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सेब खाने का सही समय क्या है?


सेब खाने का सही समय क्या है?




सेब अत्यंत लाभदायक फलों में से एक माना जाता है। सेब के सेहत पर अनेकों फायदे होते हैं लेकिन इसके सेवन का सबसे उचित समय क्या होता है इसकी जानकारी बहुत ही आवश्यक होती है। इस लेख में हम चर्चा करेंगे कि सेब खाने का सही समय क्या है?

रोज़ के खानपान के साथ यदि हम सेब के सेवन को भी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें इसके कई लाभ हो सकते हैं। लेकिन, यदि इन्हें सही समय पर नहीं लिया गया तो सेब खाने के नुकसान भी होंगे, जो सेहत के लिए हानिकारक साबित होंगे।
कई शोधों से यह पता चला है कि सेब खाने के लाभ या नुकसान का निर्णय उसके सेवन के समय से निर्धारित होता है।


सेब खाने का सबसे सही समय (best time to eat apple in hindi)
1. खाली पेट खाएं सेब (apple on empty stomach in hindi)
2. भोजन के बाद या नाश्ते के बाद (apple after meal in hindi)
3. सोते समय कभी न करें सेब का सेवन (apple before sleep in hindi)
4. खाने के तुरंत पहले या तुरंत बाद (apple before or after meal in hindi)
सेब खाने का सबसे सही समय (best time to eat apple in hindi)

आईये सेब खाने के सबसे उचित समय के बारे में आपको बताते हैं।
1. खाली पेट खाएं सेब (apple on empty stomach in hindi)

सेब खाने का सर्वाधिक लाभ सुबह इसे खाली पेट लेने से होता है। इससे आपका शरीर सेब में पाये जाने वाले सारे पोषक तत्वों को पूर्णत: इस्तेमाल कर लेता है। सेब में पोषण की कमी नहीं होती है लेकिन ये पोषण तभी उपयोग में लाये जा सकते हैं जब इसका सेवन उचित समय पर किया जाये।
खाली पेट सेब खाने के फायदे हैं, क्योंकि इससे आपके शरीर में ऊर्जा पहुँचती है। सुबह के समय आप दूध और सेब खा सकते हैं।
2. भोजन के बाद या नाश्ते के बाद (apple after meal in hindi)

भोजन के बाद यदि सेब का सेवन किया जाये तो ये अत्यधिक लाभदायक हो सकता है क्योंकि इससे भरपूर मात्रा में कैलोरीज़ और मिनरल्स मिलते हैं आप इनको खाने के साथ भी खा सकते हैं।

दो समय के भोजन के बीच भोजन भूख लगने पर भी सेब खाने के लिए सबसे अच्छा समय है क्योंकि यह समय होता है जब पाचन प्रक्रिया को जकड़ने के लिए विभिन्न एंजाइमों को सीक्रीट किया जाता है। सेब में मौजूद चीनी आसानी से शरीर में घुल जाती है और शरीर को अधिकतम पोषक तत्व, और मिनरल्स प्रदान करता है। भोजन के बीच फल खाने से वजन भी कम हो जाता है।
3. सोते समय कभी न करें सेब का सेवन (apple before sleep in hindi)

कई शोधों में यह साबित हुआ है कि सोने से पहले सेब का सेवन करना अत्यंत हानिकारक होता है। इससे हमारी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और कई तरह के रोग हमें घेर लेते हैं। ये शरीर में इंसुलिन और शक्कर की मात्रा को बढ़ा देता है जिससे आपको नींद नही आती है और आपके नींद के चक्र का नियंत्रण बिगड़ जाता है।
इसलिए यह आवश्यक है कि आप ये याद रखें कि सोने से पहले सेब का सेवन न करें। इसके अतिरिक्त याद रखें कि आप सोने से लगभग 2 घंटे पहले रात्रिभोजन कर लें।
4. खाने के तुरंत पहले या तुरंत बाद (apple before or after meal in hindi)

खाने के तुरंत पहले या तुरंत बाद कभी भी सेब न खाएं क्योंकि यह आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। खाना खाने के और सेब खाने के बीच में कम से कम 30 मिनट का अंतराल होना चाहिए। इससे आपके शरीर का संतुलन बना रहता है।
खाने के तुरन्त पहले या तुरंत बाद सेब का सेवन करने से आपका खाना पूर्णतः पकता नही है और इस कारण उसमें मौजूद पोषक तत्व भी हमारे शरीर को नही मिल पाते हैं।

