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सावधान ! ठंडा पानी पीने से हो सकते हैं ये 7 रोग

सावधान ! ठंडा पानी पीने से हो सकते हैं ये 7 रोग


गर्मियों का मौसम चरम पर है। चटक धूप और पसीना निकलने से प्‍यास भी तेज लगती है। इस प्‍यास को बुझाने के लिए जाहिर आपलोग ठंडे पानी का सहारा ले रही होंगी। बाहर से घर में घुसते ही आप भी सीधे फ्रिज खोल कर ठंडे पानी की बोतल खाली कर देती होंगी मगर क्‍या आपको पता है आपका ऐसा करना आपकी सेहत के लिए कितना हानीकारक हो सकता है। भले ही ठंडा पानी पी कर आपको तुरंत राहत मिल जाती होगी मगर यही ठंडा पानी आपके शरीर को धीरे-धीरे बीमार बनाता चला जाता है। अगर हम आपसे कहें कि आप आज से ही ठंडा पानी पीना छोड़ दीजिए तो शायद आपको हमारी बात मजाक लगे मगर जब आपको ठंडे पानी पीने के नुकसान पता चलेंगे तो आप खुद ब खुद ठंडा पानी पीना छोड़ देंगी। 


बढ़ सकता है वजन 
ऐसा कहा जाता है कि जितना अधिक ठंडा पानी पिया जाएगा शरीर में काम करने की उतनी ही क्षमता आएगी और शरीर जितना काम करेगा फैट उतना ही बर्न होगा। मगर यह पूरा सच नहीं है। ऐसा भी हो सकता है कि ज्‍यादा ठंडा पानी पीने से आपके पेट में जमा चर्बी सख्‍त हो जाए और शरीर से फैट रिलीज होने में दिक्‍कत हो। इसलिए कोशिश करें कि कम से कम ठंडा पानी पीएं और ज्‍यादा से जयादा गर्म पानी पीएं। गर्म पानी से आपकी बॉडी में मौजूद फैट आसानी से बाहर निकल सकता है।



एनर्जी हो जाती है खत्‍म 

हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि ठंडा पानी पीने से बॉडी में मेटाबॉलिज्‍म स्‍लो काम करने लगते हैं और शरीर में ज्‍यादा काम करने की क्षमता नहीं रह जाती है। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि ठंडा पानी शरीर से फैट को रिलीज नहीं कर पाता है, जिस वजह से शरीर सुस्‍त रहता है और एनर्जी लेवल डाउन हो जाता है। 
कब्‍ज की हो सकती हैं शिकायत 
अगर आपके कब्‍ज की समसया है तो आपको बिलकुल ही ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। ठंडा पानी पीने से आपकी कब्‍ज की समस्‍या और भी बढ़ सकती है। दरअसल ठंडा पानी पेट में पहुंच कर मल को कठोर बनाता है और जब आप वॉशरूम में लू के लिए जाती हैं तो आपको दिक्‍कतों का सामना करना होता है। इसलिए अगर आपको कब्‍ज की समस्‍या पहले से है तो आप ठंडे पानी को हाथ भी न लगाएं और अगर आपको यह समस्‍या नहीं है तो कोशिश करें कि न ज्‍यादा ठंडा और न ज्‍यादा गर्म पानी पीएं। 


खाना पचाने में होती है दिक्‍कत 

ठंडा पानी पीने से पाचन क्रिया भी ठीक से नहीं हो पाती है क्‍योंकि कोल्‍ड टेम्‍प्रेचर पेट को टाइट कर देता है, जिससे खाना पचाने में दिक्‍कत आती है। मैडिकली ऐसा भी पाया गया है कि जो व्‍याक्ति सदैव ठंडा पानी ही पीते हैं उनके पेअ से गार्गलिंग साउंड निकलता रहता और पेट में हमेशा दर्द बना रहा है। आपको शायाद यह भी न पता हो कि ठंडा पानी आपके हार्ट रेट को कम करता है क्‍योंकि इससे गर्दन के पीछे मौजूद एक नस प्रभावित होती है जो हार्ट रेट को धीमा कर देती है। 

