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याेगासन – क्या करें, क्या नहीं


याेगासन – क्या करें, क्या नहीं

योग कैसे करना चाहिए तथा इसे करने से पहले और बाद में क्या करना चाहिए और क्या नहीं. इन बातों को अपनाने से योग का अधिक फायदा प्राप्त होता है। कुछ आवश्यक सावधानियों पर ध्यान देना आवश्यक है, लीजिये प्रस्तुत है इससे सम्बंधित महत्त्वपूर्ण जानकारी -योग कैसे करना चाहिए तथा इसे करने से पहले और बाद में क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इन बातों को अपनाने से योग का अधिक फायदा प्राप्त होता है। कुछ आवश्यक सावधानियों पर ध्यान देना आवश्यक है, लीजिये प्रस्तुत है इससे सम्बंधित महत्त्वपूर्ण जानकारी

– योगासन प्रात: काल शौच आदि से निवृत्त होने के बाद ही करना चाहिए। यदि स्नान करने के बाद योगासन किया जाये तो और भी अच्छा है क्योंकि स्नान करने से हमारा शरीर हल्का-फुल्का और स्फूर्तियुक्त बन जाता है।

– संध्याकाल में भोजन करने से पहले योगासन करना चहिये। आसन करने की जगह समतल, स्वच्छ और शांत होनी चाहिये। जमीन पर मोटी दरी या कालीन आदि बिछाकर योगासन करना चहिये।

– अभ्यास करते समय घड़ी, चश्मा या आभूषण आदि न पहनें।

– योगासन बलपूर्वक या झटके के साथ नहीं करें। इससे शरीर में तकलीफ हो सकती है।

– आसन करते समय बातचीत न करें। यदि आसन एकाग्रता से किये जाएँ तो शारीरिक और मानसिक लाभ अधिक मिलते हैं।

– योगासन करते समय कपडे़ ढीले पहनने चहिये।

– मासिक धर्म,गर्भावस्था,जटिल रोगों,बुखार आदि के दौरान आसन न करें। या फिर किसी योग प्रशिक्षक से मार्गदर्शन अवश्य लें।

– आसनों की संख्या और उनकी अवधि धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए। पहले ही दिन अधिक आसन कर डालने का प्रयास हानिकारक हो सकता है।
– यदि आसन करते समय शरीर के किसी भाग में दर्द होता हो तो उस आसन का अभ्यास तुरंत बंद कर दें।

– आसन करते समय यथासम्भव हल्का भोजन करना चाहिए ताकि शरीर हल्का-फुल्का रहे।

– योगासन करते समय शरीर को हवा का सीधा झोंका न लगे, यह ध्यान रखना चाहिए।

– योगासन करते समय शरीर के किसी भी जोड़ को उसके कुदरती मोड़ के अनुसार ही मोड़ना चाहिए। कभी भी उल्टे या तिरछे होने का प्रयत्न न करें।

– योगासन के अभ्यास का क्रम का भी ध्यान अवश्य रखें। पहले आसन फिर प्राणायाम और अंत में ध्यान करें।

योगासन से करें पेट की चर्बी कम


पेट की चर्बी से परेशान हैं! डायट, एक्सर्साइज और न जाने क्या-क्या नहीं किया लेकिन कोई असर नहीं? लेकिन, जल्द नतीजे के लिए यह जानना जरूरी है कौन-से योगासन हैं सबसे ज्यादा असरदार। पेट की चर्बी को जल्द काटने वाले योगासनों के बारे में जानें।

पश्चिमोत्तानासन:- यह आसन पेट की चर्बी घटाने में काफी कारगर है। कब्ज, अपच, गैस, डकार व डायबीटीज में लाभकारी है।

विधि:- पैरों को सामने फैलाकर बैठ जाएं अब हथेलियों को घुटनों पर रखकर सांस भरते हुए हाथों को ऊपर की ओर उठाएं व कमर को सीधा कर ऊपर की ओर खींचे, अब सांस निकालते हुए आगे की ओर झुकें व हाथों से पैरों के अंगूठों को पकड़कर माथे को घुटनों पर लगा दें। यहां घुटने मुड़ने नहीं चाहिए। और कोहनियों को जमीन पर लगाने का प्रयास करें। आंखें बंद कर सांस को सामान्य रखते हुए यथाशक्ति रोक देंगे। फिर सांस भरते हुए वापस आ जाएं।

धनुरासन:- यह आसन पेट की चर्बी काटने में काफी कारगर है। इससे आपके शरीर में लचीलापन भी आता है।

विधि:- उल्टा लेटकर व अपने दोनों पैरों को मोड़कर हाथ से पकड़ें और नीचे व ऊपर से खुद को स्ट्रेच करें। इसी अवस्था में 30-60 सेकंड तक रुकें और नीचे आ जाएं व दोहराएं।

