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योग की शुरुआत करने वाली महिलाओं के लिए बेस्‍ट हैं ये 10 आसन



योग की शुरुआत करने वाली महिलाओं के लिए बेस्‍ट हैं ये 10 आसन


अब जब आपने अपनी लाइफस्‍टाइल के एक हिस्से के रूप में योग को अपनाने का फैसला कर लिया है तो यह जरूरी हो जाता है कि आप योग संबंधी अपने नजरिए को फिर से पारिभाषित करें, जो अत्यंत लचीला, साधारण और आसान है। जब आप अपने योग के सफऱ की बुनियादी बातों को तय कर लेते है, जैसे आप किस तरह से प्रैक्टिस करेंगी। आप योग सीखने के लिए एक विश्वनीय साधन खोजती हैं। योगाभ्यास के लिए रेगुलर शेड्यूल बनाते हैं। आपको धीरे-धीरे योगाभ्यास के विभिन्न आसनों को सीखने के लिए आगे बढ़ना चाहिए।


सर्वा योगा, माइंडफुलनेस एंड बियोंड के को फाउंडर श्री सर्वेश शशि का कहना हैं कि ''आपको रोजाना योगाभ्यास की शुरुआत उन आसनों से करनी चाहिए, जो आसान हो। शरीर में विभिन्न आसनों को करने का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ये आसन काफी साधारण तरीके से आसानी से किए जा सकते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे आप उन आसनों की ओर बढ़ सकती हैं, जिसे करने में आपको शुरू-शुरू में कठिनाई होगी, लेकिन बाद में आप इसे आसानी से कर सकती हैं।''



इस आर्टिकल में 10 महत्वपूर्ण योग आसन दिए गए हैं, जो आपको योग के शुरुआती स्तर में मजबूत बुनियाद बनाएंगे। 
मार्जरासन और बितिलासन
रोजाना योग आसन की शुरुआत के लिए इन दोनों आसनों को मिलाने से बने पोज को वार्मअप के रूप में किया जाता है। इस आसन की मदद से गर्दन और धड़ के सामने वाले हिस्‍से में स्‍ट्रेच उत्पन्न किया जाता है, जिससे आपकी रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है और पेट सुडौल बनता है। इससे पहले आपको घुटनों और हथेलियों के बल आकर शरीर को मेज की तरह बनाना है। आपके हिप्‍स और हथेलियां आपके घुटनों के समानांतर होनी चाहिए। सिर को सीधा और केंद्र में रखे और फिर नीचे की ओर देखें। गहरी सांस लें और अपनी चेस्‍ट को धनुष का आकार देते हुए ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते समय अपनी रीढ़ की हड्डी को ऊपर की ओर उठाएं और ठोड़ी को गर्दन की हड्डी से सटाएं। इस बार निचला वक्र बनाएं। आराम से सामान्य स्थिति में वापस आएं और फिर यह आसन 5 से 7 बार दोहराएं। 
ताड़ासन
ताड़ासन करने के लिए सबसे पहले आप खड़े हो जाएं। पैरों और थाइज को अलग-अलग रखें। सांस भरते हुए एड़ी को ऊपर उठाएं और अपनी थाइज को जितना ज्यादा स्‍ट्रेच ला सकती हैं लाएं। सांस भरते हुए अपने पेट और चेस्‍ट में स्‍ट्रेच पैदा करें। सांस छोड़ते समय अपने कंधों को सिर से दूर ले जाएं। गर्दन की हड्डी के क्षेत्र को फैलाएं और अपनी गर्दन लंबी करें। शुरुआत में संतुलन बनाने के लिए आप इस आसन को दीवार के सहारे कर सकते हैं। इससे आपका शारीरिक संतुलन बना रहेगा।
वृक्षासन
इस आसन को देखने से लगता है कि यह संतुलन बनाए रखने के लिए किया जाता है, पर जब आप अपना संतुलन बनाने का प्रयास करते हैं तो यह आसन वास्तविकता में एकाग्रता में सुधार लाता है। इस आसन से पीठ और पैरों को मजबूत करने में मदद मिलती है। दाहिने पैर को मोड़ते हुए उसे मजबूती से बाईं जांघ पर रखें। बाएं पैर को सीधा रखते हुए संतुलन बनाएं रखे। अच्छा संतुलन बनाने के बाद गहरी सांस लें और हाथ को सिर के ऊपर ले जाकर दोनों हथेलियों से नमस्कार की मुद्रा बनाएं। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखना सुनिश्चित करें और कुछ गहरी सांस लीजिए। धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे लाएं और धीरे से दाहिने पैर को सीधी करें और रिलैक्स हो जाएं। अब बाएं पैर को दाहिनी जांघ पर रखकर इस आसन को दोहराएं।
नौकासन
अपनी योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को अपने किनारे पर रखकर शरीर से लगा दें। एक लंबी गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए हाथों को पैरों की ओर खींचे और अपने पैरों और छाती को उठाएं। आपके हाथ आपके पैरों की सीध में होने चाहिए। आपकी आंखें हाथों की उंगलियों पर होनी चाहिए। लंबी गहरी सांस लेते हुए आसन को बनाए रखें। सांस छोड़ते हुए धीरे से जमीन पर वापस आएं और विश्राम करें। नौकासन कमर और पेट की मांसपेशियों को सुदृढ़ रखने में मदद करता है और आपकी पीठ और गर्दन को मजबूत बनाता है।

