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मोटापा करे कम घर के नुस्खों में है दम

मोटापा करे कम घर के नुस्खों में है दम


● खाने के बाद गुनगुना पानी ही पीएं।
● सुबह नींबू पानी पीना चाहिए।
● टमाटर और पुदीना की पत्ती युक्त सलाद खाएं।
● हर्बल टी पीने की आदत डालें।

क्या आप जानते हैं मोटापा घटाने के लिए दवाईयां खाने से बेहतर है कुछ घरेलू नुस्खें अपनाने का। इन घरेलू नुस्खों से आप न सिर्फ पूरे शरीर का मोटापा कम कर सकते हैं बल्कि शरीर में उपचय या अपच की समस्या को भी दूर कर सकते हैं। आइए जानें और किन घरेलू नुस्खों में है दम, मोटापा कम करने के लिए।
वजन कम करने की चाह आपको जिम और पार्क तक ले जाती है। आप जी तोड़ मेहनत करते हैं और जमकर पसीना बहाते हैं। लेकिन, इसके बावजूद कई बार आपको पूरा लाभ मिलता नजर नहीं आता। तो, ऐसी परिस्थिति में घबराने की जरूरत नहीं, जरूरत है बस कुछ ऐसे आसान प्राकृतिक और घरेलू उपाय आजमाने की जिनसे आप मोटापे को दूर कर सकते हैं और पा सकते हैं एक फिट बॉडी।
1) सुबह उठते ही यदि आप चाय पीने के आदी हैं तो दूध की चाय के बजाय ग्रीन टी पिएं। इसमें एंटी ऑक्सिडेंट होते हैं, जो दिल के लिए फायदेमंद हैं। यह वजन कम करने में भी मदद करती है। दिन में तीन-चार बार ग्रीन टी ले सकते हैं।
2) गेहूं के आटे की चपाती के बजाय जौ-चने के आटे की चपाती फिट रहने और सेहत के लिए वरदान है।
3) सुबह उठकर नीबू-पानी लेना चाहिए। इससे बॉडी का डिटॉक्सिफिकेशन होता है इसमें आप शहद भी मिला सकते हैं।
4) वजन घटाने के लिए डीप फ्राई और तेल से बने खाने की मात्रा कम कर दें जितना संभव हो, भाप में पका खाना ही खांए।
5) टमाटर और पुदीने की पत्ती युक्त सलाद खाने से शरीर में वसा की मात्रा कम होती है।
6) खूब पानी पीकर मोटापे पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है या फिर आप गुनगुना पानी पी सकते हैं इससे पाचन तंत्र ठीक प्रकार से काम करता है और शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी कम होती है।
7) फाइबर की अधिक मात्रा वाले मौसमी जूस खाएं इसे वजन कम होता है। इनमें आप संतरा, मौसमी, नीबू और आंवला, सेब, बेरी जैसे फल-सब्जियां ले सकते हैं।
8) ड्राई फ्रूट्स के सेवन से भी वज़न ठीक रहता है। बादाम, अखरोट और सूखे मेवों में होता है ओमेगा थ्री फैटी एसिड। जिससे वजन रहता है काबू में।
10) सुबह एक टमाटर खाने से कॉलेस्ट्रोल का लेवल ठीक रहता है और शरीर में मौजूद वसा भी कम होती है।
11) भरवां पराठे की बजाय भरवां रोटी खाएं। इससे एक्स्ट्रा फैट से बचेंगे और सब्जियां भी पेट में जाएगी।
12) कैलोरी रहित गोभी की सब्जी़ या उसका सूप लें, वजन घटाने में बहुत मदद मिलेगी।
13) जंकफूड बिल्कुल न लें और बाहर के खासकर तले हुए खाने को न खाएं, ये वजन बढ़ाने में मददगार हैं।
14) खाना खाने के तुरंत बाद पानी न पीएं बल्कि आधे से एक घंटे का अंतराल जरूर रखें।
15) सुबह का नाश्ता हैवी करें और दोपहर में कम कैलोरी और रात में बहुत हलका भोजन करें।
16) खाना चबा-चबा की धीरे-धीरे खाएं, इससे आपको कम भूख लगेगी।
इन सब उपायों के साथ ही आपको अपनी जीवनशैली में भी सकारात्‍मक बदलाव लाने होंगे। आपको आहार के साथ-साथ अपना व्‍यवहार भी दुरुस्‍त रखना होगा। आपको चाहिए कि आप नियमित व्‍यायाम करें।



