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मधुमेह से हैं परेशान तो अपनाएं ये रामबाण इलाज,


मधुमेह से हैं परेशान तो अपनाएं ये रामबाण इलाज, मात्र 20 मिनट में कण्ट्रोल हो जायेगा शुगर 




वर्तमान समय में ख़राब खान पान के कारण हर दूसरा व्यक्ति डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी का शिकार हैं। वर्तमान समय में ये बीमारी बच्चों को भी अपना शिकार बना रही है। हालांकि इस बीमारी के होने के बाद कई सारी बीमारियों के होने की आशंका थोड़ी बढ़ जाती है।


जिसके लिए हमें इन सब बिमारियों से निजात पाने के लिए दवाइयों के साथ साथ एक अच्छा खासा परहेज भी करना पड़ जाता है। लेकिन हम बिना डॉक्टर के चक्कर लगाए हुए भी इन बीमारी से जीत सकते हैं।

तो चलिए आज हम इसी कड़ी में बात करते हुए आपको बताएंगे ऐसे चमत्कारी नुख्से के बारें में जिसका किसी भी प्रकार से कोई नुक्सान नहीं है। इसका प्रयोग करने के बाद से ही ये पूरा कंट्रोल में आ जाएगा। चलिए जानते हैं।



करेले का सेवन दिलाएगा शुगर की बीमारी से निजात

सबसे पहले इसके लिए आपको एक किलो करेला लेना हैं। इसके बाद आप इसके टुकड़े को मोटा दरदरा पीस लें। इसके बाद सभी करेलों को एक छोटे टब में डाल लें। इसके बाद अपने पैरों को उस टब में डुबोएं। कुछ समय तक के लिए पैरों को हिलाते रहे। जैसे ही 10 से 15 मिनट बाद आपको आपकी जीभ में कड़वा स्वाद आने लग जाए।

तो तुरंत अपने पैरों को निकल लें। इस प्रक्रिया को आप नियनित तौर पर अपनाये और देखें कि कैसे ये आपकी शुगर को कंट्रोल करता हैं। वैसे हमें तो इस बात का पूरा यकीं हैं कि ऐसा करने से आपका बिगड़ा हुआ शुगर जरूर कंट्रोल में आ जायेगा। यह 100 काम में आने वाला नुस्खा है।


जानिए डायबिटीज के लक्षणपेशाब का बार -बार आना

आंखों की रोशनी का धीरे -धीरे कम होना

बार -बार प्यास लगना

हमेशा कमजोरी लगना

किसी चोट का देर में भरना

हाथ पैरों में खुजली वाले जख्म होना

स्कि‍न पर बार बार इन्फेक्शन होना

ज्यादा -ज्यादा भूख लगना

ज्यादा खाना खाने के बाद भी वजन का कम होना।

किडनी खराब होना

सीने में है दर्द तो न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं इस जानलेवा बीमारी के शिकार 





एनजाइना एक प्रकार का छाती का दर्द है। जोकि दिल में खून के प्रवाह की कमी के कारण होता हैं। बता दें एनजाइना कोरोनरी धमनी की बीमारी का एक लक्षण मात्र है। जिसे दूसरी भाषा में एनजाइना पेक्टोरिस भी कहा जा सकता हैं। इसको सीने में तेज दर्द, दबाव, भारीपन, जकड़न आदि के रूप में समझा जा सकता हैं। इस बीमारी का शिकार हुए लोग ही इसको अच्छे से बता सकते हैं।


इस बीमारी से पीड़ित लोग बताते हैं कि उन्हें ऐसा लगता हैं जैसे कि उनके सीने को निचोड़ा जा रहा हो। या फिर उन्हें ऐसा लगता हैं जैसे कि उनके सीने में किसी ने भरी वजन रख दिया हों। हालांकि इस बीमारी को कोई ज्यादा बड़ी बीमारी तो नहीं माना जाता हैं। लेकिन अगर आपके सीने में दर्द या अपोच के दर्द या परेशानी हो आप तुरंत डॉक्टर के पास जाकर सलाह लें।


एनजाइना बीमारी के लक्षणसीने में हमेशा दर्द या बेचैनी का रहना
सीने में हमेशा दर्द या भारीपन का होना