हो सकता है डीहाइड्रेशन 
जब तेज धूप से कोई छांव में आता है तो उसे प्‍यास लगना लाजमी है, मगर इस सिचुएशन में उसे ठंडा पानी पीने में बहुत अच्‍छा लगता है और दो-चार घूंट पीने के बाद ही उसकी प्‍यास शांत हो जाती है वहीं नॉर्मल पानी प्‍यासे आदमी की प्‍यास को और भी बढ़ाता है। अगर पूरे दिन नॉर्मल पानी से प्‍यास बुझाई जाए तो पेट में जरूरत भर पानी की मात्रा पहुंच जाती है और शरीर डीहाइड्रेटेड होने से बच जाता है वहीं अगर ठंडे पानी से ही पूरे दिन प्‍यास बुझाई जाए तो चाह कर भी पेट में पानी की उचित मात्रा नहीं पहुंच पाती है। 


गले में हो जाता है इनफैक्‍शन 
ठंडे पानी से आपकी आवाज भी खराब हो सकती है क्‍योंकि ठंडा पानी गले में इनफैक्‍शन कर देता है। इस इनफैक्‍शन से म्‍यूकस प्रोड्यूस होने लगते हैं, जिससे गला खराब होता जाता है। इसके साथ ही ज्‍यादा ठंडा पानी कफ का कारण भी बन सकता है। कफ से बुखार और खांसी भी हो सकती है। इस लिए ठंडे पानी की जगह नॉर्मल पानी ही पीया जाए तो अच्‍छा होगा। 

सिर दर्द बढ़ जाती है समस्‍या 
ठंडा पानी सिर पर मौजूद क्रॉनियल नस को भी अफेक्‍ट करती है जिससे सिर में तेज दर्द होता है। हालाकि गर्मियों के मौसम में तेज सिर दर्द होने पर लोग यही सोचते हैं कि दर्द तेज धूप के कारण हो रहा होगा मगर दर्द का असली कारण तेज धूप से सीधे आकर पानी पीना होता है। इसलिए इस मौसम में जब भी तेज प्‍यास लगे तो नॉर्मल पानी ही पीएं। इससे आपकी न केवल प्‍यास बढ़ेगी बल्कि आप तमाम तरह की बीमारियों से भी बचेंगी। 

किचन में ही मौजूद है आपके हर दर्द की दवा, एक्‍सपर्ट से जानें कैसे



इंडियन किचन विश्व की सबसे बेहतरीन किचन में से एक है। इसमें प्रयोग किए जाने वाले विभिन्न फूड्स और मसाले अद्भुत औषधियां हैं। इन मसालों जैसे- कालीमिर्च, तेजपत्ता, इलायची, अदरक,लहसुन, दालचीनी आदि का इस्‍तेमाल आयुर्वेद के कई फॉर्मूलों में किया जाता हैं। इनमें से कई मसालों के औषधीय गुणों की जानकारी हमारे बुज़ुर्गों और पूर्वजों को भी थी। और उन्होंने इन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी एक दूसरे को बताया, लेकिन आजकल हम इन औषधीय के महान गुणों और उपयोगों को भूलते जा रहे हैं। आज इस आर्टिकल के माध्यम से आयुर्वेदिक एक्‍सपर्ट डॉक्‍टर अबरार मुल्‍तानी आपको इन्हीं महान किचन की दवाओं से रूबरू कराएंगे। आप जानेंगे कि जिन बीमारियों के लिए आप महंगी और साइड इफेक्‍ट से युक्त दवाइयां खाती रहती हैं, उनके लिए आपकी किचन में ही कितनी सारी चमत्कारिक दवाएं मौजूद हैं।


