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चिलचिलाती धूप से आंखों की सुरक्षा करेंगे ये 5 टिप्‍स

चिलचिलाती धूप से आंखों की सुरक्षा करेंगे ये 5 टिप्‍स



गर्मियों में सूरज की हानिकारक किरणें सिर्फ आपकी त्‍वचा और बालों को ही नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि इसका असर आपकी आंखों पर भी पड़ने लगता है। जी हां गर्मियों की चिलचिलाती धूप में ज्‍यादा देर रहने से आंखों में एलर्जी होने लगती है। जिससे आंखे लाल हो जाती हैं और उसमें जलन और पानी आने की शिकायत होने लगती है। इसके अलावा आपने देखा होगा गर्मियों में ज्‍यादातर लोगों को धूप से आंखों में एलर्जी, कंजक्टिवाइटिस, आंखों में ड्राईनेस और आंख की फुंसी यानि गुहेरी जैसी समस्‍याएं भी होने लगती है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि आंखों को ब्रेन से जोड़ने वाली फाइन वेन्‍स आंखों की त्वचा के बहुत नजदीक होती हैं इसलिए ज्यादा देर धूप में रहने से आंखों को नुकसान पहुंचता है। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं क्‍योंकि कुछ आसान टिप्‍स को अपनाकर आप अपनी आंखों की गर्मियों की चिलचिलाती धूप से बचा सकती हैं। आइए ऐसे ही सबसे अच्‍छे 5 टिप्‍स के बारे में जानें। 

सनग्लास जरूर लगाएं 

गर्मियों में घर से बाहर जाते समय चिलचिलाती धूप से आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्‍लास लगाना न भूलें। जी हां तेज धूप में यूवी किरणों से आंखों के ऊपर बनी टीयर सेल यानि आंसूओं की परत टूटने या क्षतिग्रस्त होने लगती है। यह आंखों के कॉर्निया के लिए हानिकारक हो सकती है और कॉर्निया का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी होता है क्‍योंकि कॉर्निया एक सुरक्षात्मक ढाल की तरह हमारी आंख को बाहरी तत्व जैसे धूल, मिट्टी आदि से बचाता है, ताकि हमारी नजर को किसी प्रकार का नुकसान न हो।
आंखों को रगड़े नहीं


आंखों में जलन होने पर ज्‍यादातर लोग आंखों को रगड़ने लगते हैं। मैंने ही कितनी बार अपनी बेटी को देखा है, जब भी आंख में कुछ जाने से उसकी आंखों में खुजली होती है तो वह अपनी आंखों को बुरी तरह से रगड़ने लगती हैं। ऐसा करने के बाद उसकी आंखे लाल हो जाती है। जी हां आंखों को तेजी से रगड़ने से उन्‍हें नुकसान हो सकता है। इसलिए अगर आपकी आंखों में कुछ चले जाने की वजह से चुभन और जलन होती है तो साफ कपड़े से इसे हल्के हाथों से सहलाएं और ठंडे पानी से धोएं।

आंखों पर छींटे मारें या गुलाब जल का इस्‍तेमाल करें


गर्मियों के दिनों में आंखों को साफ रखने के लिए दिन में कम से कम 3-4 बार ठंडे पानी से आंखों को छींटे मार कर धोना चाहिए। इससे आंखों में गई धूल और गंदगी बाहर निकल जाएंगी और आंखों को ठंडक मिलेगी। इसके अलावा आंखों को ठंडे पानी से धोने से इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है। साथ ही गुलाब जल में कॉटन भिगो कर आंखों पर रखने से आंखों को राहत मिलती है और ताजगी महसूस होती है। साथ ही इससे आंखों की थकान भी दूर होती है। आप चाहे तो आंखों को ठंडक देने के लिए इनपर खीरे के टुकड़े भी रख सकती हैं।