गर्मी के मौसम में एक्सरसाइज़ करने के लिए 10 safety tips

गर्मी के मौसम में वर्कआउट करना अन्य सीज़न की तुलना में जरा मुश्किल हो जाता है, इसलिए कई लोग इसे बंद कर देते हैं। एक तरफ जहां वर्कआउट छोड़ने के अपने नुकसान हैं, वहीं गर्मी में एक्सरसाइज करने पर कभी-कभी आपका शरीर मुसीबत में भी पड़ सकता है। 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के एक्सपर्ट्स का मानना है कि गर्मियों का मतलब यह कतई नहीं है कि आप एक्सरसाइज बंद कर दें। कई लोग ऐसा करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि पसीने से अपने आप ही कैलोरीज बर्न होती रहती हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि वर्कआउट छोड़ने पर एक्सरसाइज से अब तक हुए फायदे नुकसान में बदलने लगते हैं। ज्यादातर स्टडीज में यह साबित हो चुका है कि 4 से 6 हफ्तों तक इनएक्टिव रहने पर एक्सरसाइज से हुए फायदे खत्म हो जाते हैं। गर्मी को नजरअंदाज करना आपके लिए घातक साबित हो सकता है, क्योंकि इसकी वजह से आप स्ट्रेस, हीट स्ट्रोक और अन्य समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि गर्मी से आपका वर्कआउट प्रभावित न हो और आप सुरक्षित रहें। यहां कुछ टिप्स दी जा रही हैं–

1. स्मार्ट एक्सरसाइज

दिन के ऐसे वक्त एक्सरसाइज करें जब थोड़ी ठंडक हो। खासतौर पर तब जब सूर्य का रेडिएशन कम से कम हो। जैसे एकदम सुबह या अंधेरा होने से थोड़ी देर पहले। ज्यादा तापमान होने पर एक्सरसाइज की इंटेंसिटी कम रखें। कोशिश करें कि ज्यादातर एक्सरसाइज घर या जिम के अंदर ही करें।

2. शरीर को वक्त दें

शरीर को गर्म मौसम में ढलने का मौका दें। इसके लिए दिन में थोड़े अंतराल पर कुछ देर के लिए बार-बार गर्म माहौल या धूप में रहें। इससे शरीर की ठंडे रहने की क्षमता में इजाफा होगा। ऐसा करने पर शरीर आसानी से गर्म मौसम में ढल जाएगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक गर्मी के मौसम में ढलने में शरीर को चार से 14 दिन लगते हैं।

Other Tips: खूब पिएं पानी, चुनें सही ड्रेस, फ्रेश रहें, ठंडा खाना खाएं, टीम बनाएं, धूप में निकलने से बचें, एक्सरसाइज के दौरान पानी न पिएं, एक्सरसाइज करने से पहले नमक खाएं।



मोटापा कम करने के आसान घरेलु उपाय


पपीता नियमित रूप से खाएं। यह हर सीजन में मिल जाता है। लंबे समय तक पपीता के सेवन से कमर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है।
दही का सेवन करने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है।
छाछ का भी सेवन दिन में दो-तीन बार करें।


छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के समय छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है। 


बच्चों के लिए योग के फायदे


आजकल की रोजमर्रा की जिंदगी में बच्चे भी बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। इसीलिए ये जरूरी हो जाता है कि बच्चों को अधिक से अधिक सक्रिय रखा जाएं। बच्चों को सक्रिय रखने के लिए आपको चाहिए कि आप बच्चों को अपने साथ टहलने के लिए ले जाएं या फिर बच्चों से योग करवाएं और बच्चों के साथ योग करें। लेकिन क्या आप जानते हैं बच्चों को हर तरह के योग नहीं करवाने चाहिए, इतना ही नहीं बच्चों को योगा के दौरान सावधानियां भी बरतनी चाहिए। लेकिन इससे पहले आपको यह भी जानना चाहिए कि बच्चों को योग करवाने के क्या फायदे हैं। योगा के जरिए क्या बच्चे भी वजन कम कर सकते हैं। आइए जानें बच्चों के लिए योग के दौरान क्या करें,क्या ना करें। 