सीने के दर्द के साथ-साथ बाहों, गर्दन, जबड़े, कंधे या पीठ में दर्द का रहना

हमेशा जी का मिचलाना

शरीर में हमेशा थकान रहना

हमेशा साँसों की कमी का होना

लगातार पसीना आना

हमेशा सिर का चकराना


महिलाओं में नजर आते हैं अलग लक्षणबता दें महिलाओं के अंदर पुरषों की अपेक्षा इसके लक्षण थोड़े से अलग देखे जाते हैं। जैसे कि महिलाओं के सीने में दर्द का होना इनके लिए एक आम बात है, लेकिन पुरुषों की भांति इनके अंदर अलग लक्षण दिखाई देते हैं। जिसे ज्यादातर महिलाएं अपने अनुभव के अनुसार बताती हैं।
महिलाओं का जी मिचलाना

महिलाओं की साँसों में कमी आना

महिलाओं के पेट में दर्द

महिलाओं की गर्दन, जबड़े या पीठ में तकलीफ

महिलाओं के सीने में दर्द होना


ऐसे लोगों को होता है ज्यादातर एंजाइना का खतरा*बता दें ये बीमारी ज्यादतर पुरूषों में दिखाई देता है, खासकर उन लोगों में जोकि धूम्रपान करते हैं।

*शुगर के कारण भी इस बीमारी के होने का खतरा सबसे ज्यादा होता हैं।

*उच्‍च रक्‍तचाप और कोलेस्‍ट्रॉल के कारण भी यह बीमारी हो जाती हैं।

*नियमित रूप से एक्‍सरसाइज न करने वालों को भी एंजाइना हो जाती हैं।

*इसके अलावा ये बीमारी कभी -कभी आनुवंशिक कारणों से भी होती हैं।




डायबिटीज के मरीज ऐसे रखें व्रत, कंट्रोल में रहेगी ब्लड शुगर





Navratri Vrat Diet: नवरात्रि का आरंभ हो चुका है. नवरात्रि में देवी पूजन के साथ नौ दिन तक व्रत रखने का बहुत महत्व होता है. लेकिन डायबिटीज के मरीजों को व्रत रखते समय सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है. दरअसल, लंबे समय तक भूखे रहने से डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन का स्तर बिगड़ जाता है. वहीं, व्रत में फल खाने से डायबिटीज के मरीजों में फ्रक्टोज की मात्रा बढ़ने का भी खतरा रहता है, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. 

आइए आपको बताते हैं डायबिटीज के मरीजों को व्रत रखते समय किन बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है-






1. डायबिटीज के मरीज व्रत रखते समय अपनी डाइट एक समान ही रखें. दिनभर कुछ न कुछ खाते रहें, ताकि ब्लड शुगर नॉर्मल रहे. 





2. डायबिटीज के मरीज व्रत के दौरान केवल ऐसी चीजों का ही सेवन करें, जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और जो चीजें डाइजेस्ट होने में समय लेती हैं. 




3. व्रत के दौरान डायबिटीज और खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीज कुछ भी खाने के फौरन बाद एक्सरसाइज करने से बचें, बल्कि खाने के लगभग 2 से 3 घंटे के बाद ही एक्सरसाइज शुरू करें. 




4. डायबिटीज के मरीज व्रत के दौरान भरपूर मात्रा में पानी जरूर पिएं. पानी ज्यादा पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और सेहत भी बनी रहती है. 



5. डायबिटीज के मरीजों के लिए नारियल पानी बहुत फायदेमंद होता है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, अमीनो एसिड, विटामिन्स, कैल्शियम, आयरन और कई दूसरे न्यूट्रिएंट्स भी शामिल होते हैं, जिनसे शरीर को एनर्जी मिलती है. इसलिए व्रत के दौरान नारियल पानी पीना फायदेमंद रहेगा.








