Header Ads

पोटेशियम की कमी से शरीर में क्या लक्षण नजर आते हैं

आइए जानते हैं पोटेशियम की कमी से शरीर में क्या लक्षण नजर आते हैं
हृदय संबंधित बीमारियां
https://www.healthsiswealth.com/

अगर हमारे शरीर में पोटेशियम की कमी पाई जाती है तो इससे उच्च रक्तचाप दिल का दौरा और दिल से संबंधित अन्य बीमारियां होने की संभावना बहुत अधिक होती है इसलिए इसका समाधान करना बहुत ही आवश्यक है।

नींद ना आने की समस्या

https://www.healthsiswealth.com/

अगर हमारे शरीर में पोटेशियम की कमी रहती है तो इसकी वजह से अनिंद्रा की समस्या होने लगती है अगर हम पर्याप्त मात्रा में नींद ना ले पाए तो इसकी वजह से हमारे शरीर में और भी अन्य बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।

त्वचा में परिवर्तन

https://www.healthsiswealth.com/

पोटेशियम की कमी की वजह से इसका प्रभाव हमारी त्वचा पर नजर आने लगता है इसकी कमी की वजह से हमारी त्वचा रूखी और खुश्क होने लगती है इसके अलावा पसीना भी अधिक आता है।

उल्टी और दस्त होना

https://www.healthsiswealth.com/

अगर आपके शरीर में पोटेशियम की कमी है तो इसकी वजह से आपको उल्टी और दस्त की शिकायत होने की संभावना रहती है पोटेशियम की कमी की वजह से हमारा पाचन तंत्र भी ठीक से अपना कार्य नहीं कर पाता है जिसकी वजह से हमें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

तनाव होना

https://www.healthsiswealth.com/

https://www.healthsiswealth.com/
हमारे शरीर में तनाव होना पोटेशियम की कमी का कारण हो सकता है एक अध्ययन के अनुसार शरीर में पोटेशियम की कमी की वजह से शरीर में तनाव उत्पन्न होता है इसकी वजह से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।

कमजोरी होना


अगर हमारे शरीर में पोटेशियम की कमी होती है तो इससे शरीर के अंदर एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है जिसकी वजह से हमारा शरीर सुस्त होने लगता है इसके साथ ही हमारे शरीर में कमजोरी भी आने लगती है थकान लगना और शरीर कमजोर होना पोटेशियम की कमी की ओर संकेत करता है।

पोटेशियम की कमी को दूर करने के लिए करें इन चीजों का सेवन


https://www.healthsiswealth.com/
अगर आप अपने शरीर में पोटेशियम की कमी को दूर करना चाहते हैं तो इसके लिए आप पोटेशियम युक्त आहार का सेवन करें सब्जियों और फलों में प्रचुर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है इसके अतिरिक्त साबुत अनाज दुग्ध उत्पाद में भी पोटेशियम बहुत अधिक पाया जाता है मांस मछली में भी पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होता है केला संतरा स्ट्रोबेरी आलू टमाटर खीरा गोभी फूल गोभी शिमला मिर्च बैंगन अजवाइन पालक हल्दी में भी पोटेशियम पाया जाता है।


https://www.healthsiswealth.com/

पोटेशियम की कमी के कारण बाल नुकसान

पोटेशियम की कमी, जिसे हाइपोक्लिमिया भी कहा जाता है, वास्तव में आपके बालों को गिरने का कारण बन सकता है। उच्च नमक आहार बालों के रोम के आसपास अतिरिक्त सोडियम संचय के कारण होता है, स्वस्थ बालों के लिए जरूरी महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकना। यह, बारी में बालों के झड़ने का कारण बनता है पोटेशियम सेवन से बढ़ने से अतिरिक्त सोडियम दूर होगा और पोटेशियम की कमी और बालों के झड़ने का परिणाम खत्म होगा।
दिन का वीडियो
पोटेशियम की कमी को खत्म करना

