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सिर्फ सफाई न रखना या गंदी अंडरवियर पहनना ही नहीं हैं वजहें.


सिर्फ सफाई न रखना या गंदी अंडरवियर पहनना ही नहीं हैं वजहें.
वेजाइना में होने वाली खुजली को इगनोरे मत करिए. 
आपने टीवी और अखबार में ऐड देखे होंगे कि गुप्तांग में खुजली से निपटने के लिए ये करिए. ऐसे ऐड्स अक्सर पुरुषों के लिए बनते हैं. अब खुजली तो औरतों को भी होती है. और ये बहुत आम भी है. पर अगर ऐसा हो रहा है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.

वेजाइना में खुजली की पांच वजहें हो सकती हैं:

1. खाल की बीमारी

एक्जिमा एक तरह की खाल की बीमारी होती है. ये शरीर में कहीं भी हो सकती है. वेजाइना के आसपास भी. यह ख़ासतौर पर उन महिलाओं को ज़्यादा होती है जिनको दमे की दिक्कत है या किसी तरह की एलर्जी है. सबसे पहले तो खाल में लाल रंग के निशान पड़ जाते हैं. ये खुरदुरे से होते हैं. इसमें काफ़ी खुजली होती है. ये वेजाइना की वॉल पर होता है. ये अपने आप ठीक नहीं होता. इसलिए डॉक्टर को फौरन दिखाना ज़रूरी है. नहीं तो मामला लंबा लटक जाएगा.

2. इन्फेक्शन

इन्फेक्शन तो दस हज़ार तरह के होते है. पर जो वेजाइना और उसके पास हो जाता है उसे 'यीस्ट इन्फेक्शन' कहते हैं. यीस्ट एक तरह की फंगस होती है. और ये कुदरती तौर पर वेजाइना में मौजूद रहती है. आमतौर पर इससे कोई परेशानी भी नहीं होती. पर जब ये इन्फेक्शन का रूप ले लेता है तो लेने के देने पड़ जाते हैं. इस तरह के इन्फेक्शन को 'वैजाईनल यीस्ट इन्फेक्शन' कहते हैं. जैसे की हमने बताया था कि ये बहुत आम होता है. इसलिए हर चार में से तीन औरतों को ज़िन्दगी में एक बार तो होता ही है.

ऐसा अक्सर एंटीबायोटिक्स दवाइयां खाने के बाद हो जाता है. एंटीबायोटिक्स बुरे बैक्टीरिया के साथ-साथ वेजाइना में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देते हैं. अच्छे बैक्टीरिया का वेजाइना में जिंदा रहना बहुत ज़रूरी है. वो ही यीस्ट इन्फेक्शन को कंट्रोल में रखते हैं.
यीस्ट एक तरह की फंगस होती है. और ये ख़ुदरति तौर पर वेजाइना में मौजूद रहती है.


3.मेनोपॉज़

जिन औरतों को मेनोपॉज़ हो गया है या होने वाला है, उनको वेजाइना में ज़्यादा खुजली होती है. ये इसलिए होता है क्योंकि मेनोपॉज़ के दौरान एस्ट्रोजन नाम के हॉर्मोन में काफ़ी कमी आ जाती है. इसका नतीजा होता है- वेजाइना में सूखापन आना. और जितनी सूखी खाल, उतनी ज़्यादा खुजली.

4. स्ट्रेस

स्ट्रेस यानि तनाव की वजह से हमारे शरीर में बहुत प्रॉब्लम्स आती हैं. और वेजाइना में खुजली उसी में से एक है. ऐसा अक्सर नहीं होता. पर स्ट्रेस हमारे इम्यून सिस्टम को कमज़ोर बना देती है. इम्यून सिस्टम का काम होता है शरीर को बिमारियों से बचाना. जब शरीर अपने आप को बिमारियों से बचा नहीं पाएगा तो उसे इन्फेक्शन भी जल्दी होंगे. और उसका मतलब हुआ खुजली.
स्ट्रेस की वजह से हमारे शरीर में बहुत प्रोब्लेम्स आती हैं.