कारगरकपालभाति:- इस प्राणायाम से पेट की चर्बी कम होती है।

विधि:- सबसे पहले पद्मासन या सुखासन जैसे किसी ध्यानात्मक आसन में बैठ जाएं। कमर व गर्दन को सीधा कर लें। यहां छाती आगे की ओर उभरी रहेगी। हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रख लें। आंखें बंद करके आराम से बैठ जाएं व ध्यान को श्वास की गति पर ले आएं। यहां पेट ढीली अवस्था में होगा।

बालासन:- इस आसन को करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पेट की चर्बी घटती है।

विधि:- घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं और शरीर का सारा भाग एडि़यों पर डालें। गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। आपका सीना जांघों से छूना चाहिए और अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इस अवस्था में रहें और वापस उसी अवस्था में आ जाएं।

भुजंगासन:- यह आसन आपके मसल्स के लिए काफी फायदेमंद है, और यह शरीर को लचीला बनाचा है। इस आसन से पेट की चर्बी कम होती है।

विधि:- भुजंग, जिसे इंग्लिश में कोबरा कहते हैं और चूंकि यह दिखने में फन फैलाए एक सांप जैसा पॉस्चर बनाता है इसलिए इसका नाम भुजंगासन रखा गया है। इसके लिए पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब दोनों हाथ के सहारे शरीर के कमर से ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं, लेकिन कोहनी आपकी मुठ्ठी होनी चाहिए। हथेली खुली और जमीन पर फैली हो। अब शरीर के बाकी हिस्सों को बिना हिलाए-डुलाए चेहरे को बिल्कुल ऊपर की ओर करें।

कपालभाति:- इसके लिए नाभि से नीचे के पेट को पीछे की ओर पिचकाएं या धक्का दें। इसमें पेट की मांसपेशियां आकुंचित होती हैं। साथ ही, सांस को नाक से बलपूर्वक बाहर की ओर फेंकें, इससे सांस के बाहर निकलने की आवाज भी पैदा होगी। अब अंदर की ओर दबे हुए पेट को ढीला छोड़ दें और सांस को बिना आवाज भीतर जाने दें। सांस भरने के लिए जोर न लगाएं, वह स्वयं ही अंदर जाएगी। फिर से पेट अंदर की ओर दबाते हुए तेजी से सांस बाहर निकालें।

योगासन के लाभ | Benefits of Yoga in Hindi

दैनिक जीवन में योग के 10 लाभ 
|10 Health Benefits of Yoga in Daily Life
वजन में कमी,एक मजबूत एवं लचीला शरीर, सुन्दर चमकती त्वचा, शांतिपूर्ण मन, अच्छा स्वास्थ्य-जो आप चाहते हैं, योग आपको देता है। योग को केवल कुछ आसनो द्वारा आंशिक रूप से समझा जाता हैं परंतु इसके लाभ का आंकलन केवल शरीर स्तर पर समझा जाता हैं। हम ये जानने में असफल रहते हैं कि योग हमें शारीरिक, मानसिक रूप से तथा श्वसन में लाभ देता हैं। जब आप सुन्दर विचारो के संग होते हैं तो जीवन यात्रा शांति, ख़ुशी और अधिक ऊर्जा से भरी होती हैं।

हम योगाभ्यास के 10 लाभ की जानकारी दे रहे हैं।
संपूर्ण स्वास्थ | All-round fitness
वजन में कमी | Weight loss
चिंता से राहत | Stress relief
अंतस की शांति | Inner peace
प्रतिरोधक क्षमता में सुधार | Improved immunity
अधिक सजगता संग जीना | Living with greater awareness
संबंधों में सुधार | Better relationships
ऊर्जा में वृद्धि | Increased energy
बेहतर शारीरिक लचीलापन एवं बैठने का तरीका | Better flexibility & posture
बेहतर अंतर्ज्ञान |Better intuition
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संपूर्ण स्वास्थ


आप तब पूर्ण रूप से स्वस्थ होते हैं तब आप न केवल शारीरिक रूप से अपितु मानसिक एवं भावात्मक रूप से स्वस्थ होते हैं। श्री श्री रविशंकर कहते हैं, "स्वास्थ का तात्पर्य बीमारी की अनुपस्थिति नहीं हैं। यह जीवन की गतिशीलता हैं जो बताती हैं कि आप कितने ख़ुशी, प्रेम और ऊर्जा से भरे हुए हैं।" योग हमे बैठने का तरीका, प्राणायाम तथा ध्यान संयुक्त रूप से सिखाता हैं। नियमित रूप से अभ्यास करने वाले को असंख्य लाभ प्राप्त होते हैं। उनमें से कुछ लाभ निम्नलिखित हैं
स्वास्थ में लाभ
मानसिक शक्ति
शारीरिक शक्ति
शरीर की टूट फूट से रक्षा
शरीर का शुद्ध होना
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वजन में कमी

