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दांतों की देखभाल

दांतों की देखभाल
दांत निकलवाने की जरूरत कब पड़ती है


दांत निकलवाने की जरूरत तब होती है, जब दांत बुरी तरह से सड़ जाए, क्षतिग्रस्त हो जाए या संक्रमित हो जाए। यदि ऐसी अवस्था में यदि डॉक्टर या डेंटिस्ट को लगे कि दांत निकालना ही उचित है तो वह दांत निकालने का निर्णय लेता है। आपको बता दें कि यदि दांत खराब है, तो इसका असर दूसरे दांतों पर भी पड़ता है। दूसरे दांत भी संक्रमित न हो इसलिए दांत निकलवाने का निर्णय लिया जाता है।


दांत निकलवाने की क्यों जरूरत पड़ती है
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1. मोलर्स (दाढ़)- ये खाने को चबाने और पीसने के काम आते हैं। कई बार मोलर्स का बढ़ना दांत दर्द और चबाने में समस्या पैदा करता है। जिसकी वजह से दूसरे दांत पर असर पड़ता है। ऐसे में दांत निकलवाना पड़ सकता है।

2. नए दांतों के आसपास सिस्ट बन सकता है। यदि इनका इलाज नहीं किया गया, तो ये आपके जबड़े और नसों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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3. जब अक्ल दाढ़ में समस्या होती है तो साइनस दर्द होता है। ऐसे में दांत निकलवाना पड़ सकता है।




4. जब मसूड़े सूज जाएं और उन्हें साफ करना मुश्किल हो तब भी आप दांत निकलवाने के लिए डॉक्टर के पास जा सकते हैं।

5. दांत निकलवाने की एक सबसे बड़ी वजह कैविटी भी है। सूजे हुए मसूड़े दांतों के बीच गड्ढा पैदा सकते हैं जो बैक्टीरिया को बढ़ने और कैविटी को बनाने में मदद करते हैं। इसक अलावा दांत का एंगल खराब हो, तब भी हम दांत उखड़वाने के बारे में सोचते हैं।
दांत निकलवाले से संबंधित निर्णय लेने के लिए आपका दंत चिकित्सक या डेंटिस्ट आपके मुंह के आकार और आपके दांतों की स्थिति को देखेगा। इसके अलावा आपकी उम्र भी इसमें एक अहम भूमिका निभाती है। जब आप दांत निकलवाने के लिए जाएं तो डॉक्टर से अपनी हेल्थ के बारे में जरूर बात करें। जो आप दवाई ले रहे हैं उसके बारे में भी डॉक्टर को जानकारी दें। यदि आपके पास दांत निकलवाने से संबंधित सवाल है तो वह भी आप पूछें। –
दांत को चमकाने के घरेलू उपाय
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1. आप चुटकिभर बेकिंग सोडा से अपने दांत को चमका सकते हैं। इसके लिए हफ्ते में एक या दो बार ब्रश पर कोलगेट के साथ थोड़ा बेकिंग सोडा डाल लें। इस तरीके से दांतों से पीली परत साफ होती जाएगी।

2. आप नमक और तेल से भी दांत साफ कर सकते हैं। गांव में आज भी लोग इस घरेलू उपाय को अपनाते हैं। इसके लिए हफ्ते में एक बार आधा छोटे चम्मच में दो बूंद सरसों के तेल की बूंदे डालें और इससे दांतों की हल्की मालिश करें। इससे धीरे-धीरे पीलापन खत्म हो जाएगा।

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3. नीम को जब भी याद किया जाता है, तो दिमाग में दांत की समस्या का बेहतर उपचार याद आता है। नीम हमेशा से ही दांतों को साफ करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टी की वजह से ये दांतों को सभी रोगों से दूर भी रखता है।

4. सेब के सिरके से भी कुल्ला कर दांतों का पीला कम किया जा सकता है। इसके लिए सिरका और पानी को समान मात्रा में मिलाएं और कुल्ला करें। आपको जरूर फायदा मिलेगा। इसके अलावा संतरे के पाउडर से मसाज करके भी आप अपने दांत को चमका सकते हैं। – दांतों की देखभाल
किसे होती है दांतों में कैविटी की समस्या


