में कोमोलिका, प्रेरणा और निवेदिता का रोल काफी पसंद किया जा रहा है। तीनों ही एक्ट्रेसेस के फैशनेबल अंदाज से लेकर उनकी एक्टिंग तक सभी को भा रही है। यह एक्ट्रेसेस खूबसूरत दिखने के साथ-साथ खुद को फिट भी रखती हैं। कोमोलिका की भूमिका निभाने वाली हिना खान के इंस्टाग्राम अकाउंट पर तो अक्सर ही उन्हें एक्सरसाइज करते हुए तस्वीरें पोस्ट करते देखा गया है। मगर, प्रेरणा बनी एरिका फर्नांडिस और निवेदिता बासू बनीं पूजा बेनर्जी भी फिटनेस के मामले में हिना खान से कम नहीं हैं। वैसे इन तीनों को सीरियल में एक दूसरे से लड़ते झगड़ते ही देखा गया है मगर, असल जिंदगी में तीनों काफी अच्छी दोस्त हैं। अपनी दोस्ती का सबूत देते हुए तीनों को हीट को बीट करते हुए पूल डेट इंज्वॉय करते देखा गया। तीनों ने ही अपने इंस्टाग्राम पर पूल डेट की तस्वीरें अपडेट की हैं। 

आपको बता दें कि गर्मियों के मौसम में स्विमिंग से अच्छी और कोई एक्सरसाइज नहीं है। आप भी अपनी दोस्तों के साथ इस समर सीजन पूल डेट पर जा सकती हैं और मस्ती के साथ-साथ फिटनेस का भी ख्याल रख सकती हैं। मगर, स्विमिंग से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। 
स्विमिंग से पहले त्वचा का ध्यान क्यों जरूरी 
गर्मियों में स्विमिंग से अच्छी और कोई एक्सरसाइज नहीं है मगर, स्विमिंग करना बेशक आपकी हेल्थ के लिए अच्छा हो मगर आपकी स्किन के लिए स्विमिंग के कई नुक्सान हैं। दरअसल, स्विमिंग के लिए आप जिस पानी का यूज करती हैं उसमें क्लोरीन मिला होता है। यह पानी के बैक्टीरयिा को तो खत्म कर देता है मगर त्वचा को कई रोग दे देता है। इससे आपके चेहरे का नेचुरल ऑयल खत्म हो जाता है। इतना ही नहीं आपकी त्वचा डीहाइड्रेटेड हो जाती है इसे आपकी त्वचा में टैनिंग हो जाती है और पिंपल्स भी हो जाते हैं। तो आप जब स्विमिंग करने की सोचें तो उससे पहले कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखें। 

सनस्क्रीन लगाएं 

स्विमिंग करने जा रही हैं तो आपको सबसे पहले अपनी पूरी बॉडी पर सनस्क्रीन लगानी चाहिए। सनस्क्रीन 25 से 30 एसपीएफ वाली होनी चाहिए। ध्यान रखें कि आप जो सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर रही हैं वह वॉटर प्रूफ हो। यह लोशन आपकी त्वचा को उपर से सुरक्षित करता है। हालाकि आप सनस्क्रीन लगा कर पूरी तरह से टैनिंग से नहीं बच सकतीं मगर, इससे बहुत हद तक आप टैनिंग से बच जाती हैं। ध्यान रखें कि जब आपको स्विमिंग करने जाना हो उससे 15 किनट पहले आपको सनस्क्रीन लगानी होती है। इससे यह लोशन आपकी तव्चा पर अच्छी तरह से फैल जाता है। 
शॉवर लें 

स्विमिंग से पहले और बाद में शॉवर लेने का अलग ही महत्व है। जब आप स्विमिंग करने जा रही हैं तो उससे 30 मिनट पहले शावर लें। इससे आपके शरीर पर लगी गंदगी साफ हो जाएगी और आपकी त्वचा भी हाइड्रेटेड हो जाएगी। इसके अलावा शॉवर लेने से टैनिंग भी आपको कम होगी। मगर, इस बात का ध्यान रखें कि हमेशा शॉवर अच्छे स्थान पर लें अगर आप जहां स्विमिंग करने जा रही हैं वहां पर शॉवर लेने की सही व्यवस्था नहीं है तो आपको घर से ही शॉवर लेकर निकलना चाहिए। 

