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बच्चों की भूख बढ़ाने के लिए आसान घरेलू उपाय
बच्चों को भूख न लगना या भूख की कमी होना आजकल के दौर की एक आम समस्या हो गई है। दरअसल आज के दौर के बच्चों को खाना खिलाना एक बहुत बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है। आजकल के बच्चे इतनी आसानी से खाना नहीं खाते हैं जिससे उनके शरीर में कमजोरी होने लगती है। इस वजह से वे कई बीमारियों की चपेट में भी जल्दी आ जाते हैं। बच्चों में भूख (Bhookh) की कमी के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि फास्ट फूड का ज्यादा सेवन करना, बच्चे की तबीयत ठीक ना होना, सर्दी, खासी, बुखार, बच्चों का कम सोना या चूजी होना व जिनके माता-पिता भी कम खाते हैं उन बच्चों में भी यह समस्या देखने को मिलती है। कम खाने से बच्चों के शरीर में कमजोरी आती है। अगर आप भी बच्चों को भूख ना लगने (Bachchon Ko Bukh na Lagna) की समस्या से परेशान है तो आप की समस्या को दूर करने की कोशिश करने के लिए हम कुछ घरेलू उपाय (Home Remedies to Increase Kid’s Appetite) लेकर आए हैं। आप इसे पढ़कर जाने कि आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

बच्चों की भूख बढ़ाने के घरेलू उपाय (Home Remedies to Increase Kid’s Appetite in Hindi)

#1. फास्ट फूड और जंक फूड से दूर रखें (Keep Fast Food Away)

डॉक्टरों के मुताबिक फास्ट फूड और जंक फूड का सेवन भूख को दबाता है। आजकल इनका चलन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। फास्ट फूड और जंक फूड में पाई जाने वाली कैलोरी की अधिक मात्रा होने से बच्चों को भूख कम लगने लगती है जिसके कारण वे खाना ना खाने के बहाने ढूंढता रहता है। इसलिए आप अपने बच्चों को कम से कम फास्ट फूड और जंक फूड खाने की आदत डालें। बचपन में डाली हुई आदत उम्र भर काम आती है इसलिए आप अपने बच्चों को सप्ताह में सिर्फ एक बार या ज्यादा से ज्यादा दो बार ही जंक फूड खाने को दे।

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#2. भोजन के बाद पानी ना पीने दे (Don’t Give Water after Meal)

आयुर्वेद के अनुसार भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से कब्ज होने की समस्या को बताया गया है। यदि आप और आपके बच्चे को भूख कम लगती है तो आप आज से यह नियम अपना लें कि आप खाने के तुरंत बाद पानी ना पिए और ना ही अपने बच्चे को पानी पीने को दें क्योंकि ऐसा करने से कब्ज की समस्या उत्पन्न होती है जो भूख ना लगने का मुख्य कारण बनती है। इसलिए खाना खाते समय व खाना खाने के आधे घंटे बाद व आधे घंटे पहले भी पानी नहीं पीना चाहिए या फिर कम से कम पीना चाहिए।

#3. कब्ज की समस्या (Constipation Problem)

जिन बच्चों में कब्ज की समस्या है उनका इस समस्या के कारण कुछ भी खाने का मन नहीं करता है। इसलिए अगर आपके बच्चों में भी कब्ज की समस्या रहती है तो आप पहले उसकी इस समस्या का समाधान करें और फिर देखिए कैसे आपका बच्चा खाने के प्रति अपनी रुचि दिखाता है। कब्ज को दूर करने के लिए आप त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी या गर्म दूध के साथ भी अपने बच्चे को दे सकती हैं। इससे इस समस्या से जल्दी राहत मिलेगी।

#4. सेब का सेवन करें (Apple)

