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जानें किस हद तक उदास होना ठीक है


जानें किस हद तक उदास होना ठीक है

उदासी के कई स्वाभाविक कारण है लेकिन उदासी से जल्द से जल्द उबरना आपके लिए जरुरी होता है वरना ये उदासी डिप्रेशन का रुप ले लेती है। जो आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक हो सकती है।


हम सभी अपने जीवन में ऐसे हालातों का सामना करते हैं जिसमें हमें काफी बार उदास हो जाते हैं और हमें हंसी और खुशी हमारे जीवन से काफी दूर लगने लगती है। ऐसे में कई बार उदास हो कर अकेले में आंसू बहाते है, कई बार परिस्थितियों के अनुसार रोना और उदास होना जायज भी होता है। लेकिन लंबे समय तक उदास रहने से इंसान डिप्रेशन का शिकार हो जाता है। इसलिए लंबे समय तक रहने वाली उदासी हमारे लिए घातक हो सकता है। लेकिन किस हद तक उदास होना सही है और कब उदास होना स्वाभाविक होता है। आइए जानते हैं। [
1. किसी अपने की मौत होने पर: किसी अपने का दुनिया से चले जाना दुख का सबसे बड़ा कारण होता है। इस स्थिति में लोग कई बार डिप्रेशन में चले जाते हैं और उन्हें ठीक होने में कई साल लग जाते हैं। इसलिए किसी की मौत पर दुखी होना स्वाभाविक होता है।
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2. ब्रेकअप होने पर: अपने बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप होने पर या पति- पत्नि के तलाक होने पर दुखी होना स्वाभाविक है। ऐसे में आप का दुख आपके डिप्रेशन की निशानी नहीं हैं। हां ये परिस्थितियां आपको जरुर डिप्रेशन की तरफ ले जा सकती है लेकिन ये दुख स्वाभाविक होता है और ऐसे समय में दुखी होना जायज भी होता है। लेकिन इस दुख को बहुत अधिक लंबे समय तक अपने साथ ना रखें। जिंदगी में एक नई शुरूआत करें।[ 

3. नौकरी चले जाने पर: नौकरी चले जाने पर भी दुख होना स्वाभाविक है हालांकि ये दुख बहुत कम ही लोगों को डिप्रेशन की तरफ धकेलता है लेकिन अपने पसंदीदा काम को खोने से आप उदासी की में डूब जाते हैं। ये चीज भी आपको उदास बना सकती है।
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4.तबीयत खराब होने पर: बहुत बार असमय बीमार होने पर या किसी बीमारी के बहुत लंबे समय तक खिंच जाने पर आप उदासी का शिकार हो सकते हैं। लेकिन कोशिश करें आप इस उदासी से जल्द से जल्द बाहर निकलें।

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