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रहना है फिट तो इन 4 चीजों को डिनर में जरूर करें शामिल

रहना है फिट तो इन 4 चीजों को डिनर में जरूर करें शामिल


माना यह जाता है कि डिनर हमेशा 8 बजे से पहले कर लेना चाहिए क्‍योंकि देर से डिनर करने पर यह हमारे शरीर पर बुरा प्रभाव डालते है। साथ ही, कभी भी रात के खाने को टाले नहीं क्‍योंकि यह सेहत के लिए हानिकारक होता है। नूट्रिशनिस्ट भी रात में खाली पेट सोने से मना करते हैं। लेकिन साथ ही, खाने में सही विकल्पों का चुनाव करना भी बहुत जरूरी है। रात के खाने के फायदे-नुकसान इस बात पर निर्भर हैं कि आप क्या खाते हैं। डिनर तब सेहत के लिए खतरा बन जाता है, जब हम सिर्फ टेस्‍ट के लिए गरिष्ठ चीजें खाते हैं। हमें समझना होगा कि रात में हमारी पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। दिन डूबने के साथ शरीर की सारी क्रियाएं धीमी पड़ने लगती हैं और यह प्राकृतिक नियम है। जाहिर सी बात है, ऐसे में आंतों पर दबाव डालना सही नहीं होता है। डिनर अगर गरिष्ठ यानी पचने में भारी होगा तो आंतों को अतिरिक्त सक्रियता दिखानी होगी। नतीजा यह होगा कि नींद ठीक से नहीं आएगी और अपच, गैस और एसिडिटीजैसी परेशानियां भी आएंगी। डिनर हमेशा हल्का और कम ही करना चाहिए। इसका कारण ये है कि हल्का भोजन रात में आसानी से पच जाता है। हम आपको ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप डिनर में जरूर शामिल करें, क्योंकि ये आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में मददगार होगी।

हरी पत्‍तेदार सब्‍जी

रात के खाने में दाल, चावल, राजमा जैसी चीजों को खाने से बचें, क्योंकि ये पचने में भारी होते हैं। लेकिन डिनर में हरी पत्‍तेदार सब्‍जियों को जरूर शामिल करें क्योंकि इनमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। जिन्हें रात में खाने से सेहत और पाचन क्रिया दोनों दुरुस्‍त रहते है। सब्जियों में तोरई, लौकी, परवल, टिंडा, गाजर आदि शामिल करें।

शहद
रात में चीनी खाने से बचाना चाहिए और उसकी जगह शहद का इस्तेमाल करें। इससे बॉडी का मेटाबॉलिज्‍म ठीक रहता है। सोने से पहले नींबू, शहद और पानी या दूध में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएं। गाजर का रस, पत्तागोभी की सब्जी नींद के लिए फायदेमंद हैं। आप एक गिलास ठंडे दूध में दो चम्मच शहद और एक चम्मच शुद्ध देशी घी मिलाकर पिएं। शहद में कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं। जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ती ही है, नींद भी अच्छी आती है।
छाछ

रात के खाने में दही की जगह छाछ, लस्सी या रायता पीना बेहतर होता है। छाछ, लस्सी या रायता पीने से पेट में ठंडक बनी रहती है और पाचन क्रिया भी दुरुस्‍त बनी रहती है।


लो फैट मिल्‍क
डिनर कुछ देर बाद या सोने से पहले गुनगुना दूध पीने से अच्छी नींद आती है। साथ ही लो फैट दूध में प्रोटीन के साथ गुड फैट भी होता है, जो फायदेमंद होता है। अगर अम्लपित्त हो रहा हो तो ऐसे में ठंडा दूध भी फायदेमंद होता है। डिनर के बाद दूध पीने से जरूरी सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं।

वहीं, रात में ज्यादा तैलीय, मसालेदार, आइसक्रीम जैसी वसायुक्त और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों से बचना चाहिए। अगर आपको देर रात तक जगना पड़े तो हर घंटे-डेढ़ पर घंटे पर पानी जरूर पिएं।



