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दूध पिलाने वाली मां का भोजन कैसा होना चाहिए


दूध पिलाने वाली मां का भोजन कैसा होना चाहिए
बच्चे के जन्म के बाद एक माँ की जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। स्तनपान कराते समय भी उसके शरीर में कई बदलाव आते हैं ऐसे में उसे अपने आहार का ध्यान रखने की बहुत जरूरत है क्योंकि माना जाता है कि मां जो भी भोजन ग्रहण करती है उसका स्वाद शिशु भी स्तनपान के जरिए चखता है। यह खाओ वह मत खाओ, ऐसे करो वैसा मत करो, यह सुन सुनकर आप परेशान हो जाती होंगी परंतु माँ के लिए भी जरूरी होता है कि वह उन चीजों का सेवन करें जो उसके लिए भी स्वास्थ्यवर्धक हो और साथ में बच्चों को भी सभी प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त हो सके ताकि उसका शारीरिक और मानसिक विकास पूर्ण रूप से हो सके। तो आइए हम आपकी परेशानी दूर कर देते हैं और बताते हैं कि दूध पिलाने वाली मां को क्या खाना चाहिए (Best Food for Breastfeeding Mothers) और क्या-क्या नहीं खाना चाहिए।


दूध पिलाने वाली मां को क्या खाना चाहिए (Best Food for Breastfeeding Mothers in Hindi)

स्तनपान कराने वाली मां का आहार (Dudh Pilani Wali Maa Ka Aahar) संतुलित, पोष्टिक, स्वास्थ्यवर्धक और सेहतमंद खाद्य पदार्थों का मिश्रण होना चाहिए, जो इस प्रकार है:

#1. हरी और पत्तेदार सब्जियां (Green leave Vegetables)
वैसे तो हरी और पत्तेदार सब्जियों का सेवन हर किसी के लिए बहुत जरूरी होता है परंतु दूध पिलाने वाली मां के लिए तो यह बहुत जरूरी होता है। हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन ए, आयरन और कैल्शियम की मात्रा से भरपूर होते हैं जो महिला के साथ-साथ बच्चे के विकास के लिए भी बहुत आवश्यक होते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, ब्रोकली आदि का सेवन महिला को अपने आहार में एक समय जरूर करना चाहिए क्योंकि इनके सेवन से महिला में एनीमिया की शिकायत नहीं रहती हैं। पालक में विटामिन ए होने के कारण यह आपके शिशु के विकास में काफी मददगार साबित होता हैं। पालक खाने से खून की कमी की पूर्ति होती है। इसके साथ महिला को विटामिन ए की पूर्ति के लिए अपने आहार में टमाटर, घिया, शिमला मिर्च और शकरगंद भी शामिल करने चाहिए।



#2. फलों का सेवन करें (Fruits)

सभी दूध पिलाने वाली मां को अच्छे स्वास्थ्य के लिए फल खाने की सलाह दी जाती है। विटामिन सी से भरपूर खट्टे फल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद भी होते हैं परंतु कई बार दूध पिलाने वाली मां को खट्टे फल खाने से शिशु को पाचन संबंधी समस्या जैसे उल्टी, दस्त, अपच या गैस आदि हो सकती है। अगर आप के खट्टे फल खाने के बाद आपके शिशु को भी यही समस्या होती है तो आपको खट्टे फल खाने बंद कर देनी चाहिए। इसके अलावा आपको मौसमी फलों का सेवन करना चाहिए और ताजे फलों का रस भी पिना चाहिए। डिब्बाबंद जूस का सेवन नहीं करना चाहिए।
#3. विटामिंस (Vitamins)

