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पतले होने के चक्‍कर में रात में सोती हैं खाली पेट तो आपको हो सकते हैं ये 5 बड़े नुकसान

पतले होने के चक्‍कर में रात में सोती हैं खाली पेट तो आपको हो सकते हैं ये 5 बड़े नुकसान

समय-समय पर हम आपको हेल्‍थ से जुड़ी चीजों के बारे में बताते है ताकि आप अपनी हेल्‍थ को लेकर जागरूक रहें और हेल्‍दी और लंबा जीवन जिएं। आज हम आपको खाली पेट सोने के नुकसान के बारे में बता रहे हैं। आजकल की लाइफस्‍टाइल के चलते मेरी तरह बहुत सारी महिलाएं रात को बिना खाना खाएं सो जाती हैं। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि ऐसा करना आपकी हेल्‍थ को नुकसान पहुंचा सकता है। जी हां कुछ महिलाएं मोटापे के डर से रात को खाना खाने से बचती हैं और कुछ दिन भर में इतना थक जाती हैं कि रात में उनकी खाना खाने की हिम्‍मत ही नहीं होती हैं। और मेरी जैसी कुछ महिलाएं रात को इसलिए खाना नहीं खाती हैं क्‍योंकि उनको लगता है कि रात को खाना खाने से खाना ठीक से डाइजेस्‍ट नहीं होता है, जिससे गैस की समस्‍या होती है और गैस बनने से हड्डियों में दर्द होने लगता है। लेकिन जब यह बात मैंने अपने डॉक्‍टर को बताई तो उन्‍होंने मुझे बहुत डांटा और रात को खाना ना खाने से सेहत पर होने वाले गंभीर नुकसान के बारे में बताया और यह भी बताया रात को खाली पेट सोने से कई बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। आइए मेरे साथ आप भी खाली पेट सोने से होने वाले नुकसान के बारे में जानें।
वजन का बढ़ना


ज्‍यादातर महिलाएं मोटापे के डर से रात को खाना खाने से बचती हैं, लेकिन ऐसा सोचना गलत है। रात को खाली पेट सोने से वजन कम नहीं होता है बल्कि बढ़ता है। जी हां रात को खाना ना खाने से आप बड़ी गलती करते हैं। ऐसा करने से आपका पेट बिल्कुल खाली रहता है साथ ही आपकी भूख का लेवल बढ़ जाता है। इस कारण आप सुबह उठकर जरुरत से खा लेते हैं और इसका असर आपके वजन पर पड़ता है।
मेटाबॉलिज्‍म पर असर
जिन महिलाओं को रात को बिना खाना खाए सोने की आदत होती है, उनके मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर पड़ता है। इससे बॉडी के इंसुलिन लेवल पर भी असर होता है। यह आदत आपके मेटाबॉलिज्‍म पर असर करके आपको कई बीमारियों का शिकार बना सकती है। खासतौर पर खाली पेट सोने से कोलेस्ट्रॉल और थायरॉयड लेवल पर भी असर पड़ता है।
दिन भर महसूस होती है थकान


एक कहावत है शायद आपने भी सुनी होगी कि सुबह का खाना राजा की तरह, दिन का राजकुमार की तरह और रात का भिखारी की तरह खाना चाहिए। शायद इसलिए बहुत सारी महिलाओं को लगता है कि उन्‍हें रात के समय खाना खाने की जरूरत ही नहीं है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि बॉडी 24 घंटे एनर्जी प्रोड्यूस करती है और हर समय कैलोरी बर्न करने का काम करती है। इसके लिए बॉडी को पोषक तत्‍वों की जरूरत पड़ती है। रात को खाली पेट सोने से अगले दिन थकान महसूस होती है, जिससे काम करने की क्षमता प्रभावित होती है।
नींद में परेशानी 
खाली पेट सोने से देर रात भूख की वजह से पेट दर्द हो सकता है, जिससे आपकी नींद में खलल पड़ती है। और अगले दिन आपको सुस्‍ती महसूस होती है और दिनभर के काम करने में परेशानी होती है। इसके अलावा रात को सोते समय हमारी बॉडी खुद की रिकवरी करती है और अगर आप ठीक से सो नहीं पाती हैं तो आपकी बॉडी ऐसा नहीं कर पाती हैं। इसलिए अगर आप सुकून भरी नींद लेना चाहती हैं तो बिना खाएं सोने से बचें।
ब्रेन रहता है एक्टिव
जब भी हम रात को बिना खाये सो जाते हैं तो ब्रेन भी एक्टिव रहता है और उसको आराम नहीं मिल पाता है। और ब्रेन के एक्टिव रहने से आप सो नहीं पाती और आपकी नींद में बाधा आती रहती है। साथ ही रात को बिना खाली पेट सोने से आपका मेटाबॉलिज्म कम होने लगता है जैसा कि हम आपको बता ही चुके है और भूख बढ़ाने वाले घ्रेलिन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। 