कच्‍चा पपीता है रामबाण, महिलाओं की 1 नहीं 7 बीमारियों को करता है इलाज

पपीता हमारी सेहत के लिए बहुत फायेदमंद होता है। वजन कम करना हो या पेट की कोई भी समस्‍या या फिर चेहरे पर ग्‍लो लाना हो पपीता रामबाण की तरह काम करता है। जी हां चाहे हेल्‍थ हो या ब्‍यूटी सभी को अच्‍छा रखने में यह आपकी मदद करता है। पपीते में प्रोटीन, पोटैशियम, फाइबर और विटामिन ए जैसे अनेकों पोषक तत्व पाये जाते हैं, जो बॉडी के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि कच्‍चा पपीता भी आपकी हेल्‍थ का सुपरहीरो है। इसमें मौजूद विटामिन हमें कई तरह बीमारियों से दूर रखने में मदद करते हैं। खासतौर पर कच्‍चा पपीता महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह महिलाओं की 1 नहीं बल्कि 7 बीमारियों को दूर करने में अद्भुत तरीके से काम करता है। इसे आप चटनी, सब्जी, सलाद और पराठे के रूप में खा सकती हैं। आइए इस आर्टिकल के माध्‍यम से जानें कि कैसे कच्‍चा पपीता महिलाओं की समस्‍याओं को चुटकियों में दूर करता है।

वेट लॉस
बढ़ता वजन आजकल की महिलाओं की सबसे बड़ी समस्‍या है। अगर आपकी भी यही समस्‍या है और आप बढ़ते वजन को कम करना चाहती हैं तो कच्‍चे पपीता का सेवन करें। जी हां कच्‍चे पपीते में फाइबर की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है। इसलिए इसे खाने से बॉडी में जमा एक्‍स्‍ट्रा फैट निकल जाता है। इसलिए आप कच्‍चे पपीते को सलाद के तौर पर खा सकती हैं। ये वेट लॉस में तेजी से मदद करता हैं। या आप चाहे तो कच्चे पपीते को कदूकस करके दही के साथ मिलाकर भी खा सकती हैं।
कैंसर से बचाव
कई रिसर्च में पाया गया है कि कच्चे पपीते को रेगुलर खाने से कैंसर का खतरा कम होता है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट, फीटोन्यूट्रिएंट्स और फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं, जो शरीर में कैंसर सेल्‍स को बनने से रोकने का काम करते हैं। जिससे कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
यूरिन इंफेक्शन
महिलाओं को अक्‍सर यूरिन इंफेक्‍शन की समस्‍या हो जाती है, खासतौर पर गर्मियों में तो ये समस्‍या कुछ ज्‍यादा ही परेशान करती हैं। समस्‍या होने पर यूरिन रुक-रुककर और जलन के साथ आता है, हल्‍का बुखार रहता है, पेट के निचले हिस्‍से में दर्द होना और यूरिन से बदबू आना जैसी समस्‍याएं देखने को मिलती है। लेकिन आपको परेशान होने की जरूर नहीं हैं, क्‍योंकि कच्‍चा पपीता इससे राहत दिलाने में बहुत मददगार होता है। यह इंफेक्शन की परेशानी को खत्म करके बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।

डायबिटीज में फायदेमंद
डायबिटीज के मरीजों के लिए पपीते के साथ-साथ कच्चा पपीता भी किसी वरदान से कम नहीं है। इसे खाने से ब्‍लड में शुगर की मात्रा होती है और यह इंसुलिन की मात्रा को बढ़ाता है। जी हां विटामिन ए, सी, मैग्नीशियम और पोटेशियम कच्‍चा पपीते का जूस पीने से डायबिटीज कंट्रोल में रहती है। अगर आपको भी डायबिटीज की समस्‍या है तो कच्‍चे पपीते को अपनी डाइट में शमिल करें। 