दूध पिलाने वाली मां को विटामिंस की बहुत जरूरत होती है। खासकर विटामिन बी और विटामिन डी की। यह आपकी हड्डियों के विकास और संपूर्ण सेहत के लिए बहुत जरूरी है और साथ ही यह शरीर की कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। विटामिन डी के लिए आप रोज सुबह या शाम को अपने शिशु के साथ थोड़ी देर के लिए धूप में जरूर बैठे जिससे कि आपको पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मिल सके। इसके साथ आपको अपने आहार में दूध, अंडे, संतरे का रस, मशरूम आदि को भी शामिल करना चाहिए। विटामिन बी के लिए दूध पिलाने वाली मां को अपने आहार में खमीर और सोयाबीन जैसे खाद्य पदार्थ शामिल करने होंगे। विटामिन ए और सी के लिए गाजर, शकरकंद, आंवला, अमरूद, हरी सब्जियां और खट्टे फल शामिल करने होंगे परंतु खट्टा थोड़ा कम ही खाएं।

#4. कैल्शियम (Calcium)

दूध पिलाने वाली मां के लिए अपने आहार में कैल्शियम को भी शामिल करना बहुत जरूरी है। कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए आपको अपने आहार में अंडा, डेयरी युक्त उत्पाद,हरी पत्तेदार सब्जियां, फलों का जूस, सोया, चावल और मेवे शामिल करने चाहिए। वैसे तो ज्यादातर महिलाओं को बहुत सारे मेवे और मीठा दिया जाता है। यह सारे आहार उच्च कैलोरी वाले माने जाते हैं। मेवे काफी स्वस्थ भी होते हैं परंतु आपको इतना उच्च कैलोरी के आहार जैसे घिया मीठा खाने की जरूरत नहीं है। आप मेवे को रोस्टेड करके या हल्के फुल्के स्नेक्स के रूप में भी ले सकती हैं। आप मेवे को दलिया या सलाद के रूप में भी खा सकती हैं।

#5. आयरन और प्रोटीन का सेवन करें (Iron and Protein)

दूध पिलाने वाली मां को अपने आहार में विटामिन और कैल्शियम के साथ साथ प्रोटीन और आयरन को भी शामिल करना चाहिए। प्रोटीन के लिए आप ब्राउन राइस, पनीर, बटर और सोया उत्पादों को अपने आहार में शामिल करें और आयरन के लिए दूध पिलाने वाली मां को अपने आहार में दालें, अंकुरित अनाज, मेवे आदि शामिल करने चाहिए। बच्चों के विकास के लिए प्रोटीन और आयरन भी बहुत जरूरी होते हैं। दूध पिलाने वाली मां को अपने आहार में दाल तो जरूर शामिल करनी चाहिए क्योंकि दाल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है। यह मां और शिशु के विकास के साथ-साथ मां के स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ाने में भी मददगार होता है। जिन दूध बढ़ाने के लिए दाल अवश्य खाना चाहिए, खासकर मसूर की दाल का सेवन अवश्य करना चाहिए।

#6. पानी खूब पीएं (Drink water)

दूध पिलाने वाली मां को पानी का सेवन उचित मात्रा में करना चाहिए क्योंकि दूध बनने की वजह से आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है और साथ में बच्चे में भी ऊर्जा की कमी हो सकती है। जन्म से पहले 6 महीने तक शिशु का पानी पिलाने से इसलिए मना किया जाता है क्योंकि उसके शरीर में पानी की पूर्ति मां के दूध से ही हो जाती है। आप पानी के अलावा अन्य तरल पदार्थ भी ले सकती हैं जैसे फलों का रस, नारियल पानी, बादाम का दूध, सौंफ का पानी आदि। यह सारे तरल पदार्थ आपके लिए बहुत फायदेमंद होंगे। सौंफ को पानी में उबालकर पीने से आपके शरीर में हार्मोंस की मात्रा बढ़ेगी और दूध बनने की प्रक्रिया भी तेज होगी। आप सौंफ को खाना खाने के बाद भी खा सकती हैं। आप सूखे मेवे जैसे काजू, बदाम या किशमिश भी खा सकती है या फिर 10 से 15 बादाम को रात में पानी में भिगोकर रख दें और सुबह उन्हें पीसकर दूध में मिलाकर पीने से आपके शरीर की कमजोरी दूर होगी। इससे आपको ऊर्जा और शक्ति मिलेगी क्योंकि इसमें विटामिन ए, डी और ई होते हैं।
#7. ब्राउन राइस (Brown Rice)

