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गर्मियों में शाम को टहलना


गर्मियों में शाम को टहलना और वर्कआउट करना क्यों है फायदेमंद ?



गर्मियों में सुबह की जगह शाम की समय टहलना ज्यादा फायदेमंद होता है। यह बात अगर कोई कहता है तो लोग शक की नजर से देखने लगते हैं। लेकिन क्या सच में शाम का समय टहलने के लिए अच्छा होता है। बदलती जीवनशैली ने लोगों की दिनचर्या को बहुत बदल सा दिया है। आजकल लोग सुबह उठते ही ऑफिस या अपने काम की तरफ भागते हैं। इसकी वजह से वो दिन में कोई वर्कआउट नहीं कर पाते हैं। एक शोध में भी एक बात सामने आयी थी कि शाम के 6 से 7 का समय शरीर के वर्कआउट के लिए सबसे अच्छा होता है। आइए जानते हैं कुछ खास फैक्ट्स।



एक्सरसाइज के लिए ठीकः अगर आप दिनभर काम के बाद थक गए हैं और हाई इंटेसिंटी एक्सरसाइज करना आपके लिए संभव नहीं है तो भी आप वॉक तो कर ही सकते हैं। इससे आप खुद को बेहद आसानी से फिट व हेल्दी बनाए रख सकते हैं। इतना ही नहीं, इससे आपका एनर्जी लेवल भी बढ़ता है।




आराम का अहसासः अमूमन दिनभर कंप्यूटर पर काम करने के कारण मसल्स को एक्सरसाइज करने का समय ही नहीं मिलता, लेकिन ईवनिंग वॉक के जरिए आप ऐसा कर पाते हैं। जिससे आपके शरीर व दिमाग को आराम का अहसास होता है। इसलिए हर किसी व्यक्ति को कम से कम आधा घंटा शाम के समय सैर अवश्य करनी चाहिए।




अच्छी नींदः शरीर के पूरी तरह आराम और स्वस्थ रहने के लिए अच्छी नींद की आवश्यकता होती है। एक अच्छी नींद लाने में शाम की सैर मददगार होती है क्योंकि इससे आप किसी भी तरह की टेंशन व तनाव से रिलैक्स महसूस करते हैं।
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पाचन तंत्र होता है ठीकः जब आप शाम के भोजन के बाद टहलने निकलते हैं तो इससे भोजन को पचने में आसानी होती है। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि भोजन करन के करीबन आधे घंटे बाद ही सैर पर निकलें, अन्यथा आपको वॉक के दौरान परेशानी हो सकती है।



मजबूत इम्युन सिस्टमः आपको शायद पता न हो लेकिन शाम को वॉक करने से इम्युन सिस्टम भी मजबूत होता है। दरअसल, शाम को टहलने से शरीर के सभी हिस्सों का व्यायाम करें। इससे आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है और आपकी ऑवर ऑल हेल्थ सुधरती है।




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शरीर में पोटेशियम की कमी को दूर करते हैं यह आहार


शरीर की कार्यप्रणाली के सही तरह से संचालन के लिए यह बेहद जरूरी है कि सभी तरह के पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में हो। इन सभी पोषक तत्वों में से एक है पोटेशियम। यह शरीर में पाया जाने वाला तीसरा सबसे प्रचुर खनिज है। यह न केवल शरीर में इलेक्टोलाइट संतुलन को बनाए रखता है, बल्कि हृदय, गुर्दे, मस्तिष्क और मांसपेशियों के उतकों के सही तरह से कामकाज के लिए भी बेहद आवश्यक है। अगर रक्त में पोटेशियम की कमी हो जाती है तो इससे सिरदर्द, दिल की धड़कन व अन्य कई तरह की परेशानियां खड़ी हो जाती है। ऐसे में इन परेशानियों से बचने का एकमात्र तरीका है कि भोजन में पोटेशियम समृद्ध खाद्य पदार्थों को शामिल किया जाए। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में−


सफेद बीन्स



सफेद बीन्स पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत है और मात्र इसके जरिए ही पोटेशियम की दैनिक आवश्यकता की पूर्ति की जा सकती है। एक कप सफेद बीन्स में करीबन 3636 मिलीग्राम पोटेशियम और 673 कैलोरी पाई जाती है। इसके अतिरिक्त सफेद बीन्स फाइबर व फोलेट का भी एक अच्छा स्रोत माना गया है। आप अपने इवनिंग सूप में व्हाइट बीन्स को शामिल कर सकते हैं।


पालक 

पालक में पोटेशियम काफी अच्छी मात्रा में होता है। एक कप अर्थात लगभग 30 ग्राम पालक में 167 मिलीग्राम पोटेशियम और 7 कैलोरी पाई जाती है। वैसे पालक पोटेशियम के अतिरिक्त आयरन और कैल्शियम का भी एक बेहतरीन स्रोत है। जहां आयरन हेयर हेल्थ को बेहतर बनाने के साथ−साथ अनीमिया से बचाव करता है, वहीं कैल्शियम हडि्डयों व दांतों के लिए बेहद आवश्यक माना गया है। आप पालक को चाहे तो वेजिटेबल सलाद में शामिल करें या फिर इसके पत्ते को अपने ब्रेकफास्ट टोस्ट में लगाएं। वैसे पालक का सूप या स्मूदी भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।