ब्रेस्टफीडिंग में फायदेमंद
ब्रेस्‍टफीडिंग करवाने वाली महिलाओं के लिए कच्‍चे पपीता खाना बहुत अच्‍छा रहता है, क्‍योंकि ऐसी महिलाओं को पोषक तत्‍वों की जरूरत ज्‍यादा होती है। इसके अलावा यह शरीर में सभी एंजाइम की कमी को पूरा करके दूध बढ़ाने में मदद करता है।
इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाएं
कमजोर इम्‍यूनिटी के कारण हम आसानी से बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। जी हां मौसम में हल्‍के से बदलाव से ही तुरंत बीमार हो जाते है। लेकिन अगर आप डाइट में कच्‍चे पपीते को शामिल करती हैं तो आप अपनी इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बना सकती हैं। कच्चे पपीते में विटामिन ए, सी और ई होता है, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनता है। इसमें मौजूद विटामिन सी तनाव को दूर करता है। तनाव दूर हरने से भी आप बीमारियों से दूर रहती हैं।

अर्थराइटिस का दर्द दूर करें
कच्चे पपीते का सेवन जोड़ों के दर्द को दूर करने में भी बहुत फायदेमंद है। कच्‍चे पपीते में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण अर्थराइटिस के दर्द को दूर करने में मदद करते हैं। इसके लिए आप 2 लीटर पानी उबाल लें। फिर इसमें पपीते को धोकर, बीज निकालकर पानी में 5 मिनट तक उबालें। अब 2 चम्मच ग्रीन टी की पत्तियां डालें और थोड़ी देर तक उबलने दें। अब इसे छानकर बोतल में भर लें। दिनभर इस पानी को पीतें रहें। आपको कुछ दिनों में ही आराम महसूस होने लगेगा। 
अगर आप भी एक महिला हैं और अपनी 7 समस्‍याओं को एक साथ दूर करना चाहती हैं तो कच्‍चे पपीते को अपनी डाइट में शामिल करें।



गर्मियों में ‘Black Salt’ का करें ज्यादा इस्तेमाल, जानें काले नमक के फायदे


गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है। गरम हवाएं और पसीने की चिपचिपाहट शरीर और त्वचा की ढेरों बीमारियां भी फैलने लगी हैं। ज्यादातर शरीर की गरमाहट की वजह से इन बीमारियों को शरीर में जगह मिल जाती है। मगर, अपने खानपान में सही चीजों को शामिल कर आप इस मौसम में खुद को गरमाहट से बचा सकती हैं। वैसे तो इस मौसम में बहुत सारी ऐसी सब्जियां और फल आते हैं, जिनके सेवन से शरीर ठंडा बना रहता है। खासतौर पर इस मौसम में दही, जलजीरा, नींबू पानी और तरह-तरह के जूस बहुत ही फायदेमंद होते हैं। मगर, इन देशी ड्रिंक्स को और भी ज्यादा सेहत मंद बनाता है काला नमक। जी हां, काले नमक के सेवन से गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडा रखा जा सकता है। इसके साथ ही कई बीमारियों से भी दूर रहा जा सकता है। काले नमक में सोडियम क्लोराइड, सोडियम सल्फेट, सोडियम बाइसल्फेट, सोडियम बाइसल्फाइट, आयरन सल्फाइड, सोडियम सल्फाइड और आखिरी में हाइड्रोजन सल्फाइड होते हैं। यह शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। चलिए हम आपको इसके फायदे बताते हैं। 

शरीर को देता है ठंडक
खाने में काले नमक का प्रयोग आपके शरीर को गर्मी के मौसम में ठंडक दे सकता है। दरअसल, काला नमक हिमालय पर्वत से प्राप्त किया जाता है और इस नमक की तासीर ठंडी होती है। इसलिए इसे भोजन में शामिल करने से आपके शरीर को ठंडक पहुंचती है। आपको बता दें कि आयुर्वेदिक दवाओं में भी काले नमक का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में यह कहना कि यह औषधिक है गलत नहीं होगा। 