इसके अलावा चिकित्सकों के अनुसार यदि आप मधुमेह से पीड़ित हैं तो खाना खाने से पहले सेब खाने के लिए कम से कम 2 घंटे इंतजार करें और खाना खाने के पहले कम से कम 1 घंटे का इंतजार अवश्य करें।

ऐसे में सबसे अच्छा सेब खाने का तरीका है कि इसे खाने के 30 मिनट के बाद खाया जाए।



सेब का सिरका पीने के 19 बेहतरीन फायदे



सिरके का इस्तेमाल सदियों से होता चला आ रहा है, कभी घर के काम में कभी खाना आदि बनाने में। इन सभी में सबसे प्रसिद्ध सिरका सेब का सिरका है। सेब में मौजूद अनेक पौषक तत्व इसे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद बनाते है। (सम्बंधित: सेब खाने के फायदे)

एसिडिक एसिड और मैलिक एसिड के मौजूदगी के कारण इसका स्वाद खट्टा होता है। सेब के सिरके का इस्तेमाल खाने में, सलाद में एवं अन्य सौन्दर्य कारणों से किया जाता है।

इस लेख के जरिये हम सेब के सिरके का सेवन करनें से शरीर को होनें वाले फायदों के बारे में चर्चा करेंगे।



विषय-सूचि [छुपाएँ]
सेब का सिरका के फायदे
सेब का सिरका रक्तचाप को सामान्य रखता है
सेब का सिरका कैंसर से बचाव करता है
सेब का सिरका पाचन में मदद करता है
सेब का सिरका दांतों को सफ़ेद करता है
सेब का सिरका पीएच स्तर को सामान्य बनाये रखता है
सेब का सिरका में एंटीऑक्सिडेंट गुण
सेब का सिरका पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायक
सेब का सिरका ऊर्जा को बढ़ाता है
सेब का सिरका सन बर्न को ठीक करें
सेब का सिरका में ऑस्टियोपोरोसिस में मददगार
सेब का सिरका गले की खराश को ठीक करता है
सेब का सिरका हिचकी रोकने में सहायक
सेब का सिरका पैर के तनाव और जकड़न को कम करता है
सेब का सिरका वार्ट्स के इलाज में कारगर
सेब का सिरका प्राकृतिक डिओड्रेंट का काम करता है
सेब का सिरका में ऐन्टीफंगल गुण होते हैं
सेब का सिरका के फायदे नाक के लिए
सेब का सिरका चेहरे की त्वचा के लिए
सेब का सिरका के फायदे हाथ और पैर के लिए
सेब का सिरका के फायदे
सेब का सिरका रक्तचाप को सामान्य रखता है
एप्पल विनेगर यानी सेब का सिरका शरीर में पीएच स्तर को सामान्य बनाये रखता है जो रक्तचाप को कम करने में सहायता करता है।

सेब का सिरका शरीर में उपस्थित वसा को तोड़ता है, जिससे रक्त का संचार सामान्य रूप से होता है। इस सिरके में पोटैशियम की मात्रा होने के कारण ये रक्तचाप उच्च नहीं होने देता।
सेब का सिरका कैंसर से बचाव करता है

कई अध्यनों के मुताबिक एप्पल विनेगर कैंसर के ट्रीटमेंट में सहायक होता है। एनोफेजियल कैंसर के इलाज में यह सिरका कारगर पाया गया है।

कुछ अन्य अध्ययन इस बात से मेल नहीं खाते हैं, इसलिए सेवन के समय डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।
सेब का सिरका पाचन में मदद करता है
सेब साइडर सिरका में मैलिक एसिड में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो आंत की अनियमितता को दूर करते है।

एप्पल साइडर सिरका को भी प्रीबायोटिक माना जाता है, यह आपके पेट में लाभकारी बैक्टीरिया को विकसित करने में मदद करता है और इसके साथ ही स्वस्थ पाचन तंत्र को बनाए रखता है।
सेब का सिरका दांतों को सफ़ेद करता है

एप्पल विनेगर प्राकृतिक रूप से सफाई एजेंट के रूप में काम करता है। दांतों से दाग-धब्बे हटाने के अलावा ये विभिन्न प्रकार बैक्टीरिया का करता है जो मसूड़ों को हानि पहुंचाते हैं।

आधे कप विनेगर को एक कप पानी ब्रश करने के बाद उस पानी से मुँह धुल लेने से बैक्टीरिया के खात्में के अलावा दांतों में प्राकृतिक रूप से चमक आ जाती है।

