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हाथ पैर सुन्न होने पर अपनाएं यह तरीके



कभी कभार ऐसा होता है घंटों एक ही जगह पर बैठने से हमारे हाथ और पैर सुन्न पड़ जाते हैं। ऐसे में हम सभी काफी परेशान हो जाते हैं। आपको बता दें कि हमारी डाइट में विटामिन बी और मैग्नीशियम जैसे तत्वों की कमी होने से भी हाथ और पैर सुन्न पड़ जाते हैं। आइए आज आपको कुछ ऐसे घरेलू उपचारों के बारे में बताते हैं जिनका इस्तेमाल करके आप हाथ पैरों को सुन्न होने से बचा सकती हैं।
1. गर्म पानी से सिंकाई
अगर आपके हाथ और पैर सो गए हों, तो ऐसे में आप गर्म पानी से सिंकाई करके इस समस्या से छुटकारा पा सकती हैं। इससे हमारी नसों को काफी आराम मिलता है।

2. मसाज
अगर आपके हाथ पैर सुन हो जाएं तो ऐसे में आप मसाज करके इस समस्या से निपट सकती हैं। यह हमारे शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। आप चाहें तो नारियल, जैतून या सरसों के तेल से अपने शरीर के सुन्न हिस्से को मसाज करके ठीक कर सकती हैं।
3. एक्सरसाइज करें
आप एक्सरसाइज करके भी अपने शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को सुधार सकती हैं। इससे आपके हाथ पैरों की झनझनाहट और सुन्नपन भी दूर हो जाएगी। इतना ही नहीं, रोजाना एक्सरसाइज करने से हमारे शरीर की गतिशीलता में भी सुधार आता है।


4. हल्दी
हल्दी में कुरकुर्मीन नाम का एक तत्व होता है जो कि ब्लड सर्कुलेशन में सुधार कर दर्द और परेशानी को भी खत्म करता है। इस उपचार का इस्तेमाल करने के लिए आप आधा चम्मच हल्दी को एक गिलास दूध में मिक्स करके अपनी त्वचा पर लगा लें। इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है।


हाथ-पैरों में कंपकंपी होने के कारणों को जानना भी है जरूरी

हाथ-पैरों के साथ शरीर में कंपकंपी एक निश्चित अतंराल के बाद से शुरू हो जाती है, जब इंसान वृद्धावस्था की अवस्था में पहुंचने लगता है। पर कुछ लोगों को इस प्रकार के लक्षण समय से पहले युवावस्था में ही देखने को मिलने लगते है, क्या आप जानते है हाथ या पैर कांपने के क्या कारण हो सकते है? ज्यादातर ये लक्षण उस समय देखने को मिलते है जब आपका गुस्सा तेज हो जाता है या फिर किसी बीमारी के होने पर, ये लक्षण देखे जा सकते है। तो आज हम जानते है हाथ और पैरों के कांपने के कारण क्या होते हैं..

कंपकंपी आने के कारण

डॉक्टरों के अनुसार शरीर में कंपकंपी का समय से पहले होना ट्रेमर होने का कारण बनता है। इसमें नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर हो जाता है जिसका पहला असर हाथों में दिखाई देता है, फिर ये धीरे-धीरे बढ़ते हुए पूरे शरीर में फैलने लगता है। जिससे खभी कभी आवाज के साथ लोग कांपने लगते है।
हाथों में कांपने के कुछ कारण अनुवांशिक भी बताए जाते है जो पीढ़ी दर पीढ़ी चले आते है। 30 से 40 वर्ष की उम्र में हाथ के कांपने की समस्या काफी खतरनाक मानी जाती है। कहां जाता है कि जिस परिवार के माता-पिता का हाथ कांपता है, तो उसका असर बच्चे पर भी पड़ता है। इसके साथ ही समय से पहले हाथ पैर का कंपना पार्किंसन रोग के कारण भी होता है, आज के समय में यह बीमारी दुनिया भर में अपना पैर पसार रही है।


1. मल्‍टीपल स्‍केलरोसिस-
इस बीमारी में दिमाग की नर्व सेल्‍स इंसुलेटिंग काम करना बंद करती है, तो उससे शरीर में कंपन होने की समस्या पैदा होने लगती है।

2. स्‍ट्रोक-
अगर किसी व्‍यक्ति को बार-बार झटके पड़ने की शिकायत होती है तो उसके शरीर में भी कंपन कि शिकायत बढ़ने लगती है। ये काफी गंभीर समस्‍या होती है।

3. ब्रेन में चोट लगना-
दिमाग में अंदरूनी चोट के लगने से अंदर की नसें जब दब जाती है तो ऐसे में और भी कई परेशानियां बढ़ने लगती है। इसे टीबीआई कहते हैं। यह एक घातक बीमारी होती है।

4. पार्किंसन-
जब हमारे शरीर के नर्व सिस्‍टम में परेशानी बढ़ने लगती है, तो शरीर में काफी झनझानाहट होती है। जिससे एमएनडी नामक बीमारी के होने के खतरे बढ़ने लगते है। यह काफी जटिल बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है।


5. शराब छोड़ना-
अगर आप ध्रूमपान का सेवन करते है तो इससे भी आपके हाथ और पैर कांपने की संभावनाएं बढ़ जाती है। इसलिए इस लत से बाहर निकलने की कोशिश करें।

6. कम सोना –
अगर कोई व्‍यक्ति लगातार बढ़ते तनाव के साथ अनिद्रा से जूझ रहा है, तो उसके शरीर में भी कांपने की समस्‍या उत्पन्न हो सकती है, क्‍योंकि लंबे समय तक काम करने के बाद शरीर आराम चाहता है और आराम ना मिलने से इसका असर दिमाग पर पड़ता है।


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