मॉइश्चराइजर लगाएं 

शॉवर लेने के बाद आपको सबसे पहले बॉडी पर क्रीम बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए। बॉडी पर अच्छे से मॉइश्चराइज लगाएं क्योंकि क्लोरीन आपकी बॉडी में मौजदू नेचुरल ऑयल को खत्म कर देता है। इससे आपकी त्वचा रूखी हो जाती है। इससे आपको खुजली होती है। अगर आप बॉडी पर मॉइश्चराइजर लगाएंगी तो आपकी त्वचा में नमी बनी रहेगी। 
खूब पानी पीएं 

क्लोरीन बॉडी को डीहाइड्रेट करता है इसलिए जब आप स्विमिंग करने जाएं तो उससे पहले खूब सरा पानी पी लें इससे आपकी त्वचा हाइड्रेटेड बनी रहेगी इसके साथ ही आप जब पूल से बाहर निकलें तब भी आपको खूब पानी पीना चाहिए। 
ग्रीन टी का सेवन 
हो सके तो आपको स्विमिंग करने से पहले ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए। इसमें एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं। इससे आपको स्विमिंग करते वक्त थकान नहीं होगी। इतना ही नहीं आपको स्विमिंग के बाद भी ग्रीन टी पीनी चाहिए। इससे आपकी त्वचा में नमि बनी रहेगी। 
साफ कॉस्ट्यूम पहनें 

जब भी आप स्विमिंग करने जाएं तो साफ स्विमवियर का ही इस्तेमाल करें। क्लोरीन के पानी से स्विमवियर भी डैमेजि हो जाते हैं। इसे साफ करके पहनना बहुत जरूरी है वरना यह आपकी त्वचा को भी हानि पहुंचा सकते हैं। इसके लिए आपको इन्हें साफ करके धूप में सैनेटाइज करके फिर पहनना चाहिए। 



ये 2 फूल जिसकी चाय चेहरे की सुंदरता और सेहद दोनों का रखती हैं ख्याल

आज हम आपको ऐसे 2 फूल के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे पीने से आपकी स्किन पर तो ग्लो बना रहता है और साथ ही आप हेल्दी भी रहती हैं। आज तक आपने चाय से होने वाले नुकसान के बारे में सुना होगा लेकिन चाय आपको फायदा भी पहुंचा सकती है। आमतौर पर ऐसा कहा जाता है कि ज्यादा चाय नहीं पीनी चाहिए क्योंकि इससे एसिडिटी हो जाती है लेकिन कुछ चाय ऐसी होती हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत ही अच्छी होती है। आपने कभी ऐसी चाय के बारे में जाना है जो किसी फूल से बनती हो खासकर उन फूलों से जिसे हर कोई महक के रूप में पसंद करता है। जी हां, हम यहां बात कर रहे हैं गुलाब और जैसमीन के फूल की चाय के बारे में, इन फूलों की चाय हेल्थ को एक अलग तरह से फायदा पहुंचाने वाली दवा है। ज्यादातर लेडीज़ गुलाब और जैसमीन के फूलों का इस्तेमाल चेहरे या बालों पर लगाने के लिए करती हैं लेकिन इसकी चाय भी आपकी खूबसूरती को बढ़ा सकती है। तो चलिए जानते हैं कैसे गुलाब और जैसमीन के फूल की चाय बनाई जाती है और इसके क्या फायदें हैं। 
गुलाब और जैसमीन के फूलों की चाय 
आज तक अपने कई तरह की चाय पी होगी पर क्या आपने कभी गुलाब के फूलों की चाय पी है। ज्यादातर लेडीज़ गुलाब के फूलों का इस्तेमाल चेहरे पर लगाने के लिए करती हैं लेकिन इसकी चाय भी आपकी खूबसूरती को बढ़ा सकती है। अगर नहीं तो हम आपको बताते हैं कि गुलाब के फूलों की चाय ना ही सिर्फ पीने में जायकेदार होती है बल्कि हेल्थ के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। 


