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योगासन के कुछ ऐसे उपाय जो घुटना दर्द में साबित हो सकते हैं


योगासन के कुछ ऐसे उपाय जो घुटना दर्द में साबित हो सकते हैं लाभदायक


शारीरिक व्यायाम या योग ऐसा प्राकृतिक उपाय है जिसका जीवन में लगातार प्रयोग घुटना का दर्द योग के लिए बेहद असरदार तो होता ही है बल्कि रोग को समूल नष्ट करने में भी सहायक साबित हो सकती है। योगासन से जहां रोगों से मुक्ति मिलती है तो वहीं रोग हो जाने पर भी इसके बेहद लाभ होते हैं।
यह एक ऐसा प्राकृतिक उपाय है जिसका सटीक प्रयोग काफी हद तक हड्डियों से संबंधित समस्याओं से बचा जा सकता है। घुटना पैरों का ऐसा हिस्सा है जो बहुत ही संवेदनशील होता है। हड्डियों में किसी भी वजह से उठ रहे दर्द को दूर करने के लिए वैसे तो दुनिया मे कई उपचार विधियां काम करती हैं लेकिन पंचतत्व से बनी इंसानी शरीर को प्राकृतिक तरीके से सकारात्मक ऊर्जा दिलाने में योगासनों का बेहद अहम किरदार होता है। इस लेख के माध्यम से योगासन के ऐसे तरीकों पर प्रकाश डालने का प्रयास होगा, जिनके सही और सटीक प्रयोग से इस तरह की समस्याओं से छुटकारा प्राप्त किया जा सके।

घुटना दर्द से संबंधित जटिलताएं
घुटना दर्द की समस्या वैसे तो किसी बड़े रोग का संकेत नही होती लेकिन कई बार आंतरिक रोगों के चलते स्थिति भयावह हो जाती है। सामान्य स्थिति वाले दर्द मसलन ज्यादा बोझ उठाने से लेकर गलत तरीके से खड़े होने और खान पान की विसंगतियों के चलते हो जाते हैं। गठिया या अर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारियों में हड्डियों के ऊतकों ओर जोड़ों के फ्लूड में संक्रमण की स्थिति में घुटना दर्द जीवन को संकट में डाल देता है। ऐसी स्थिति में ट्यूबरक्लोसिस या किडनी फेल्योर जैसी समस्याओं को भी देखने को मिलता है। इंसान की ऐसी फितरत है कि हल्का सा भी दर्द होने पर तुरन्त फौरी राहत प्रदान करने वाली आधुनिक दवाओं का इस्तेमाल बिना चिकित्सक की सलाह के लेना शुरू कर देता है। यह आदत भविष्य में उसे बड़ी मुसीबत में डाल देती है। भारी चोट या फिर खेल के चलते शल्य चिकित्सा बेहद जटिलताएं पैदा कर देती है। इसके अलावा गठिया या फिर अनुवांशिक समस्याओं से इंसान काफी तकलीफों का सामना करता है।
घुटना दर्द में योगासन
योग ऐसी विधा है जो हड्डियों को ही मजबूत नही करती अपितु के तरह के शारीरिक और मानसिक तनावों को भी जीवन से निकाल फेंकती है। नीचे दिए गए योगासन के तरीके वाकई समय से अनुपालित करने पर बेहद असरदार साबित हो सकते हैं।
घुटना दर्द योग में सुखासन के फायदे

सुखासन या अनंदासन बेहद सरल आसान माना जाता है। इसके प्रयोग से जहां शरीर जो आराम मिलता है तो दूसरी तरफ घुटना दर्द की समस्या भी समाप्त होने लगती है। इस आसन से मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति से निजात मिलती है तो हड्डियों में रक्त संचार का प्रवाह भी निरंतर बना रहता