भरपूर नींद लें और आंखों की मसाज

गर्मियों में आंखों को आराम देने के लिए अच्‍छी और भरपूर नींद लेना बहुत जरूरी है क्‍योंकि दिन पर कंम्‍प्‍यूटर पर काम करने के बाद आंखे बुरी तरह से थक जाती है। इसलिए रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूर लें। इसके अलावा आंखों को आराम देने के लिए बादाम के तेल की मसाज भी करें। मसाज से आंखों में ब्लड सर्कुलेशन तेज होता और उन्हें आराम मिलता है। इसके अलावा बादाम के तेल में मौजूद विटामिन ई आंखों की सेहत के लिए बहुत अच्‍छा होता है। दिन में कम से कम 1 बार आंखों की मसाज जरूर करें। कोशिश करें कि रात को सोने से पहले आप ऐसा करें।

स्वीमिंग पूल और एसी में आंखों की केयर

गर्मी से राहत पाने के लिए ज्‍यादातर महिलाएं स्विमिंग करना पसंद करती हैं। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि स्विमिंग से आपकी आंखों को नुकसान हो सकता है। जी हां इससे आंखों में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कभी भी बिना चश्मे के बिना स्वीमिंग पूल में न उतरें। इसके अलावा गर्मी के दिनों में एसी में ज्‍यादा देर बैठने से आंखों में ड्राइनेस आ जाती है। ऐसे में बहुत ज्‍यादा देर एसी में बैठने से बचें। लेकिन अगर आपको बैठना भी हैं तो सीधे एसी के सामने न बैठें। 

इन टिप्‍स को अपनाकर आप भी गर्मियों में अपनी आंखों की अच्‍छे से केयर कर सकती हैं।


करी पत्ते में है कई खास गुण, एनीमिया से बचाव के लिए है लाभकारी


करी पत्ता को मीठी नीम भी कहा जाता है। इसे मीठी नीम इसलिए कहते हैं क्योंकि इसके पत्ते दिखने में तो नीम जैसे लगते है लेकिन नीम की तुलना में थोड़े कम कड़वे होते हैं। करी पत्ते में एक खास महक होती है इसलिए इसका इस्‍तेमाल खाने में तड़का लगाने में किया जाता है। इसके पौधे आसानी से ऊग जाते है, इसलिए घरों में इसके पौधे लगाए जाते है। आयुर्वेद करी पत्ता को गुणकारी बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि करी पत्ता से कई बीमारियों का इलाज और रोगों से बचाव किया जा सकता है।




करी पत्ता में कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी1, विटामिन बी2, विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा करी पत्ते में एंटी-ओक्सिडेंट, एंटी-डायबिटिक, एंटी-माइक्रोबियल गुण होते है। इसलिए जब आप करी पत्ते को खाने में डाले तो इन पत्तियों को अलग करके फेंकने की बजाए इन्‍हें जरूर खाएं। करी पत्ता का पौधा लगाना बड़ा ही आसान है। इसके लिए करी पत्ता के ताजे बीज लेकर जमीन में बो दें। इसे सिर्फ खुली धूप और हल्के गर्म वातावरण की आवश्यकता होती है। तो आइए जानें, करी पत्ते के कुछ 12 फायदों के बारे में।

करी पत्ता खाने के फायदे-
करी पत्ता खाने से वजन घटाने में मदद मिलती है। इसमें पाए जाने वाले फाइबर और अन्य तत्व फैट और टोक्सिन को शरीर से बाहर निकालते हैं।
करी पत्ते की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसे खाने से पेट में ठंडक बनी रहती है और पेट जुड़ी समस्‍या और पाचन की दिक्कतें ठीक होती हैं।
करी पत्ता शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रोल लेवल को संतुलित रखता है। जिससे हार्ट की बीमरियों से निपटने में मदद मिलती है। करी पत्ता इंसुलिन लेवल कंट्रोल करके ब्लड शुगर स्तर नियंत्रित रखता है।
करी पत्ते में दो सबसे जरुरी चीजें आयरन और फोलिक एसिड पाए जाते हैं, जिस कारण करी पत्ते एनीमिया यानि खून की कमी से निपटने में कारगर साबित होते है। इसलिए एनीमिया के मरीज को करी पत्ता जरूर खाना चाहिए।