ऐसे बनाएं गुलाब और जैसमीन के फूलों की चाय 
गुलाब के फूलों की चाय बनाने के लिए आप सबसे पहले एक कप गर्म पानी में गुलाब की छोटी-छोटी कलियों को डालकर 10 मिनट तक उबाल लीजिए। अगर आपको गुलाब की महक ज्यादा पसंद है तो आप गुलाब की कलियों को ज्यादा देर तक पानी में उबाल सकती हैं। आप इसमें चीनी भी मिला सकती हैं। साथ ही इस चाय में एक छोटी इलायची का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप चाहें तो इस चाय में बाद में थोड़ा सा शहद और थोड़ा सा नींबू का रस भी मिला सकती हैं। गर्मियों के दिनों में आप इस चाय को ठंडा करके पी सकती हैं। 



गुलाब की चाय की तरह आप जैसमीन के फूलों की चाय भी बना सकती हैं और गर्मियों के दिनों में इस चाय को ठंडा करके पी सकती हैं। इन फूलों की चाय के साथ आप नट्स भी ले सकती हैं पर हां ध्यान रखें गर्मियों के दिनों में ज्यादा नट्स का सेवन ना करें। 
गुलाब और जैसमीन के फूलों की चाय के फायदें 
गुलाब की चाय में विटामिन ए, बी3, सी, डी और ई मौजूद होता है। गुलाब के फूलों की चाय हमारी स्किन को ग्लोइंग बनाती है। इसे पीने से हमारे शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। 
गुलाब की चाय विटामिन सी का अच्छा स्रोत होती है और साथ ही ये हमारे शरीर की रोग प्रतीरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करती है। 
गुलाब और जैसमीन के फूलों की पत्तियों की चाय में एंटी-ऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा होती है। इसमें विटामिन सी ही केवल एक एंटी ऑक्सीडेंट नहीं होता है बल्कि इस चाय में पॉलिफेनोल एंटीऑक्सिडेंट, एंथोकायनिन और एलागिक एसिड भी होता है। 
गुलाब और जैसमीन के फूलों की चाय पीने से आप रिलैक्स फील करेंगी और इसे पीने के बाद आपका स्टैस भी दूर होगा। 
गुलाब और जैसमीन टी से कॉलेस्ट्रॉल पर अच्छा असर होता है। ये बैड कॉलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करती है। 
जैसमीन टी के इस्तेमाल से लीवर डिटॉक्सीफाई होता है। इससे बढ़ा हुआ बैड कॉलेस्ट्रॉल भी कम होता है। जैसमीन टी में एंटीबैक्टीरियल एलीमेंट्स होते हैं जो कि गले के इंफेक्शन को भी जल्दी ठीक कर सकता है। 
Note: अगर आपको गुलाब और जैसमीन फूल से किसी भी तरह की एलर्जी है तो इसकी चाय पीने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लीजिए। 




फेशियल योगा को दें 10 मिनट, चेहरे से जुड़ी कई परेशानियां कुछ दिनों में हो जाएंगी दूर


आप अपने पूरे दिन में से अपने चेहरे से जुड़ी समस्याओं को खत्म करने के लिए 10 मिनट तो निकाल ही सकती हैं। इस 10 मिनट में आपको फेशियल योगा करनी होगी जिसे करना बेहद ही आसान है। आपने कभी ध्यान से बॉलीवुड एक्ट्रेसेस का चेहरा देखा है। शिल्पा शेट्टी हो या फिर करीना कपूर खान किसी की भी उम्र का अंदाजा उनके चेहरे से नहीं लग पाता है। योग करना हर तरह से अच्छा होता है, चाहे वो सेहत के लिए हो या फिर खूबसूरती के लिए। यदि आप नियमित रूप से योग करती हैं खासकर फेशियल योग तो चेहरे की त्वचा यंग और हेल्दी बनी रहती है। साथ ही आपको चेहरे से जुड़ी समस्याओं मुंहासे, काले घेरे और समय से पहले झुर्रियों से छुटकारा मिलता है। आपकी चेहरे पर भी कसाव बना रहता है। फेशियल योगा के बारे में इतने सब फायदें जानने के बाद आपको इस को हर रोज 10 मिनट देना फायदेमंद लगेगा। तो चलिए अब आपको बताते हैं कि फेशियल योगा कैसे की जाती है। 