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आप इस समस्या को दूर करने के लिए अपने बच्चों को रोजाना एक सेब अवश्य खिलाये। आप चाहे तो सेब पर काला नमक लगाकर उसे खिला सकती है जो और भी ज्यादा फायदेमंद होता हैं। सेब का प्रतिदिन सेवन करने से एक तो बच्चे का खून साफ होता है व दूसरा उसकी भूख भी बढ़ती है। कई बच्चे सेब खाने में आनाकानी करते हैं तो आप दूसरा ऑप्शन अपनाकर बच्चे को सेब का जूस या प्यूरी भी दे सकती है।

#5. हरी सब्जियां (Green Vegetables)

हरी सब्जियों में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है जो भूख बढ़ाने में सहायक होती है। इससे कब्ज की समस्या भी दूर होती है जिससे पेट में गैस नहीं बनती है और बच्चे का पेट हल्का हो जाता है जिससे उसकी भूख बढ़ जाती है। इसलिए आपको अपने बच्चों को हरी सब्जियों का सेवन जरूर करवाना चाहिए। पुदीना भी भूख बढ़ाने में सहायता करता है। इसके लिए आप बच्चे को पुदीने की चटनी बनाकर दे सकती है। यदि अगर वह चटनी नहीं खाता है तो आप पुदीने के रस में थोड़ा शहद मिलाकर रोजाना सुबह के समय इस मिश्रण के दो चम्मच गुनगुने पानी में मिलाकर अपने बच्चे को दे। इससे आपके बच्चे का पेट साफ होगा और यह उसकी भूख को भी बढ़ाएगा। हरी सब्जियां, फल और सलाद का प्रयोग अधिक से अधिक करें।

#6. अजवाइन, हींग और दालचीनी (Ajwain, Heeng and Cinnamon)

इस समस्या (baccho ki bhukh) को दूर करने के लिए अजवाइन एक रामबाण इलाज माना जाता है और यह इतना सुरक्षित माना जाता है कि आप इसे अपने 6 महीने के बच्चे को भी दे सकती हैं लेकिन अजवाइन के पानी के रूप में ही। पेट की गैस की समस्या को दूर करने के लिए अजवाइन एक कारगर इलाज है। इसके लिए आप अजवाइन को पीसकर उसमें काला नमक मिलाकर बच्चे को दे या आप एक चम्मच अजवाइन और नमक को एक कप पानी में उबाल लें व इसे थोड़ा ठंडा करके उसे दे। इसके अलावा अगर वह ठोस आहार लेने लगा है तो आप उसके परांठे में भी थोड़ी सी अजवाइन डालकर बना सकती है। हींग का तो उपयोग आप बच्चों के लिए खिचड़ी, बटर लस्सी आदि में कर सकती है। दालचीनी में एक ऐसा विशेष तत्व होता है जो बच्चों में भूख बढ़ाने का काम करता है। आप दालचीनी बच्चों को खीर, हलवा, आलू का चोखा, केक पेस्ट्री आदि में मिलाकर दे सकती हैं।

#7. हल्दी (Turmeric)
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वैसे तो भारत में इस्तेमाल होने वाले सभी मसाले बहुत लाभदायक और गुणकारी होते हैं। मसालों को सभी बड़े हो या बच्चे बहुत चाव से खाते हैं। उन सभी मसालों में एक नाम है हल्दी। हल्दी शिशु के पेट में कीड़ों को पनपने नहीं देती है और बच्चों को अपच की समस्या से छुटकारा दिलाती है जिससे उनकी भूख में वृद्धि होती है। इसे आप 6 महीने के बच्चे को भी दे सकती हैं। आप इसे उनकी खिचड़ी या दाल में मिलाकर दे सकती हैं।

#8. गाजर का जूस (Carrot Juice)

गाजर का जूस स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसमें कई पौष्टिक तत्व होते हैं। गाजर और गाजर का रस दोनों ही बच्चों में भूख जगाने और बढ़ाने का काम करते हैं। छोटे बच्चों को गाजर के टुकड़े चबाने से दांत निकलने में मदद मिलती है। खाना खाने से पहले आधी गाजर का जूस पीने से बच्चों के साथ-साथ बड़ों में भी भूख बढ़ती है।




