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लड़कियां हैंड शावर से ऐसे लें हस्तमैथुन का आनंद

लड़कियां हैंड शावर से ऐसे लें हस्तमैथुन का आनंद
Masturbation के दौरान Hand shower से निकलने वाली पानी की तेज बौछारें आपको उत्तेजना से भर देती हैं!


हस्तमैथुन करना खुद को संतुष्ट करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है। वैसे तो लड़कियों सामान्य तौर पर उंगलियों से ही हस्तमैथुन करना पसंद करती हैं लेकिन अगर आप अकेली हैं और अपने मजे को बढ़ाना चाहती हैं तो आप कुछ दूसरे तरीके भी अपना सकती हैं। आप इसके लिए नहाते समय जेट स्प्रे या हैंड शावर का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसकी मदद से जब आप हस्तमैथुन करेंगी तब आपको पता चलेगा की यह बहुत जल्दी आपको उत्तेजित करने में मदद करता है। इससे निकलने वाली ठंडे पानी की धार आपके क्लाइटोरिस को उत्तेजना से भर देता है।
करने का तरीका : नहाते समय बाथ टब के कोने पर बैठ जाएँ या फिर अपनी सुविधानुसार खड़ी रहें जिससे आप आसानी से हैंड शावर को अपनी योनि तक ला सकें। आप चाहे तो सीधे हैंड शावर को अपने वैजाइना के पास रख सकती हैं या दूर से ही पानी के स्प्रे से अपने क्लाइटोरिस को उत्तेजित करवा सकती हैं। पानी की तेज बौछारें जब आपके वैजाइना पर गिरेंगी तो यह आपकी उत्तेजना को बहुत ज्यादा बढ़ा देगी। अपनी उत्तेजना को और बढ़ाने के लिए आप अपने क्लाइटोरिस को हाथो से रगड़ सकती हैं और उस दौरान पानी का स्प्रे करते रहें। आप अपने हिसाब से पानी का प्रेशर कम ज्यादा करें। जब आप आर्गेज्म पाने के बिलकुल करीब हों तब पानी की धार तेज कर दें इससे आप आसानी से आर्गेज्म पा सकती हैं। 
सावधानियां: इस बात का ध्यान रखें की इस तरह से हस्तमैथुन करने के बाद आप पेशाब ज़रूर कर लें जिससे अगर किसी भी तरह का बैक्टीरिया हो तो वह बाहर निकल जाये। इसके अलावा हस्तमैथुन करने से पहले शावर के हेड को अच्छे से साफ़ कर लें और अगर आप कॉमन बाथरूम इस्तेमाल कर रही हैं तो इस तरीके को न आजमायें।


सेक्स के दौरान खुद को स्पर्श करके ऐसे हों उत्तेजित
सेक्स के दौरान अपने पार्टनर को अपनी पसंद और नापसंद के बारे में ज़रूर बतायें!



कई पुरुष ऐसा सोचते हैं कि महिलायें सेक्स के मामले में कम रूचि लेती हैं जबकि ऐसा नहीं है, वास्तव में देखा जाये तो महिलाओं और पुरुषों में सेक्स की इच्छा एक समान ही होती है। बस अंतर इतना होता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को आर्गेज्म पाने में थोड़ा ज्यादा टाइम लगता है। हालांकि कई महिलायें ऐसी भी होती हैं जिन्होंने अपनी पूरी ज़िन्दगी में कभी भी आर्गेज्म का अनुभव नही किया है। ऐसा इसलिये क्योंकि उन महिलाओं को यह पता ही नहीं है कि आर्गेज्म को कैसे पायें और सेक्स के अलावा इसे पाने के और क्या तरीके हैं। अगर आप भी इन समस्याओं से जूझ रही हैं तो इन तरीकों को अपनाएं।
इसके लिए आपको अपने पुरुष पार्टनर को गाइड करने की ज़रूरत है। फोरप्ले के दौरान उनके हाथ को पकड़ें और अपने शरीर के हर हिस्से को स्पर्श करायें और इसके बाद आप उनके ऊपर पोजिशन में आ जाये। इस पोजीशन में ही अपने ब्रेस्ट को धीरे धीरे गोलाई में छुएं और फिर अपने पेट को छुएं। अपने शरीर को अच्छे से प्यार करें उसकी प्रशंसा करें। इस समय आपके पार्टनर पूरी तरह आपमें व्यस्त होंगे उसी समय आप उन्हें और उत्तेजित करें और ज्यादा उकसायें। इन सबके अलावा आप खुद से अपने क्लाइटोरिस को उत्तेजित करें, पहले दो उँगलियों से अपने क्लाइटोरिस को धीरे धीरे रगड़ें फिर उसके बाद उँगलियों को गोलाई में घुमाएं या वैसा करें जिससे आपको ज्यादा आनंद मिले। इस दौरान अगर आप चाहतीं हैं तो तेज आवाज में आँहें भरें, ऐसा करना आप दोनों को ज्यादा उत्तेजित करने में मदद करता है। 
अगर आपके पुरुष पार्टनर आपकी इन हरकतों से थोड़े असहज होने लगे तो आप उनको प्रोत्साहित करें कि वे आपको उत्तेजित होते हुए और खुद को प्यार करते हुए देखें इसके बाद उनसे कहें की अब वे आपको ऐसे ही टच करें। उन्हें ये चीज अच्छे से समझायें की आपको सेक्स के दौरान क्या पसंद है और क्या नहीं पसंद है। जब दोनों पार्टनर को एक दूसरे की पसंद नापसंद के बारे में अच्छे से पता होता है तभी उन्हें सेक्स का असली मजा मिल पाता है।


