Header Ads

लिवर इन्फेक्शन से बचाए ये 5 टिप्स

लिवर इन्फेक्शन से बचाए ये 5 टिप्स

https://www.healthsiswealth.com/


लिवर मानव शरीर में सबसे आवश्यक अंगों में से एक है। यह सबसे बड़ा आंतरिक अंग है। यह हार्मोन से लड़ने से लेकर कई कार्य करता है। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के पाचन में भी लिवर की बड़ी भूमिका है। विभिन्न आवश्यक कार्यों को करने वाले इस महत्वपूर्ण अंग की ठीक से देखभाल करना बहुत ही जरूरी है। आइए जानते हैं कि लिवर इन्फेक्शन से कैसे बचा जाए।
शराब की मात्रा को सीमित करें



https://www.healthsiswealth.com/
हम सभी जानते हैं कि शराब हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है। यह शारीरिक रूप से हमें नुकसान तो पहुंचाता ही है साथ ही यह परिवार में कलह का भी कारण बनता है।


इसलिए यदि आप चाहते हैं कि आपका लिवर स्वस्थ्य रहे और इन्फेक्शन से बचा रहे तो शराब की मात्रा को कम या सीमित करें। हो सके तो आप इसे छोड़ ही दें। यदि आप ज्यादा शराब का सेवन करते हैं तो आपको लिवर सिरोसिस होने का खतरा रहेगा जो एक लिवर की एक बीमारी है।
सही वैक्सीनेशन लीजिए


हेपेटाइटिस वायरस को लिवर के कार्य करने के लिए अत्यधिक हानिकारक माना जाता है। हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस बी लिवर को प्रभावित करता है और धीरे-धीरे विषाक्त पदार्थों को बेअसर करने की अपनी क्षमता को कम करता है, इस प्रकार लिवर संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त होता है। यदि आपको हेपेटाइटिस वायरस होने का खतरा है तो सही वैक्सीनेशन (टीकाकरण) लेने के लिए डॉक्टर से परामर्श लें।
दवाओं का सेवन करते समय सावधानी

https://www.healthsiswealth.com/


यकृत संक्रमण या लिवर इन्फेक्शन का एक आम कारण दवाओं की अनियंत्रित मात्रा है। जब आप अनियंत्रित मात्रा में दवा लेते हैं तो आपका लिवर खराब हो सकता है। प्रेस्क्रिप्शन और नॉन प्रेस्क्रिप्शन वाली दवाओं का सेवन तभी किया जाना चाहिए जब आवश्यक हो और वह भी डॉक्टर द्वारा सिफारिश की गई हो।

https://www.healthsiswealth.com/
किसी भी दवा लेने या अपनी दवा मिश्रण करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें। जब आप किसी वजह से दवाओं का ज्यादा सेवन कर रहे हैं तो शराब के सेवन से बचें ताकि लिवर पर अतिरिक्त भार से बचा जा सके। – 
प्रोसेस्ड पोर्क का करें परहेज

https://www.healthsiswealth.com/
प्रोसेस्ड मीट, विशेष रूप से पोर्क लिवर इन्फेक्शन का एक प्रमुख कारण है। प्रोसेस्ड पोर्क को अक्सर नाइट्रेट्स जैसे रसायनों का उपयोग करके संरक्षित किया जाता है।


नाइट्रेट्स को नाइट्रोसामीनेस में परिवर्तित किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप लिवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। पोर्क का अत्यधिक सेवन लिवर कैंसर का कारण बन सकता है। इसलिए, यह सिफारिश की जाती है कि लिवर संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए प्रोसेस्ड पोर्क से बचा जाए।

क्या है लिवर कैंसर – लिव कैंसर दो प्रकार का होता है। प्राथमिक लिवर कैंसर सीधे लिवर की कोशिकाओं में पनपता है, जबकि मेटास्टैटिक कैंसर लिवर का द्वितीय कैंसर है, जो दूसरे अंगों में प्रारंभ होता है और लिवर में फैल जाता है।
अपने वजन को रखें नियंत्रित

https://www.healthsiswealth.com/
मोटापा बिना शराब के भी फैटी लिवर रोग का कारण बन सकता है। लिवर में कुछ वसा होता है लेकिन जब यह लिवर के वजन से 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ता है, तो इससे लिवर डिजीज होने का खतरा रहता है। अपने वजन को कम करने के लिए आप कम से कम एक घंटा जरूर व्यायाम करें। इसके स्वस्थ वजन और स्वस्थ लिवर को बनाए रखने के लिए प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड से बचें।