पोटेशियम की कमी को खत्म करना आहार में पोटेशियम युक्त समृद्ध पदार्थों की मात्रा को बढ़ाकर सर्वोत्तम किया जाता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, पोटेशियम के लिए अनुशंसित दैनिक सेवन (आरडीआई) 4, 700 मिलीग्राम प्रति दिन है। यह देखते हुए कि एक केला में केवल 450 मिलीग्राम पोटेशियम (केला के आकार के आधार पर) होता है, आहार में पोटेशियम को बढ़ाने के लिए अधिक पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थों की आवश्यकता होती है।
सोडियम-पोटेशियम पम्प

मानव शरीर में सोडियम और पोटेशियम के बीच घनिष्ठ संबंध है। दोनों सकारात्मक आयन हैं - हालांकि, जब पाई जाती है, पोटेशियम सोडियम-पोटेशियम पंप के माध्यम से गुर्दे में सोडियम की जगह ले लेगा। सोडियम पानी के प्रतिधारण का कारण बनता है और उच्च रक्तचाप के लिए कम से कम आंशिक रूप से जिम्मेदार होता है, जबकि पोटेशियम पानी को बनाए रखने का कारण नहीं है और वास्तव में रक्तचाप को कम करने के लिए सिफारिश की जाती है। गुर्दे में सोडियम-पोटेशियम पंप पोटेशियम को जब सोया जाता है तो सोडियम की जगह लेता है और इसलिए बालों के झड़ने की समस्या को कम या समाप्त कर देता है।


पोटेशियम-अमीर खाद्य विकल्प

कुछ अतिरिक्त भोजन विकल्पों में डेयरी खाद्य पदार्थ शामिल हैं, जिनमें दूध, पनीर और दही शामिल हैं; बीफ़, पोर्क, चिकन और मछली जैसे मांस; ब्रोकोली, गाजर, आलू, याम और लिमा बीन्स सहित सब्जियां; पूरे अनाज ब्रेड, ब्राउन चावल और गेहूं की चोकर जैसे अनाज; खुबानी, avocados, अंजीर, सेब और आड़ू जैसे फल; किशमिश और तिथियों जैसे सूखे फल; और यहां तक ​​कि कुछ तरबूज जैसे किटलाओप
दवाएं और फार्मास्युटिकल उद्योग

दवा उद्योग ने बालों के झड़ने को खत्म करने के कई प्रयास किए हैं कुछ उत्पाद पूरक डॉट्स में पूरक पोटेशियम प्रदान करते हैं, जो कि पूरक आहार की दुनिया में अनुमत हैं, जब स्थानीय स्वास्थ्य खाद्य भंडारों पर जाकर इसका सबूत मिलता है। फिर भी दूसरों को क्रीम या फोम के रूप में उपलब्ध हैं, जो पोटेशियम की कमी वाले लोगों में बाल कूप के आसपास जमते सोडियम को नष्ट कर देते हैं। इन उत्पादों में से कई कम समय में काम करते हैं, लेकिन पोटेशियम की कमी समाप्त होने तक लगातार उपयोग की आवश्यकता होती है, और परिणामस्वरूप बालों के झड़ने को रोक दिया जाता है।
पोटेशियम-रिच स्नैक्स और सीजनिंग

https://www.healthsiswealth.com/
आप अपने भोजन को लहसुन के साथ-साथ नट या सूरजमुखी के बीज जैसे अपने आहार के कुछ स्वस्थ नाश्ता भी जोड़ सकते हैं।पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थों का एक अच्छा गोलाकार आहार पोटाशियम की कमी को दूर करने में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे बालों के झड़ने का कारण हो सकता है।




शरीर में पोटैशियम की कमी के संकेत हैं ये 2 लक्षण, इन चीजों के सेवन से करें भरपाई


https://www.healthsiswealth.com/

पोटेशियम शरीर के लिए सबसे आवश्यक सात मिनरल्‍स में से एक होता है।
शरीर में पोटैशियम की कमी का एक बड़ा लक्षण थकान भी होता है। 
इसकी कमी से मानसिक स्वास्थ्य भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है।