दूध पिलाने वाली मां को अपने आहार में ब्राउन राइस को भी शामिल करना चाहिए क्योंकि यह राइस साबुत अनाज की तरह ही काम करते हैं। यह महिला में ऊर्जा का स्तर का कार्य करता है और इससे महिला के दूध में भी बढ़ोतरी होती है। ब्राउन राइस के साथ-साथ आप अपने में ऊर्जा बनाए रखने के लिए और शिशु के लिए दूध की मात्रा कम ना हो इसके लिए आप ओटमील का भी सेवन कर सकती हैं। आप इसे सुबह गर्म दूध के साथ या फिर इसे दही में मिलाकर भी ले सकती हैं। इससे आपका कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर भी ठीक रहेगा।

कुछ जरूरी बातें जो दूध पिलाने वाली मां को ध्यान में रखनी चाहिए (Important Tips for Breastfeeding Mothers)
दूध पिलाने वाली महिलाओं को ज्यादा तेज मसालों का सेवन नहीं करना चाहिए और ज्यादा फास्ट फूड और जंक फूड से भी बचना चाहिए।
दूध पिलाने वाली महिलाओं को ज्यादा कैफीन का भी सेवन नहीं करना चाहिए जैसे चाय, कॉफी, चॉकलेट आदि।
दूध पिलाने वाली महिला को शराब या फिर कोई और अन्य नशीले पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे दूध के जरिए शिशु को बहुत नुकसान हो सकता है।
दूध पिलाने वाली मां लंबे समय तक भूखे पेट नहीं रह सकती बल्कि थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाते रहना ही उनकी सेहत के लिए सही है।
दूध पिलाने वाली मां को सोंठ के लड्डू खाने चाहिए। यह आपके लिए बहुत गुणकारी होते हैं।
दूध पिलाने वाली मां को तरल पदार्थ का सेवन ज्यादा मात्रा में करना चाहिए।
आप चाहे अपना दूध पिलाएं या फिर बोतल से परंतु आपको अपना ख्याल रखना जरूरी है।


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प्रेगनेंसी के दौरान एक महिला को अपने खान-पान को ध्यान में रखना जितना जरूरी होता है उतना ही जरूरी होता हैं स्तनपान कराने वाली महिला के लिए भी| स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अपने खान-पान का ध्यान रखना ज्यादा जरूरी हो जाता हैं| स्तनपान के दौरान आप जो भी खाती या पीती हैं उसके न्यूट्रीशियन आपके शिशु भी स्तनपान के जरिए ग्रहण करते हैं| इसलिए जरूरी है कि आप स्तनपान के दौरान जंक फूड तो बिल्कुल न खाएं क्योंकि कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिनके सेवन से आप में गैस की समस्या पैदा होती हैं, जिसके कारण शिशु को पेट में दर्द या गैस की समस्या पैदा हो सकती है जिससे वह ज्यादा रोना शुरु कर देता है और आप समझ नहीं पाती हैं कि वह यह क्यों रो रहा हैं| चलिए आज जानते हैं कि दूध पिलाने वाली मां को किन चीजों का सेवन (Foods to Avoid During Breastfeeding) नहीं करना चाहिए।


हालांकि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ताजे फलों और सब्जियों के सेवन पर अधिक ध्यान देने के लिए कहा जाता हैं| साथ ही प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर भोजन की सलाह दी जाती है लेकिन यह भी सच है कि कोई इंसान एक ही खाना खा खाकर बोर हो जाता हैं| ऐसे में आप अपने टेस्ट में बदलाव करने के लिए बीच-बीच में कुछ चटपटा खाना खा सकती हैं लेकिन इसका सेवन अधिक मात्रा में और रोजाना ना करें| साथ ही ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद आप अजवाइन और सौंफ का पानी पी सकती हैं, इससे शिशु के पेट दर्द की समस्या नहीं होगी|