यहाँ लेकिन ध्यान रहे, कि यदि आप सेब फल खाते हैं, तो यह आपके दांतों की ऊपरी सतह के लिए हानिकारक हो सकता है। (सम्बंधित: सेब खाने के नुकसान)
सेब का सिरका पीएच स्तर को सामान्य बनाये रखता है
अगर शरीर को सुचारु रूप से कार्यरत रखना है तो शरीर में पीएच स्तर को सामान्य बनाना सबसे जरुरी है। एप्पल विनेगर शरीर में क्षारीय पीएच स्तर बनाये रखने में मदद करता है।
सेब का सिरका में एंटीऑक्सिडेंट गुण

ऐप्पल साइडर सिरका में कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं जैसे एसिटिक एसिड, कैटचिन, गैलिक एसिड, कैफीक एसिड आदि इसी कारण इसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है।

ये एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल के हानिकारक प्रभावों को रोकते हैं जो डीएनए सेल को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सेब का सिरका पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायक
यदि आपके भोजन के पोषक तत्व ठीक से अवशोषित नहीं होते हैं, तो यह विनेगर पेट में एसिड का स्तर उचित पोषक तत्व अवशोषण को सक्षम करता है। ऐप्पल साइडर सिरका मेटाबोलिज्म बढ़ाता है, जो अंततः उचित पोषक तत्व अवशोषण करता है।
सेब का सिरका ऊर्जा को बढ़ाता है

दिन भर सुस्त और थका हुआ महसूस करना, इससे बुरा कुछ और नहीं हो सकता। ऐसे में सेब के सिरके के 2 चम्मच एक गिलास पानी में डाल कर पीने से शरीर में स्फूर्ति और ऊर्जा का संचार हो जाता है।

यहाँ यह ध्यान रखें कि सेब के सिरके का सेवन खाली पेट ना करें। खाली पेट इसका सेवन करनें से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है। आप इसे खाना खाने के बाद खा सकते हैं। (
सेब का सिरका सन बर्न को ठीक करें

एप्पल साइडर सिरका आपकी त्वचा के पीएच स्तर को बहाल करने में मदद करता है। जिससे यह आसानी से धूप की कालिमा का इलाज कर सकता है, बस नहाने के पानी में एक कप सिरका डालकर स्नान करें, सन बर्न ठीक हो जाते हैं।
सेब का सिरका में ऑस्टियोपोरोसिस में मददगार

सेब साइडर सिरका भी ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद करता है। इसका प्रयोग कमजोर हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए अकेले या शहद के भी किया जा सकता है।
सेब का सिरका गले की खराश को ठीक करता है

सिरका के एंटीबैक्टीरियल गुण गले के संक्रमण और खराश के इलाज में मददगार साबित होता है।

इसके लिए बस एक चम्मच सिरका एक कप पानी में डाल कर धीरे-धीरे उसका सेवन दिन में दो तीन बार करें इससे आपके गले को आराम मिलेगा।
सेब का सिरका हिचकी रोकने में सहायक
हिचकी कोई जानलेवा बीमारी नहीं है पर जब भी हिचकी आती है तो इरिटेशन होने लग जाती है ऐसे में सिरका का सेवन करने से दिमाग का ध्यान सिरके की कड़वाहट पर चला जाता है और हिचकी अपने आप बंद हो जाती है।
सेब का सिरका पैर के तनाव और जकड़न को कम करता है

पोटेशियम का निम्न स्तर पैर की ऐंठन और जकड़न का एक कारण हो सकता है। एप्पल सिरके में, पोटेशियम की उच्च मात्रा होने के कारण यह पैर की ऐंठन कम कर सकता है।

चिकित्सकों के अनुसार, सेब साइडर सिरका, जब पानी और शहद के साथ लिया जाता है, मांसपेशियों की ऐंठन को कम करता है।
सेब का सिरका वार्ट्स के इलाज में कारगर
वायरस के कारण त्वचा पर छोटे मांस के टुकड़े उभर आते हैं लेकिन उनके बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सुपर साइडर विनेगर को त्वचा के उस भाग पर लगाकर बैंडेज लगा देने और सुबह निकाल देने से कुछ दिनों बाद वार्ट्स ख़त्म हो जाता है।
सेब का सिरका प्राकृतिक डिओड्रेंट का काम करता है

बाजार में उपलब्ध डिओड्रेंट में केमिकल मिले होते हैं। सिरका प्राकृतिक रूप से डिओड्रेंट का काम करता है।

