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व्यायाम के द्वारा पेट को कम करने के सरल एवं आसान तरीके

व्यायाम के द्वारा पेट को कम करने के सरल एवं आसान तरीके

सुंदर इकहरा बदन महिलाओं की सुंदरता का राज होता है। जिससे उनका सारा व्यक्तित्व निखरकर आता है। कई महिलाओं के लिए यह एक दूर के सपने की तरह है। अक्सर हमनें देखा है की बेडौल शरीर की महिलाओं को अक्सर कई परेशानियों का सामना करना पडता है। वह हर जगह एक हंसी का पात्र बनती है। अपने इस बेडौल शरीर से बचने लिए वो ना जानें क्या क्या उपाय करती है। हर विज्ञापन में कई प्रकार के देसी नुस्खों को देख और उसे अजमाकर अपने पतले होने के सपने सजोने लगती है, पर रिजल्ट मिलता है जीरो। लेकिन अब आपको परेशान होने की आवश्कता नही है, हम आपको दें रहें हैं वो उपचार जिनसे आप बिना किसी खर्चे के पा सकती हैं अपनी हर समस्याओं का इलाज। तो जानिए पेट को सपाट करने के तरीके……
कैसे करें पेट को सपाट
आपके पेट के बढ़ने का प्रमुख कारण होता है आपके पेट के आसपास में फैल रही चर्बी, जो आपके स्वास्थ को ही नहीं बिगाड़ती बल्कि आपके लुक को भी खराब करती है। आपका खान-पान इसकी बड़ी वजह है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ आपके शरीर से कोलेस्ट्रोल से बचाता है और आपके शरीर से कोलेस्ट्रोल को बाहर करके आपके शरीर की एक्स्ट्रा कैलोरी को भी बर्न करता है।
अगर आप अपने पेट की बढ़ती चर्बी को कम करने के लिए किसी कारगर उपाय की तलाश में हैं तो कुछ योगासन हैं जो आपके लिए बहुत मददगार हो सकते हैं। ये योगासन न सिर्फ आपके पेट के फैट्स को कम करने में मदद होंगे बल्कि आपकी मांसपेशियां मजबूत करने के साथ आपके शरीर को लचीला बनाने में भी सहायक होंगे।

पाइलेट्स-
यह व्यायाम आपके पेट को कम करने का एक सरल एवं अच्छा उपाय है। इसके लिए अपने दोनों हाथ सीधे, कमर सीधी, गर्दन सीधी और पैर जमीन पर टिकाएं। इसके बाद हाथ सामने रखते हुए पीछे की ओर झुकें और फिर आगे आएं। इस व्यायाम को करते समय अपने पंजे न उठायें और साथ ही पूरा पीछे न जाएं। इसमें अपना पेट अंदर की ओर खींचकर रखें। पीछे जाते समय सांस अंदर लें और ऊपर आते समय सांस छोड़ें। कम से कम 15 से 20 सेकेंड यह व्यायाम करें।
भुजंगासन-
इस आसन को करने से आपके पेट की चर्बी कम तो होती ही है। साथ ही साथ, आपके बाजुओं, कमर और पेट की मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है और शरीर लचीला बनता है। इसके लिए सबसे पहले आप पेट के बल सीधा लेट जाएं और दोनों हाथों को पंजे के बल नीचे टिकाएं। इसी प्रकार अपने दोनों पैरों के पंजों को साथ रखें। अब अपने माथे को सामने की ओर उठाएं और दोनों बाजुओं को कंधों के समानांतर रखें जिससे शरीर का भार बाजुओं पर पड़े। शरीर के अग्रभाग को बाजुओं के सहारे उठाएं। शरीर को स्ट्रेच करें और लंबी सांस लें। कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहने के बाद वापस पेट के बल लेट जाएं। ऐसा आप 5 से 6 बार करें। कुछ दिनों के बाद ही आपको इसके सही परिणाम देखने को मिलेगें।
बलासन –
योगासन की शुरुआत करने वालो के लिए यह आसन सबसे अच्छा है। इसके करने से आपके पेट की चर्बी कम होती है और मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। इसके लिए आप घुटने के बल जमीन पर बैठें और शरीर का सारा भाग एडि़यों पर डालें। अब एक गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें। आपका सीना जांघों से छूना चाहिए और माथे से फर्श छूने की कोशिश करें। कुछ सेकेंड इस अवस्था में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए वापस उसी अवस्था में आ जाएं। ये पेट की चर्बी को कम करने वाला आसन है, गर्वभती महिलाएं इस आसन को ना करें।


पश्चिमोत्तानासन –
यह आसन पेट की चर्बी कम करने के लिए बेहद आसान और प्रभावी तरीका है। इसके लिए सबसे पहले सीधे बैठते हुए अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सटाकर सीधा फैलाएं। इसके बाद अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाते हुए कमर को बिल्कुल सीधा रखें। फिर झुककर दोनों हाथों से पैरों के दोनों अंगूठे पकड़ने की कोशिश करें। ध्यान रहे इस दौरान आपके घुटने न मोड़ें और न ही आपके पैर जमीन से ऊपर उठें। कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं। ऐसा आप 3-4 बार करें।
इस तरह के अभ्यास आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे। यह आपके शरीर की चर्बी को कम कर आपके शरीर एंव पेट की मांसपेशियों को भी मजबूती प्रदान करते हैं। इसलिए योगा को शरीर की स्फूर्ति बनाए रखने वाला एक आवश्यक घटक माना जाता है। इसे आप रोज करें और आनंद पूर्वक निरोगी जीवन व्यतीत करें।





प्रेग्‍नेंसी में ये दूध पीने से हो सकता है गर्भपात

चोट लगी हो या शरीर दर्द हो, हल्‍दी वाला दूध पीने को कहा जाता है. इस दूध के कई गुण भी गिनाए जाते हैं. पर प्रेग्‍नेंसी में ये दूध पीने से मना किया जाता है. इसके पीछे वजह क्‍या है?

हमारी दादी-नानी के जमाने से हल्दी दूध पीने का चलन रहा है. पहले इसके फायदों के बारे में जानें.

हल्‍दी वाले दूध के फायदे
हल्दी दूध पीने से हजम शक्ति बढ़ती है, नींद अच्छी आती है. जो लोग आर्थराइटिस के शिकार है, वे ये दूध पीते हैं तो उन्‍हें जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है.
प्रेग्‍नेंसी में क्‍या करें?
इस दूध को पीने से लोग इसलिए मना करते हैं क्‍योंकि वे मानते हैं कि हल्‍दी की तासीर गर्म होती है. ये दूध पीने से कोख में पल रहे बच्‍चे पर असर हो सकता है.

देश के प्रमुख डॉक्‍टर्स का कहना है कि हल्दी दूध का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता और इस बारे में कोई प्रमाण भी नहीं मिला है. हल्दी खरीदने के पहले पैकेजिंग पर ध्यान दें क्योंकि अगर इसमें कोई मिलावट हो यानि लेड या मेटल हो तो वह भ्रूण के लिए मुश्किल नुकसानदेह साबित होता है.

कैसे दूध पीएं
एक चुटकी हल्दी को दूध में मिलाकर सेवन करें. इससे ज्‍यादा ना खाएं. संभव हो तो ऑर्गेनिक हल्दी लें. पर इससे बेहतर होगा कि प्रेग्‍नेंट महिलाएं एक गिलास सादा दूध पीएं, जिससे कैल्शियम और प्रोटीन की आपूर्ती हो सके.

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