साथ ही कुछ चीजें (Foods to Avoid During Breastfeeding) ऐसी है जिनसे आप दूरी बनाकर रखें क्योंकि इससे शिशु को कब्ज, पेट दर्द और अन्य बीमारियां हो सकती है। तो चलिए जानते हैं कि दूध पिलाने वाली मां को कौन सी चीजे नहीं खाने चाहिए।
स्तनपान के समय इन आहारों का सेवन नहीं करना चाहिए (Foods to Avoid During Breastfeeding in Hindi)
#1. खट्टे फल


खट्टे फलों में विटामिन सी अधिक होता है और इससे दूध में अम्ल अधिक बनने लगता हैं| इससे बच्चे का पेट खराब हो जाता है या वह चिड़चिड़े भी हो जाते हैं| इसलिए स्तनपान के दौरान खट्टे फल बिल्कुल न खाएं और ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें बहुत ज्यादा मात्रा में फाइबर या शुगर हो, खाने के बाद गैस बनाते हो तो इनका सेवन करने से, दूध पीने के बाद शिशु के भी पेट में गैस बन सकती हैं और पाचन संबंधी समस्या हो सकती हैं| इसलिए विटामिन सी की कमी पूरा करने के लिए आप पपीता खा सकती हैं|
#2. लहसुन की गंध

लहसुन गर्म करता है जो शिशु के लिए नुकसानदायक होता हैं| साथ ही विशेषज्ञों का कहना है कि लहसुन की गंध शिशु को पसंद नहीं आती हैं| इसकी गंध आपके लहसुन खाने के 2 घंटे बाद तक भी दूध में रहती हैं| इसलिए इस दौरान लहसुन ना खाए तो बेहतर हैं|
#3. पुदीना

पुदीना की चटनी के बिना अगर आपको खाना पसंद नहीं है तो भी आपको बिना इसके खाना खाना पड़ेगा क्योंकि पुदीना मिल्क प्रोडक्शन में कमी करता हैं| इसलिए स्तनपान के दौरान पेपर मिंट चाय या पुदीने की चटनी या पुदीने का पानी बिल्कुल न पिए|

#4. कॉफी

अगर आप कॉफी पीने की शौकीन हैं और गर्भावस्था के बाद आप जी भरकर कॉफी पीना चाहती है तो आपको और इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि कॉफी में मौजूद कैफीन दूध में मिल जाता हैं जिससे शिशु को चिड़चिड़ाहट और अनिद्रा की समस्या हो सकती हैं|




#5. चॉकलेट

चित्र स्रोत: kohsantepheapdaily.com.kh

चॉकलेट को कॉफी के कैफीन से ही तैयार किया जाता हैं| स्तनपान के दौरान चॉकलेट भी ना खाएं, भले ही इसमें कैफीन की मात्रा कम होती हैं लेकिन कैफीन की कम मात्रा भी शिशु को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी हैं|
#6. मक्का

बच्चे को अक्सर मक्के से एलर्जी होती हैं लेकिन इस बात का पता लगाना थोड़ा मुश्किल होता हैं कि इतने छोटे बच्चों को भी मक्के से एलर्जी है या नहीं| इसके लिए मां मक्का खाने के बाद बच्चे में एलर्जी से संबंधित लक्षण उभरते हैं या नहीं, इस बात की जांच करें| दूध पिलाने वाली मां के आहार (Doodh Pilani Wali Maa kaa Aahar) में मक्का को भी शामिल नहीं करना चाहिए।

#7. राजमा

राजमा खाने से भी पेट में गैस बनती हैं| इसलिये अगर संभव हो तो दूध पिलाने वाली माओं को राजमे का सेवन रात के समय नहीं करना चाहिए।
#8. मूली और पत्ता गोभी

मूली और पत्ता गोभी भी स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए क्योंकि इससे बहुत अधिक गैस बनती है और साथ ही इससे हर्ट बर्न की समस्या भी पैदा होती हैं| इसके सेवन से बच्चों को भी पाचन संबंधी समस्या उत्पन्न हो सकती हैं|
#9. मूंगफली