कब्ज और पेट की अन्य समस्याओं को करता है दूर 

गर्मी के मौसम में पेट की समस्या होजाना आम बात है। इस मौसम में खाना न पचना, बदहजमी, कब्ज और पेट खराब होना बेहद आम समस्याएं हैं। इस मौसम में दरअसल खाने की इच्छा खत्म हो जाती है। ऐसा पेट में गर्मी होने के कारण होता है। इससे निजात पाने की लिए ठंडी चीजों का सेवन करना चाहिए। साथ ही फल और सब्जियों में साधारण सफेद नमक की जगह काले नमक का प्रयोग करना चाहिए। काला नमक खासतौर पर गर्मियों गैस और कब्ज की समस्या में राहत पहुंचाता है। 
गैस की समस्या से राहत दिलाता है काला नमक
जब बहुत गरमी होती है तो भोजन करने के बाद कभी-कभी पेट में गैस या एसिड बनने लगता है। इस वजह से आसाधारण अनुभव होता है। कुछ लोगों को ऐसा होने पर खाना नहीं पचता। यहां तक की पानी तक नहीं पच पाता और वह जो भी खाते या पीते हैं उन्हें उल्टी हो जाती है। ऐसे में अगर आप पानी या किसी भी ड्रिंक में काला नमक डाल कर पीती हैं तो आपको इससे काफी राहत मिलेगी। 
सीने में जलन होती है दूर 

गरमियों के मौसम में अक्सर लोगों को सीने में जलन होने की शिकायत होती हैं काला नमक सीने में होने वाली जलन को दूर करने में मदद करता है, गर्मी के दौरान होने वाली यह एक आम समस्या है, जो आमतौर पर चिकना और भारी भरकम आहार लेने पर हो जाती है। 


अगर आप चाहती हैं कि गरमियों के मौसम में आपकी सेहत अच्छी बनी रहे तो इसके लिए आप लोगों को रोजाना अपने आहार में काले नमक को शामिल करना चाहिए।

10.04.2019
आज मैं, स्मिता साहू अपनी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी निराशा आप लोगों के सामने प्रस्तुत करने जा रही हूँ. और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें मैंने उस निराशा से जीत भी प्राप्त की है!

२ वर्ष पूर्व मैंने एक सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने का मन बनाया "मिस. इंडिया". मैंने पहला चरण बहुत ही आसानी से पार कर लिया परन्तु उसके बाद मेरा मोहभंग हो गया और मैं उस प्रतियोगिता के शीर्ष १० में भी कोई जगह नहीं बना पायी!! बाद में मैंने अपनी इस हार का कारण भी पता कर ही लिया.

कार्यक्रम समिति के एक व्यक्ति के अनुसार निर्णायक मेरी बिकनी के प्रदर्शन से बहुत ही हताश रहे थे और सच कहें तो वे मेरे स्तनों के आकार से खुश नहीं थे क्योंकि मेरे स्तनों का आकार बहुत ही छोटा है.


प्रतियोगिता के १ दिन पहले फ़ोटोशूट भी हुआ था और उस समय तक मुझे यह नहीं पता था कि मैं उत्तीर्ण नहीं हो पाऊँगी.

सच में इसकी चिंता मुझे हमेसा ही सताती रहती थी. छरहरी काया और सुन्दर चेहरा होने के बाबजूद भी मेरी छाती बहुत ही छोटी थी. मेरे पूरे परिवार में किसी के भी बड़े स्तन नहीं थे तो मुझे लगता है यह वंशानुगत समस्या थी


एक लड़की जो कि देखने में सुन्दर काया और चेहरे वाली है ... परन्तु उसके स्तन का आकार छोटा है

प्रतियोगिता के बाद मैं उदासी से भर गयी!! अगर मेरे परिवार वाले मेरा साथ न देते तो न जाने मैं क्या कुछ न कर बैठती. मेरे अभिभावक और भाई ने मुझे शान्त किया और आश्वस्त किया कि केवल इस एक प्रतियोगिता में हार जाने से मेरी ज़िन्दगी खत्म नहीं हो जाती है. उन्होंने मुझे बताया कि स्तनों का बड़ा होना कोई महत्वपूर्ण बात नहीं है और मैंने उनकी बात मान ली....परन्तु फ़िर भी उसके बाद मैंने अपने स्तन का आकार बढ़ाने की ठान ली जिससे कि मैं पूरे भारत में सबसे सुन्दर लड़की बन जाऊं!

