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विटामीन बी12 की कमी: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज


विटामीन बी12 की कमी: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज
परहेज और आहारलेने योग्य आहार

दूध और दूध उत्पाद विटामिन बी12 के अच्छे स्रोत हैं।
इनमें पोल्ट्री उत्पाद, मछली, फलियाँ, पनीर, अंडे और मेवे भी आते हैं।
मछली और रेड मीट विटामिन बी12 के उत्तम स्रोत हैं। पोल्ट्री और अण्डों में भी विटामिन बी12 होता है।
यदि आप पशु उत्पाद नहीं खाते तो बी12 युक्त मल्टीविटामिन और विटामिन बी12 की शक्ति से परिपूर्ण अनाज का दलिया नाश्ते में लेना लाभकारी होगा।
कुछ नाश्ते का कुछ प्रकार का दलिया, पोषक खमीर और इसके अन्य खाद्य उत्पाद जैसे कि ब्रेड में विटामिन बी12 की शक्ति होती है।
खमीरीकृत सोयाबीन और खमीरीकृत सब्जियाँ जिनमें चाय की पत्तियाँ भी हैं।
वनस्पति जगत में, समुद्री पौधे (जैसे केल्प), समुद्री काई (जैसे कि नीली-हरी काई), खमीर (जैसे कि ब्रेवर खमीर), और खमीरीकृत वनस्पति आहार (जैसे कि टेम्फ, मिसो, या टोफू) आदि सामान्य रूप से खाए जाने वाले विटामिन बी12 आहार हैं।

इनसे परहेज करे
तले हुए वसा युक्त आहार, नमक, शक्कर और अन्य शक्कर युक्त उत्पाद तथा संतृप्त वसा से समृद्ध आहारों का उपयोग कम करें।
घरेलू उपाय (उपचार)विटामिन बी12 से समृद्ध आहार खाएँ। विटामिन बी12 मिश्रित आहार शाकाहारियों के लिए कहे जा सकते हैं।



विटामीन बी12 की कमी: प्रमुख जानकारी और निदान
मई 30, 2016 Dr. Jai Prakash and Tejesvi Reddy (Pharmacologist)
विटामीन बी12 की कमी क्या है?विटामिन बी12 जीवन के लिए आवश्यक है। यह डीएनए (आनुवांशिक पदार्थ) के संश्लेषण के लिए और लाल रक्त कणिकाओं तथा तंत्रिका ऊतकों के स्वास्थ्य और उनके उचित कार्य करने हेतु आवश्यक है। यह हमारे शरीर को फोलिक एसिड अवशोषित करने में तथा ऊर्जा मुक्त करने में सहायक होता है।
यदि विटामिन बी12 की कमी की चिकित्सा ना की जाये तो यह एनीमिया (लाल रक्त कणिकाओं-जो रक्त को ऑक्सीजन प्रदान करती हैं-की कमी) में बदल सकती है।
रोग अवधिविटामिन बी12 की कमी को ठीक होने में समय लगता है। इसे जीवनभर विटामिन बी12 के पूरक आहार से पूर्ण करना पड़ सकता है 
उचित चिकित्सा के साथ, पूरक आहार दिए जाने के 6 से 12 महीनों के भीतर विटामिन बी12 की कमी के लक्षणों में सुधार होने लगता है। वैसे कुछ लोगों में कमी लम्बे समय तक रह सकती है।
शाकाहारियों और अन्य लोगों जिनकी बी12 की कमी आहार से सम्बंधित होती है, उनकी स्थिति बी12 के पूरक आहार और विटामिन बी12 का उपयोग बढ़ाने वाली आहार योजना द्वारा स्थिति ठीक हो जाती है।

जाँच और परीक्षणरोग निर्धारण शारीरिक लक्षणों के परीक्षण जैसे कि बढ़ी हुई नाड़ी की गति और पीली त्वचा द्वारा होता है। अन्य हैं:
रक्त परीक्षण
पेट के परीक्षण हेतु इसोफेगोगेस्ट्रोडयोडेनोस्कोपी (ईजीडी)।
छोटी आंत के परीक्षण के लिए एंटेरोस्कोपी।
अस्थि मज्जा की बायोप्सी।

डॉक्टर द्वारा आम सवालों के जवाबQ1.विटामीन बी12 क्या है, यह शरीर के लिए क्यों आवश्यक है?
विटामीन बी12 एक सूक्ष्म आहार है जो कि शरीर की कई एंजाइम सम्बंधित क्रियाओं के लिए आवश्यक है। शरीर विटामीन बी12 का निर्माण नहीं करता इसलिए इसे आहार से लेना पड़ता है और यह आँतों द्वारा अवशोषित होता है। यह लिवर में संचित रहता है और शरीर की आवश्यकता के अनुसार प्रयोग किया जाता है।

Q2.मुझे विटामीन बी12 की कमी कैसे हो सकती है?
यदि आप विटामीन बी12 कम मात्रा में लेते हैं तो समय बीतने के साथ आपको विटामीन बी12 की कमी होती है। या यदि आपके शरीर में विटामीन बी12 के अवशोषण से जुड़ी कोई समस्या है, उदाहरण के लिए परनिसियस एनीमिया या यदि छोटी आंत का नष्ट होना (बीमारी/शल्यक्रिया द्वारा)। विटामीन बी12 विशाल मात्रा में लिवर के भीतर संचित होता है, इसलिए विपरीत प्रभाव उत्पन्न करने के लिए वर्षों तक कमी बनी रहने की आवश्यकता होती है।