चित्र स्रोत: nari.punjabkesari.in 3

ऐसा माना जाता है कि स्तनपान कराने वाली मां को मूंगफली का सेवन करते समय ध्यान रखना चाहिए| यदि परिवार की मेडिकल हिस्ट्री में एलर्जी शामिल है तो मूंगफली जैसी एलर्जी करने वाली चीजों से दूर रहना होगा संभव है कि मां अगर मूंगफली खाती है तो भी बच्चे को इससे एलर्जी हो सकती हैं| बच्चे में चकते या दूसरे लक्षणों से एलर्जी का पता लगाने की कोशिश करें|


#10. ब्रोकली

यदि कोई महिला खाने में ब्रोकली लेती है तो उसका असर रात तक भी बच्चे पर पड़ सकता गेन| इससे उसे घबराहट या पेट में दर्द हो सकता हैं| इस समस्या से निपटने के लिए यदि ब्रोकली को थोड़ा-थोड़ा करके खाएं या फिर बाद में पका कर खाए तो बच्चों पर इसका इतना प्रभाव नहीं पड़ेग|
साथ ही स्तनपान कराते समय अपने पास पेय पदार्थ रखना सही रहता हैं| जब आप शिशु को स्तनपान करा रही होती है तो शरीर में ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन निकलता है जिससे आपको प्यास लगने लगती हैं| पानी के अलावा दूध और फलों के रस भी आप की प्यास बुझाने के काम आ सकते हैं| बेहतर यह है कि जब भी आप अपने शिशु का स्तनपान कराये तो एक गिलास पानी पी लें, इसके साथ-साथ बीच में जब भी प्यास लगे तो पानी पीती रहे| इसके अलवा स्तनपान के दौरान चाय, शराब, सिगरेट और अन्य नशीली चीजों का सेवन तो कतई नहीं करना चाहिए। यह सभी आहार दूध पिलाने वाली मां के लिए वर्जित होते हैं।

क्या आप एक माँ के रूप में अन्य माताओं से शब्दों या तस्वीरों के माध्यम से अपने अनुभव बांटना चाहती हैं? अगर हाँ, तो माताओं के संयुक्त संगठन का हिस्सा बने|

स्तनपान माताओं को रोध : दूध न उतरना
दूध न उतरना :


दूध न उतरना आजकल देखने में आता है कि प्रसव के बाद नावप्रसुता माँ को दूध ही नहीं उतरता, उतरता भी है तो बच्चे के लिए अपर्याप्त होता है । गरीब माँ ही नहीं खाते पीते घरो की महिलाओं में भी यह समस्या देखने में आती है । सामान्यतया इससे लिए उचित खान पान तथा हार्मोन्स की गड़बड़ी सबसे बड़ा करण है । शरीर का पर्याप्त व्यायाम न हो पाना भी एक कारण है । इससे एक समस्या और देखने में आ रही है की महिलाओं को नोर्मल डिलिवरी नहीं हो पा रही है ।






घरेलु मदद से माँ का दूध बढाया जा सकता है - 
प्रसव पूर्व से ही प्रसविनी को रात्रि शयन से पूर्व दूध का पान करना चाहिए | दूध, गुड और नारियल का सेवन करने से माँ के दूध में वृद्धि होती है | भोजन में चावल का माँड तथा सोयाबीन को शामिल करने से स्तनों में दुग्ध वृद्धी होती है | शतावर, विदारीकंद तथा छोटी दुधि सम मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें | आधा चम्मच चूर्ण दूध के साथ सेवन करें तो दूध की मात्रा बढ़ जाती है | साबूदाने की खीर में पिसा जीरा डालकर सेवन करें, इससे स्तनों में दूध उतरने लगेगा |

स्तनपान कराने वाली माताओं को किसी भी रूप में नित्य कच्ची मूंगफली का सेवन करना चाहिए |
भोजन के साथ कच्ची प्याज का सेवन करने से दुग्धपान कराने वाली माताओं का दुग्ध बढ़ जाता है |

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