करी पत्ता किडनी और लीवर के लिए अच्छी होती है। किडनी और लीवर को स्वस्थ रखने के लिए करी पत्ता जरूर खाएं। करी पत्ता किडनी और लीवर को बहुत से इन्फेक्शन से बचाता है और इनके काम करने की ताकत बनाये रखता है।
करी पत्ते का इस्‍तेमाल स्किन प्रॉब्लम को ठीक करने के लिए भी कर सकती हैं-

चेहरे की स्किन प्रॉब्लम जैसे मुहांसे, रूखापन, दाग-धब्बे, फाइन लाइन दूर करने के लिए कड़ी पत्ता का फेसपैक चेहरे पर लगाएं। करी पत्ता का फेसपैक बनाने के लिए सूखी करी पत्ती पीसकर उसमें गुलाब जल, मुल्तानी मिट्टी, नारियल तेल मिलाकर पेस्‍ट बनाए और चेहरे पर लगाएं। फिर साफ पानी से धो लें।

आप अपने बालों के लिए भी करी पत्ते का इस्‍तेमाल कर सकती हैं-
करी पत्ते को बालों में लगाएं, इससे बालों से जुड़ी समस्‍या दूर होती है। करी पत्ता बलों के लिए फायदेमंद है। इससे बालों का सफेद होना, बालों का झड़ना, डैंड्रफ, बाल कमजोर होना जैसी समस्याएं दूर होती है।



सब्जा के बीज खाने के फायदे जानकर हैरान रह जाएंगे आप

हमारे घर आंगन में जिस तुलसी की पूजा होती है ये उससे अलग किस्म होती है। सब्जा के बीज तुलसी की एक प्रजाति के पौधे से मिलते हैं। सब्जा के अलावा ये तुकमलंगा के नाम से भी जाना जाता है। घरों में पूजा की जाने वाली तुलसी को होली बेसिल और सब्जा के बीज वाली तुलसी की प्रजति को स्वीट बेसिल कहते है। भारत से ही दुनिया भर में फैले इन सब्जा के बीज का इस्‍तेमाल हेल्‍थ के बहुत फायदेमंद होता है। सब्जा के काले रंग के बीज पानी में भिगोने पर फूलकर सफेद-काले रंग के स्पंजी से हो जाते हैं। गर्मियों में ड्रिंक बनाने में सब्जा के भीगे हुए बीजों का इस्‍तेमाल किया जाता है। सब्जा के बीज का इस्‍तेमाल की फालूदा बनाने में भी किया जाता है, इसलिये इसे फालूदा बीज भी कहते है।