सुखासन योग की विधि

जमीन या चटाई बिछाकर पैरों को फैलाते हुए सीधा लेट जाएं। इस स्थिति में शरीर को पूरा हल्का छोड़ दें और आंखों को बंद कर लें। अब गहरी सांस अंदर की तरफ खींचें और धीरे- धीरे सांस को छोड़ते रहें। ऐसा करीब 4 से 5 मिनट करते रहें। ऐसा करने से सीने की मांसपेशियों के साथ रीढ़ के ऊतकों में रक्त संचार बढ़ता है और दर्द दूर होने लगता है। खाली पेट इस आसन को पीठ के बल लेटने के अलावा पेट के बल लेटकर भी किया जाना हितकारी होता है।
घुटना दर्द योग में वज्रासन के लाभ

घुटना दर्द का योग में बज्रासन का बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है। यह ऐसा आसन है जो मानसिक स्थिरता प्रदान करने के साथ शरीर मे कैल्शियम की मात्रा का संचार करता है। इस योग से फेफड़ों के संक्रमण सहित गठिया रोग दूर होने लगते हैं।

वज्रासन योग की विधि
सुबह नित्य क्रिया के बाद जमीन पर पैरों के बल बैठ जाएं। अब घुटनों के बल पर बैठने के साथ पैर की हथेलियों पर शरीर का वजन रखते हुए शरीर को सीधा रखें और हाथ को आगे की तरफ फैलाते हुए हल्का सा झुकाव के साथ गहरी सांस लें। याद रहे ऐसी स्थिति में वजन पैरों के पंजों पर ही रहे। अब हाथों को जमीन पर रखते हुए सिर को झुकाकर सांस छोड़ें। ऐसा आसन खाली पेट करने से पैरों की हड्डियों में हो रही समस्या में लाभ मिलता है। यह आसन 5 से 10 मिनट तक करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित होता है।
घुटना दर्द योग में सर्वहित आसन के लाभ

यह ऐसा आसन है जो रीढ़ की हड्डियों को नई ऊर्जा तो देता ही है अपितु शरीर मे मौजूद हड्डियों के जोड़ों में मौजूद नर्म ऊतकों और फ्लूड की भी सुरक्षा करता है। खाली पेट सूर्योदय के वक्त इस योग को सही और सटीक प्रयोग करने से शरीर मे पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम की आपूर्ति होती है।

सर्वहित आसन की विधि

पैरों को फैलाकर पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। अब दोनों हाथों को कंधे के समानांतर फैलायें। हथेलियों को ऊपर की तरफ रखते हुए पैरों को मुंह की तरह मोड़ लें। इस दौरान पैरों के तलवे को जमीन से लगे रहने दें। अब शरीर को बाईं तरफ झुकाव देते हुए गहरी सांस लें। अब धीरे- धीरे पैरों को फैलाते हुए सांस को छोड़ना आरम्भ कर दें। ऐसी ही स्थिति में दाईं तरफ शरीर को मोड़ते हुए सांस खींचे और थोड़ी देर के बाद शरीर को हल्का करते हुए सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया के दौरान ध्यान देने वाली बात यह है कि बाजू जमीन से लगे हुए होने चाहिए। यह आसन करीब 4 से 5 बार दोहराएं। इस आसन से पीठ की हड्डियों में खिंचाव होता है और मांसपेशियों में नई ऊर्जा का संचरण भी होने लगता है।
घुटना दर्द योग संबंधित जरूरी सुझाव
घुटना दर्द योग ऐसी स्थिति होती है जिसमें कई बार हड्डियों के चटकने का डर बना रहता है। बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों का कठोर होकर कमजोर होना स्वाभाविक होता है। मरीज की उम्र और मर्ज के अनुसार चिकित्सक योग या व्यायाम की सलाह देता है। घुटना दर्द होने के दौरान देर तक कठिन योग से बचने की जरूरत होती है। योग को अमल में लाने से पहले आने चिकित्सक की सलाह से प्रशिक्षित फिजियो की देखरेख में व्यायाम करना उत्तम माना जाता है।

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