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खुजली से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय –


खुजली से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय – 


Khujli Se Chutkara Pane Ka Gharelu Upay त्‍वचा में खुजली होना एक आप समस्‍या है जिससे बहुत से लोग प्रभावित होते हैं। लेकिन त्‍वचा में खुजली होने के कारण व्‍यक्तिगत और व्‍यवसायिक दोनो ही जीवन में आपको परेशानी हो सकती है। लेकिन आप त्वचा में खुजली होने की इस समस्‍या का समाधान कुछ घरेलू उपायों के माध्‍यम से कर सकते हैं। त्‍वचा में खुजली हाने पर आप इन प्राकृतिक उपायों को अपना सकते हैं जो बहुत ही असरदार और प्रभावी माने जाते हैं। इस लेख में आप त्‍वचा में होने वाली खुजली को ठीक करने के घरेलू नुस्खे जानेंगे। आइए जानते हैं त्‍वचा में खुजली होने पर आप किन उपचारों का उपयोग कर सकते हैं।


त्‍वचा की खुजली क्‍या है – What is itchy skin in Hindi
मानव शरीर का सबसे बड़ा अंग त्‍वचा को माना जाता है। त्‍वचा की खुजली एक सनसनी होती है जो त्‍वचा या तंत्रिका कोशिकाओं की जलन से उत्‍पन्‍न होती है। चिकित्‍सकीय रूप से खुजली को प्रुरिटस के रूप में जाना जाता है। त्‍वचा में खुजली होने के बहुत से कारण हो सकते हैं। जिनके परिणामस्‍वरूप आपकी त्‍वचा में दाने आ सकते हैं या लाल चकत्ते आदि बन सकते हैं। इस तरह से त्‍वचा की खुजली आपके लिए असुविधा का कारण बन सकती है।

खुजली होने के कारण – Causes Of Itchy Skin in Hindi

सामान्‍य रूप से यदि त्‍वचा की खुजली की बात की जाए तो स्‍वच्‍छता की कमी सबसे बड़ा कारण हो सकता है।

लेकिन इसके अलावा भी त्‍वचा में खुजली के अन्‍य दूसरे कारण भी हो सकते हैं जो आपको प्रभावित करते हैं।

त्‍वचा में खुजली होने के अन्‍य कारण इस प्रकार हैं:
शुष्‍क त्‍वचा
त्‍वचा की जलन या चकत्ते के निशान
आंतरिक बीमारियां जैसे कि लीवर की समस्‍या या किडनी की विफलता
तंत्रिका तंत्र के विकार, डायबिटीज आदि
सौंदर्य प्रसाधनों के दुष्‍प्रभाव और एलर्जी
गर्भावस्‍था, अधिक उम्र
पर्यावरणीय कारक आदि।

त्‍वचा की खुजली के लक्षण – Skin Itching Symptoms in Hindi
आप अपने शरीर के कुछ हिस्‍सों में खुजली का अनुभव कर सकते हैं। विशेष रूप से त्‍वचा में खुजली गुप्‍तांगों, बाहों, पैरों या आपके शरीर के अन्‍य हिस्‍सों में देखने को मिल सकती है। इस तरह से खुजली होने के कारण आपके शरीर में कुछ परीवर्तन भी देखने में आ सकते हैं जैसे कि लाल धब्‍बे, त्‍वचा में छाले या फफोले, परतदार त्‍वचा आदि। इसके अलावा आपको होने वाली खुजली लंबे समय तक चल सकती है जो आपके दैनिक जीवन को प्रभावित करती है। इस प्रकार लंबे समय तक होने वाली खुजली धीरे धीरे त्‍वचा के दाने का रूप ले सकती है। यदि आप भी त्‍वचा की खुजली से प्रभावित हैं तो यहां बताए जा रहे प्राकृतिक और घरेलू उपायों को अपना सकते हैं।

खुजली से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय – Home Remedies for Itchy Skin in Hindi