बच्चों के लिए योग
बच्चों को योग कराने के दौरान बैठने वाले आसनों में कमर सीधी करके बैठाएं।
खड़े होने वाले आसनों में एकदम सीधा खड़ा करें।
बच्चों को लंबी सांस लेने के लिए कहें जिससे योग का बच्चों को भरपूर लाभ मिल सकें।
बच्चों को किसी भी काम पर फोकस करने के लिए बीच-बीच में योग का महत्व और योग के फायदों के बारे में बताते रहें।
बच्चों से उच्चारण करवाएं जिससे बच्चे योगा के दौरान रोमांच महसूस करें।
बच्चों के लिए योग के फायदे 
योग बच्चों को अधिक से अधिक सक्रिय बनाता है। इतना ही नहीं उनका शरीर अधिक लचीला बनता हैं।
योग से बच्चों का इम्‍यून सिस्टम मजबूत होता है और इससे वे बीमारियों से बच पाते हैं।
बच्चों के रोजाना योग करने से उनका काम के प्रति ध्यान केंद्रित होता है और बच्चों के मस्तिष्क का विकास भी सही रूप में होता है।
बच्चों को एक्टिव बनाने और आत्मविश्वास बढ़ाने में योगा बहुत ही उपयोगी हैं।
बच्चों को फिट रखने और मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए योगा फायदेमंद है।
सूर्य नमस्कार, मेडीटेशन और योगासन से चंचल बच्चों का मन शांत होता है।
योगासन से बच्चे तनावग्रस्त होते हैं और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बचते हैं।
योग के जरिए जिद्दी बच्चों को ठीक किया जा सकता है और जिन बच्चों को बहुत गुस्सा आता हैं उनके गुस्से को नियंत्रि‍त करने में योग बहुत लाभदायक है।
सकारात्मक सोच और बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए बच्चों को योग करवाना चाहिए।
योग के दौरान ध्याग रखने योग्य बातें
बच्चों को योगासन कराने से पहले ध्यान रखें कि बच्चा खाली पेट हो।
बच्चों को योग उसी स्थिति में करवाना चाहिए जब आप बच्चे को सप्ताह में कम से कम पांच दिन योग करवा सकें यानी नियमित रूप से योगा करवाना जरूरी हैं।
योग के दौरान बच्चे को शुरूआत में ही सब कुछ एकसाथ ना करवाएं। बल्कि धीरे-धीरे अभ्यास करवाएं। जैसे शुरू के सप्ताह में 15 मिनट, दूसरे सप्ताह में 30 मिनट।
बच्चों को योग के दौरान बीच-बीच में रिलैक्स करवाने के लिए श्वासन जरूर करवाएं जिससे बच्चे थके नहीं।
योग के दौरान बच्चों को बोरियत ना हो इसके लिए आपको कोई लाइट म्यूजिक थीम चलाना चाहिए, इससे बच्चों का मन लगा रहेगा।
आप भी बच्चों के साथ योगासन करें।
फल और सब्जियों के 'रंगों' में छिपा है हमारे स्‍वास्‍थ्‍य का राज!


शशिरंजन वर्मा। हमारे जीवन में रंगों का प्रभाव शुरू से ही रहा है चाहे वह मनुष्य का रंग-रूप, रक्त, बाल या भी फिर पहनावा, सभी में रंगों का अपना प्रभाव है। अगर यह कहा जाय कि रंगों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस बात का प्रमाण अब तक हुए कई शोधों से भी होता है। अब कई शोधें ने यह भी साबित कर दिया है कि फलों और सब्जियों में मौजूद रंग हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद और लाभकारी हैं। हम इस आलेख के जरिए आपको बताएंगे कि कैसे छिपा है रंगों में सेहत का राज।
शरीर पर हानिकारक दुष्प्रभाव को कम करना
खाद्य पदार्थ में में पाए जाने वाले बहुरंगी कुदरती रंगों की उपयोगिता पर अब तक देश-विदेश में कई शोध हो चुके हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने गए। यहां तक की लगभग सभी डायटीशियंस इस बात पर एकमत दिखे कि खानपान में अधिक से अधिक कुदरती बहुरंगी खाद्य पदार्थों को शामिल करने से स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधर होता है। आहार विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्येक रंग के खाद्य पदार्थ में अलग-अलग प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं।

विभिन्न रंगों के फलों व सब्जियों में जो विटामिन्स, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, वे शरीर के अन्दर पैदा होने वाले नुकसानदेह तत्वों के दुष्प्रभावों को कम करते हैं। इसका कारण यह है कि बहुरंगी खाद्य पदार्थों में एंटीऑक्सीडेंट्स पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
खानपान में दें रंगीन खाद्य पदार्थों को वरीयता
अगर आपने पिछले कुछ दिनों से अपने खानपान में रंगों वाले खाद्य पदार्थों को स्थान नहीं दिया तो आपको चाहिए कि प्राथमिकता के तौर पर आप उनको जगह दें। अगर आपने कुछ दिनों से पीले रंग के खाद्य पदार्थ नहीं खाएं तो उसका सेवन करें, उसी तरह समय-समय पर सभी रंगों के खाद्य पदार्थों को लेते रहें, जिससे आप अपने को हमेशा तरोताजा महसूस कर सकें, नीरोग रह सकें।

