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वज़न घटाने की प्रक्रिया को सफल बनाये इन टिप्स से

वज़न घटाने की प्रक्रिया को सफल बनाये इन टिप्स से



Weight loss के लिए लक्ष्य निर्धारित करना पहला कदम है, मगर उस लक्ष्य को हासिल करना एक अलग ही मुद्दा है। कई बार आप इसे बीच में ही छोड़ देना चाहेंगे या फिर अपने खान-पान में गड़बड़ करेंगे जो कि आपकी सारी मेहनत पर पानी फेर देगा। अपने फैसले पर बने रहने के लिए हम आपको 6 बातें बता रहे हैं जो की आपको अपने लक्ष्य पर पहुचायेंगी। Read Successful Weight Loss Tips in Hindi (Vajan Ghatane ke Liye Successful Tips).


वर्क-आउट सुबह करें (Do Workout in Morning)

अगर आप सुबह सुबह ही एक्सरसाइज करें तो आप दिन भर में इसे न कर पाने के बहाने नहीं बनायेंगे जब आप थक चुके होते हैं। सुबह वर्क-आउट करने से आपका ज्यादा स्फूर्तिवान और ताज़ा महसूस करेंगे। आपको बस सुबह जल्दी उठाना है। रात को ही अपना जिम बैग तैयार करके आप सुबह का वक़्त बचा सकते हैं।


अपनी एक्सरसाइज को मजेदार बनायें (Enjoy Exercising)

अगर आप टहलना पसंद करते हैं तो वो करें। प्रतिरोध उत्पन्न करने के लिए हैण्ड वेट्स लटका लें और अपनी गति बढ़ाते रहें। अपने मित्रों को साथ आने के लिए कहें, इससे आप स्वयं ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित होंगे। ऐसा कोई वर्क-आउट न करें जो आपको रुचिकर न लगे क्योंकि आप उसे न करने के बहाने ढूंढते रहेंगे।

रोज़ वज़न ना नापें (Dont Evaluate Your Weight Regularly)

जब मशीन आपके वज़न को घटता या बढ़ता नहीं दिखायेगी तब आप मायूस हो जायेंगे, जो कि दिन भर चलेगा। इसलिए 15 दिन के अंतराल पर ही वज़न नापें। बेहतर होगा कि आप सिर्फ मेहनत करें और लोगों को फर्क महसूस करने दें। दोस्तों से ये जानना अच्छा लगता है कि हमने वज़न कम कर लिया है। कुछ महीनों बाद आप खुद जानने के लिए अपनी कोई पुरानी जीन्स पहनकर खुद ही फर्क देख सकते हैं।


फैड डाइट के प्रलोभन में न आयें (Don’t Come in Temptation of Fad Diet)

फैड डाइट अपने “कम समय में ज्यादा लाभ” के दावे से प्रलोभन देते हैं, मगर सेहत को नुकसान पहुचाते हैं। ये डाइट्स ज्यादातर फेल हो जाते हैं और आपका वज़न फिर से बढ़ने लगता है। आपके खान-पान और Life style में किये थोड़े बहुत बदलाव का भविष्य पर बहुत असर पड़ता है।


अपने भोजन के लिए पहले से तैयारी करें (Prepare Your Meals in Advance)

ये तय करना मुश्किल होता है कि अगले दिन आप चाय के साथ क्या खाना पसंद करेंगे, मगर आप पहले से इसके लिए तैयारी रखें और नियम बना कर चलें तो संभवतया आप अपने नियम का पालन करेंगे। सुबह हमेशा के वक़्त से अगर आप पांच मिनट जल्दी उठें तो आप एक हेल्दी और पोषक लंच बना सकते हैं बजाए इसके कि आप किसी कैफ़े में ढेरों कैलोरी वाला सैंडविच या पास्ता खाएं जिसमे क्रीम से भरपूर सॉस हो।
मुश्किल वक़्त में हिम्मत ना हारें (Don’t Lose Hope)

हम भली- भाँती जानते हैं कि ये सब मुश्किल होगा पर अगर आप कुछ पल लगा कर यह सोचें कि आपको कहाँ पंहुचना है तो आपमें आगे बढ़ने की हिम्मत आ जायेगी। पीछे मुड़ कर देखना ना भूलें की आप कितना दूर आ चुके हैं। ये आपके लिए उत्सव मनाने जैसी बात होगी। जब आपका हौसला डगमगाने लगे,तो प्रेरणादायक बातें पढ़ें जो आपको एक बार फिर हिम्मत देंगे। अपने परिवार और दोस्तों से भी मदद लें ताकि आप मैदान छोड़ने की बजाए अपने लक्ष्य को हासिल करने में