इसलिए आपको रात को खाली पेट सोने से बचना चाहिए। लेकिन हां इस बात का भी ध्‍यान रखना चाहिए कि आपको रात को खाते ही नहीं सोना चाहिए।

अगर लेती हैं अधूरी नींद तो जान लें 1 वजह, जिसे जानने के बाद आप जरूर सोएंगी 8 घंटे




हेल्‍दी रहने के लिए हमें अच्‍छी डाइट लेनी चाहिए और अपने रूटीन में एक्‍सरसाइज को शामिल करना चाहिए, यह बात तो हम सभी जानती हैं। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि हेल्‍दी रहने के लिए नींद भी बहुत जरूरी होती है। जी हां हेल्‍दी रहने के लिए डाइट और एक्‍सरसाइज के अलावा नींद बहुत जरूरी होती है। खासतौर पर महिलाओं को तो भरपूर नींद लेना चाहिए क्‍योंकि वह घर और ऑफिस की दोहरी जिम्‍मेदारियां निभाते-निभाते ज्‍यादा थक जाती है। यह बात एक नई रिसर्च से भी सामने आई है कि महिलाओं के लिए भरपूर नींद लेना बहुत जरूरी है। 

महिलाओं में नींद की समस्‍याएं ना केवल कार्डियावैस्‍कुलर हेल्‍थ को बल्कि ब्‍लड प्रेशर को भी प्रभावित करती है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी इरविंग मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित एक अध्ययन के मुताबिक, हल्की नींद की समस्याएं, जैसे सोते समय परेशानी होना, महिलाओं में ब्‍लड प्रेशर बढ़ा सकता है।


हार्ट पर पड़ता है असर

लगभग एक-तिहाई वयस्कों को पर्याप्त नींद नहीं मिलती है। महिलाओं के लिए, समस्या बहुत बड़ी हो सकती है। अध्ययनों ने सुझाव दिया कि महिलाओं को नींद की समस्याओं का अधिक जोखिम होता है, कुछ शोधकर्ताओं ने रिपोर्ट किया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं क्रोनिक अनिद्रा दोगुना हो सकती है। अध्ययन के मुख्य लेखक ब्रुक अग्रवाल ने कहा, "अध्ययन से यह पता चला है कि नींद में कमी और हल्की नींद की समस्याएं महिलाओं में कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य पर असमान प्रभाव डाल सकती हैं।"

नए अध्ययन ने 323 हेल्‍दी महिलाओं में ब्‍लड प्रेशर और नींद की आदतों की जांच की और पाया कि हल्की नींद की गड़बड़ी - खराब गुणवत्ता वाली नींद, सोने में अधिक समय लगना, और अनिद्रा - गंभीर नींद की गड़बड़ी की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक आम है, जैसे अवरोधक स्लीप एप्निया।