त्वचा की खुजली का इलाज नारियल तेल – Coconut oil for skin itching problem solution in Hindi
जिन लोगों त्‍वचा की खुजली है वे उपचार के रूप में नारियल तेल का उपयोग कर सकते हैं। अध्‍ययनों से पता चलता है कि नारियल तेल में मौजूद पोषक तत्‍व खुजली प्रभावित क्षेत्रों में औषधी का काम करता है। नारियल तेल में प्राकृतिक एंटीबैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो त्‍वचा में संक्रमण के प्रभाव को कम कर सकते हैं। आपको शायद पता हो कि त्‍वचा संक्रमण का प्रमुख कारण बैक्‍टीरिया होते हैं। नारियल तेल में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट गुण त्‍वचा में मौजूद बैक्‍टीरिया के विकास और प्रभाव दोनो को ही रोकने में मदद करते हैं। इसके अलावा नारियल तेल का उपयोग त्‍वचा को प्राकृतिक नमी दिलाता है। इस तरह से आप त्‍वचा की खुजली दूर करने के लिए नारियल तेल का उपयोग कर सकते हैं।

खुजली दूर करने का घरेलू नुस्खा बेकिंग सोडा – Baking Soda Home Remedies For Itching in Hindi
शारीरिक स्‍वच्‍छता खुजली का सबसे आसान और प्रभावी उपाय होता है। शरीर को साफ रखने और खुजली से छुटकारा पाने के लिए बेकिंग सोडा का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए आप अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाएं और इस पानी से स्‍नान करें। खुजली के दौरान गर्म पानी में बेकिंग सोडा का उपयोग बहुत ही लाभकारी होता है। लेकिन शरीर के किसी हिस्‍से विशेष में अधिक खुजली हो तो आप बेकिंग सोडा के पेस्‍ट का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप 1 चम्‍मच बेकिंग सोडा लें और पानी की कुछ मात्रा मिलाकर एक पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट को प्रभावित क्षेत्र में लगाएं और 2 से 5 मिनिट के अंदर ही इसे पानी से धो लें।

बेकिंग सोडा का उपयोग करते समय इस बात का ध्‍यान दें कि इस पेस्‍ट को त्‍वचा अधिक समय तक न लगे रहने दें।

क्‍योंकि लंबे समय तक उपयोग करने पर यह आपकी त्‍वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।


त्वचा खुजली समस्या समाधान ओटमील से – Oatmeal for Dry itching treatment in Hindi
जो लोग लंबे समय से खुजली से परेशान हैं वे ओटमील के लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं। खुजली प्रभावित क्षेत्र में पानी के साथ ओटमील का उपयोग करने से सुखद अनुभव प्राप्‍त होता है। इसके लिए आप अपने नहाने के गर्म पानी 2 कप ओटमील को मिलाएं और प्रभावित क्षेत्र को इस पानी से धुलें। लेकिन खुलजी प्रभावित क्षेत्रों में अधिक गर्म पानी का उपयोग करने से बचें क्‍योंकि बहुत गर्म पानी आपकी क्षतिग्रस्‍त त्‍वचा को और अधिक खराब कर सकता है। जिससे आपकी खुजली की समस्‍या और भी गंभीर हो सकती है। ओटमील त्‍वचा की खुजली दूर करने का यह सबसे अच्‍छा और प्रभावी घरेलू उपचार है।

दाद खुजली का उपाय सेब का सिरका – Remedy for herpes itching is Apple Cider Vinegar in Hindi


यदि आपकी त्‍वचा शुष्‍क है और आप खुजली से परेशान हैं तो इसके उपचार के लिए प्राकृतिक उत्‍पादों का उपयोग करें। सेब का सिरका भी एक ऐसा प्राकृतिक पदार्थ है जो खुजली को प्रभावी रूप से ठीक कर सकता है। सेब के सिरका में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो त्‍वचा संक्रमण से निपटने में हमारी मदद कर सकते हैं। यदि आप त्‍वचा की खुजली का इलाज करना चाहते हैं तो अपने नहाने के पानी में सेब के सिरका का उपयोग कर सकते हैं। आप अपने नहाने के पानी में 2 से 3 कप सेब का सिरका मिलाएं और प्रभावित अंग को इस पानी से धुलें और फिर स्‍नान करें। सेब के सिरका के औषधीय गुण आपके शरीर के बाहरी अंग को अच्‍छी तरह से डिटॉक्सिफॉइ करने में मदद करते हैं।

