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गरमी में जानलेवा न बन जाए एसी

सेफ्टी टिप्स: गरमी में जानलेवा न बन जाए एसी
गरमी में ठंडक पहुंचाने वाला एसी कहीं जानलेवा न बन जाए, ऐसे में इन बातों का रखें खयाल...






कुछ समय पहले तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के एक ही परिवार के 3 लोगों की एसी की गैस रिसाव की वजह से मौत हो गई थी. जानकारी के अनुसार परिवार के लोग रात में ऐसी चला कर सोए थे. देर रात ऐसी से गैस लीक हुई और सोते तीनों लोगों की दम घुटने से मौत हो गई. एसी की वजह से जान के खतरे का यह पहला केस नहीं है. इस से पहले भी एसी का कंप्रैशर फटने से लोगों की जान पर आफत बन आई है. एसी की वजह से लोगों में सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ होने जैसी कई शिकायतें आई हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर क्या वजह है जो ठंडक पहुंचाने वाला एसी जानलेवा बनता जा रहा है?

आप के बैडरूम में लगे एसी से भी जहरीली गैस का रिसाव हो सकता है. इसलिए एसी से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें :

1 एसी को कभी ऐक्सटैंशन कौर्ड के जरीए कनैक्ट न करें. इस के लिए कम से 900 से 1200 वोट की पावर चाहिए होती है जोकि मोबाइल और लैपटौप में इस्तेमाल होने वाली पावर या ऐक्सटैंशन कौर्ड से काफी ज्यादा होती है. ज्यादा लोड होने की वजह से शौर्ट सर्किट होने का खतरा बरकरार रहता है.

2 एसी में इस्तेमाल किया गया स्विच हमेशा आप की पहुंच में होना चाहिए ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में उसे बंद किया जा सके. एसी की वायर को गरम सतह से दूर रखें, क्योंकि इस से आग लगने का खतरा बन सकता है.




3 एसी के इलैक्ट्रिकल सौकेट को हमेशा चैक करते रहें कि किसी भी तरह के इलैक्ट्रिकल शौक का खतरा तो नहीं.

4 घर में एसी लगाने के लिए किसी प्रोफैशनल या फिर कंपनी के आधिकारिक इंजीनियर को ही बुलाएं. द्य एसी की हर साल सर्विस करवाएं.


5 दिन में एक बार कमरे की खिड़कियां और दरवाजे खोल दें ताकि प्रदूषित हवा बाहर निकल सके. द्य गैस की क्वालिटी पर ध्यान रखें. द्य इस बात का भी ध्यान रखें कि एसी के स्विच के पास किसी भी तरह का वाटर सोर्स नहीं होना चाहिए. इस के अलावा सजावट का सामान भी उस के पास नहीं रखा होना चाहिए.

6 अगर एसी को इनवर्टर या जनरेटर पर चला रहे हैं तो इस बात का खयाल रखें कि बिजली आने के बाद उसे इनवर्टर से स्विचऔफ कर दें.

7 एसी की बाहरी सतह के खराब होने या फिर उस में से किसी भी तरह की आवाज आने पर तुरंत इंजीनियर को बुलाएं.
8 एसी के एयर फिल्टर को समयसमय पर बदलवाते रहें.

9 गरमी के मौसम की शुरुआत में ही एसी को अच्छी तरह चैक करा लें. जरूरत हो तो सर्विस करवा लें ताकि एसी सही काम कर सके.

एसी से गैस लीक हो रही है यह पता कैसे चले…

आप के एसी से गैस लीक हो रही है यह पता करना मुश्किल होता है. सीएसई के मुताबिक, एसी गैस की कोई गंध नहीं होती. गैस लीक इन कुछ वजहों से होती है, जिन पर ध्यान रखा जाए:

1 अगर आप का एसी सही से फिट नहीं है.

2 जिस पाइप से गैस प्रवाह होती है वह सही से काम न करे.

3 पुराने एसी ट्यूब में लगा जंग.

4 अगर एसी अच्छी तरह ठंडा नहीं कर रहा हो.

एसी का तापमान कितना रखें

1 पलंग या सोफे पर बैठ कर टीवी देखते हुए एसी का तापमान 16 या 18 तक ले जाते हैं, जबकि सीएसई की मानें तो ऐसा करना आप की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है.

2 घर या दफ्तर में एसी का तापमान 25-26 डिग्री सैल्सियस ही रखें.

3 दिन के मुकाबले रात में तापमान कम रखा जा सकता है. ऐसा करने से सेहत भी ठीक रहेगी और बिजली का बिल भी कम आएगा.


4 ऊर्जा मंत्रालय ने सलाह दी है कि एसी की डिफाल्ट सैटिंग 24 डिग्री सैल्सियस रखी जाए ताकि बिजली बचाई जा सके. ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि ऐसा करने से 1 साल में 20 अरब यूनिट बिजली बचेगी.

5 पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार भारत में एसी का तापमान 26 डिग्री सैल्सियस रखा जाना चाहिए.

-मिनी सिंह 

दुनिया के कुछ देशों में एसी का तापमान तय करने की कोशिशें हुई हैं:

चीन: 26 डिग्री सैल्सियस.

जापान: 28 डिग्री सैल्सियस.

हौंगकौंग: 25.5 डिग्री सैल्सियस.

ब्रिटेन: 24 डिग्री सैल्सियस.

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