सब्जा के बीज को कैसे खाएं-
सब्जा के बीजों को पानी में भिगोकर इसे शरबत में डालकर पीते है। ठंडे या गर्म पानी में कुछ देर भिगो देने पर ये बीज फूल जाते हैं और दिखने में जेली जैसे लगने लगते हैं। साथ ही, पानी में भिगोने से सब्जा के बीज के गुना बढ़ जाते हैं।
सब्जा के बीजों का कोई खास स्वाद नहीं होता, इसलिए इन्हें बहुत तरह के खाने के पदार्थों में मिलाकर खाया जाता है।
सब्जा के बीजों को नींबू के पानी, मिल्कशेक, मैंगोशेक, आइसक्रीम-कुल्फी, फालूदा या शरबत में मिलाकर पीया जा सकता है।
सब्जा के बीजों को सलाद, दही में डालकर भी खा सकते है।
सब्जा बीज के फायदे-
सब्जा के बीज ठंडी तासीर वाले होते हैं और ये शरीर की गर्मी दूर करने में मदद करते हैं। इसलिए गर्मियों में इससे बहुत सारे ड्रिंक बनाए जाते हैं।
सब्जा के बीज बहुत सी मानसिक परेशानियों जैसे टेंशन, डिप्रेशन, माईग्रेन को भी दूर करता हैं। इसे खाने से मूड अच्छा होता है।
सब्जा के बीज में विटामिन A, विटामिन K, प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहायड्रेट, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई खनिज तत्व पाए जाते है जो हेल्‍थ के लिए फायदेमंद होते है।
सब्जा के बीज वजन कम करने भी मददगार साबित होते है। इन बीजों में प्रचुर मात्रा में फाइबर होते हैं, जिससे काफी देर तक भूख नहीं लगती और जिस वजह से वेट घटाने में मदद मिलती है।
पाचक एंजाइमों से युक्त सब्जा के बीज शरीर में पाचन तंत्र को सही बनाए रखने में मदद करते हैं।
सब्जा बीज खाने से शरीर में पाए जाने वाले हानिकारक टोक्सिन बाहर निकल जाते हैं। जिससे शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है और कई बीमारियां दूर होती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है।
सब्जा के बीज में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के गुण होते हैं। एंटी-ओक्सिडेंट गुणों से भरपूर ये बीज डायबिटीज पर भी नियंत्रण रखने में मदद करता हैं।
सब्जा बीज पेट की जलन, एसिडिटी शांत करने में भी मददगार होते है। ये पेट में पाए जाने वाले एसिड के असर को कम करके पेट की आंंरिक भित्ति की सुरक्षा करते हैं।
सब्जा के बीज प्रोटीन और आयरन तत्वों से भरपूर होते हैं। इसलिए इन्हें खाने से बाल लंबे-घने होते हैं और तेजी से बढ़ते हैं।


लेकिन सब्जा के बीज के नुकसान भी हो सकते है इसलिए इन्‍हें खाने में रखें ध्‍यान-

गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को सब्जा के बीज नहीं खाने चाहिए। अगर गर्भवती महिलाएं सब्जा के बीज का सेवन करती हैं तो उनमें एस्ट्रोजन नामक हार्मोन का स्तर काफी गिर जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। 



आटा रोटी की जगह ये हेल्दी और लो कार्ब रोटी खाएं और तेजी से वजन घटाएं
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यूं तो भारतीय खाना रोटी या चावल या दोनों के बिना पूरा अधूरा है। लेकिन कुछ अन्य लो-कार्ब विकल्प हैं जो आप हेल्दी भोजन के लिए आप ट्राई कर सकती हैं। हमारी डेली डाइट प्लान में कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन का अनुपात 60:20:20 होना चाहिए। लेकिन हम में से अधिकांश इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन करते हैं और फिर यह सोचने लगते हैं कि मेरा वजन इतना क्यों बढ़ रहा हैं। हावर्ड के एक अध्ययन के अनुसार, बैलेंस मात्रा में कार्ब्स वाला भोजन करने वाले लोग लंबा जीवन जीते हैं। लेकिन जब भारतीय ब्रेड की बात आती है, तो हमें सिर्फ आटा या मैदा पर ही भरोसा करते हैं लेकिन कई ऐसे अनाज हैं जो आपके लिए एक हेल्दी विकल्प हो सकते हैं। अगर आप लो-कार्ब रोटियों पर स्विच करना चाहती हैं या सिर्फ आटा की रोटियों खा-खाकर बोर हो गई हैं तो इन्हें आजमाएं। इससे आपका वजन भी तेजी से कम होगा।

रागी रोटी
रागी, जिसे फिगर मिलेट के रूप में भी जाना जाता है, एक सुपर हेल्दी अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होता है। लगभग 100 ग्राम रागी में 5 से 8% प्रोटीन, 2.5-3.5% मिनरल, 65-75% कार्बोहाइड्रेट, 15-20% आहार फाइबर और 1–2% अन्य चीजों मौजूद होती हैं। इसके अलावा रागी में अन्य अनाज की तुलना में कैल्शियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है यानी प्रति 100 ग्राम 344 मिलीग्राम।