आपको बस इतना करना होगा कि आपके अंडरआर्म पर थोड़ा सा सिरका लगाना होगा, यह शरीर की गंध को कम कर देगा सिरके के गंध की चिंता ना करें ये सूखने के बाद नहीं आता।
सेब का सिरका में ऐन्टीफंगल गुण होते हैं

बालों में रूसी की कारक फंगस मैलेसेजिया फरफर एप्पल विनेगर के ऐन्टीफंगल गुण के से समाप्त किया जा सकता है।
पानी और सेब के सिरके की आधी-आधी मात्रा मिलाकर रख लें और रूसी समाप्त होने तक नियमित रूप से सिर में लगायें।
सेब का सिरका के फायदे नाक के लिए

अगर आप साइनस से परेशान रहते हैं और आम सर्दी के कारण बहती हुई अपनी नाक से परेशान हो गए हैं? तो यह सिरका आपके लिए मददगार है।

1 चम्मच शहद और 2 चम्मच सिरके को गुनगुने पानी के साथ लेने से साइनस इन्फेक्शन और बंद नाक से छुटकारा मिल सकता है।
सेब का सिरका चेहरे की त्वचा के लिए

इसका प्रयोग एक फेस क्लिएंज़र के तौर पर किया जाता है। इसे पानी के साथ मिलाकर रुई से चेहरे पर लगाये।

ये आपके चेहरे को अच्छी रंगत देगा और एक बढ़िया डिटॉक्स होने के कारण यह सिरका चहरे के दानों से छुटकारा पाने में भी मदद करता है। 
सेब का सिरका के फायदे हाथ और पैर के लिए

पैरों से दुर्गंध आना एक समस्या है, एक टब या बालटी में गरम पानी के साथ आधा कप सिरका मिलाकर कुछ मिनटों के लिए अपने हाथ और पैर इसके अंदर डालें। जब आप अपने हाथ पैर धोयेंगे ,डेड सैल्स पैर से अलग हो जाएंगे और धीरे धीरे दुर्गन्ध की समस्या ख़त्म हो जाएगी।

ऊपर बताई गयी बातें सेब के सिरके को एक रामबाण सिद्ध करती है। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद यकीनन आपके किचन में एप्पल वेंफगर की बोतल तो जरूर होनी चाहिए, सिरके के इन फायदों के बारे में अपने सगे सम्बन्धियों को भी बताएं।

सेब का सिरका बनाने की विधि





सेब के सिरके के बारे में जानते बहुत लोग हैं लेकिन इसका इस्तेमाल बहुत कम लोग ही करते हैं। इसको एप्पल साइडर विनेगर के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसको साइडर की मदद से तैयार किया जाता है।

सेब के सिरके को सलाद, भोजन परिरक्षक और चटनी में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी गुणवत्ता इसके लाभों के कारण अत्यधिक बढ़ जाती है।

शोध में पाया गया है कि इससे रक्त शर्करा नियंत्रित रहती है और मधुमेह की बीमारी में भी लाभ होता है।

इसमें मौजूद एसिटिक एसिड शरीर में वसा कम करता है और वजन कम करने में लाभकारी होता है।

इस लेख में हम सेब का सिरका बनाने की विधि आपको बताएँगे। इसके अलावा सिरके के फायदे और प्रयोग पर भी चर्चा करेंगे।
इसके लिए सेब कैसे चुनें?
इसे बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज़ यह होती है कि आप आर्गेनिक या जैविक सेब का ही चुनाव करें क्योंकि उसमें कीटनाशक नहीं मौजूद होते हैं।आर्गेनिक सेब
आप जब भी सेब खाएं तो उसके छिलके और बचे हुए बीज हवा बंद पैकेट में रखकर फ्रिज में रख दें। इससे पहले सेब के छिलकों को अच्छी तरह धो लें और खराब वालों को फेंक दें।