कुछ लोगों का मानना है कि कैविटी (दांतों में सड़न) की समस्या ज्यादातर बच्चों में होती है जबकि यह गलत है। आपको बता दें कि जिसके पास भी दांत है उसे यह समस्या हो सकती है। उम्र में बदलाव होने के साथ-साथ वयस्कों में भी यह समस्या साफ तौर पर देखी जा सकती है।

जब दांतों की समस्या होती है तो दांतों की जड़ों में प्लाक जमता है। यह न केवल दांतों में जमता है बल्कि प्लाक में मौजूद एसिड इनेमल को डिसोल्व करता है जिसकी वजह से कैविटी बनता है। कुछ लोग दूसरों की तुलना में कैविटी से अधिक प्रवण होते हैं। इसका कारण यह है कि कुछ लोग दूसरों की तुलना में अधिक शुगर का सेवन करते हैं।

मानो या न मानो आप उच्च कार्बोहाइड्रेट और शुगर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। दुर्भाग्यवश, इससे आपको कैविटी की समस्या हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुंह में बैक्टीरिया इन खाद्य पदार्थ की वजह से अधिक एसिड पैदा कर रहा है। इसका मतलब यह है कि जब तक आप लगातार शुगर का सेवन करते हैं, तब आप खुद ही कैविटी को निमंत्रण देते हैं।
कैविटी को रोकने के लिए क्या करें


1. विश्वसनीय फ़्लोराइड टूथपेस्ट के साथ दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें।
2. नियमित रूप से फ्लॉसिंग कीजिए।

3. समय-समय पर डेंटिस के पास जाएं और दांतों की चेकअप कराएं।
कैविटी को दूर करने के लिए घरेलू उपाय
#लौंग


लौंग कई बीमारियों में रामबाण दवा के रूप में काम करता है। एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एनाल्जेसिक और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के कारण लौंग कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, जैसे कि इम्यून सिस्टम और पाचन को मजबूत करता है और कैंसर के जोखिम को कम करता है।
दर्द को कम करने और कैविटी को फैलने से रोकता है। समस्या होने पर एक-चौथाई चम्मच तिल के तेल में 2 से 3 बूंदें लौंग के तेल की मिलाकर लें। इस मिश्रण को रात को सोने से पहले कॉटन बॉल में लेकर प्रभावित दांत में लगाएं। –
आपको बता दें कि मुलेठी की जड़ एसिड रिफ्लक्स, पेट की सूजन, पेट के अल्सर, दिल की धड़कन, अम्लता और कब्ज जैसी पाचन समस्याओं को ठीक करने में बहुत मददगार है। इसके अलावा मुलेठी की जड़ दांतों को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया के कारण होने वाली कैविटी का विकास रोकने में सहायता करता है। इसके अलावा यह जड़ी-बूटी प्लाक को कम करने में भी सहायता करती है।
#लहसुन

दांतों के टूटने और कैविटी की समस्या को दूर करने के लिए आप लहुसन का इस्तेमाल कर सकते हैं। एंटी बैक्टीरियल और एंटीबायोटिक गुणों से समृद्ध लहसुन न केवल दर्द से राहत देता है बल्कि स्वस्थ मसूड़ों और दांतों के लिए भी अच्छा होता है।
इसके लिए 2 से 3 लहसुन की कली को कुचलकर और एक-चौथाई चम्मच सेंधा नमक मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं। कैविटी को कम करने के लिए इस उपाय को कुछ दिनों के लिए दिन में दो बार करें।
दांतों की देखभाल
दांतों की सड़न रोकने के 2 उपाय



कुछ प्राकृतिक या घरेलू उपचार दांतों की सड़न को रोकने के उपाय के तौर पर जाने जाते हैं। यह सामान्य समस्या तब होती है जब प्लाक में बैक्टीरिया दांतों पर हमला करती है और कैविटी बनाते हैं। प्राकृतिक उपचार प्लाक से लड़ सकते हैं और दांत के सड़न को रोकने में सहायता कर सकते हैं।