जानिये लड़कियों को उंगलियों से उत्तेजित करने का सही तरीका
अगर अपनी महिला पार्टनर को उत्तेजित करना चाहते हैं तो अपनी उंगलियों से इस तरीके से हस्तमैथुन करें!



क्या आपको भी अपनी महिला पार्टनर को उत्तेजित करने में मुश्किलें हो रही हैं? अगर ऐसा है तो अब आपको इसके लिये सोचने की ज़रूरत है क्योंकि सेक्स या फोरेप्ले के समय दोनों पार्टनर का उत्तेजित होना बहुत ज़रूरी है। अधिकतर मामलों में देखा गया है कि पुरुष खुद तो जल्दी उत्तेजित हो जाते हैं लेकिन वे अपनी महिला पार्टनर पर ध्यान ही नहीं देते और सेक्स करना शुरू कर देते हैं। यह बहुत ही गलत तरीका है ऐसा करने से आपके रिश्तों में दरार आ सकती है। इसलिए आर्गेज्म पाने के पुराने तरीकों को छोड़िये और नये तरीकों से अपनी सेक्स लाइफ को खुशहाल बनाइये। 

आप अपनी महिला पार्टनर को उत्तेजित करने के लिये उँगलियों का प्रयोग कर सकते हैं, हो सकता है पहली बार आपको ये थोड़ा असहज लगे लेकिन इससे घबराइये नहीं बल्कि धीरे-धीरे आप दोनों इसके अभ्यस्त हो जायेंगे। उनको उँगलियों से उत्तेजित करते समय ज्यादा जल्दबाजी न करें इससे उन्हें दर्द भी हो सकता है खासकर अगर वह वर्जिन हैं तो दर्द और भी ज्यादा बढ़ सकता है। इसकी बजाय पहले उनके शरीर के हर हिस्से में प्यार से किस करें फिर उनके शरीर को धीमे से सहलायें। इससे वे जल्दी उत्तेजित हो जायेंगी और जब वह पूरी तरह उत्तेजित हो जायें तब आप उंगलियों से हस्तमैथुन करना चालू करें।

सही तरीका : जब वह पूरी तरह से उत्तेजित हो जायें और योनि गीली हो जाये तब आप उनके क्लाइटोरिस को छुएं। धीरे धीरे उंगलियों से दवाब बढ़ाएं और एक सामान गति से अपनी उंगलियों को अन्दर बाहर करें। थोड़ी ही देर में आपकी महिला पार्टनर आपको खुद ही निर्देश देने लगेंगी कि आप किस दिशा में उँगलियों को कैसे ले जायें। जब वह इसके पूरे मजे ले रही हों तब आप अपनी दो उंगलियाँ उनके योनि में डाल दें और योनि की दीवारों पर दवाब बढ़ाएं, ऐसा करना उन्हें चरम आनंद से भर देगा। जब वह पूरी तरह से उत्तेजित हो जायें तब जाकर आप उनके जी स्पॉट को टच करना शुरू करें। इस क्रिया में आप दोनों को बराबर मजा आयेगा।


रोजाना एक ही तरह से सेक्स करना क्यों है गलत ?
रोजाना एक ही तरह से सेक्स करना आपको बोर कर सकता है इसलिये नये तरीकों को ज़रूर अपनाएं!



