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गर्दन के लिए व्यायाम

गर्दन के लिए व्यायाम

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सबसे पहले अपने सिर को दाईं ओर झुकाएं जिससे आपके कान आपके कंधों को छुएं। कंधें न उठाएं। अब अपने बाएं हाथ को ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे फर्श की ओर रखें। इससे गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में खिंचाव होगा और ये सुडौल होंगे।

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जैसे जैसे उम्र बढती है वैसे वैसे हमारा शरीर विकास की ओर भी आगे कूच करता है और अधोगति भी करता है । यह अधोगति का मतलब कुछ बीमारियाँ, रोग आदि। हमारी उम्र हमारे चेहरे से साफ दिखती है। हम उन सब पर तो संपूर्ण ध्यान रखते हैं। किन्तु हमारे शरीर के कुछ हिस्से ऐसे है जिसे हम नजरअंदाज करते है। हमारी पीठ, हमारी गर्दन आदि। हमारी गर्दन में लम्बे समय के बाद दर्द शुरु हो जाता है। कुछ लोगो को तो छोटी से उम्र में ही यह दर्द होता है।




सर्जरी को छोड़िए, हमेशा दिखना है जवां तो कुछ मिनट निकालकर ये योग करिए



आजकल लोग हमेशा जवां दिखने के लिए कई तरह के एंटी एजिंग ट्रीटमेंट करवाते हैं। इन ट्रीटमेंट को लेना तो पहले ही आसान हो, लेकिन इसके बाद त्वचा की देखभाल करना उतना ही मुश्किल होता है। कुछ लोगों को इन ट्रीटमेंट के साइड इफेक्ट्स भी झेलने पड़ जाते हैं। इसीलिए इस नुकसान से बचने के लिए कुछ आप फेशियल योग का भी सहारा ले सकते हैं, जो आपकी बढ़ती उम्र को बिना किसी नुकसान के रोकने में मदद करेगी।

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10 मिनट का ये आसन आपको दिलाएगा कमर दर्द से राहत



दिन भर दफ्तर में बैठकर काम करने से अगर आप कमर दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं तो 10 मिनट का ये योग आपकी इस समस्या को दूर कर देगा। अगर आप रोज 10 मिनट कोणासन का अभ्यास करेंगे तो आपको इसके कई और भी फायदे नजर आएंगे।

इस आसन से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर की स्ट्रेचिंग होती है। इसके अलावा यह पेट, शरीर के निचले हिस्से, कमर, बाजू और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने में फायदेमंद है। अगली स्लाइड में जानें इसे करने का तरीका

योग से सेहत संवारने में थोड़ा वक्त जरूर चाहिए लेकिन इसका असर रामबाण है। बदलती जीवनशैली से जो बीमारियां आम हो चुकी हैं उनको चंद आसन ठीक कर सकते हैं। योग में ऐसे आसन भी हैं जिनसे रोग जिस्म पर सवार होने की हिम्मत नहीं कर सकता। योग विशेषज्ञ मीना सोंधी कहती हैं कि आसनों का असर इतना है कि दवाओं का सहारा लेने की जरूरत ही नहीं।

ये हैं शीर्ष 10 आसन


सिर्द दर्द और माइग्रेन है तो करें प्राणायाम

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सिरदर्द कभी गर्मी लगने से हो जाता है कभी शर्दी लगने से हो जाता है और कभी गैस के कारन सिरदर्द होता है। यदि शर्दी के कारन से सिर दर्द है तो कपालभाति प्राणायाम करे, अगर गैस के कारन आपको सिरदर्द है तो अनुलोम विलोंम प्राणायाम करे। ये प्राणायाम १५ मिनिट से ले के ३० मिनिट तक करना चाहिए।
वक्रासन


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वक्रासन बैठकर की जाने वाली एक योग क्रिया है| यदि हम इसके नाम का अर्थ समझने की कोशिश करे तो वक्रासन दो शब्दों के मेल से बना है| पहला वक्र और दूसरा आसन| वक्र का अर्थ होता है टेढ़ा और लेकिन आसन करते वक्त आपकी गर्दन हमेशा सीधी रहती है| अर्थात इस आसन को करते वक्त आपकी गर्दन सीधी रहती है और शरीर टेढ़ा रहता है।



योगासन:


बैठ कर करने वाले आसन







इस थेरेपी के अनुसार, भोजन प्राकृतिक रूप में लिया जाना चाहिए। ताज़े मौसमी फल, ताज़ी हरी पत्तेदार सब्जियां और अंकुरित भोजन बहुत ही लाभकारी हैं। ये आहार मोटे तौर पर तीन प्रकार में विभाजित हैं जो इस प्रकार हैं:




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वजन घटाने के लिए योग को सबसे कारगर और सरल तरीका माना जाता है। योग को लेकर सबसे बढि़या बात यह है कि इसे किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं। योग किसी भी उम्र वर्ग के लिए खासा लाभदायक है। गर्भवती महिलाओं को भी कुछ विशेष सावधानियों के साथ योग करने की सलाह दी जाती है। ज्ञात हो कि तनाव के चलते कई तरह की बीमारियां जन्‍म लेती हैं। लेकिन योग के आसनों के जरिये इससे निजात पाया जा सकता है। वजन घटाने और फिट रहने के लिए योग काफी कारगर है और इससे तनाव का स्‍तर घटने के साथ व्‍यक्ति का आत्‍मविश्‍वास भी बढ़ता है। नीचे योग के कुछ आसनों के बारे में जिक्र किया गया है, जिसको निरंतर करने से वजन घटाने में काफी मदद मि



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योग –एक वैज्ञानिक विवेचना




भारतीय दर्शन में मानव जीवन का लक्ष्य , धर्म, अर्थ, काम ,मोक्ष-ये चार पुरुषार्थ हैं, जिनमें अन्तिम लक्ष्य मोक्ष को परम पुरुषार्थ माना गया है। वेदिक व उपनिषदीय ज्ञान के अनुसार अन्तिम लक्ष्य अमृत प्राप्ति या मोक्ष है, यही वास्तविक मोक्ष है । योग शास्त्र के अनुसार ’ आत्मा का परमात्मा से मिलन’ ही योग है । जबकि गीता के अनुसार-’ योगः कर्मसु कौसलम”, प्रत्येक कर्म को कुशलता से, श्रेष्ठतम रूप से करना ही योग है। यही तो विज्ञान की मूल मान्यता है, वर्क इज़ वर्शिप’

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