हरा रंग आयरन की प्रचूरता की निशानी हैं
सब्जियों व फलों में पाए जाने वाले हरे रंग इस बात की सूचना देतें है कि इस खाद्य पदार्थ में प्रचुर मात्रा में आयरन मौजूद है, जैसे खीरा, अंगूर, पालक, बन्दगोभी, मटर, सेम, हरी मिर्च, बथुआ, बीन्स, सरसों का साग, चने का साग, मूली के हरे पत्ते आदि।
हरे रंग की खाद्य वस्तुओं में ल्यूटीन, जियोजेन्थन, क्लोरोपिफल, पफाइबर, कैल्शयम, पफोलेट और बीटा केरोटिन नामक तत्व पाए जाते हैं, जो नेत्रों को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं। इनमें उपस्थित पोषक पदार्थ पाचन शक्ति बढ़ाने के साथ ही कैंसर और निम्न रक्तचाप के खतरों को भी कम करते हैं। इसके अलावा यह रंग रोग प्रतिरोध्क क्षमता में बढ़ाने में भी मदद करती है।

खाने में लाल रंग की प्रचूरता हृदय रोग के खतरे से बचाता है 
लाल रंग के फल एवं सब्जियों वाले कुदतरी खाद्य पदार्थों में लाइकोपिन, इलेगिक एसिड, क्वेरसिटीन और हेस्पिरीडिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त में थक्कों को नहीं बनने देते। इस कारण हृदय रोग होने का जोखिम काफी कम हो जाता है। यहीं नहीं इन रंगों के फलों में कैंसर से लड़ने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं। इसके अलावा ट्यूमर बनने और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने की आशंका भी कम हो जाती है। ये उतकों को जोड़ने में भी मददगार होते हैं। पर्पल रंग के अंगूर भी कैंसररोधी तत्वों से भरपूर होते हैं। लाल और पर्पल रंग के जो खाद्य पदार्थ हैं वह टमाटर, गाजर, सेब, तरबूज, स्ट्राबेरी, प्याज आदि हैं।

नारंगी आपकी त्‍वचा को चमकदार रखता है
नारंगी रंग के कुदरती खाद्य पदार्थों में आम, सन्तरा, मौसमी, पपीता, आडू में विटामिन ए और सी, बीटा कैरोटिन, जिआजेन्थिन, फ्रलेवोनायड, लाइकोपिन और पोटेशियम की भरपूर मात्रा होती है, जो आंखों एवं त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक है। साथ ही मैगनीशियम और कैल्शियम एक-दूसरे के साथ मिलकर हडि्डयों को मजबूती प्रदान करते हैं।

पीला रंग आपकी आंखों की दृष्टि बढ़ाता है
पीले रंग के खाद्य पदार्थ जैसे चने की दाल, अरहर की दाल, मकई एवं सभी पीले रंगों वाले फलों, सब्जियों एवं खाद्य पदार्थों में रोग प्रतिरोधक विटामिन सी पाया जाता है इसके अलावा बीटा क्राईपटॉक्सैनिथ्न नाम एंटी ऑक्सीडेंट्स पाया जाता है, जो कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाने में सहायक है। यह एंटीऑक्सीडेंट आंखों की सेहत को भी बरकरार रखने में मददगार है।

नीला आपकी यादाश्‍त को बरकरार रखता है
काले नीले अंगूर, ब्लैक बेरी, ब्लूबेरी, बैंगनी बन्दगोभी में पोषक तत्व ल्यूटिन, जिआजेंथ्न, रेसवराट्रोल विटामिन सी, फाइबर, फ्रलेवोनायड, इलेगिक एसिड और क्वेरसिटीन होते हैं। शरीर को मजबूती देने के साथ ही याददाश्त को बढ़ाता है। पदार्थों की अवशोषण क्षमता व कैल्शयम को बढ़ाता है। पाचन तन्त्र सुदृढ़ करने के अलावा कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है।

सफेद रंग स्‍तन कैंसर से तो बचाता ही है, हार्मोन का संतुलन भी बनाए रखता है
सफेद रंग का लहसुन, केला, अदरक, मशरूम, शलजम, आलू और प्याज जैसे विभिन्न सब्जियों व व्यंजनों को लजीज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लहसुन और प्याज में एलीसिन नामक तत्व पाया जाता है, जो शरीर में ट्यूमर नहीं बनने देते। इसी तरह सफेद रंग के मशरूम में रोगों से लड़ने वाले रसायन पाए जाते हैं। मशरूम में भरपूर मात्रा में फ्रलैवोनॉइड् पाए जाते हैं, जो कोशिकाओं को नष्ट होने बचाने में सहायक होते हैं। यह स्तन कैंसर के खतरों को रोकने के अलावा हार्मोन में भी सन्तुलन बनाए रखता है।

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