आपको बता दें कि 10 से 20 प्रतिशत लोगों में फैटी लिवर की समस्या देखी जाती है। यह 50 से 60 वर्ष वाले आयु वर्ग के लोगों में अधिक पाई जाती है। लिवर में वसा का जमाव अधिक होने से कई बार यह सूज जाता है और इसकी कार्य करने की गति धीमी हो जाती है। 
https://www.healthsiswealth.com/
लिवर खराब की पहचान कैसे करे




https://www.healthsiswealth.com/

लिवर शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जिसकी देखभाल करना आपकी जिम्मेदारी है। ऐसे में लिवर खराब की पहचान कैसे करें, इसके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए। दरअसल लिवर यह फुटबॉल के आकार का होता है जो पेट के ऊपरी दाएं भाग में स्थित होता है। इसकी सही स्थिति आपके डायाफ्राम के नीचे और आपके पेट के ऊपर होती है। आइए इसके लक्षणों के बारे में जानते हैं।
लिवर खराब की पहचान कैसे करें
थकान और उर्जा में कमी


https://www.healthsiswealth.com/

थकावट, उर्जा में कमी, त्वचा का रूखा होना और आंखों के आसपास काले घेरे हो जाना, कभी-कभी लि‍वर की खराबी का संकेत हो सकता है। ऐसा देखा गया है कि जिन लोगों का लिवर खराब रहता है, उनकी त्वचा न केवल क्षतिग्रस्त और बेजान हो जाती है बल्कि बालों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आने लगती है। ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से मुलाकात करना चाहिए।
लि‍वर में सूजन


लि‍वर की समस्या होने पर सूजन आ जाती है। आपका लिवर खराब है इसका संकेत तब मिल जाता है जब आपको पता चलता है कि आपका लिवर सूज गया है। कई लोग इसे मोटापा समझने की गलती कर बैठते हैं। अगर आपको भी ऐसा संकेत देखने को मिल रहा है तो तुरंत डॉक्टर से मुलाकात कीजिए। यह सूजन पैर और टखनों में भी देखने को मिलती है।
जॉन्डिस के लक्षण देते हैं दिखाई


https://www.healthsiswealth.com/

जॉन्डिस या पीलिया एक लिवर संबंधित समस्या है। इसमें स्किन, नाखून व आंखों का सफेद भाग का पीला हो जाता है। आपको बता दें कि जब आपके सिस्टम में बहुत अधिक बिलीरुबिन होता है तो पीलिया होता है। बिलीरुबिन एक पीला रंगद्रव्य है जो लिवर में मृत लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने से बनता है।


जब लिवर खराब होता है तो पीलिया के लक्षण दिखाई देते हैं। इसके अलावा लि‍वर खराब होने की स्थिति में पेशाब का रंग बदल जाता है। ऐसा होने पर पेशाब का रंग गहरा हो जाता है।
भूख न लगना
https://www.healthsiswealth.com/

किसी कारण आपको अचानक भूख न लगे तो समझिए कोई समस्या है। लिवर खराब होने की स्थिति में भूख न लगने की समस्या देखने को मिलती है। इसके अलावा पेट में गैस बनना व बदहजमी जैसी समस्याएं लगातार होती रहती है। इसे भी लिवर की खराबी का एक संकेत माना जाता है। पेट दर्द और सूजन भी लिवर खराब होने के संकेत है। इसके साथ ही छाती में जलन और भारीपन भी होता है।
खराब मुंह का स्वाद



https://www.healthsiswealth.com/
लिवर खराब होने के एक और लक्षण यह है कि आपको उलटी अथवा मितली जैसे अनुभव होता है। इसके अलावा फिवर या बुखार न होने पर भी मुंह का स्वाद बिगड़ा हुआ लगता है और लगातार कड़वापन बना रहना, यह भी लिवर की खराबी के कारण हो सकता है। यही नहीं लिवर की खराबी होने पर अमोनिया की अधि‍कता के कारण मुंह से दुर्गंध आना भी शुरू हो जाता है।
पेशाब का रंग गहरा


पेशाब करते दौरान यदि पेशाब का रंग गहरा है तो यह लिवर खराब होने के संकेत को दर्शाते हैं। यदि ऐसा केवल एक बार होता है तो यह केवल पानी की कमी की वजह से हो सकता है। लेकिन यह बार-बार हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से दिखाएं।
https://www.healthsiswealth.com/

लिवर खराब की पहचान की और बात की जाए तो बार-बार खुजली होना, पीले मल का रंग, या खूनी या तार रंग का मल आदि शामिल है।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.