किचन में मौजूद है दर्द की दवा
डॉक्‍टर अबरार मुल्‍तानी का कहना हैं कि ''हमें हफ्ते या महीने में छोटे-मोटे दर्द से दो चार होते ही हैं। पेटदर्द, सिरदर्द, पैरों का दर्द, कान का दर्द, कई तरह के दर्द हमें या हमारे घर के सदस्यों को होते रहते हैं। दर्द कम या ज़्यादा हो सकता है। दर्द शुरू होते ही कुछ लोग तुरंत पेनकिलर लेना शुरू कर देते हैं जिससे वे दर्द से फ्री तो हो जाते हैं, लेकिन अपने लिवर और किडनी को कष्ट पहुंचाकर। अगर हम जान लें कि हमारे किचन में ऐसी कई अद्भुत चीजें हैं जो हमारे दर्द को ख़त्म कर सकती हैं, वह भी बिना किसी साइड इफेक्ट के तो हम दर्द से मुक्त भी हो जाएंगे और हमारे लिवर किडनी जैसे अमूल्य अंगों को भी कोई कष्ट नहीं होगा।''
पेट दर्द की दवा

आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन एक गैस को निकालने वाली औषधि है। इसलिए पेट के दर्द में यह बेहद उपयोगी है। आधी चम्मच अजवाइन को गर्म पानी के साथ लेने से गैस के कारण हो रहे पेटदर्द में तुरंत आराम मिलता है। साथ ही पेट में दर्द होने पर एक कप पानी में एक चुटकी खाने वाला सोडा डालकर पीने से पेट दर्द में राहत मिलती है। इसके अलावा एक चम्मच मेथीदाना में चुटकी भर पिसी हुई हींग मिलाकर पानी के साथ फांकने से पेटदर्द में आराम मिलता है। मेथी के लड्डू भी जोड़ों के दर्द में खाए जाते हैं।
कान के दर्द की दवा

कान में अगर दर्द हो तो प्याज़ आपके लिए एक अच्छी दवाई है। प्याज़ का जूस निकालिये और कॉटन की हेल्‍प से अपने कान में दो या तीन बूंद डालिये। कुछ ही देर में आपका कान दर्द ठीक हो जाएगा।
दांतों के दर्द की दवा
लौंग का प्रयोग ख़ासतौर से दांतों के दर्द में किया जाता है। भुने हुए लौंग का पेस्ट लगाकर या फिर लौंग के तेल को कॉटन पर लगाकर दर्द वाले दांत पर रखकर दांतों का दर्द दूर कर सकते हैं। दर्द से बचाने में बेहद मददगार लौंग का किचन में मौजूद रहना बेहद जरूरी है, क्‍योंकि पता नहीं कब इसकी जरूरत पड़ जाए।
सिरदर्द की दवा

अदरक भी वातशामक है, यानि दर्द उत्पन्न करने वाले वात को बैलेंस करता है। इसलिए यह भी एक दर्द निवारक दवा है। सिरदर्द होने पर सौंठ को पानी के साथ पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे अपने माथे पर लगाएं। इससे थोड़ी देर में सिरदर्द दूर करने में मदद मिलेगी।

चोट के दर्द की दवा

हल्दी में दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं। ये तत्व चोट के दर्द और सूजन को कम करने में मददगार होते हैं। घाव पर हल्दी का लेप लगाने से वह ठीक हो जाता है। चोट लगने पर दूध में हल्दी डालकर पीने से दर्द में राहत मिलती है। हल्दी को चूने के साथ मिलाकर लगाने से चोट के दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

अगर आप कोई भी दर्द हो तो आपको तुरंत पेनकिलर खाने की जरूरत नहीं क्‍योंकि आपकी किचन में ही कुछ दर्द की दवा मौजूद है। लेकिन अगर आपको दर्द बहुत तेज हो रहा है तो बिना देरी के तुंरत डॉक्‍टर के पास जाए। 

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