नींद और हार्ट हेल्थ में संबंध
जिन महिलाओं को हल्की नींद की समस्याएं थीं - उन महिलाओं को शामिल किया गया जो रात में सात से नौ घंटे तक नींद लेती थी और इसे कलाई की तरह डिवाइस द्वारा मापा गया - इनमें ब्‍लड प्रेशर बढ़ने की संभावना अधिक थी। कुछ महिलाओं ने शोधकर्ताओं को कार्डियोवैस्कुलर बीमारी के विकास में निहित प्रो-भड़काऊ प्रोटीन की तलाश करने के लिए एक आर्म वेन के अंदर से कुछ एंडोथेलियल कोशिकाओं को निकालने की अनुमति दी। अध्ययन के वरिष्ठ लेखक संजा जेलिक के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने एंडोथेलियल सूजन और हल्के नींद की गड़बड़ी के बीच एक संबंध पाया।
अग्रवाल ने कहा, "हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि हल्की नींद की समस्याएं संभवतः वैस्‍कुलर एंडोथेलियल सूजन से शुरू होती हैं जो कार्डियोवैस्कुलर बीमारी में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है।" "चल रहे नैदानिक परीक्षण के परिणाम इन परिणामों की पुष्टि करते हैं। इस बीच, कार्डियोवैस्कुलर बीमारी को रोकने में मदद के लिए महिलाओं को हल्के नींद की गड़बड़ी के लिए स्क्रीन करना समझदारी हो सकती है।"यह अध्ययन अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में है।

ब्रेस्‍ट शेप के हिसाब से कैसे चुने सही ब्रा


ए‍क रिसर्च के मुताबिक 80 प्रतिशत महिलाएं गलत साइज की ब्रा पहनती हैं, जिसमें से 70 प्रतिशत महिलाएं टाइट ब्रा पहनती हैं और 10 प्रतिशत महिलाएं अपने ब्रेस्‍ट के एक्‍चुअल साइज से बड़ी ब्रा पहनती हैं। रिसर्च में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि जो महिलाएं टाइट ब्रा पहनती हैं और ज्‍यादा समय तक पहने रहती हैं उनको ब्रेस्‍ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। लूज ब्रा पहनने वाली महिलाओं को ब्रेस्‍ट सैगिंग की प्रॉब्‍लम से जूझना पड़ता है। ऐसा न हो इस लिए आज हम आपको बताएंगे कि आपके ब्रेस्‍ट शेप के हिसाब से आपको कौन सी ब्रा पहननी चाहिए और उसका चुनाव कैसे करना चाहिए। 


सिमेट्रिक ब्रेस्‍ट 

अगर आपके ब्रेस्‍ट का शेप सिमेट्रिक है यानी आपके ब्रेस्‍ट नॉर्मल साइज से ज्‍यादा बड़े हैं तो जाहिर है उन्‍हें होल्‍ड करने के लिए आपको ब्रा का सपोर्ट बहुत जरूरी है वरना वह भद्दे लगेंगे। ऐसे में आपको टी-शूर्ट ब्रा पहननी चाहिए यह ब्रा आपके ब्रेस्‍ट को अच्‍छे से सपोर्ट करेगी और आपको अच्‍छी फिटिंग भी देगी। अगर आप दूसरे ऑप्‍शन भी खोज रही हैं तो आप पुश अप ब्रा भी पहन सकती हैं। 
एथलेटिक 
अगर आपके ब्रेस्‍ट वाइड और मसक्‍यूलर हैं तो आपको वायरलेस ब्रा पहननी चाहिए। यह ब्रा आपको कम्‍फर्ट के साथ एक अच्‍छी फिटिंग देगी और आपके ब्रेस्‍ट साइज को थोड़ा कम दिखाएगी। आप चाहें तो पुशअप ब्रा और फ्रांट क्‍लोजर ब्रा भी पहन सकती हैं। 
बेल शेप 
अगर आपके ब्रेस्‍ट का अपर हिस्‍सा लोअर हिस्‍से से स्लिम है तो आपके ब्रेस्‍ट का शेप बेल जैसा है। इस तरह के ब्रेस्‍ट शेप वाली महिलाओं को टी-शर्ट ब्रा पहननी चाहिए। टी-शर्ट ब्रा में लगे कप्‍स और वायर आपके ब्रेस्‍ट को कप्‍स में फिट रखते हैं और ब्रेस्‍ट के ज्‍यादा मूवमेंट को रोकते हैं। अगर आप बड़े कप्‍स वाली ब्रा पहनना पसंद करती हैं तो आपको फुल कवरेज ब्रा भी अच्‍छा फिट देगी। 