खुजली का रामबाण इलाज दूध – Milk home remedies for skin allergy itching in hindi

त्‍वचा की खुजली संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए दूध बहुत ही प्रभावी माने जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि इन दोनो ही उत्पादों में त्‍वचा को प्राकृतिक रूप से मॉइस्‍चराइज करने के गुण होते हैं। इसके अलावा इनमें औषधीय गुण भी होते हैं जो आपकी त्‍वचा की खुजली को प्रभावी रूप से ठीक कर सकते हैं। इसके लिए आप एक कटोरी में दूध लें और एक साफ सूती कपड़े को दूध में भिगोएं। दूध से गीला किये हुए कपड़े को खुजली प्रभावित जगह पर 5 से 7 मिनिट के लिए रखें। दूध में मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण त्‍वचा की खुजली को शांत करने में मदद करते हैं। दूध का उपयोग करने से आपको सूजन, खुजली और शुष्‍क त्‍वचा आदि से छुटकारा मिल सकता है। आप भी खुजली को शांत करने के लिए इस आसान से घरेलू उपाय को अपना सकते हैं।


24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने के लिए शहद – Honey for skin itching treatment in Hindi

खुजली एक ऐसी समस्‍या है जो आपको लोगों के सामने शर्मिंदगी का अनुभव करा सकती है। लेकिन त्‍वचा की खुजली का घरेलू इलाज किया जा सकता है। इसके लिए आप प्राकृतिक शहद का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। क्‍योंकि शहद में एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं। ये आपकी त्‍वचा की सूजन को कम करने के साथ ही त्‍वचा में मौजूद संक्रमण को फैलने से रोक सकते हैं। इसके लिए आप 2 चम्‍मच शहद लें और इसे हल्‍का गर्म करें। इस गुनगुने शहद को अपनी खुजली प्रभावित जगह पर लगाएं और लगभग 15 मिनिट के बाद धो लें। शहद आपकी त्‍वचा में नमी को बनाए रखने में मदद करती है। इसके अलावा आपकी त्‍वचा में मौजूद संक्रामक कीटाणुओं को नष्‍ट करने में भी अहम योगदान देती है। इस तरह से त्‍वचा की खुजली को दूर करने के लिए आप शहद का उपयोग कर सकते हैं।

खुजली से छुटकारा पाने का घरेलू उपाय तुलसी – khujli se chutkara pane ka gharelu upay Tulsi in Hindi

त्‍वचा की खुजली होने पर घरेलू उपाय के लिए तुलसी का उपयोग बहुत ही फायदेमंद होता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि तुलसी के पत्‍तों में यूजानॉल और थाइमोल जैसे घटक मौजूद रहते हैं। इसके अलावा तुलसी में एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण भी होते हैं जो त्‍वचा की खुजली और इससे होने वाली सूजन को कम करने में मदद करते हैं। खुजली होने पर आप तुलसी के कुछ पत्‍तों को पीस कर एक पेस्‍ट तैयार करें। इस पेस्‍ट को खुजली प्रभावित अंग पर लगाएं और कुछ देर के बाद धो लें। तुलसी के उपचार गुण आपको खुजली से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। खुजली से तत्‍काल राहत पाने के लिए आप इस उपचार को खुजली ठीक होने तक प्रतिदिन 2 बार उपयोग कर सकते हैं।

खुजली से छुटकारा कैसे पाये में करें तिल के तेल का उपयोग – Skin allergy ke gharelu upay sesame oils in Hindi
औषधीय गुणों से भरपूर तिल एक बहुत ही पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। लेकिन तिल के तेल का उपयोग कर आप त्‍वचा की खुजली से छुटकारा पा सकते हैं। क्‍योंकि तिल में एंटीऑक्‍सीडेंट की उच्‍च मात्रा होती है। इसके अलावा तिल को सूजन कम करने वाले घटकों की मौजूदगी के लिए भी जाना जाता है जो आपकी त्‍वचा में खुजली के दौरान लाली और चकत्ते के साथ आती है। त्‍वचा की खुजली को दूर करने के लिए आप तिल के तेल को अपने नहाने के पानी में मिला सकते हैं। इसके अलावा स्‍नान के बाद आप प्रभावित क्षेत्र में इस तेल को लगाएं। यह त्‍वचा की खुजली से छुटकारा पाने का सबसे आसान और प्रभावी घरेलू उपायों में से एक है।