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#9. दही व लस्सी (Curd or Lassi)

बच्चों में भूख बढ़ाने के लिए दही, लस्सी और छाछ एक अच्छा विकल्प है। आप इसे 8 से 9 महीने के बच्चों को देना शुरू कर सकती है परंतु यदि आप अत्यधिक दही का सेवन करवाती है तो यह बच्चों में भूख खत्म भी कर सकता है। आप अपने बच्चों को लस्सी में थोड़ा सफेद नमक, काला नमक, हींग और जीरा पाउडर मिलाकर दे। यह बच्चों के लिए बहुत गुणकारी होगा और उनकी भूख बढ़ाने में भी सहायक होगा। काले नमक का सेवन भी यदि थोड़ी-थोड़ी देर में किया जाए तो यह भी काफी फायदेमंद होता है।

#10. लीची (Litchi)

वैसे तो बहुत सारे फल है जो बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं लेकिन लीची का सेवन भोजन करने से पहले किया जाए तो यह बच्चों की भूख को और बढ़ाएगा। लीची खाने से बच्चों की पाचन शक्ति भी बढ़ती है।

#11. काली मिर्च, इलायची व अदरक (Black Pepper, Cardamom and Ginger)

काली मिर्च, इलायची और अदरक के रूप में भारतीय मसालों का नियमित रूप से उपयोग पेंट, आंतों और जिगर के पाचन एंजाइमों को सही रखता है। अगर आपके बच्चे इन्हें खाना पसंद ना करें तो आप इन्हें उनके पसंदीदा भोजन में मिला कर दे सकते हैं। आप 8 या 9 महीने से बड़ी उम्र के बच्चों को तुलसी भी दे सकती हैं क्योंकि तुलसी बच्चों का पाचन तंत्र मजबूत करती है और आहार को पचाने में सहायता करती है।

#12. घी (Ghee)

हमारे देश भारत में घी का खास महत्व माना जाता है और हम बहुत कम उम्र में ही बच्चों को भी यह देना शुरू कर देते हैं। घी बच्चों में पाचन शक्ति को बेहतर बनाते हैं और बुद्धिमता का स्तर और त्वचा के रंग में भी सुधार लाता है। जिन बच्चों को दूध से एलर्जी है उन बच्चों को आप आसानी से घी का सेवन करवा सकती हैं।

#13. पानी (Water)

पानी का भी उचित मात्रा में सेवन करने से पेट की कई बीमारियां दूर होती है जिससे पेट हल्का होकर भूख को बढ़ाता है। इसके लिए आप तांबे के बर्तन में रात भर पानी को रखें और सुबह खाली पेट बच्चे को पिलाएं। अवश्य फायदा मिलेगा।

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#14. रंग-बिरंगा भोजन (Colorful food)

बच्चों की भूख बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी है, खाने में उनकी रूचि बढ़ाना। इसके लिए बच्चे के खाने में विभिन्नता लाएं और उसे थोड़ा रंगीन बनाएं। बच्चे को रंग बहुत पसंद होते हैं ऐसे में अगर आप अपने बच्चे की भूख बढ़ाना चाहते हैं तो उसके खाने को आकर्षक बनाए जैसे विभिन्न रंगों का प्रयोग करके सैंडविच बनाए या दो या तीन अलग-अलग फलों को आकर्षक तरीके से काट कर बच्चे के सामने परोसे। ऐसे खाने को बच्चा कभी मना नहीं करेगा। इसके साथ ही बच्चे के आहार में विविधता लाये। एक ही तरह के खाने से बच्चा बोर हो सकता है इसलिए उसके लिए रोज़ अलग तरह का खाना बनाये। अपने रोज़ के खाने में थोड़ा सा ट्विस्ट लाकर आप उसकी भूख को बढ़ा सकती हैं।

#15. लीची और सेब (Lichi and Apple)