परन्तु किसी काम के बारे में बात करना उसके करने से कहीं अधिक आसान होता है. मैं यह कैसे कर सकती हूँ? मुझे हमेशा से पता था कि स्तन का आकार बढ़ाने के लिए मुझे कॉस्मेटिक सर्जरी से अच्छा कोई विकल्प खोज़ना पड़ेगा.
अंततः मैंने कॉस्मेटिक सर्जरी से भी अच्छा विकल्प खोज़ लिया!!

इसके बाद मुझे इंग्लैंड में रहने वाली एक चाची ने इसके बारे में बताया. उनके अनुसार वहां डॉक्टर्स ने Bust-full जेल बनायी है जिसे ब्रिटिश लोग (छोटे स्तनों वाली महिलाएं) इस्तेमाल करते हैं और यह जेल उनकी समस्या को जड़ से खत्म भी कर रही है!! यह जेल सच में (जो कि प्राकृतिक घटकों से बनी हुई है, देखने के लिए यहाँ क्लिक करें) रामबाण है.
हाँ! यह सही है! इसके प्रयोग से स्तनों के आकार में केवल कुछ मिलीमीटर नहीं बल्कि 2-3 साइज़ तक वृद्धि हो जाती है (ज्यादातर लोगों को इस बात पर विश्वास नहीं होगा) यह सच में संभव है. शानदार!!!!

मेरी चाची ने मुझे इसे ऑर्डर करने के लिए लिंक प्रदान किया और ऑर्डर करने के केवल 2 सप्ताह बाद यह जेल मुझे प्राप्त हो गयी.
परिणाम कैसे रहे

शानदार!!
आप ख़ुद ही देखिये इन कुछ तस्वीरों में




पहले सप्ताह के ट्रायल को आज़माने के बाद ही मेरे स्तनों के आकार में वृद्धि होने लगी थी. मैंने अपने परिणामों को इस चार्ट के सम्मिलित कर दिया जिससे आपको इसे देखने में आसानी होगी:
प्रयोग का समय Bust-fullआकार, सेमी. मेंआकार में अंतर, सेमी. मेंब्रा का आकार
प्रयोग के पहले Bust-full 75 80 एए
पहला सप्ताह ७५,५ 80 एए
दूसरा सप्ताह 77 80 ए
तीसरा सप्ताह 78 80 ए
चौथा सप्ताह 79 80 बी
पांचवा सप्ताह ७९,५ 80 बी
छठवां सप्ताह 80 80 बी
सातवाँ सप्ताह ८०,५ 80 बी
आठवां सप्ताह ८०,८ 80 बी (लगभग सी)


इसके बाद मेरे स्तनों का आकार बढ़ना बंद हो गया, Bust-full जेल का बहुत-बहुत धन्यवाद जिसने मेरे छाती का आकार बढ़ाने में मेरी इतनी मदद की.
मैंने जिस धन को अपनी प्लास्टिक सर्जरी के लिए बचा के रखा हुआ था उस धन का प्रयोग करके मैं अपने परिवार के साथ इटली भी घूमने गयी. अब मैं फ़िर एक बार मन बना रही हूँ कि "मिस. इंडिया" प्रतियोगिता में भाग लूँ. देखते हैं आगे क्या होता है. इस बार देखेंगे कि निर्णायक गण अंतिम दौर में क्या फ़ैसला सुनाते हैं.
इस बार मैं जीत में विश्वास कर रही हूँ!!!

जैसा कि आप देख सकते हैं कि इस जेल के माध्यम से आप अपने मनचाहे आकार के स्तनों को प्राप्त कर सकते हैं. 
क्योंकि अब आपकी मदद के लिए है - 


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