वजन कम करने के राज़


यदि आपने वजन कम करने का प्रयास किया है तो आप यह जानते होगे कि वजन कम करना इसको संतुलित रखने से ज्यादा आसान है। वजन संतुलित रखना जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है। यदि आपने स्वस्थ जीवन शैली को नहीं अपनाया तो आप वजन संतुलित करने में सफल नहीं हो पाएगा। परन्तु चिंता करने की बात नहीं है, आप थोड़े से त्याग करके आप अपने मन चाहा वजन पा सकते है। नीचे कुछ सिक्रेट दिए जा रहे है जिनका पालन करके आप अपना वजन संतुलित रख सकते है। Read Secrets of Weight Loss in Hindi (vajan Kam Karne ke Raaz).

1. वातावरण का निरीक्षण करे (Observe the Environment)

अपने स्वास्थ्य को बनाये रखने में आपको क्या चीजे रोक रही है? क्या आप पर्याप्त एक्सरसाइज करते है? हमारे पास यातायात के अनेक साधन मौजूद है। क्या हमे पैदल चलने की आवश्यकता नहीं है? यदि आपको आसपास की दुकान से सामन लाना है तो आप क्या करते है? क्या आप बाइक से जाते है तो पैदल ही जाएं। पैदल जाना आपकी सेहत के लिए जरूरी है। आप एक्टिव महसुस करेगे। आपका दिमाग ठीक ढ़ग से काम करेगा, लिफ्ट का प्रयोग करने के स्थान पर सीढि़यो का प्रयोग करे।
2. एक्सरसाइज आवश्यक है (Exercise is Necessary)

फैट बढ़ाने वाले भोजन एक भाग है तथा कसरत करना दूसरा भाग। परन्तु दोनो साथ-साथ चलते है। आप सोचते है कि केलोरी को कम करना आवश्यक है तथा इससे स्लीम फिगर पा सकते है परन्तु शरीर को स्वस्थ रखना आवश्यक है। आप जिम जा सकते है अपने पेट को घुमाने ले जा सकते है। यह बहुत अच्छा उपाय है। इसलिए एक्सरसाइज को अपना रोज का रूटिन बनाए।

आप यह नहीं कह सकते है कि आपके पास समय नहीं है। परन्तु आपको समय निकालना पड़ेगा। अपनी सेहत को बनाए रखना तथा शारीरिक रूप से क्रियाशील रहना आवश्यक है। 30 मिनट आप टीवी कम देखकर एक्सरसाइज का समय निकाल सकते हैं।
3. प्रतीक्षा (Wait for Weight Loss)

यह स्वीकार करना मुश्किल हो सकता है परन्तु यह सच है कि परिवर्तन एक दम से नहीं होगा। आपको थोड़ा इन्तजार करना होगा। धैर्य के साथ काम करते रहे तथा परिणाम के लिए प्रतिक्षा करे।
4. अपने आप से सहानुभूति न रखे (Don’t Have Sympathy for Yourself)

यदि आप अपना फेवरेट फूड या आइसक्रीम न खा सके तो परेशान न हो, आपको पूरी तरह इनका त्याग करने की आवश्यकता भी नहीं है, अगर आप पूरा पिज्जा खाते है तो इसके स्थान पर एक स्लाइस ही खाएं। इससे कैलोरी कम होगी। आपको स्वयं पर नियंत्रण रखना है। लगें।

दौड़ने से कैसे वज़न कम होता है ?


दौड़ना, बेशक, वज़न कम करने का उम्दा तरीका है। ये एक कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज है जो कि न सिर्फ वज़न कम करती है बल्कि ह्रदय और फेफड़ों के लिए भी उत्तम है और उम्र भी बढ़ाती है। पाचन क्रिया में मदद करती है, अवसाद घटाती है और आपके खुश रहने की क्षमता बढ़ाती है। अब जब आप जान गए हैं कि दौड़ना कितना महत्वपूर्ण है, आइये इसकी शुरुआत करना जानें। 
शरीर को वार्म-अप और कूल डाउन करना (Warm-up and Cool down the Body)

ये शुरुआत करने के लिए पहला नियम है। बिना वार्म-अप किये कभी भी दौड़ना चालू ना करें। वार्म-अप करने से आप शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार हो जाते हैं। इससे रक्त संचार बढ़कर मासपेशियों तक पहुँचता है और उन्हें लचीला बनाकर चोटिल होने से बचाता है। यह आपके ह्रदय को भी एक्सरसाइज के लिए तैयार रखता है आपके ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ने से रोकता है।