खुजली से तुरंत आराम के लिए नींबू – Lemon to relieve itching immediately in Hindi

प्राचीन समय से ही विभिन्‍न त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए नींबू का उपयोग किया जा रहा है। त्‍वचा की खुजली से तत्‍काल राहत पाने के लिए आप नींबू के रस का उपयोग कर सकते हैं। क्‍योंकि नींबू के रस में साइट्रिक और एसिटिक एसिड की उच्‍च मात्रा होती है। इनमें एंटी-इंन्‍फलामेटरी, एंटी इरीटेशन और बंधनकारी गुण होते हैं। ये सभी गुण त्‍वचा की खुजली और जलन आदि का इलाज करने में मदद करते हैं। इसके लिए आप 1 या 2 नींबूओं को निचोडकर रस निकाल लें। इस रस में रूई को भिगोएं और खुजली वाले क्षेत्र में नींबू का रस लगाएं। नींबू के रस को लगाने के बाद इसे सूखने दें और फिर पानी से धो लें।
लेकिन ध्‍यान रखें कि यदि आपकी त्‍वचा संवेदनशील है तो नींबू के रस का उपयोग न करें। या फिर इसे लगाने से पहले नींबू के रस को पानी मिलाकर पतला कर लें। खुजली से छुटकारा पाने के लिए आप इसे दिन में 2 बार नियमित रूप से उपयोग करें।

खुजली के लक्षण दूर करे एलोवेरा – Aloe Vera Remove symptoms of itchy in Hindi


शीतलन गुणों से भरपूर एलोवेरा का उपयोग त्‍वचा की जलन को शांत करने के लिए किया जाता है। लेकिन खुलजी के लक्षणों से राहत पाने में भी एलोवेरा बहुत ही प्रभावी होता है। एलोवेरा में एंटी इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जो खुजली वाली त्‍वचा को शांत कर सकते हैं। हालांकि खुजली वाली त्‍वचा में एलोवेरा का उपयोग बहुत ही सावधानी से करना चाहिए। अधिक मात्रा में एलोवेरा जेल का उपयोग खुजली के लक्षणों को बढ़ा सकता है।

खुजली के दौरान आने वाले चकत्ते मामूली और अस्‍थाई होती हैं।

लेकिन यदि समय पर इनका उपचार न किया जाए तो ये चकत्ते या निशान स्‍थाई हो सकते हैं।

इसलिए यदि घरेलू उपायों का इस्‍तेमाल करने के बाद भी यदि आपको खुजली से राहत न मिले तो आपको सीधे ही डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।


#धरती_का_अमृत, #तुलसी_के फ़ायदे●










बात तबकी है जब हम भारतीयों के घर घर मे तुलसी उगाई जाती थी और बाजारीकरण में हमने अपना बाजार खराब नही किया था। तब 36 बीमारियों के लिए तुलसी का उपयोग किया जाता था। फिर हम समझदार बन गए और हमारी लग गयी।


आइए जानते है तुलसी के फायदे के बारे में

●#धरती_का_अमृत, #तुलसी●

■ तुलसी मुख्य रूप से पांच प्रकार के पायी जाती है ! श्याम, राम , श्वेत, वन, और नींबू तुलसी !

■ इन पांच प्रकार की तुलसी विधि द्वारा अर्क निकाल कर तुलसी का निर्माण किया गया है,

■ यह संसार की एक बेहतरीन एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी- बैक्टीरियल, एंटी- वायरल, एंटी-फ्लू, एंटी- बायोटिक, एंटी-इफ्लेमेन्ट्री व एंटी- डिजीज है।

१.तुलसी की एक बून्द एक ग्लास पानी में या दो बून्द एक लीटर पानी में डाल कर उस जल को पीना चाहिए। इसमें पेयजल विषाणु और रोगाणुओ से मुक्त होकर स्वास्तवर्धक पेय हो जाता है।
तुलसी २०० से अधिक रोगो में लाभदायक है, जैसे कि फ्लू , स्वाइन फ्लू, डेंगू , जुखाम, खासी, प्लेग, मलेरिया, जोड़ो का दर्द, मोटापा, ब्लड प्रेशर, शुगर, एलर्जी, पेट के कीड़ो, हेपेटाइटिस, जलन, मूत्र सम्बन्धी रोग, गठिया, दम, मरोड़, बवासीर, अतिसार, आँख का दर्द, दाद खाज खुजली, सर दर्द, पायरिया नकसीर, फेफड़ो सूजन, अल्सर, वीर्य की कमी, हार्ट ब्लोकेज आदि.