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जितना हो सके बच्चे को अधिक फल खिलाएं लेकिन इन सब में लीची और सेब बच्चे की भूख बढ़ाने और पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक हैं। अगर बच्चे को भूख नही लगती हो तो बच्चे को सेब काले नमक के साथ खाने को दें। अगर बच्चे को लीची या सेब खाने में पसंद नहीं है तो उसे जूस बना कर भी दिया जा सकता है। इससे बच्चे की भूख खुलेगी और उसका खाने का मन करेगा।

#16. हरी सब्जियां (Green Vegetable)

बच्चे को अधिक से अधिक हरी सब्जियां खाने को दें। हरी सब्जियां भूख को बढ़ाती है और पाचन क्रिया दुरुस्त बनाने में मदद करती हैं। इसका सेवन करना बच्चों के लिए बेहद आवश्यक है। बच्चे को भूख कम लगने की स्थिति में उसके लिए गाजर का जूस भी बेहद लाभदायक है। चाहे तो उसे गाजर का जूस पिलायें या गाजर कच्ची खाने को दें। इसके साथ ही बच्चों को हरी सब्जियों का सूप बना कर पिलायें, फायदा होगा।

#17. ज़बरदस्ती न करें (Don’t force them)

बच्चों को कभी भी ज़ोर ज़बरदस्ती करके खाना न खिलाएं ऐसा करने से बच्चा भोजन में अपनी रूचि खो देगा। अगर बच्चा खाना नहीं चाहता है तो उसे कुछ देर बाद खाना खिलाएं। बच्चे को खाने के एकदम बाद पानी न पीने दें। भोजन के एकदम बाद पानी पीने से बच्चे की भूख पर फर्क पड़ता है। घर का माहौल खुशनुमा रखें और बच्चे को प्यार से खिलाएं।

#18. खेलने दें (Let them play)

बच्चे के साथ खेलें और उसे खेलने दें। बच्चे को ऐसे खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करें जिससे वो शारीरिक रूप से एक्टिव रहें। भागने-दौड़ने से बच्चा थकेगा और उसकी भूख भी बढ़ेगी। उसे पार्क में ले जाएं व वहां अन्य बच्चों के साथ खेल कर न केवल वो खुश होगा बल्कि उसका अच्छा व्यायाम भी होगा।

#19. चटनी (Chatni)

पुदीने और इमली की चटनी खाने से भी भूख बढ़ती है। अगर बच्चा खा सकता है तो यह भी बच्चे को दी जा सकती है। इसके साथ ही बच्चे को छाछ पीने को दें, इससे भी फायदा होगा। उसे अनानास का जूस पिलायें या पका हुआ टमाटर खिलाएं, उससे भी लाभ होगा।

#20. सही दिनचर्या (Correct routine)

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अगर बच्चे की खाने की दिनचर्या सही न हो तब भी बच्चे की भूख कम हो जाती है और उसे भूख नहीं लगती। इसलिए बच्चे को नियमित भूख लगे इसके लिए एक टाइम टेबल बनाएं और उसके अनुसार बच्चे को खिलाएं।


बच्चों में भूख बढ़ाने के लिए कुछ जरूरी बातें (Bachhon ki Bhukh Badhane ke Upay)
आप बच्चों को उचित समय पर खाना खाने की आदत डालें और जब बच्चा भोजन कर लेता है तो उसे कम से कम 2 घंटे तक कुछ ना दे।
जब आपका बच्चा खाना खा रहा है तो वह समय आप वीडियो गेम और टेलीविजन को बंद कर दे।
अकेले खाने से भी भूख कम लगती है। इसलिए हमेशा अपने बच्चे को परिवार के साथ बिठाकर खाना खिलाएं।
गाय का दूध और दूध पाउडर दोनों ही शिशु की भूख को कम कर देते हैं। इसलिए आप शिशु को दिन में दो से तीन बार ही दूध दे। उसके अलावा ठोस आहार पर ही ध्यान दें।
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