गालों की चर्बी करें कम 
आप फेशियल योगा से अपने गालों की चर्बी को कम कर सकती हैं। इसके लिए आपको अपने दोनों हाथों से अपने गालों की ऊपर की तरफ मसाज करनी होगी। ऐसा हर रोज 5 मिनट तक करने से धीरे-धीरे आपके चेहरे पर कसाव आने लगेगा और आपके गालों को चर्बी से छुटकारा मिलेगा। आसान है ना केवल 5 मिनट देने से आपके चेहरे पर ग्लो और कसाव आ जाएगा। 

बॉलीवुड एक्ट्रेसेस की तरह करें खुलकर स्माइल 
आप किसी भी बॉलीवुड एक्ट्रेस को देख लीजिए वो अक्सर आपको खुलकर स्माइल करते हुए नजर आएंगी। वैसे भी कहते है ना कि स्माइल करने में क्या जाता है। खूब जोर-जोर से हंसे, खुलकर हंसने से शरीर की सभी मांसपेशियों की कसरत होती है। खुलकर हंसने से फेफड़ों में अधिक ऑक्सीजन जाती है जिससे रक्त शुद्ध होता है और ऐसा होने से चेहरे पर ग्लो नजर आने लगता है। आप हर रोज सुबह 5 मिनट या फिर पूरे दिन में जब भी आपको टाइम मिले आप खुलकर हंस सकती हैं। 

फाइन लाइंस से छुटकारा 
गाल और आंखों के आसपास कुछ लकीरें आ जाती हैं जिसे फाइन लाइंस कहते हैं। फाइन लाइंस आपके चेहरे की खूबसूरती को कम करती हैं लेकिन आप फेशियल योगा से इससे छुटकारा पा सकती हैं। इसके लिए आपको सबसे पहले गहरी सांस लेनी होगी और फिर मुंह में ढेर सारी हवा भर लीजिए। कुछ मिनट तक के लिए इसी मुद्रा में रहें। आपको अपना चेहरा बिल्कुल गुब्बारा जैसा फूला हुआ नजर आएगा। ऐसा करने से चेहरे की स्किन पर कसाव आता है और साथ ही धीरे-धीरे चेहरे पर से फाइन लाइंस दूर होने लगती है। 






उम्र के हिसाब से बच्‍चे में कैसे डाले पानी पीने की आदत

हम सभी जानते हैं कि शरीर के ठीक से काम करने के लिए पानी बहुत जरूरी है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि बच्चों के लिए पानी की आवश्यकता उनके उम्र के हिसाब से बदलती रहती है। कई मांओ की चिंता होती है कि उनका बेटा पर्याप्त पानी नहीं पीता। वह पानी के बजाय शीतल पेय और फलों के रस को तरजीह देता है। जिससे उनके स्वास्थ्य पर भारी प्रभाव पड़ने लगता है और वो अपना वजन कम करना शुरू कर देते है। और अपनी उम्र के दूसरे बच्चों की तुलना में सुस्त नजर आते हैं। ऐसे में आप अपने बच्‍चे को कैसे ज्‍यादा से ज्‍यादा पानी पीने के लिए प्रेरित करें ये आपके लिए जानना बहुत जरूरी हो जाता है। और आप इसके लिए क्‍या कर सकती हैं। पेरेंट्स के लिए यह बहुत मुश्किल हो जाता कि बच्चों को खूब सारा पानी कैसे पिलाएं। साथ ही, बच्चों को यह समझाना भी जरूरी है कि कोई भी दूसरी ड्रिंक पानी की जगह नहीं ले सकती। तो आइए जानते है बच्‍चों को पानी पाने के लिए प्रेरित करने वाले कुछ आसान तरीके।

उम्र के हिसाब से कैसे अपने बच्चे को अधिक पानी पीने के लिए प्रेरित करें-
छह महीने या उससे अधिक उम्र के बच्‍चों के लिए:

जब आपका बच्चा छह महीने का हो जाए, तो उसमें पानी पाने की आदत डालना शुरू कर दें। ऐसी उम्र में बच्चे के लिए बस कुछ घूंट पानी पर्याप्त होता है। जब वो पानी पीना चाहे तो उसे सिप्पी कप पकड़ा दें और उसे खुद से पीने दें।