पोटैशियम कैल्शियम, पोटैशियम क्लोराइड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और सल्फर सहित हमारे शरीर के लिए सबसे आवश्यक मिनरल्‍स में से एक होता है। आमतौर पर वयस्‍कों को रोजाना 47000 मिलीग्राम पोटैशियम की जरूरत होती है, और यह रोजमर्रा के खानपान से मिल जाने वाला पोषक तत्‍व है। यह कोशिकाओं, ऊतकों और मांसपेशियों के लिए बेहद अहम होता है। पोटैशियम ह्रदय, दिमाग और मांसपेशियों की कार्यप्रणाली में मदद करता है। शरीर में पोटैशियम की कमी से हाइपोकैलीमिया होने का खतरा हो जाता है। साथ ही इसकी कमी से मानसिक स्वास्थ्य भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है। आज हम पोटैशियम की कमी से दिमाग पर होने वाले प्रभाव के बारे में बात कर रहे हैं। पोटैशियम की कमी हो जाने पर मानसिक तौर पर निम्न नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

लगातार थकान बने रहना

https://www.healthsiswealth.com/
शरीर में पोटैशियम की कमी का एक बड़ा लक्षण थकान भी होता है। यदि थकान बहुत ज्यादा काम की वजह से हो तो और बात है, लेकिन अगर बिना काम किए भी ये लगातार बनी रहती है तो इसका मुख्य कारण पोटैशियम की कमी हो सकता है। दरअसल शरीर में मौजूद हर कोशिका को काम करने के लिए पोटैशियम और खनिज लवणों की एक निश्चित मात्रा की जरूरत होती है, लेकिन इसकी पूर्ति न हो पाने पर शरीर में थकान और कमजोरी रहने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब तक दिमाग में पोटैशियम की सही मात्रा नहीं पहुंचती है तब तक वह ठीक से काम नहीं कर पाता है।

तनाव या डिप्रेशन का होना

पोटैशियम एक ऐसा खनिज है जो शरीर की गतिविधियों से जुड़े संकेतों को दिमाग तक पहुंचाता है। शरीर में पोटैशियम की कमी हो जाने की स्थिति में ये संकेत दिमाग तक नहीं पहुंच पाते हैं और तनाव या अवसाद की समस्या होने लगती है। तनाव का सीधा असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। 1992 में हुए एक अध्ययन में पाया भी गया कि डिप्रेशन के मरीजों में पोटैशियम का स्तर सामान्य से कम था।


https://www.healthsiswealth.com/

मूड स्विंग होना
पोटैशियम की कमी हाई ब्‍लड प्रेशर और हाइपरटेंशन के जोखिम को बढ़ सकती है। दरअसल पोटेशियम हृदय को स्‍वस्‍थ रखने में सहायक होता है। ये शरीर में सोडियम की मात्रा को कम बनाए रखने के साथ-साथ ब्‍लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। और जब इसकी मात्रा शरीर में गिरने लगती है तो ये दिमाग के काम करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है और मूड स्विंग अर्थात विचारों में अजीब परिवर्तन होने लगता है।

पोटैशियम की कमी दूर करने के उपाय
अगर पोटैशियम की कमी को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो आगे चलकर यह समस्या गंभीर हो सकती है, और इसके कारण दस्त, निर्जलीकरण (dehydration), उल्टी या लगातार रहनो वाला अवसाद या तनाव हो सकता है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए कई बार डॉक्टर दवाएं दे सकता है, हालांकि प्राकृतिक खाद्य पदार्थ से भी इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है, जैसे- टमाटर, आलू, केला, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, दही, मछली, मशरूम आदि। अतः पोटैशियम की कमी से होने वाले लक्षण जब नजर आने लगें तो तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें और इसकी कमी को पूर्ण करने की कोशिश करें।



https://www.healthsiswealth.com/

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.