Q3.मुझे कैसे पता होगा कि मुझे विटामीन बी12 की कमी है?
यदि आपको विटामीन बी12 की कमी हो तो आपको थकावट, स्मरण शक्ति की कमी, और नसों की कमजोरी आदि लक्षणों का अनुभव होगा। रक्त परीक्षण से शरीर में विटामीन बी12 की मात्रा का विश्लेषण मिलता है और इससे कारण और कारक जानने में सहायता होती है। 
Q4.विटामीन बी12 की कमी के हानिकारक प्रभाव क्या हैं?
विटामीन बी12 की लम्बे समय तक बनी रहने वाली कमी, समय बीतने के साथ, मेरुदंड को स्थायी रूप से (ठीक ना हो सकने वाली) क्षति पहुँचाती है, जिसे सब एक्यूट कंबाइंड डिजनरेशन ऑफ़ द स्पाइनल कार्ड कहा जाता है। 

Q5.मैं विटामीन बी12 की कमी को कैसे ठीक कर सकता हूँ?
विटामीन बी12 की कमी को विटामीन बी12 की अधिक मात्रा वाले इंजेक्शन लेकर ठीक किया जा सकता है। यह हानिकारक नहीं होता और विटामीन बी12 की अधिक मात्रा मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाती है। अवशोषण में त्रुटि से होने वाली कमी को दूर करने के लिए शुरुआती अधिक मात्रा के साथ बचे इंजेक्शन नियमित अंतराल पर लेना चाहिए। 

Q6.मैं विटामीन बी12 की कमी से कैसे बच सकता हूँ?
आप विटामीन बी12 की कमी से विटामीन बी12 से समृद्ध आहार लेकर बच सकते हैं। शुद्ध शाकाहारियों को विटामीन बी12 की कमी होने का खतरा ज्यादा होता है। उन्हें विटामीन बी12 के पूरक और विटामीन बी12 की शक्ति से पूर्ण आहार नियमित लेने की सलाह दी जाती है।





विटामीन बी12 की कमी: घरेलु उपचार, इलाज़ और परहेज

परहेज और आहारलेने योग्य आहार

दूध और दूध उत्पाद विटामिन बी12 के अच्छे स्रोत हैं।
इनमें पोल्ट्री उत्पाद, मछली, फलियाँ, पनीर, अंडे और मेवे भी आते हैं।
मछली और रेड मीट विटामिन बी12 के उत्तम स्रोत हैं। पोल्ट्री और अण्डों में भी विटामिन बी12 होता है।
यदि आप पशु उत्पाद नहीं खाते तो बी12 युक्त मल्टीविटामिन और विटामिन बी12 की शक्ति से परिपूर्ण अनाज का दलिया नाश्ते में लेना लाभकारी होगा।
कुछ नाश्ते का कुछ प्रकार का दलिया, पोषक खमीर और इसके अन्य खाद्य उत्पाद जैसे कि ब्रेड में विटामिन बी12 की शक्ति होती है।
खमीरीकृत सोयाबीन और खमीरीकृत सब्जियाँ जिनमें चाय की पत्तियाँ भी हैं।
वनस्पति जगत में, समुद्री पौधे (जैसे केल्प), समुद्री काई (जैसे कि नीली-हरी काई), खमीर (जैसे कि ब्रेवर खमीर), और खमीरीकृत वनस्पति आहार (जैसे कि टेम्फ, मिसो, या टोफू) आदि सामान्य रूप से खाए जाने वाले विटामिन बी12 आहार हैं।

इनसे परहेज करे
तले हुए वसा युक्त आहार, नमक, शक्कर और अन्य शक्कर युक्त उत्पाद तथा संतृप्त वसा से समृद्ध आहारों का उपयोग कम करें।
घरेलू उपाय (उपचार)विटामिन बी12 से समृद्ध आहार खाएँ। विटामिन बी12 मिश्रित आहार शाकाहारियों के लिए कहे जा सकते हैं।

विटामीन बी12 की कमी: रोकथाम और जटिलताएं

रोकथाम (बचाव)
अधिकतर लोग विटामिन बी12 की कमी से, विटामिन बी12 से भरेपूरे आहार जैसे माँस, पोल्ट्री उत्पाद, समुद्री भोजन, दूध, पनीर, और अंडे लेकर बच सकते हैं।
शाकाहारियों में और सीमित पोषण उपयोग की चिकित्सीय स्थिति से गुजर रहे लोगों के लिए बी12 युक्त मल्टीविटामिन और विटामिन बी12 की शक्ति से परिपूर्ण अनाज या दलिया नाश्ते में लेना लाभकारी होगा।
ध्यान देने की बातें
हाथों और पैरों की अँगुलियों में झुनझुनी और सनसनाहट।
असमंजस की स्थिति और मानसिक स्तर में परिवर्तन (डिमेंशिया)।
डॉक्टर को कब दिखाएँ
साँस लेने में कठिनाई।
सूजी हुई लाल जीभ और मसूढ़ों से ख़ून आना।
त्वचा का रंग पीला पड़ना।यदि आप इस तरह के लक्षण अनुभव कर रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें
अत्यंत थकावट, ऊर्जा की कमी, और खड़े होते समय या मेहनती काम के बाद सिर भारी होना।
एकाग्रता की समस्या।
साँस की कमी।
सूजी हुई लाल जीभ और मसूढ़ों से ख़ून आना।

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