अधिकतर लोग क्या चाहते हैं?योग के लाभ यहाँ भी हैं। सूर्य नमस्कार और कपालभाति प्राणायाम योग के साथ साथ शरीर के वजन में कमी लाते हैं। इसके अतिरिक्त नियमित रूप से योगाभ्यास इतनी समझ देता हैं कि हमे किस प्रकार का भोजन कब करना चाहिए? इसके अतिरिक्त यह वजन पर नियंत्रण रखने में सहायता करता हैं।
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चिंता से राहत


दिन भर में कुछ मिनट का योग दिन भर की चिंताओं से मुक्ति दिलाता हैं। न केवल शारीरिक अपितु मानसिक चिंताओं से भी। योगासन,प्राणायाम और ध्यान तनाव दूर करने का कारगर उपाय हैं। आप श्री श्री योग लेवल 2 प्रोग्राम में इस बात को अनुभव कर सकते हैं कि कैसे योग शरीर को तनाव और हानिकारक पदार्थो से मुक्त करता हैं।
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अंतस की शांति


हम सभी शांतिपूर्ण, सुन्दर एवं प्राकृतिक स्थानों पर घूमना पसंद करते हैं। हम जब यह अनुभव करते हैं कि यह शांति हमारे अंदर हैं तो दिन में किसी समय इस छोटी छुट्टी को अनुभव कर सकते हैं। योग और ध्यान के साथ यह छोटी सी छुट्टी आपके चिंता से भरे मन को शांत करने का सबसे अच्छा तरीका हैं।
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प्रतिरोधक क्षमता में सुधार

हम संयुक्त रूप से शरीर, मन और आत्मा से बने हैं। शरीर में कोई अनियमितता मन को प्रभावित करती हैं। मन में निराशा और थकान शरीर में रोग का कारण हैं। योगासन अंगो को सामान्य स्तिथि में रखते हैं और मांसपेशियों को शक्ति देते हैं। प्राणायाम और ध्यान तनाव को दूर करते हैं और प्रतिरक्षण क्षमता सुधारते हैं।
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अधिक सजगता संग जीना

मन संयुक्त रूप से भूत और भविष्य में झकझोरे मारता रहता हैं लेकिन कभी वर्तमान में नहीं रहता। साधारण रूप मे मन की स्तिथि में सजगता हमे तनाव से मुक्त करती हैं। मन को शांति प्रदान कर कार्य क्षमता बढ़ाती हैं। योग तथा प्राणायाम मन को वर्तमान समय में लातें हैं, हम प्रसन्न और लक्ष्य की ओर केंद्रित होते हैं।
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संबंधों में सुधार


योग द्वारा आपके अपने आत्मीय जनों से सम्बन्ध सुधर जाते हैं। एक मन जो चिंतामुक्त, प्रसन्न अवं संतुष्ट हैं, वह संबंधों को अच्छा निभाता हैं। योग और ध्यान मन को प्रसन्नता और शांति देते हैं। आत्मीयजनों से सुन्दर सम्बन्ध बनाने की क्षमता प्रदान करते है।
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ऊर्जा में वृद्धि

क्या आप दिन के अंत में संपूर्ण रूप से थका हुआ महसूस करते हैं? कई कार्यो को दिन भर करते हुए संपूर्ण रूप से थक जाते हैं। प्रत्येक दिन कुछ मिनट का योग आपको पूरे दिन ताजगी और ऊर्जा से भरा रखता हैं। 10 मिनट का ऑनलाइन निर्देशित ध्यान आपको कितने भी व्यस्त दिन में ताजगी और ऊर्जा से भरा रखता हैं।
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बेहतर शारीरिक लचीलापन एवं बैठने का तरीका

आपको केवल अपने नियमित दिनचर्या में योग को शामिल करना हैं जिससे आप सशक्तता, कोमलता और लचीलेपन से भरे रहे। नियमित योगाभ्यास आपके शरीर को मजबूत बनाता हैं और मांसपेशियों को सशक्त बनाता हैं। यह शरीर के बैठने, खड़े होने आदि स्तिथि में सुधार लाता हैं। यह गलत तरीके से उठने, बैठने में सुधार लाता हैं। शारीरिक दर्द में आराम देता हैं।
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बेहतर अंतर्ज्ञान


योग तथा ध्यान आपके अंतर्ज्ञान की शक्ति को सुधारता हैं। जिससे आपको यह पता चलता हैं कि क्या, कब, कैसे करना हैं जिससे आपको सकारात्मक परिणाम मिले। यह कार्यकर्ता हैं, इसे केवल आपको अनुभव करना हैं। अतः योग का लगातार अभ्यास करे। आप जितना अधिक गहरा अभ्यास करते हैं, उतना अधिक आपको लाभ मिलता हैं।

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