एवोकाडो


एक एवोकाडो में लगभग 975 मिलीग्राम पोटेशियम व 322 कैलोरी पाई जाती है। वैसे एवोकाडो एकमात्र ऐसा फल है, जिसमें पोटेशियम के साथ−साथ हेल्दी मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं जो कोलेस्टॉल लेवल को घटाने के साथ−साथ आपके हृदय की रक्षा करते हैं। आप इस फल को यूं ही आसानी से खा सकते हैं।


केला


केले को पोटेशियम समृद्ध माना गया है। एक बडे़ केले में लगभग 487 मिलीग्राम पोटेशियम और 121 कैलोरी पाई जाती हैं। यह व्यक्ति की एनर्जी को एकदम से बूस्टअप करता है और साथ ही इसमें मौजूद फाइबर पाचनतंत्र के लिए काफी अच्छा होता है। आप केले को चाहें तो यूं ही खाएं या फिर इसकी स्मूदी बनाकर पिएं, यह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है।





आयुर्वेद दोहे 






पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!

सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!

*धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!*

दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!


*ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!*

कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!!

*प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!*

बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप!!

*ठंडा पानी पियो मत, करता क्रूर प्रहार!*

करे हाजमे का सदा, ये तो बंटाढार!!

*भोजन करें धरती पर, अल्थी पल्थी मार!*

चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार!!

*प्रातः काल फल रस लो, दुपहर लस्सी-छांस!*

सदा रात में दूध पी, सभी रोग का नाश!!

*प्रातः- दोपहर लीजिये, जब नियमित आहार!*

तीस मिनट की नींद लो, रोग न आवें द्वार!!

*भोजन करके रात में, घूमें कदम हजार!*

डाक्टर, ओझा, वैद्य का , लुट जाए व्यापार !!

*घूट-घूट पानी पियो, रह तनाव से दूर!*

एसिडिटी, या मोटापा, होवें चकनाचूर!!

*अर्थराइज या हार्निया, अपेंडिक्स का त्रास!*

पानी पीजै बैठकर, कभी न आवें पास!!

*रक्तचाप बढने लगे, तब मत सोचो भाय!*

सौगंध राम की खाइ के, तुरत छोड दो चाय!!

*सुबह खाइये कुवंर-सा, दुपहर यथा नरेश!*

भोजन लीजै रात में, जैसे रंक सुजीत!!

*देर रात तक जागना, रोगों का जंजाल!*

अपच,आंख के रोग सँग, तन भी रहे निढाल^^

*दर्द, घाव, फोडा, चुभन, सूजन, चोट पिराइ!*

बीस मिनट चुंबक धरौ, पिरवा जाइ हेराइ!!

*सत्तर रोगों कोे करे, चूना हमसे दूर!*

दूर करे ये बाझपन, सुस्ती अपच हुजूर!!

*भोजन करके जोहिए, केवल घंटा डेढ!*

पानी इसके बाद पी, ये औषधि का पेड!!

*अलसी, तिल, नारियल, घी सरसों का तेल!*

यही खाइए नहीं तो, हार्ट समझिए फेल!

*पहला स्थान सेंधा नमक, पहाड़ी नमक सु जान!*

श्वेत नमक है सागरी, ये है जहर समान!!

*अल्यूमिन के पात्र का, करता है जो उपयोग!*

आमंत्रित करता सदा, वह अडतालीस रोग!!

*फल या मीठा खाइके, तुरत न पीजै नीर!*

ये सब छोटी आंत में, बनते विषधर तीर!!

*चोकर खाने से सदा, बढती तन की शक्ति!*

गेहूँ मोटा पीसिए, दिल में बढे विरक्ति!!

*रोज मुलहठी चूसिए, कफ बाहर आ जाय!*

बने सुरीला कंठ भी, सबको लगत सुहाय!!

*भोजन करके खाइए, सौंफ, गुड, अजवान!*

पत्थर भी पच जायगा, जानै सकल जहान!!

*लौकी का रस पीजिए, चोकर युक्त पिसान!*

तुलसी, गुड, सेंधा नमक, हृदय रोग निदान!

*चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे !*

ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे !!


*सौ वर्षों तक वह जिए, लेते नाक से सांस!*

अल्पकाल जीवें, करें, मुंह से श्वासोच्छ्वास!!

*सितम, गर्म जल से कभी, करिये मत स्नान!*

घट जाता है आत्मबल, नैनन को नुकसान!!

*हृदय रोग से आपको, बचना है श्रीमान!*

सुरा, चाय या कोल्ड्रिंक, का मत करिए पान!!

*अगर नहावें गरम जल, तन-मन हो कमजोर!*

नयन ज्योति कमजोर हो, शक्ति घटे चहुंओर!!

*तुलसी का पत्ता करें, यदि हरदम उपयोग!*

मिट जाते हर उम्र में,तन में सारे रोग।


*कृपया इस जानकारी को जरूर आगे बढ़ाएं*

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