6. डायबिटीज के मरीजों को अगर व्रत के दौरान कमजोरी महसूस होती है तो चाय या कॉफी पीने से बचें. डायबिटीज के मरीजों के लिए छाछ काफी फायदेमंद होती है. इसलिए व्रत के दौरान डायबिटीज के मरीज छाछ का सेवन कर सकते हैं




तकिया लगाकर सोने की आदत है तो हो जाए सावधान,
 हेयर फॉल से लेकर डिप्रेशन का शिकार बनाता है तकिया
अच्छी नींद हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है, दिनभर के काम के बाद नींद की आगोश में जाकर ही हमारी थकान मिटाती है और फिर अगले दिन नई स्फूर्ति से काम करने की उर्जा मिलती है। ऐसे में चैन की नींद पाने के लिए लोग कई जतन करते हैं.. जब तक इन्हें कमरे का शांत माहौल, आरामदायक बिस्तर और मुलायम तकिया ना मिले इन्हें नींद ही नहीं आती । खासकर कुछ लोगों को तो तकिए से विशेष लगाव होता है, ये गद्देदार और मोटी तकिए के साथ ही नींद के आगोश में जाना पसंद करते हैं, वहीं कुछ लोग डबल तकिया भी लगाते हैं।

अगर आपको भी तकिए से कुछ ऐसा ही प्रेम है, तो आज हम आपके लिए वो खबर लाए हैं जिससे जानने के बाद आप मोटी-गद्दीदार तकीया तो दूर किसी भी तकीये को हाथ नहीं लगाएंगे। दरअसल मुलायम और गद्दीदार तकीये पर आप अपना सिर रखकर आराम तो महसूस कर लेते है, पर वास्तव में ये कई सारी शारीरिक एवं मानसिक दिक्कतें लाती हैं। आज हम आपको तकीया लगाकर सोने से होने वाले कुछ ऐसे ही नुकसान के बारे में बता रहे हैं।
शारीरिक और मानसिक विकार
स्वास्थ विशेषज्ञों की माने तो सिर के नीचे तकिया लगाकर सोने से कई तरह की शारीरिक और मानसिक दिक्कतें हो सकती हैं। दरअसल ऐसा अक्सर तकिये की गलत पोजीशन या अधिक गद्देदार होने की वजह से होता है। इससे गर्दन पर ज़ोर पड़ता है और ऐसे में रात भर सोने के बावजूद आपकी थकान नहीं मिटती और सुबह उठने पर आप खुद को तरो-ताजा नहीं महसूस करते और फिर यही आगेचलकर मानसिक तनाव का कारण बनता है।
हेयर फॉल



वैसे तो हेयर फॉल के कई कारण हैं और इनमें से एक कारण आपका तकीया भी हो सकता है। दरअसल सोने के दौरान बालों और तकिए के बीच रगड़ होती है, जिससे उनका मॉइश्चर उड़ जाता है और वे रूखे बन जाते हैं । जिसकी वजह से हेयर फॉल की समस्या उत्पन्न होती है, वहीं कई बार बालों और तकिए की रगड़ के भी बाल टूटते हैं।
स्कीन एलर्जी



साथ ही आपका फेवरेट तकिया आपकी स्कीन के लिए एलर्जी का कारण भी बन सकता है। एक रिसर्च की माने तो, तकिए के वजन का लगभग एक तिहाई भाग कीटाणुओं, मृत त्वचा और कीटाणुओं से भरा हुआ होता है। ऐसे में इस रिसर्च के अध्यनकर्ता डॉक्टर आर्थर टुकेर का कहना है कि लोग भले ही तकिए पर नया कवर लगा कर उसे बहुत साफ स्वच्छ समझते हैं, पर वास्तव में तकीया कीटाणुओं का घर होता है। वहीं तकिये का फैब्रिक, उसका डिजाइन और रंग भी कई बार स्कीन एलर्जी का कारण भी बनते हैं।
मुंहासे की समस्या



वहीं तकिये की गंदगी मुंहासों का कारण भी बनती है। अक्सर लोग नींद में अपना मुंह तकिए में डालकर सोते हैं जिसकी वजह से रक्त संचार प्रभावित होता है और चेहरे पर मुहांसे और दूसरी समस्याएं होने लगती हैं।
चेहरे की झुर्रियां



स्कीन विशेषज्ञों के अनुसार तकिये पर सिर रखकर सोने से चेहरे पर डलनेस और रिंकल्स की समस्या हो सकती है। असल में ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सोने की दौरान हमारी त्वचा और तकिए के बीच रगड़ होती है, जिससे चेहरे पर झुर्रियां पड़ने लगती है।



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