5. कैंसर

वेजाइना में होने वाली खुजली को हम अक्सर इग्नोर कर देते हैं. पर ऐसा नहीं करना चाहिए. क्योंकि वेजाइना में खुजली वल्वर कैंसर की एक पहचान है. इस प्रकार का कैंसर वल्वा में होता है. ये वेजाइना की अंदरूनी और बाहरी सतह होती है. साथ ही क्लाइटोरिस, जो मांस का छोटा सा टुकड़ा होता है जो वेजाइना के ठीक ऊपर की तरफ होता है. वेजाइना और उसकी ओपनिंग, ये सब मिलकर वल्वा बनता है. जब कैंसर इन जगहों पर फैलता है तो सबसे पहले शुरू होती है, खुजली. फिर दर्द और ब्लीडिंग. अगर एक बार ये कैंसर पकड़ में आ जाए तो इसका इलाज भी मुमकिन है.
इसलिए अगली बार आपको अपनी वेजाइना में खुजली महसूस हो तो उसे नज़रंदाज़ मत करिए. डॉक्टर को दिखाएं. साथ ही वहां सफ़ाई भी रखें.महसूस हो तो उसे नज़रंदाज़ मत करिए. डॉक्टर को दिखाएं. साथ ही वहां सफ़ाई भी रखें.
इन बातों से जानें आपकाइन तरीकों से बनाये बेहतरीन वजाइनल वाश

आजकल महिलाएं अपने वजाईना को साफ़ रखने के लिए बाजार के वजाइनल वाश लिक्विड का इस्तेमाल करने लगी हैं हालाँकि इनका इस्तेमाल करना अच्छा होता है क्यूंकि हमारे प्राइवेट पार्ट्स में सफाई रखना बहुत ज़रूरी है| वजाइना को साफ़ रखने के लिए आप जिन बाजार के लिक्विड्स का इस्तेमाल करती हैं हो सकता है कि उसने आपको कोई साइड इफ़ेक्ट हो जाये पर अगर आप इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं तो आपको ज़्यादा डरने की ज़रुरत नहीं है क्यूंकि इन प्रोडक्ट्स को जांचने परखने के बाद ही मार्किट में लाया जाता है| कई महिलाएं इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से हिचकिचाती हैं या कुछ लोगों को इसके प्राकृतिक या घरेलु तरीके ही पसंद आते हैं| आपको बताते हैं की किस प्रकार आप घर पर अपना एक प्राकृतिक वजाइनल वाश तैयार कर सकती हैं|


आपको बता दें की वजाइनल वाश के रूप में एलोवेरा का इस्तेमाल सबसे अच्छा साबित हो सकता है| एलोवेरा के जेल को निकालकर आप उसे एक कप पानी में मिला दें और फिर इसका इसतरमाल वजाइनल वाश की तरह करें| यह वाश आपके वजाइना की सफाई के साथ साथ उसे ड्राई होने से बचाता है और साथ ही वजाइनल टिशू को लुब्रीकट करने में मदद करता है|


वजाइनल वाश के लिए आप बेकिंग सोडा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं| इसके इस्तेमाल से वजाईना में पी एच संतुलन बना रहता है और यह वजाइना की ओडोर को कम करता है| वजाइना में दही का प्रयोग करने से बैक्टीरियल बैलेंस बना रहता है और साथ ही यह यीस्ट इन्फेक्शन को कम करने में मदद करता है|


निम्बू की पत्ती का इस्तेमाल भी वजाइनल वाश के लिए काफी लाभदायक हो सकता है| इसकी पत्ती में लाईमन नाम का एक कंपाउंड पाया जाता है जो एंटीबायोटिक और एंटी एलर्जिक के रूप में काम करता है| इसके इस्तेमाल के लिए निम्बू की पत्तियों को गरम पानी में दाल कर उबाल लें फिर उसे छान कर ठंडा कर लें और ठंडा करने के बाद उसे वजाइनल वाश के रूप में इस्तेमाल करें|

ये सभी प्रकृतिक तरीके आपके वजाइना को स्वस्थ बनाये रखेंगे और साथ ही स्वछता भी प्रदान करंगे तो अगर आप भी अपने वजाईना को साफ़ सुथरा रखने के लिए किसी प्राकृतिक तरीके से साफ़ रखना चाहती हैं तो इन चीज़ों का इसतमाल ज़रूर करें| वजाइना स्वस्थ है या नहीं
महिलाओं को उनके स्वास्थ से सम्बंधित कई समस्याओं को झेलना पड़ता है और महिलाओं के पूरी तरह से स्वस्थ होने की बात आती है तो इस स्वस्थ स्वास्थ में वजाइना का स्वस्थ होना भी बहुत ज़रूरी है| अक्सर बहुत से कारणों से महिलाओं को वजाईना में इन्फेक्शन या फिर कोई समस्या हो सकती है तो आप भी इन बातों की सहायता से जान सकती हैं कि आपका वजाइना स्वस्थ है या नहीं|