३.तुलसी एक बेहतरीन विष नाशक तथा शरीर के विष (toxins ) को बहार निकलती है.

४.तुलसी स्मरण शक्ति को बढ़ाता है.!

५.तुलसी शरीर के लाल रक्त सेल्स (Haemoglobin) को बढ़ने में अत्यंत सहायक है।

६. तुलसी भोजन के बाद एक बूँद सेवन करने से पेट सम्बन्धी बीमारिया ठीक होती हैं।


७. तुलसी के ४-५ बुँदे पीने से महिलाओ को गर्भावस्था में बार बार होने वाली उलटी के शिकायत ठीक हो जाती है।

८. आग के जलने व किसी जहरीले कीड़े के कांटने से तुलसी को लगाने से विशेष रहत मिलती है।


९. दमा व खासी में तुलसी के दो बुँदे थोड़े से अदरक के रस तथा शहद के साथ मिलकर सुबह- दोपहर-शाम सेवन करे।


१०. यदि मुँह में से किसी प्रकार की दुर्गन्ध आती हो तो तुलसी के एक बुँदे मुँह में दाल ले दुर्गन्ध तुरंत दूर हो जाएगी।

११.दांत का दर्द, दांत में कीड़ा लगना, मसूड़ों में खून आना तुलसी के ४-५ बुँदे पानी में डालकर कुल्ला करना चाहिए।


१२.कान का दर्द, कण का बहना, तुलसी हल्का गरम करके एक -एक बूंद कान में टपकाए। नाक में पिनूस रोग हॉट जाता है, इसके अतिरिक्त फोड़े-फुंसिया भी निकल आती है, दोनों रोगो में बहोत तकलीफ होती है! तुलसी को हल्का सा गरम करके एक-एक बूंद नाक में टपकाए।


१३.गले में दर्द, गले व मुँह में छाले , आवाज़ बैठ जाना तुलसी के ४ -५ बुँदे गरम पानी में डालकर कुल्ला करना चाहिए!


१४. सर दर्द, बाल क्हाड्णा, बाल सफ़ेद होना व सिकरी तुलसी की ८ -१० मि.ली। हेयर आयल के साथ मिलाकर सर, माथे तथा कनपटियो पर लगाये।

१५. तुलसी के ८-१० बुँदे मिलकर शरीर में मलकर रात्रि में सोये, मच्छर नहीं काटेंगे।
 कूलर के पानी में तुलसी के ८-१० बुँदे डालने से सारा घर विषाणु और रोगाणु से मुक्त हो जाता है, तथा मक्खी- मच्छर भी घर से भाग जाते है।

जुएं व लिखे

तुलसी और नीमू का रास सामान मात्रा में मिलाकर सर के बालो में अच्छे तरह से लगाये! ३-४ घंटे तक लगा रहने दे और फिर धोये अथवा रात्रि को लगाकर सुबह सर धोए, जुएं व लिखे मर जाएगी।
८. त्वचा की समस्या में निम्बू रास के साथ तुलसी के ४-५ बुँदे डालकर प्रयोग करे।

१९.तुलसी में सुन्दर और निरोग बनाने की शक्ति है। यह त्वचा का कायाकल्प कर देती है। यह शरीर के खून को साफ करके शरीर को चमकीला बनती है।


२०.तुलसी की दो बुँदे किसी भी अच्छी क्रीम में मिलाकर चेहरे पर सुबह व रात को सोते समय लगाने पर त्वचा सुन्दर व कोमल हो जाती है तथा चेहरे से प्रत्येक प्रकार के काले धन्ने, छाइयाँ, कील मुँहासे व झुरिया नष्ट हो जाती है।


२१. सफ़ेद दाग;

१० मि.लि. तेल व नारियल के तेल में २० बुँदे तुलसी डालकर सुबह व रात सोने से पहले अच्छी तरह से मले।

२२.तुलसी के नियमित उपयोग से कोलेस्ट्रोल का स्तर कम होने लगता है, रक्त के थक्के जमने कम हो जाते है व हार्ट अटैक और कोलेस्ट्रोल रोकथाम हो जाती है।

२३.तुलसी को किसी भी अच्छी क्रीम में मिलाकर लगाने से प्रसव के बाद पेट पर बनने वाले लाइने (स्ट्रेच मार्क्स) दूर हो जाते है।

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