आपको यह जानकार शायद आश्चर्य होगा कि अधिकतर लोग सेक्स करते समय एक ख़ास रूटीन का पालन करते हैं और रोजाना ही इसे दोहराते रहते हैं। जबकि ऐसा करना सही नहीं है इस तरह से आप जल्दी ही सेक्स से बोर हो जायेंगे और यह आपके लिये रोजाना किये जाने वाले किसी काम की तरह हो जायेगा। ऐसा करने से आपके संबंधो में दरार भी आ सकती है। इसलिए ज़रूरी है की आप अपने बोरिंग तरीकों को बदलें और रोजाना कुछ नया करें। यह ज़रूरी नहीं कि सेक्स को भी आप मॉर्निंग वाक या जिम की तरह रोजाना ही एक जैसे करें बल्कि आपको उसमे नये तरीकों को अपनाना चाहिये, कुछ नये पोजीशन को अपनाएँ और अपनी सेक्स लाइफ को रोमांचक और मसालेदार बनाएं। वैसे भी महिलाओं को सरप्राइज बहुत पसंद आते हैं इसलिए जितना आप अपने तरीकों में बदलाव लायेंगे उतना ही आपके महिला पार्टनर के लिए यह ख़ुशी की बात होगी।

सेक्स करने का कोई ख़ास टाइम नहीं होता है इसके लिए बस अच्छे मूड की ज़रूरत होती है। जब भी आपका मन करे उसी समय आपको इसका आनंद लेना चाहिये। पुरुष ऐसा सोचते हैं की महिलाओं को जल्दी उत्तेजित करना बहुत मुश्किल है जबकि ऐसा नहीं है अगर आप सही तरीके को अपनाएं तो आप पायेंगे की वे भी आप की ही तरह तुरंत उत्तेजित हो जाती हैं। फोरप्ले की शुरुवात करते समय उन्हें हर जगह चूमें। चुम्बन आपके आपसी रिश्तों को भी मजबूत बनाते हैं और महिलाओं को जल्दी उत्तेजित भी कर देते हैं। इसके अलावा कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान सेक्स करने की तीव्र इच्छा होती है। अगर आप पीरियड्स के दौरान सेक्स कर रहे हैं तो उनके ब्रेस्ट का ख़ास ध्यान रखें क्योंकि पीरियड्स के दौरान महिलाओं के ब्रेस्ट ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं।
सेक्स को और भी ज्यादा मजेदार बनाने के लिए अपनी महिला पार्टनर से पूछें की उन्हें क्या पसंद है और क्या करने से वे ज्यादा उत्तेजित होती है। सेक्स के दौरान आप हर अगला स्टेप उनकी सहमती से उठायें इससे आप दोनों इस क्रिया का ज्यादा आनंद ले पायेंगे। इसलिये अब सेक्स के पारंपरिक तरीकों को अपनाना कम करें और नये तरीकों से अपने सेक्स लाइफ को बेहतर बनाएं।


एक्सरसाइज या पीरियड का हो दर्द दूर करती है ये अनोखी चाय
एक्सरसाइज के बाद होने वाले दर्द की वजह कई लोग एक्सरसाइज को छोड़ देते हैं। आपको अगर इस दर्द से छुटकारा देने वाले उपाय पता हों तो आप अपनी एक्सरसाइज कभी नहीं छोड़ना चाहेंगे।

दर्द कैसा भी हो यह चाय हर दर्द को ठीक कर सकती है। 



एक्सरसाइज के बाद शरीर में दर्द होना स्वाभाविक है, कुछ लोगो लंबे अंतराल के बाद वर्कआउट करते हैं तो उनको भी दर्द का सामना करना पड़ता है। एक्सरसाइज के बाद होने वाले दर्द की वजह कई लोग एक्सरसाइज को छोड़ देते हैं। आपको अगर इस दर्द से छुटकारा देने वाले उपाय पता हों तो आप अपनी एक्सरसाइज कभी नहीं छोड़ना चाहेंगे।