वर्क-आउट के पहले वार्म-अप निहायत ज़रूरी है। यह आपके शरीर को संपूर्ण रूप से निखारता है। ह्रदय की धड़कन को सही गति देते हुए, आपकी मासपेशियों पर असर करते हुए यह आपके नर्वस सिस्टम को जगाता है। वार्म-अप नहीं करने का खतरा यह है कि किसी भी कार्य को करते समय आपको सही गति नहीं मिलती जिसकी वजह से आप चोटिल हो सकते हैं। मासपेशियाँ ठंडी होने के कारण फुर्तीली और लचीली नहीं होती हैं और उनकी गति बहुत कम हो जाती है। जब आप अचानक कोई एक्सरसाइज करते हैं जिसमें स्ट्रेच करना हो या पेट की मसल्स को अन्दर की तरफ खींचना हो, और आप बिना वार्म-अप किये इन्हें कर रहे हों, तो आपकी मासपेशियों के तनने, अकड़ने और फटने का खतरा होता है।


अधिक मोटापा है तो धीमी शुरुआत करें (Start Slowly if You are Fat)

वाक करने से शुरुआत करें, जिसकी स्पीड आप बाद में बढ़ा सकते हैं, उसके बाद आप जोगिंग करना चालू कर सकते हैं। धीमी शुरुआत करते हुए तीव्रता बढायें। फिर आप दो मिनट की स्प्रिन्ट्स(दौड़) करते हुए धीरे धीरे वक़्त बढ़ा सकते हैं।
ट्रेडमिल पर दौड़ना (Run on Treadmill)

अगर आपके पास बाहर दौड़ने का विकल्प नहीं है, तो आप जिम जाकर ट्रेडमिल पर दौड़ सकते हैं। ट्रेडमिल की ख़ासियत ये है कि इसमें पहले से सेट किये हुए प्रोग्राम हैं, जो आपको वज़न कम करने में मदद करते हैं। आप उसकी ढाल और गति भी अपने हिसाब से चुन सकते हैं। शुरू में धीमी गति रखते हुए 6-8 कि.मी. प्रति घंटे की रफ़्तार रखते हुए बाद में गति बढ़ाई जा सकती है।

नोट: ज्यादा तेज़ रफ़्तार न रखें, क्योंकि उससे आप गिर सकते हैं और ऐसे में चोट का तो कहना ही क्या!!


अपने दौड़ने के पोश्चर(मुद्रा) या दशा पर फोकस रखें (Do Focus on Running Posture)

हर कोई अलग ढंग से दौड़ता है- कुछ लोग एड़ी के बल पर तो कुछ पंजों के बल पर दौड़ते हैं। सबसे सही तरीका है तलवे के बल दौड़ना। पंजो के बल दौड़ने से पिंडलियों पर जोर पड़ता है और पैरों में दर्द भी हो जाता है। एड़ी के बल दौड़ना यानी घुटनों पर अनावश्यक जोर डालना। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि पंजों को सीधा रखना चाहिए नाकि मुड़े हुए। यह सब आप वक़्त के साथ सीख जायेंगे।

अपने जोड़ों का ख्याल रखें (Take Care of Your Joints)

हमारे शरीर के जोड़ों पर सबसे ज्यादा असर आता है, इसलिए हमें अपनी सहनशक्ति और लचीलेपन पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए वाल-स्कॉट(दीवार के सहारे उकड़ू बैठना) सबसे उपयुक्त आसन है।
दीवार की तरफ मुँह करके खड़े होए, पैर चौड़े करें और हाथ अपनी कनपटी पर रखें
इस तरह से बैठने की कोशिश करें की आपके घुटने बैठने-उठने के प्रयास में दीवार से रगड़ ना खाएं
इस तरह दीवार से एक इंच दूर रहकर पांच बार करें