प्लाक का गठन तब होता है जब मुंह में प्राकृतिक रूप से मौजूद बैक्टीरिया आहार को एसिड में परिवर्तित कर देता है। ये एसिड लार और बैक्टीरिया के साथ मिलते हैं, तो प्लाक दांतों में विकसित होता है और चिपक जाता है।
दांतों की सड़न रोकने के उपाय
लौंग का तेल


एंटीमाइक्रोबायल गुणों में समृद्ध लौंग कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, जैसे कि इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होती है, पाचन को आराम मिलता है और कैंसर का जोखिम भी कम होता है। दांतों की सड़न ठीक करने लिए आपको इन 4 चीजों की जरूरत होगी।


इसके लिए आप एक चौथाई बड़ा चम्मच नारियल तेल, एक चौथाई बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर, 2 से 3 बूंद लौंग का तेल और एक चुटकी समुद्री नमक आदि की जरूरत होती है। इसके बाद इन चारों चीजों को किसी कटोरी में अच्छी तरह से मिला लें और इस पेस्ट को टूथब्रश की सहायता से अपने दांतों पर लगाएं। इसके बाद ब्रश कर लें। – पुरुषों के लिए लौंग के लाभ

नींबू का रस

सुबह-सुबह हल्के गर्म पानी में नींबू निचोड़कर पीने से शरीर के पीएच संतुलन को बनाए रखने में सहायता मिलती है। विटामिन सी से भरपूर नींबू पोटेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम आदि का एक समृद्ध स्रोत भी है। दांतों की सड़न के लिए आप नींबू का रस, बेकिंग सोडा, पुदीना, पेपरमिंट का तेल भी प्रयोग कर सकते हैं।
इसके लिए आप कुछ बूंदे नींबू का रस लीजिए, आधा चम्मच बेकिंग सोडा लीजिए और एक चौथाई चम्मच पुदीना पाउडर डालिए। इसके बाद आप इसमें एक बूंद पेपरमिंट मिलाइए। इसके बाद अब इन चारों चीजों को अच्छी तरह से मिक्स करके ब्रश की सहायता से अपने दांतों पर लगाएं और कुछ समय बाद कुल्ला कर लें। इस पैक को दांतों पर लगाने से बहुत जल्दी आप दांतों की सड़न से निजात पा सकते हैं।
अन्य उपाय


कई अध्ययनों से पता चलता है कि नियमित चाय के सेवन से दांत क्षय या दांतों की सड़न की समस्या को कम किया जा सकता है। इसके अलावा 2008 में प्रकाशित एक शोध समीक्षा के मुताबिक, क्रैनबेरी में पाए गए कंपाउड एसिड उत्पादन को रोककर और दांतों से चिपकने वाले बैक्टीरिया को रोककर दांतों में होने वाले सड़न को रोक सकते हैं।

सड़न को रोकने के लिए दांतों की सही देखभाल करें। जानिए दांतों को सड़न से बचाने के लिए कैसे करें देखभाल –https://healthtoday7.blogspot.com/
मीठे खाद्य पदार्थ का अधि‍क सेवन न करें।
रात को सोने से पहले ब्रश या फ्लॉस जरूर करें।
फ्लोराइड दांत इनेमल को सख्त करने में मदद करता है और सड़न के जोखिम को कम करता है।
विटामिन डी, विटामिन के2, दूध, छाछ, क्रीम और घी का सेवन।
सप्ताह में कम से कम 3 बार सुबह ऑइल पुलिंग जरूर करें।
यदि आपको दांत में सड़न या रक्तस्राव मसूड़ों जैसी दंत समस्या है तो आपको अपने दांत के डॉक्टर से मुलाकात करनी चाहिए।

इन 4 कारणों की वजह से होते हैं दांत पीले


चिकित्सकीय और मौखिक स्वास्थ्य आपके समग्र स्वास्थ्य और कल्याण का एक अनिवार्य हिस्सा है। खराब मौखिक स्वच्छता कैविटी और गम रोग का कारण बन सकता है। यह चीज हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह से भी जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं उन 4 कारणों के बारे में जिसकी वजह से दांत पीले होते हैं।