प्रति 100 ग्राम में कार्बोहाइड्रेट 89 ग्राम 
अगर आप रोटी की जगह रागी को अपनी डाइट में लेना चा‍हती हैं तो ऑर्गेनिक ट्री की ऑर्गेनिक रागी / नचनी / फिंगर मिलेट आटा आप यहां केवल 170 रुपये में खरीदें।
सोया रोटी
हेल्थ का ध्यान रखने वाले लोगों के लिए सोयाबीन और सोया आटा उत्कृष्ट विकल्प हैं। सोया में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत कम होती है। अगर आप अपना वजन कम करना चाहती हैं तो इसे अपनी डेली डाइट में जरूर शामिल करें। लेकिन अगर आपको सोया प्रोटीन से एलर्जी है, तो हिम्मत मत हारिए, आपके लिए बहुत सारे अन्य विकल्प उपलब्ध हैं।

प्रति 100 ग्राम में 30 ग्राम कार्बोहाइड्रेट

आप अर्बन प्लाटर सोयाबीन फाइबर पाउडर खरीद कर, इसे आप अपनी रोटियों और अन्य डिशेज में मिला सकती हैं। इसे सिर्फ 275 रुपये के ऑफर प्राइस के लिए यहां से खरीदें।

ओट्स रोटी
आप सोच रहे होंगे कि ओट्स का हलवा, ओट्स की खिचड़ी, ओट्स कुकीज या यहां तक कि ओट्स एनर्जी बार के बारे में भी सुना है, लेकिन क्या ओट्स की रोटी कभी ट्राई की हैं अगर नहीं तो हम आपको बता दें कि ओट्स की रोटी एक ऐसी चीज है, जिसे आप आसानी से अपने भोजन के लिए बना सकते हैं। अगर आप पूरी तरह से ओट्स की रोटी नहीं खाना चाहती हैं तो आप आटा गूंधते समय उसमें ओट्स का आटा मिला सकती हैं।
प्रति 100 ग्राम में 12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट
नारियल के आटा की रोटी
आलिया भट्ट, हुमा कुरैशी और करण जौहर जैसे कई सेलेब्स कीटो डाइट को फॉलो करते हैं। हो सकता है आलिया की तरह कीटो केक रोज बनाना आपके लिए आसान न हो, लेकिन आप इसकी जगह कीटो रोटियां बना सकती हैं! खैर, इसके लिए आपको थोड़े से नारियल के आटे की जरूरत होगी। नारियल के दूध के निष्कर्षण से बने हुए गूदे से निर्मित नारियल के आटे में नारियल की सारे गुण मौजूद होते है और इसे आसानी से रोटियों की तरह फ्लैट ब्रेड में बनाया जा सकता है। नारियल के आटे की रोटियां बनाते समय आपको कुछ बातें ध्यान में रखनी हैं, जैसे केवल 20 प्रतिशत नारियल के आटे का इस्तेमाल करना और इसे गेहूं के आटे के साथ मिलाना। ऐसा इसलिए है क्योंकि नारियल का
आटा बहुत गाढ़ा होता है और पकने पर बहुत अधिक नमी को सोख लेता है। नारियल के आटे कार्ब्स की मात्रा कम लेकिन प्रोटीन और फाइबर भरपूर होता है।

प्रति 100 ग्राम 16 ग्राम कार्बोहाइड्रेट

अगर आप नारियल के आटा के साथ अल्ट्रा हेल्‍दी कीटो रोटियां बनाना चाहती हैं तो नेचर कोकोनेट आटे को ट्राई करें। इसका मार्केट प्राइस 210 रुपये है लेकिन इसे आप यहां से 208 रुपये में खरीद सकती हैं।

अब तो आप जान ही गए हैं कि आपके पास अपनी रोटी में गेहूं के अलावा पौष्टिक और स्वादिष्ट अनाज का विकल्प है, तो आज से ही इसे ट्राई करें और बिना कार्ब-युक्त डाइट का मजा लें और आसानी से अपना वजन कम करें।


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