एक से तीन साल तक के बच्‍चों के लिए:
यह आपके बच्चे को पानी के महत्व के बारे में शिक्षित करने का सबसे अच्छा समय है और ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका खुद एक रोल मॉडल है। इसके लिए उनके सामने पर्याप्त पानी पिएं। एक काम और ये भी कर सकती हैं कि उन्हें आकर्षक कप या खुद के गिलास में पानी पिलाएं। इसके अलावा, उन्हें स्ट्रॉ के साथ मजेदार गतिविधियों द्वारा पानी पीने के लिए प्रेरित करें।

पांच से आठ साल के बच्‍चों के लिए:

इस आयु वर्ग में एक बच्चे को आदर्श रूप से लगभग एक लीटर पानी पीना चाहिए। ऐसा करने के लिए उसके सामने हर समय पानी उपलब्ध रखें और घर पर कोल्ड ड्रिंक या फ़िज़ी पेय का स्टॉक न रखें। यदि संभव हो, तो उन्हें पानी के डिस्पेंसर से खुद पानी लेने दें। इससे वे अधिक पानी पीने के लिए प्रोत्साहित होंगे। उनको पानी पीने के लिए प्रेरित करने के लिए अलग-अलग शेप और साइज़ के गिलास घर पर रखें।


नौ से बारह साल के बच्‍चों के लिए:

इस उम्र के बच्‍चों को पानी के महत्व और मानव शरीर में इसकी भूमिका के बारे में सिखाया जाना चाहिए। पानी या डिटॉक्स वॉटर की जानकारी देने के लिए मजेदार तरीके अपनाएं। पानी में रंगीन ताजा फल या मींट डालकर उन्हें अधिक पीने के लिए आकर्षित करें।
तेरह साल या उससे अधिक उम्र के बच्‍चों के लिए:

एक तेरह साल के बच्‍चे के लिए रोज आठ से दस गिलास पानी पीना आदर्श होता है। अगर आपका बच्‍चा जूस का शौकीन है, तो आप उसे ताजा जूस के साथ पानी मिलाकर दें सकती हैं।







गर्मियों में मच्‍छर आपका खून चूसें, इससे पहले आजमा लें ये 5 नेचुरल तरीके



मच्‍छर चिपक-चिपक कर मूड खराब कर देते हैं, खासतौर पर अगर आपका ब्‍लड कुछ ज्‍यादा ही मीठा है, फिर तो वह आपको छोड़ने का नाम ही नहीं लेते है। जहां भी जाओ वहीं आकर चिपक जाते हैं और तेजी से काट लेते हैं। फिर घंटों वहां पर खुजलाते रहो और मच्‍छरों से होने वाली बीमारी का डर भी बना रहता है। कई रिसर्च से भी यह साबित हुआ है कि मच्‍छर तेजी से लोगों की गंध से आकर्षित होकर उनसे चिपकने लगते हैं। जी हां गर्मियों में मच्छरों का प्रकोप कुछ ज्‍यादा ही बढ़ जाता है। ऐसे में मच्‍छरों से बचने के लिए हम बाजार में मिलने वाले एंटी-मॉस्कीटो रिपेलेंट्स खरीदकर इस्‍तेमाल करते हैं। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि इन प्रोडक्ट्स के बहुत सारे साइड इफेक्ट्स भी हैं। ऐसे में इनके ज्यादा इस्तेमाल से बचना चाहिए। इसकी जगह आप नेचुरल तरीकों का इस्तेमाल कर सकती हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको केमिकल रिपेलेंट्स का इस्‍तेमाल किए बिना मच्छरों से खुद से बचाने वाले कुछ नेचुरल तरीके के बारे में बता रहे हैं।