ईस्‍ट वेस्‍ट शेप 

अगर आपके ब्रेस्‍ट एक दूसरे के ऑपोजिट डायरेक्‍शन में हैं तो आपका शेप ‘ईस्‍ट वेस्‍ट’ है। ऐसे ब्रेस्‍ट शेप वाली महिलाओं को पुशअप ब्रा पहननी चाहिए। यह ब्रा ब्रेस्‍ट के डायरेक्‍शन को भी ठीक कर देगी। आप फ्रंट क्‍लोजर और स्‍ट्रेपलेस ब्रा भी पहन सकती हैं। 

सलेंडर शेप 

कुछ महिलाओं के ब्रेस्‍ट काफी पतले होते हैं और नीचे की ओर झुके हुए होते हैं। ऐसे ब्रेस्‍ट शेप को सलेंडर कहते हैं। इसके लिए ऐसी ब्रा पहननी चाहिए जो ब्रस्‍ट को उपर की ओर लिफ्ट करे। इसलिए इन महिलाओं को फ्रंट क्‍लोजर और वायरलेस ब्रा पहननी चाहिए। 

साइड सेट 
इस तरह की ब्रेस्‍ट शेप में दोनों ब्रेस्‍ट के बीच काफी गैप होता है। अगर आपके ब्रेस्‍ट ऐसे हैं तो आपको फ्रंट क्‍लोजर ब्रा पहननी चाहिए यह आपके ब्रेस्‍ट को इनवर्ड लिफ्ट करेगी और ब्रेस्‍ट को चेस्‍ट के सेंट में लाएगी। 

टीयर ड्रॉप 

बहुत कम महिलाएं होती हैं जिनके ब्रेस्‍ट का शेप ऐसा होता है। यह राउंड शेप जैसा ही होता है। इस तरह के ब्रेस्‍ट शेप के लिए किसी भी तरह की ब्रा पहनी जा सकती है। 


कैसे लें सही नाप 

ब्रा टाइप के साथ ही बहुत जरूरी है कि ब्रा ब्रेस्‍ट के साइज के हिसाब से हो। इसके लिए ब्रा लेने से पहले अपने ब्रेस्‍ट का साइज जरूर नाप लें। हम आपको बताते हैं कि किस तरह से ब्रेस्‍ट का सही नाप लिया जा सकता है। 


ब्रेस्‍ट लाइन और कमर के ऊपर के हिस्‍से को इंची टेप से नापें। अगर नाप 31.4 आ रही है तो समझ जाइए कि आपके ब्रेस्‍ट का साइज 32 है। वैसे बाजार में ईवेन नंबर में ही ब्रा आती हैं। कभी भी टाइट ब्रा न खरीदें और न ही जरूरत से ज्‍यादा बड़ी 

ब्रा खरीदते वक्‍त यह जरूर देख लें कि उसकी बेल्‍ट कंधों से कहीं गिर तो नहीं रही या फिर कस तो नही रही अगर ऐसा है तो उस ब्रांड की ब्रा कभी न लें क्‍योंकि ऐसी ब्रा की फिटिंग कभी सही नहीं होतीं। 


ब्रा के कप्‍स में आपके पूरे ब्रेस्‍ट फिट हो जाने चाहिए और अगर आप पुश अप ब्रा ले रही हैं तो ध्‍यान रखिए कि ब्रेस्‍ट का पूरा निचला हिस्‍सा ब्रा में समा जाना चाहिए। 

चलते फिरते समय अगर आपकी ब्रा ऊपर उठ जाती हैं तो इसका मतलब है कि आपकी ब्रा का साइज आपके ब्रेस्‍ट के साइज से मैच नहीं करता है। इसलिए ब्रा खरीदते वक्‍त आपका हाथों को ऊपर नीचे करके जरूर देख लें। 


