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अवसाद (depression)


अवसाद (depression) के 7 शारीरिक लक्षण


नींद की कमी, उदास रहना या किसी तरह का भावनात्मक दुख आदि डिप्रेशन के कारण हो सकते हैं। क्या आप डिप्रेशन से छुटकारा पाने के उपाय जानते हैं? विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक अध्ययन के अनुसार, शारीरिक और अवसाद के बीच लक्षणों को लेकर किए गए शोध से पता चला कि 1146 लोग अवसाद से पीड़ित थे, जिनमें 69 फीसदी लोग सिर दर्द, कब्ज, कमजोरी, या पीठ दर्द जैसे लक्षणों से पीड़ित थे। हम आपको अवसाद के सात शारीरिक लक्षण बता रहे हैं, जिनसे आप है अनजान!

1) माइग्रेन
जर्नल ऑफ पैन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, माइग्रेन और अवसाद के बीच गहरा संबंध है। इसके अलावा अवसाद को सिर दर्द की शुरुआत में तेजी करने के लिए जाना जाता है।
2) पेट के रोग
अवसाद से पीड़ित रोगी को कब्ज या दस्त की समस्या का खतरा होता है। इसके अलावा उसे पेट फूलना और इर्रीटेबल बोवअल सिंड्रोम का भी खतरा हो सकता है। अगर आपको इस तरह की कोई समस्या है और पारंपरिक इलाज के बावजूद सही नहीं हो रही है, तो मनोचिकित्सक को जरूर दिखाएं।
3) जोड़ों का दर्द
जर्नल ऑफ क्लिनिक साइकेट्री में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, पुराना जोड़ों का दर्द और अंगों में दर्द अवसाद के लक्षण हो सकते हैं। जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों को जीवन में गुणवत्ता की कमी की वजह से भी अवसाद हो सकता है।
4) सीने में दर्द
पिछले कुछ वर्षों में कई अध्ययनों से पता चलता है कि हृदय रोगों और अवसाद के बीच कुछ संबंध है। 250 मरीजों को लेकर किए गए एक अध्ययन में पता चला कि लगभग 31 से 42 फीसदी लोगों को चिंता और अवसाद के लक्षणों की वजह से सीने में दर्द की समस्या थी।
5) पीठदर्द
अवसाद और तनाव को क्रोनिक बैक पैन के साथ जोड़कर देखा जाता है। जबकि हल्के अवसाद से पीड़ित लोगों को पीठ दर्द का अनुभव नहीं होता है। ऐसा मेजर या क्लिनिकल डिप्रेशन से पीड़ित लोगों के साथ हो सकता है।

6) थकान और सुस्ती
अवसाद से पीड़ित व्यक्ति को सुबह बिस्तर से उठने में भी थकान महसूस होती है। इतना ही नहीं ऐसे व्यक्तियों को अपने अन्य काम करने में भी मुश्किल हो जाती है। यह अवसाद का क्लासिक फिजिकल लक्षण है।

7) चक्कर आना
थकान के साथ-साथ चक्कर आना भी अवसाद का एक लक्षण है। हालंकि इसके पीछे सही कारणों के बारे में अभी जानकारी नहीं है। लेकिन अवसाद से पीड़ित कुछ लोग इस लक्षण के संबंध में बात करते हैं।

अवसाद समय से पहले मस्तिष्क को कर देता है उम्रदराज

लंदन। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि अवसाद समय से पहले मस्तिष्क को उम्रदराज बना देता है। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि वैज्ञानिकों ने पूर्व में बताया था कि अवसाद या एंग्जाइटी से पीड़ित लोगों को उम्र बढ़ने के साथ साथ डिमेन्शिया होने का खतरा बढ़ता जाता है। उन्होंने कहा कि ’’ साइकोलॉजिकल मेडिसिन ’’ जर्नल में प्रकाशत यह अध्ययन संज्ञानात्मक कार्यकलापों में कमी पर अवसाद के प्रभाव के बारे में व्यापक प्रमाण पेश करता है। 

ब्रिटेन स्थित ससेक्स विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने 34 अध्ययनों की समीक्षा की। इस दौरान उनका मुख्य ध्यान अवसाद या एंग्जाइटी तथा समय के साथ संज्ञानात्मक कार्यकलापों में कमी के बीच संबंध पर था। अनुसंधानकर्ताओं ने संज्ञानात्मक कार्यकलापों में वयस्कों में स्मरण क्षमता में कमी, निर्णय लेने तथा सूचना संसाधन संबंधी गति आदि को शामिल किया। 


ससेक्स विश्वविद्यालय की दारया गाइसिना ने कहा ’’ यह अध्ययन महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारी आबादी के बूढ़े होने की दर अधिक है। आशंका है कि अगले तीस साल में संज्ञानात्मक कार्यकलापों में कमी वाले तथा डिमेन्शिया से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ेगी। ’’उन्होंने कहा ’’ हमें हमारे अवसादग्रस्त तथा डिमेन्शिया से पीड़ित बुजुर्गों की मानसिक स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए उनकी सही तरीके से देखभाल करने की जरूरत है ताकि उम्र बढ़ने के दौरान उनके मस्तिष्क की क्षमता पर अधिक असर न हो।

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