1. नेचुरल पौधे

जब मच्छरों की बात आती है तो इनसे बचने के लिए रिपेलेंट एकमात्र प्रभावी उपाय नहीं हैं। आप विभिन्न नेचुरल पौधे और हर्ब्‍स का भी इस्‍तेमाल कर सकती हैं। जी हां आप कुछ उपयोगी पौधे जैसे हॉर्सेमींट, बेसिल, रोजमेरी, लहसुन, कटनीप, लैवेंडर, सिट्रोनेला ग्रास और मैरीगोल्‍ड आदि में से अपने मनपसंद पौधे को घर में लगा सकती हैं। ऐसा करने से आप खुद को और अपने परिवार को मच्‍छरों से बचा सकती हैं। 
2. लैवेंडर स्प्रे और बॉडी ऑयल
मच्छर लैवेंडर से नफरत करते हैं। इसलिए आपके लिए मच्‍छरों से बचने का सबसे अच्‍छा लैवेंडर हो सकता है। इसके लिए आप आवश्यक बॉडी ऑयल से बॉडी स्प्रे बना सकती हैं या सिर्फ इसकी कुछ बूंदों को अपनी त्वचा पर लगा सकती हैं। यह उपाय आपके शरीर के लिए भी बहुत हेल्‍दी है और केमिकल स्प्रे और क्रीम की तरह आपकी त्‍वचा पर जलन या एलर्जी भी पैदा नहीं करता है और सबसे अच्‍छी बात, यह लैवेंडर प्रेमियों के लिए एक बड़ा बोनस है! अगर आप मच्‍छरों से बचने के लिए लैवेंडर ऑयल का इस्‍तेमाल करती हैं और अच्‍छी क्‍वालिटी का लैवेंडर ऑयल खरीदना चाहती हैं तो इसका मार्केट प्राइस 399 रुपये है, 
3. सिट्रोनेला कैंडल

अगर आपके घर के आस-पास पौधे नहीं हैं या आपको उनसे एलर्जी नहीं है, तो सिट्रोनेला कैंडल आपके लिए एक बढ़िया समाधान हो सकता हैं। सिट्रोनेला एक फेमस नेचुरल कीट रिपेलेंट है जिसे अनुसंधान द्वारा पास किया गया है। सबसे अच्‍छी बात इसका कोई साइड इफेक्‍ट नहीं है, इससे आपके घर में ताज़गी आएगी और आप मच्‍छरों से परेशान भी नहीं होंगे। उन लोगों के लिए जो हस्तनिर्मित वस्तुओं को पसंद करते हैं, वह खुद के लिए तेल की मदद से सिट्रोनेला कैंडल्‍स बना सकते हैं।

4. एप्पल साइडर सिरका

आपको शायद यह अजीब लग रहा होगा लेकिन एप्‍पल साइडर सिरका भी बाकी उपायों की तरह असरदार है और ज्‍यादातर लोगों के घर में ये मौजूद होता है। इसलिए अगर आप पर अचानक मच्‍छरों का हमला हो जाए तो आप सिरके से खुद के लिए रिपेलेंट स्‍प्रे बना सकती हैं। आप इसे ज्‍यादा असरदार बनाने के लिए इसमें थोड़ा सा सिट्रोनेला ऑयल भी मिला सकती हैं। इस स्प्रे को उन जगहों पर लगाएं जहां मच्‍छर आमतौर पर इकट्ठा होते हैं और परिणामों की प्रतीक्षा करते हैं।

5. साबुन का पानी

अगर आप परिवार के साथ यार्ड में डिनर के लिए बहुत ज्‍यादा समय बिताते हैं या केवल बाहर किताबें पढ़ने के लिए बैठे हैं तो अपने पास एक प्‍लेट में साबुन के पानी को रखें। कुछ समय बाद आप देखेंगे कि मच्छर इस पानी के प्रति आकर्षित होंगे और फंस जाएंगे।


6. लहसुन
कुछ अध्ययनों के अनुसार, लहसुन खाने से मच्छरों को दूर रखने में हेल्‍प मिलती है। यह उपाय लहसुन प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है, लेकिन अगर आपको भी लहसुन से नफरत हैं, तो इसे बहुत ज्‍यादा खाने की जरूरत नहीं है। आप सिर्फ लहसुन को उबाकर, इसके मिश्रण को उन जगहों पर स्प्रे करें जहां मच्छर इकट्ठा होते हैं।
क्या आपने कभी इनमें से कोई उपाय आजमाया है? शायद नहीं, तो इससे पहले की मच्‍छर आपको काटें आप इन टिप्‍स को एक बार जरूर आजमाकर दख लें। 


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