इसी तरह हर महिला को महीने में पीरियड के दर्द से गुजरना पड़ता है। पीरियड के समय होने वाले दर्द की वजह से महिलाएं अपना काम भी ठीक से नहीं कर पाती हैं। इन दोनों ही तरह के दर्द से छुटकारा पाना बेहद आसान है। मेथी दाने के बारे में तो आप सभी जानते ही हैं। मेथी दाने के उपयोग से आप अपने दर्द को दूर कर सकते हैं।


मेथी दाने में शुगर लेवल को भी कंट्रोल करने का गुण पाया जाता है। मेथी में पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है जो महिलाओं के लिए बहुत जरूरी होता है। हम यहां बता रहे हैं कैसे मेथी दाने से चाय बनाकर आपने दर्द को दूर कर सकते हैं।

लड़कियों और महिलाओं को पीरियड्स के दौरान बहुत तेज दर्द होता है, ऐसे में उनके लिए मेथी के दानो की चाय का सेवन बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है, इससे उन्हें पेट में होने वाली दर्द से भी छुटकारा मिलता है।

मेथी की चाय कैसे बनाएं ?

मेथी की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में 4 से 5 कप पानी लेकर गैस पर रख दे, जब ये पानी उबलने लगे तो इसमें एक चम्मच मेथी बीज या मेथी काफी पाउडर डाल दें और फिर इसे ढककर अच्छे से उबाले।


जब इसका कलर चेंज हो जाये तो इसे आंच से उतार ले और ठंडा होने के लिए रख दे, अब इसे पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए चाय की तरह पिए। स्वाद में यह कड़वा हो सकता इसलिए पानी की मात्रा कम ही रखें जिससे आसानी से पी सकें।

साइकिलिंग 



आजकल की जीवनशैली में साइकिलिंग करना लगभग छुट सा गया है, क्योंकि आजकल बहुत से साधन मौजूद हैं जिससे हम अपने हर छोटे बड़े काम के लिए बाइक या कार का उपयोग करने लगे हैं। लेकिन यह हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है हां अगर ज्यादा दूरी तय करनी है तब साधन का उपयोग करना चाहिए। यदि आप कम दूरी के लिए साइकल का इस्तेमाल करें तो आपके हेल्थ के साथ ही साथ पर्यावरण के लिए भी बहुत अच्छा होता है।
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हाल के ही एक रिसर्च में यह बात सामने आयी है कि यदि आप अपने ऑफिस पैदल या साइकल से जाते हैं तो आपके जिंदगी लंबी हो सकती है। साइकिल चलाना या पैदल चलना एक बेहतर व्यायाम तो होता ही है साथ ही कार्डियोवैस्कुलर डिजीज होने के खतरे को भी कम कर देता है। लेकिन इसके इस फायदे के बावजूद साइकिल चलाने का प्रतिशत लगभग विश्व के सभी देशों में बहुत कम है।



कैम्ब्रिज युनिवर्सिटी, लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एण्ड ट्रोपीकल मेडिसिन और इंपीरियल कॉलेज लंदन के शोधकर्ताऔं ने साइकिल चलाने वाले तथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट और हमेशा कार से ही चलने वाले ग्रुप के बीच एक तुलनात्मक अध्ययन किया। उन दोनों ग्रुप के बीच बीमारी और मृत्यु दर का भी तुलनात्मक अध्ययन किया।

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शोध में यह पाया गया कि साइकिल चलाने का प्रचलन बहुत कम था। शोध में यह पाया गया कि जो लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करते थे उनमें साइकिल चलाना और पैदल चलने का प्रतिशत ज्यादा था। वहीं जो लोग कार या बाइक का इस्तेमाल करते थे उनमें इसका प्रतिशत बहुत कम था।



शोधकर्ता कहते हैं कि “शोध में यह पाया गया कि जो वयस्क साइकिल या पैदल चलते थे उनमें मृत्युदर का प्रतिशत कम था। इससे डाक्टर्स को भी यह महत्वपूर्ण संदेश जाता है कि वो लोगों को सक्रिय जीवनशैली के लिए प्रोत्साहित करें। इसे हर किसी को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।”



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