गर्मियों में डायरिया से डरें नहीं बल्कि इन आसान टिप्‍स से करें बचाव


डायरिया एक ऐसी समस्‍या है जो लापरवाही के कारण गर्मियों में बहुत ज्‍यादा परेशान करती हैं और समय पर सावधानी नहीं बरतने से समस्‍या गंभीर हो जाती है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि डायरिया में दस्‍त पानी की तरह बहुत पतले हो जाते है और थोड़े-थोड़े समय के अंतर में होते रहते है, जिससे शरीर में कमजोरी आने लगती है और समस्‍या गंभीर होने पर डिहाइड्रेशन की समस्‍या होने लगती हैं। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्‍योंकि कुछ टिप्‍स अपनाकर आप इस समस्‍या से आसानी से बच सकती हैं। बचाव के उपाय जानने से पहले आपको डायरिया के कारणों के बारे में बता देते है। आइए डायरिया क्‍यों होता है, इसके लक्षण, इलाज और बचाव के बारे में जानते हैं।
क्‍यों होता है डायरिया
गंदा पानी और खाना
हाथों की ठीक से सफाई न करना
बैक्टीरियल इंफेक्‍शन
डाइजेशन कमजोर होना
वायरल इन्फेक्शन

डायरिया के लक्षण
लूज मोशन
पेट में मरोड़ या दर्द
बुखार
हाथ-पैरों में तेज दर्द
चैनी महसूस होना
डायरिया का इलाज

इंफेक्‍शन से होने वाले डायरिया के ज्‍यादातर मामलों में एंटीबायोटिक लेने की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन अगर दस्त की समस्‍या लगातार 48 घंटों से ज्यादा समय तक बनी रहती है या बुखार और की समस्या रहती है और मल में ब्‍लड भी आने लगे तब एंटीबायोटिक की जरूरत पड़ती है। 



ऐसे करें बचाव
शिशुओं और छोटे बच्चों को अगर मां ब्रेस्‍टफीडिंग कराएं, तो ऐसे बच्चों का डायरिया से काफी हद तक बचाव हो सकता है।
वॉशरूम के इस्तेमाल के बाद एंटीबैक्‍टीरियल साबुन से हाथ धोएं।
खाना खाने से पहले साबुन से अच्‍छे से अपने हाथों को धोएं।
पानी और खाने की चीजों को साफ रखें।
पीने वाले पानी को उबालें और फिर उसे ठंडा करके पिएं।
अगर पेट में ऐंठन और दर्द ज्यादा हो तो अदरक की चाय लेने से आराम मिलता है।

बिना पकी सब्जियों और कटे और खुले फलों से परहेज करें।



नारियल पानी पीने से भी डायरिया में बहुत आराम मिलता है। इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्‍स से भरपूर नारियल पानी ना केवल शरीर में मिनरल्‍स की कमी को पूरा करता है बल्कि आपको हाइड्रेटेड भी रखता है।


आप चाहे तो डायरिया से बचने के लिए घर में ही ओआरएस घोल को बनाकर ले सकती हैं। इसके लिए आप 1 छोटा चम्‍मच चीनी लें और इसमें आधा चम्‍मच नमक मिलाएं। इसके बाद इन दोनों मिश्रणों को एक लीटर साफ या उबले हुए पानी में मिलाएं।


कच्चा केला और चावल लें। इससे आंतों की गति को कंट्रोल और दस्त रोकने में हेल्‍प मिलती हैं।

लेकिन समस्‍या ज्‍यादा होने पर तुरंत अपने डॉक्‍टर के पास जाए। और अगर डायरिया किसी शिशु को हुआ है तो तुरंत डॉ
क्टर के पास ले जाएं।