वजन कम करने के लिए सीढ़ियाँ चढ़े 


अगर आपके पास पैदल चलने का समय है तो सीढि़या चढ़ने का समय भी निकाले। यहाँ 6 कारण दिए जा रहे कि सीढ़ियाँ चढ़ना क्यों लाभदायक है।
सीढ़ियाँ चढ़ने पर केलोरी की खपत पैदल चढ़ने से ज्यादा होती है, क्योंकि आप ग्रैविटी के खिलाफ काम करते है।
सीढ़ियाँ चढने से नीचे की कमर तथा जाँघो पर दबाव पड़ता है इसलिए अगर आप वजन कम करना चाहते है तो औरतो को अपने शरीर का फैट कम करने के लिए सीढि़यो का प्रयोग करना चाहिए।
सीढ़ियाँ चढ़ने से शरीर के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है नीचले शरीर से हार्ट तक ब्लड को पहुचाने में मदद करता है।
सीढ़ियाँ चढ़ने से केलोरी खर्च होती है ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है। पाचन प्रक्रिया में सुधार होता है तथा कब्ज की समस्या नहीं होती है।
30 कदम सीढ़ियाँ चढ़ने से 10 केलोरी कम होती है। सम्पूर्ण स्वास्थ्य ठीक रहता है।अपने लक्ष्य को पाने के लिए जल्दी न करे, एक-एक कदम उठाए। यह आपकी सेहत के लिये बहुत लाभदायक सिद्ध होगा, सारे स्टेप एक साथ करने से आपको थकान होगी तथा चोट भी लग सकती है।
सीढ़ियों पर चढ़ना एक बेहतरीन कसरत है जिससे आपको कई सेहत से संबंधित समस्याओं से भी दूर रखता है।

रखे इन बातो का ध्यान वॉक करते हुए 


Walk करना सभी के लिए अच्छा और ज़रूरी है, ख़ास तौर पर उनके लिए जो वज़न कम करना चाहते हैं। परन्तु वज़न कम करने के लिए आपको अपनी वॉक की प्रक्रिया में कुछ सुधार करना होगा। नीचे कुछ तरीके दिए जा रहे हैं।
हर रोज़ वॉक की सीमा को 0.5 कि.मी. से बढायें, इससे आपका स्टैमिना और एनर्जी बढ़ेगी और पैरों की मसल्स सुदृढ़ होंगी। आपको उस हद तक पहुंचना होगा कि आप रोज़ 10000 कदम चलें और वज़न घटाएं।
अगर आप वज़न घटाने के लिए वॉक कर रहे हैं तो ध्यान रखें की आपकी चाल इतनी तेज़ हो कि आपको सांस लेने में सामान्य से ज्यादा दिक्कत हो रही हो और आप अपने ह्रदय की धड़कन सुन सकें।
वॉक के समय हाथ सही ढंग से हिलाएं और आपकी ठुड्डी जमीन से सामानांतर हो, ये भी ज़रूरी है। आपकी कोहनियाँ आपके शरीर के पास ही हों।
वॉक के समय कर्णप्रिय संगीत सुनना लाभ का सौदा है।
दोस्तों या भाई-बहन के साथ वॉक करने का फायदा यह है कि इससे बोरियत नहीं होती है। इतना ध्यान रखें की बातें करते समय आपकी वॉक की गति कम न हो जाए।

बाज़ार में कई तरह के कम वज़न के जूते उपलब्ध हैं जिनसे चलते वक़्त घुटनों और पैरों पर जोर नहीं पड़ता। इतना ख्याल रहे कि आप उन जूतों में सहज मेहसूस करें और लम्बी दूरी पर चलने की वजह से आपके पैरों में छाले न पड़ें।
अपनी वॉक में आप बदलाव ला सकते हैं। हफ्ते में तीन दिन आप धीमे धीमे लम्बी दूरी तय करें और बाकी के दिन दूरी छोटी हो किन्तु तेज़ चलें।
काफी देर चलने के बाद भूख लगना वाजिब है। चूंकि आप वज़न कम करना चाहते हैं तो वॉक के बाद बहुत सारा न खाएं।
वॉक के साथ बीच बीच में थोड़ा जौग भी कर सकते हैं। 15 मिनट तेज़ चलें, फिर गति बढाते हुए 5 मिनट जौग करें। जॉगिंग के बाद वॉक करना जारी रखें नहीं तो पैरों में थकान का एहसास होगा और उसके बाद जॉगिंग मुश्किल हो जायेगी।
बहुत से ऐसे लोग जो वॉक करने के आदि नहीं हैं, वो लम्बी दूरी की वॉक के दौरान मसल्स की एंठन के शिकार होते हैं। इससे बचने के लिए आपको खूब पानी पीना है, क्योंकि एंठन की वजह है मिनरल्स और नमक की कमीहो सकती है।
आप एक डायरी रख सकते हैं जिसमें आप अपनी वॉक की तारीख, रास्ता, दूरी और अपनी गति नोट कर सकते हैं। Walk के अलावा आप Jogging, Cycling और Swimming भी वज़न कम कर सकते हैं।


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