बालासन
नाम की तरह ही बालासन आपको चिंतामुक्त, शांत और एकाग्र बनाता है। इससे आपको भावनात्मक और शारीरिक शांति मिलती है और तनाव तथा थकान दूर होती है। आप इस आसन को अपनी बिजी डेली रूटीन के बीच खुद को एनर्जी से भरपूर बनाए रखने के लिए कर सकती हैं। इसे करने के लिए अपनी एड़ियों पर बैठ जाएं। कूल्हों पर एडी को रखे। अपनी हथेलियों को जमीन पर रखें। आगे की ओर झुककर माथे को जमीन पर लगाएं। हाथों को या तो शरीर के दोनों तरफ रखें या हथेली को आगे की ओर फैला दें। आप एक हथेली को दूसरी हथेली पर भी रख सकते हैं। स्थिति को बनाए रखें। धीरे से उठकर एड़ी पर बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को धीरे-धीरे सीधा करे और विश्राम करें।
भुजंगासन
भुजंगासन से पीठ के निचले हिस्से की मसल्‍स, रीढ़ की हड्डी और भुजाएं मजबूत बनती हैं। इससे छाती चौड़ी होती है। आसन को नियमित रूप से करने से आप बेहतर ढंग से सांस ले सकते हैं। सबसे पहले दोनों पैर एक साथ रखते हुए पेट के बल लेट जाएं। अपने हाथों को मैट पर कंधे के नीचे की ओर रखें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपने सिर को ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे इसे वापस झुकाएं। सांस लेते हुए शरीर के अगले भाग को कमर तक ऊपर की ओर उठाएं। आपको इस आसन में अपने हाथों से सहारा देना होगा। कोहनियों को सीधा रखें और अपनी हथेलियों पर दबाव को महसूस करें। कमर पर ज्यादा खिंचाव नहीं आना चाहिए। कुछ सेकेंड इसी अवस्था में रहें। गहरी सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आएं।

अधोमुखोश्वानासन
घुटनों के बल खड़े होकर मेज का आकार बनाएं। आपकी हथेलियां जमीन पर होनी चाहिए। पंजों पर जोर देते हुए घुटने सीधे करें। कमर का पिछला हिस्सा ऊपर उठाएं। सांस लेते समय अपने पैरों की उंगलियों की हेल्‍प से अपनी कमर को पीछे की ओर खींचे। सिर को ढीला छोड़ दें, लेकिन पेट को टाइट कर इस पोज में स्थिर रहें। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लंबा करता है और आपके सिर में रक्त का प्रवाह बढ़ता है।

उत्कटासन

पैर को अलग-अलग रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। कोहनियों को झुकाए बिना अपनी बांहों को फैलाएं। गहरी सांस लें और घुटनों को मोड़ें। अपने कूल्हों को नीचे इस तरह धक्का दें, जैसे आप एक कुर्सी पर बैठे हों। गहरी सांसें लीजिए। उत्कटासन हाथों और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
सेतुबंध सर्वांगासन
इसमें सबसे पहले आप पीठ के बल लट जाएं। अपने पैरों को थोड़ी दूरी पर कूल्हों की सीध में फैला दें। आपके पैर मजबूती से जमीन पर टिके होने चाहिए। अपने कूल्हों को मैट से ऊपर उठाएं। अपने हाथों को एक दूसरे में बांधिए और अपने सीने को चौड़ा कीजिए। इसी पोजिशन में 8 से 10 बार सांस लीजिए। धीरे-धीरे कूल्हों को नीचे लाइए। इस क्रिया को तीन बार दोहाएं। यह आसन आपकी पीठ को मजबूत बनाता है।

आप इन आसन के साथ प्रैक्टिस शुरू कीजिए। धीरे-धीरे आप योग के मुश्किल आसन करने की महारत हासिल करने में सक्षम हो जाएंगी।

. सर्वांगासन

यह आसन पैरों, कूल्हों को टोन करने और पाचन में सुधार के लिए सबसे अच्छा है।

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