सुबह की जल्‍दबाजी में महिलाएं नहीं करती हैं नाश्‍ता तो हो सकती है ये बीमारी





घर और ऑफिस की दोहरी जिम्‍मेदारियां निभाने के चलते ज्‍यादातर महिलाएं सुबह का नाश्‍ता छोड़ देती हैं। उनको इस बात का अहसास भी नहीं होता है कि उनकी ये लापरवाही उनके लिए हेल्‍थ के लिए अच्‍छी नहीं हैं। क्‍या आप भी सुबह का नाश्ता नहीं करती हैं और रात का खाना भी देर से खाती हैं? अगर आप ऐसा करती हैं तो इससे आपकी जान को खतरा हो सकता है और दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। यह हम नहीं कह रहे लेकिन नई रिसर्च से सामने आई है। आइए जानें नई रिसर्च का इस बारे में क्‍या कहना है?

आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी कि 'ब्रेकफास्‍ट किसी राजा, लंच किसी राजकुमार और रात का खाना भिखारी की तरह करना चाहिए।' इस कहावत के बहुत मायने हैं। न्‍यूट्रीशनिस्‍ट कविता भी इसी तरह से खाने की सलाह देती हैं। उनका कहना हैं कि 'ब्रेकफास्‍ट दिनभर का सबसे जरूरी मील है। यह आपको दिनभर काम करने की एनर्जी देता है। ब्रेकफास्‍ट बॉडी के लिए ईंधन की तरह काम करता है। बॉडी के लिए जरूरी एनर्जी और पोषक तत्‍वों का लगभग 25 प्रतिशत भाग आपको इसी से ही मिलता है। यह सभी जानते हुए भी हमेशा जल्दी में रहने के कारण हम महिलाएं ब्रेकफास्‍ट को जरूरी नहीं समझती।'

प्रिवेन्टिव कार्डियोलॉजी के यूरोपीय जर्नल 'द फाइंडिग्स' में छपे शोध पत्र में बताया गया है कि इस प्रकार के अनहेल्‍दी लाइफस्‍टाइल वाले लोगों में समय से पहले मौत होने की संभावना चार से पांच गुणा बढ़ जाती है साथ ही ऐसे लोगों में दिल का दौरा पड़ने की भी संभावना बढ़ जाती है।

दिल के लिए अच्‍छा नहीं ब्रेकफास्‍ट छोड़ना
शोध के सह-लेखक ब्राजील के साउ-पाउलो सरकारी यूनिवर्सिटी के मार्कोस मिनीकुची का कहना है, "हमारे शोध के नतीजों से पता चलता है कि खाना खाने के गलत तरीके को जारी रखने का नतीजा बहुत खराब हो सकता है, खासतौर से दिल के दौरे के बाद।"

उन्होंने बताया कि यह शोध दिल के दौरे के शिकार 113 मरीजों पर किया गया, जिनकी औसत उम्र 60 साल थी। इनमें 73 फीसदी पुरुष थे। इसमें पाया गया कि सुबह का नाश्ता नहीं करनेवाले मरीज 58 फीसदी थे, जबकि रात का भोजन देर से करने वाले मरीज 51 फीसदी थे, और 48 फीसदी मरीजों में दोनों तरह की आदतें पाई गई। उनकी टीम की सलाह है कि खाने की आदत को सुधारने के लिए रात के भोजन और सोने के समय में कम से कम 2 घंटे का अंतर होना चाहिेए।


बचने के उपाय

टीम ने कहा, "एक अच्छे नाश्ते में ज्यादातर मिल्‍क प्रोडक्‍ट (फैट फ्री या लो फैट दूध, दही और पनीर), कार्बोहाइड्रेट (गेंहू की रोटी, सेंके हुए ब्रेड, अनाजों) और फलों को शामिल करना चाहिए। अगर आपकी आदत भी कुछ ऐसी है तो आपको इसे जल्‍द बदलने की जरूरत है। नहीं तो यह आपकी सेहत खराब कर सकती हैं। इसलिए दिल की बीमारी से बचने और लंबी उम्र पाने के लिए आज से रोजाना ब्रेकफास्‍ट करें।

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