कई बार महिलाओं को वजाइना में दर्द की शिकायत होती है पर वो इसे आम समस्या मान कर इन बातों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देती हैं तो आपको बता दें की अगर आपके वजाईना में किसी प्रकार का दर्द है तो आपको ज़रूर कोई समस्या है जिसके लिए आपको डॉक्टर से सलाह मशविरा ज़रूर करना चाहिए और अगर ऐसा नहीं तो समझिये कि आपका वजाइना बिलकुल स्वस्थ है|


जिन महिलाओं का वजाइना बिलकुल स्वस्थ होता है उनके वजाईना से हमेशा एक प्रकार की गंध आती है जो की प्राकृतिक है पर अगर उस गंध में किसी तरह का कोई बदलाव आता है तो यह आपके अस्वस्थ वजाईना के संकेत हो सकते हैं|



आपके वजाइना के प्यूबिक हेयर आपके वजाइना को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करते हैं तो अगर आपके वजाईना में प्यूबिक हेयर हैं और किसी भी कारण से उनमे कोई कमी या बदलाव नहीं है तो आप यह समझ सकती हैं की आपका वजाइना बिलकुल स्वस्थ है|


वजाइना में सफाई के लिए समय समय पर एक नार्मल डिस्चार्ज निकलता रहता है अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आपका वजाईना बिलकुल स्वस्थ है और अगर यह डिस्चार्ज ज़्यादा मात्रा में होता है तो आपको वजाईना से सम्बंधित कोई समस्या हो सकती है|

आपके स्वास्थ के लिए आपके वजाइना का स्वस्थ होना बहुत ज़रूरी है क्यूंकि अगर वजाईना में किसी प्रकार का इन्फेक्शन या कोई समस्या आ जाती है तो आपके पूरे स्वास्थ पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है इसलिए अपने स्वस्थ वजाइना के लिए आप इन बातों का ध्यान ज़रूर रखें और कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर से चेकअप ज़रूर कराएं|
अगर हो रही हैं ये समस्याएं तो हो सकता है वजाइना में यीस्ट इन्फेक्शन

जयपुर|आजकल महिलाओं की ज़िन्दगी भी भागदौड़ से भरी हुई है बाहर की लाइफ को संभालना और फिर घर के कामों को भी देखने मने वो खुद की सही से देखभाल नहीं कर पाती हैं और महिलाओं के पूरे स्वास्थ में वजाईना का स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है पर कई बार वजाइना में कई प्रकार के इन्फेक्शन हो जाते हैं जिनमे से एक हैं यीस्ट इन्फेक्शन| इस इन्फेक्शन के कारण महिलाओं को वजाईना में अत्यधिक जलन के साथ खुजली भी होती है और वाइट डिस्चार्ज निकलता है|


दरअसल वजाईना में बैक्टीरीया और फंगल कोशिकाएं बराबर मात्रा में होती हैं पर जब किसी कारण से बैक्टीरीया की जगह फंगल कोशिकाएं बढ़ जाती है तो वजाईना में यह इन्फेक्शन हो जाता है| इसके कारण कई बार वजाइना लाल पड़ जाता है और उसमें सूजन भी आ जाती है|


अगर हम इस इन्फेक्शन के लक्षणों की बात करें तो यह इन्फेक्शन होने पर वजाइना में यूरीनेशन के दौरान तेज़ जलन होती है और साथ ही उसमे काफी ज़्यादा खुजली भी होती रहती है| यीस्ट फंगल इन्फेक्शन के कारण वजाइना में सूजन आ जाती है और वह लाल पड़ जाता है या फिर उसमे रेड स्पॉट्स आ जाते हैं| अगर आपके वजाईना से अधिक मात्रा में वाइट डिस्चार्ज हो रहा है तो यह भी यीस्ट फंगल इन्फेक्शन के कारण हो सकता है|


इस इन्फेक्शन का एक बड़ा कारण पीरियड्स के दौरान की गयी किसी तरह की लापरवाही के कारण हो सकता है जैसे कई महिलाएं बहुत अधिक देर तक सैनिटरी नैपकिन नहीं बदलती या जो महिलाएं कपड़े का प्रयोग करती हैं उन्हें यह इन्फेक्शन होने के ज़्यादा खतरे होते हैं| हर रोज़ नहाते समय वजाईना को वजाइनल वाश से ज़रूर साफ़ करना चाहिए और उसे साफ़ करने के लिए किसी तरह के साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए वरना इससे वजाइना रफ़ हो जाता है और लगातार सफाई ना करने से यह इन्फेक्शन हो सकता है|