यदि आपको आर्गेनिक सेब नहीं मिल रहे हैं तो जो भी सेब मिलें उनके छिलके निकाल दें और सिर्फ गूदा इस्तेमाल करें।
सेब का सिरका बनाने की विधि
लगभग 10 आर्गेनिक सेब लें और उन्हें पानी से अच्छी तरह धो लें।
चाकू की मदद से इन्हें छोटे टुकड़ों में काट लें।
कटे हुए सेब के टुकड़ों को अलग रख दें और उनके भूरे रंग का होने का इंतज़ार करें।
इन सेब के टुकड़ों को एक बड़े मुँह वाले कांच के जार में डाल दें।
इस जार में पानी डाल दें ताकि सेब पूरी तरह इसमें डूब जायें।
इस जार को जालीदार कपडे से ढक दें पर ध्यान रखें कि यह ज्यादा तंग न हो। यह कपडा इस प्रकार रखा जाना चाहिए कि सेब के टुकड़ों को ऑक्सीजन मिलता रहे।
इस ढके हुए जार को एक गर्म और अँधेरे वाली जगह पर रख दें।
इस जार को 6 महीनों तक रखा रहने दें और हर हफ्ते इसे चलाते रहें।
6 महीने के फर्मेंटेशन के बाद जार को बाहर निकलें। आप देखेंगे कि उसके ऊपर मैल की एक परत जैम गयी होगी। ये बैक्टीरिया के कारण होता है।
एक दूसरा बड़े मुँह वाला जार लें और इस पेय को जालीदार कपडे की मदद से उसमें छान लें। ये तब तक करें जब तक पूरा पेय एक से दूसरे जार में न चला जाये।
उसी कपडे को नए जार को ढकने के लिए इस्तेमाल करें।
इस जार को फिरसे 5-6 हफ़्तों के लिए गर्म और अँधेरी जगह पर रख दें।
इसके बाद इसे अपनी ज़रुरत के अनुसार छोटे बर्तनों में रख लें। ताजगी के लिए फ्रिज में रख सकते हैं।

सेब के सिरके के लाभ
1. मधुमेह में उपयोगी
सेब के सिरके का सबसे फायदेमंद लाभ टाइप-2 मधुमेह का इलाज होता है। ये रक्त शर्करा को संतुलित रखने में सहायता करता है।

यह रक्त में अतिरिक्त शक्कर से सम्बंधित कई बिमारियों के निवारण में उपयोगी होता है। इसमें मौजूद एसिटिक एसिड रक्त शर्करा के लिए फायदेमंद होता है।
2. हृदय रोग का खतरा कम करे

ह्रदय रोग दुनिया का सबसे ज्यादा घातक रोग पाया गया है। दुनिया में अधिकतर लोगों की मृत्यु हृदय रोग के कारण होती है।

चूहों पर किये गये एक शोध में पाया गया है कि ये कोलेस्ट्रोल स्तर घटाने में भी उपयोगी होता है। एसिटिक एसिड और विनेगर ब्लड प्रेशर नियंत्रण में भी उपयोगी होते हैं।
3. साइनस की तकलीफ में फायदेमंद

सेब का सिरका शरीर में मौजूद बलगम से निजात पाने में भी लाभदायक होता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो साइनस के निवारण में उपयोगी होते हैं।
4. गले की खराश में सहायक

इसके एंटीबैक्टीरियल गुण गले की खराश में भी फायदेमंद होते हैं। इसके लिए एक तिहाई सेब का सिरका गर्म पानी के साथ मिलाकर गार्गल कर लें।
5. मौसा(वार्ट्स) का करें इलाज

इसमें भारी मात्रा में एसिटिक एसिड होने के कारण ये मौसा के इलाज करने के लिए लाभदायक होता है।

इसके लिए एक रुई को सेब के सिरके में भिगोकर मौसे पर रख लें और रात भर लगा रहने दें।
सेब के सिरके का उपयोग
1. चेहरे का टोनर
सेब के सिरके का एक भाग पानी के 3-4 भाग के साथ मिला लें।

रुई की मदद से इस मिश्रण को चेहरे पर लगायें और 10 मिनट तक लगा रहने दें। फिर धो लें। इसे दिन में 3 बार दोहराएं।
2. श्वास में बदबू से निजात

आधा बड़ा चम्मच सेब का सिरका एक कप पानी में डाल लें। एक बार में 10 सेकंड के लिए गार्गल करें जब तक कप खाली न हो जाये।
3. व्यायाम के बाद की थकान से छुटकारा

व्यायाम के बाद आपके शरीर में लैक्टिक एसिड का उत्पादन हो जाता है जिसके कारण आपको थकान महसूस होती है।

इसके लिए आप सेब के सिरके का सहारा ले सकते हैं। इसमें मौजूद एसिटिक एसिड इससे निजात दिलाती है।

एक बड़ा चम्मच सेब का सिरका एक गिलास पानी में डालकर पी लें।
4. फल पर मक्खियों को आने से रोके

सेब के सिरके की पतली परत एक बूँद डिश सोप में रख लें। इसे काउंटर पर रख लें। फल की मक्खियाँ उड़कर इसपर चिपक जाएँगी।
5. बिल्ली को कोर्ड काटने से रोकें
थोड़े से सेब के सिरके में एक रुई भिगो लें और कोर्ड पर हर 4-5 दिनों में घिसें।

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