अत्यधिक चाय या कॉफी से बचें

क्या आप जानते थे कि आपके हर दिन मौखिक देखभाल दिनचर्या भी पीले दांतों का कारण बन सकती है? दांतों के पीले रंग को रोकने के लिए आपको मौखिक देखभाल पर ध्यान देना चाहिए। अत्यधिक चाय या कॉफी पीना तथा अम्लीय फल और सब्जियां खाने से दांत पीले हो सकते हैं।
ज्यादा रगड़कर ब्रश न करें
यदि आप बहुत ज्यादा रगड़कर ब्रश करते हैं तो आपके इनेमल पर बूरा असर पड़ सकता है। वह पतला हो सकता है। यह दांतों की परत को नुकसान पहुंचा सकता है जिससे दांत पीले रंग में दिखाई देते हैं।
फ्लॉसिंग भी जरूरी


दिन में दो बार अपने दांतों को ब्रश करने के अलावा, फ्लॉसिंग भी दांत को स्वस्थ रखने के लिए एक बहुत ही अच्छा उपाय है। अगर आप फ्लॉसिंग नहीं करते हैं तो इससे न केवल इनेमल पर प्लाक जमेगा बल्कि बैक्टीरिया के हमले और पीले दांतों का खतरा भी बढ़ सकता है।


माउथवाश का उपयोग

माउथवाश का उपयोग करने से पहले दो बार सोचें। यदि आप ज्यादा माउथवाश का उपयोग करते हैं तो इससे आपके दांतों को परेशानी हो सकती है। माउथवाश इनेमल को नष्ट कर सकता है और आपके लिए पीले दांत का कारण बन सकता है।
दांतों की बीमारियों को दूर करने के लिए टिप्स
फलो का ज्यादा से ज्यादा सेवन कीजिए


दांतों की चमक तथा दांतों की बीमारियों को दूर करने के लिए आपके आहार में फलों का होना बहुत ही जरूरी है। खासतौर पर ऐसे फल जिनमें विटामिन सी की मात्रा हो। अपको बता दें कि फलों में कई तरह के एंजाइम और दूसरे जरूरी तत्व होते हैं जो दांतों को नेचुरल तरीके से साफ कर देते हैं। – ब्रश करने का सही समय
स्ट्रॉ का इस्तेमाल
एक्सपर्ट के मुताबिक आप कोई भी पेय पदार्थ पी रहे है तो स्ट्रॉ की मदद से पिएं। इससे उस तरल का आपके दांतों पर कम असर होगा।
जीभ की सफाई

कई लोग अपने दांतों की सफाई तो करते हैं लेकिन जीभ की सफाई करना या भूल जाते हैं या फिर उसे तवज्जो नहीं देते हैं। जीभ की सफाई भी बहुत जरूरी है। यदि जीभ गंदी रह जाएगी तो उस पर बैक्टीरिया पनप सकते हैं जोकि मुंह की दुर्गंध का कारण भी होते है। ब्रश करने के साथ ही किसी अच्छे टंग-क्लीनर से जीभ साफ करना भी बहुत अहम है।
खूब पानी पिएं


दांतों की देखभाल के लिए आप नियमित रूप से ज्यादा से ज्यादा पानी पीजिए। यह नेचुरल माउथवॉश है जो मुंह को समय-समय पर साफ करता रहता है। इससे दांतों पर चाय-काफी या दूसरी खाने-पीने की चीजों के दाग साफ हो जाते हैं।

शुगर-फ्री च्युइंगम का इस्तेमाल करें अगर आप दांतों को स्वस्थ्य रखना चाहते हैं तो शुगर-फ्री च्युइंगम का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यह स्लाइवा बनाने में मदद करता है जो प्लाक एसिड को साफ करने का काम करता है।
ब्रश का इस्तेमाल
ब्रश करने के लिए मुलायम ब्रश का ही इस्तेमाल करें। ब्रश करते वक्त भी इस बात का ध्यान रखें कि दांत रगड़ें नहीं बस हल्के हाथों से उन्हें साफ करें। इसके अलावा ब्रश करने का सही तरीका पता होना भी बहुत जरूरी है। इसके लिए आप दांत के डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं

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