जो महिलाएं कॉटन की पैंटी की जगह दुसरे कपड़ों की इस्तेमाल करती हैं तो उससे उन्हें अधिक पसीना होता है और पसीने के बैटीरीया से भी यीस्ट फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है साथ ही हॉर्मोन में हुयी किसी तरह की गड़बड़ी के कारण भी यह इन्फेक्शन हो सकता है|

इस इन्फेक्शन से बचने के लिए महिलाओं को अपने वजाइना का पूरा ध्यान रखना चाहिए और उसे साफ़ सुथरा रखना चाहिए और समय समय पर आप चाहें तो उसमे कॉटन के प्रयोग से एंटीबायोटिक लिक्विड का इस्तेमाल भी कर सकती हैं जिससे आपका वजाइना भी स्वस्थ रहेगा और आप भी|




पत्नी के साथ सम्बन्ध बनाने के बाद उसकी गीली योनी के साथ जरुर करे ये काम.


यौन संबंध बनाने से पहले और बाद में आपको बहुत सी बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है ताकि आप स्वस्थ रह सकें और आपको कोई स्वास्थ्य समस्या ना हो। ऐसे में यौन संबंध बनाने के बाद पानी पीना आपके लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। यौन संबंध बनाने से एक रिश्ता और भी मजबूत हो जाता है और उसमें प्यार पहले से और ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन यौन संबंध बनाने के बाद लोगों को क्या करना चाहिए इसकी जानकारी नहीं होती है और इसका प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।



हमेशा यौन संबंध बनाते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आप स्वस्थ रह सकें। यौन संबंध बनाने के लिए पहले से योजना बनाने

की जरूरत नहीं होती है लेकिन आपके जेनाइटल को कोई नुकसान ना पहुंचे इसके लिए आपको बहुत सी जानकारी होनी जरूरी होती है। सारी जानकारी होने से आप अपने यौन संबंध का आनंद पूरी तरह से उठा सकते हैं। महिलाओं को इसका ध्यान रखने की खास जरूरत होती है क्योंकि उन्हें इंफेक्शन होने का खतरा अधिक होता है।

प्रोबायोटिक फूड्स का सेवन करें:


यौन संबंध बनाने के बाद आप क्या खाते हैं ये बहुत आवश्यक होता है। दही या किमची का सेवन करना लाभकारी हो सकता है क्योंकि यौन संबंध बनाने के बाद ये आपके शरीर में फिर से गुड बैक्टीरिया का उत्पादन कर सकता है, ताकि आपको यीस्ट इंफेक्शन की समस्या ना हो।

वेट वाइप्स का इस्तेमाल ना करें:

यौन संबंध बनाने के बाद वेट वाइप्स का इस्तेमाल ना करें क्योंकि इसमें होने वाला केमिकल और फ्रेग्नेंस आपके जेनाइल एरिया में जलन और खुजली की समस्या को बढ़ा सकता है। इसके बजाय आप सादे पानी में सिरका को मिलाकर उस हिस्से को साफ कर लें।

हॉट शावर लें:

हॉट शावर लेने से आपका वेजाइना हाईड्रेटेड रहता है और ये आपको सूजन और जलन की समस्या से बचाता है। इसके अलावा यौन संबंध बनाने के बाद हॉट शावर लेने से इंफेक्शन होने की संभावना कम हो जाती है।

साबून का इस्तेमाल ना करें:

यौन संबंध बनाने के तुरंत बाद साबून का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि ये वेजाइना के पीएच के स्तर को प्रभावित करता है जिसके कारण इंफेक्शन, खुजली या फिर जलन की समस्या होने लगती है।

पानी पिएं:
कई लोग यौन संबंध बनाने के बाद एक्सरसाइज करते हैं लेकिन इससे बेहतर है कि आप पानी पिएं क्योंकि ये आपके शरीर को हाईड्रेटेड रखता है और साथ ही ये आपके शरीर से बैक्टीरिया को पेशाब के जरिए बाहर निकाल देता है। ऐसा करने से आपको यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने की संभावना कम हो जाती है।

पेशाब जाएं:

यौन संबंध बनाने के तुरंत बाद पेशाब जाना चाहिए। यौन संबंध बनाने की वजह से आपके प्राइवेट पार्ट्स में बैक्टीरिया हो जाते हैं जिसके कारण वो आपके पार्ट्स से नमी दूर कर देते हैं। तो ऐसे में पेशाब जाने से ये बैक्टीरिया उसके जरिए आपके शरीर से बैक्टीरिया को निकाल देते हैं।



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