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प्रेगनेंसी में दस्त होने के कारण और घरेलू उपाय


प्रेगनेंसी में दस्त होने के कारण और घरेलू उपाय 
(Pregnancy me loose motion ke karan aur gharelu upay)

जहां एक तरफ गर्भधारण करने पर महिलाओं को खुशी होती हैं, तो वहीं दूसरी तरफ गर्भ में शिशु के विकास के साथ साथ उनकी परेशानियां बढ़ जाती हैं। प्रेगनेंसी में मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness in hindi), कमर दर्द और पेट दर्द जैसी दिक्कतों में से दस्त या अतिसार (diarrhoea in hindi) होना भी एक आम समस्या है।

अगर प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) ज्यादा होने लगें तो गर्भवती महिलाओं को इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। इस ब्लॉग में हम आपको प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से जुड़ी तमाम जानकारी दे रहे हैं।

1. प्रेगनेंसी में दस्त क्यों होते हैं? 
(Pregnancy me dast kyun hote hai)


अगर प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाएं एक दिन में तीन से चार बार मल त्याग कर रही हैं, तो यह दस्त (diarrhoea in hindi) हो सकते हैं। प्रेगनेंसी में दस्त या अतिसार (loose motion during pregnancy in hindi) होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख कारणों की चर्चा नीचे की गई है-


हार्मोनल बदलाव- प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जोकि पाचन तंत्र को खराब कर देते हैं और इससे दस्त (loose motion in hindi) हो सकते हैं।


खानपान में बदलाव- गर्भवती होने की खबर सुनते ही सबसे पहले महिलाएं अपने खानपान में बदलाव करने लगती हैं, जिसकी वजह से पाचन तंत्र बिगड़ जाता है और इससे दस्त (loose motion in hindi) हो सकते हैं।

प्रीनेटल विटामिन (prenatal vitamin in hindi)- गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को प्रीनेटल विटामिन (prenatal vitamin in hindi) दिए जाते हैं, जो उनके और उनके शिशु के स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन कई मामलों में यह दस्त (loose motion in hindi) का कारण बन सकते हैं।


नये खाद्य पदार्थों के प्रति संवेदनशील- प्रेगनेंसी से पहले जिन खाद्य पदार्थों से महिला को कभी कोई परेशानी नहीं हुई, उन्हीं खाद्य पदार्थों को इस दौरान लेने से पाचन तंत्र बिगड़ सकता है और इसकी वजह से दस्त (loose motion in hindi) हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) होना बिल्कुल सामान्य है, लेकिन यह ज़रूरी नहीं है कि हर बार दस्त (loose motion in hindi) की वजह सिर्फ गर्भावस्था के दौरान बदलाव ही हो, बल्कि यह नीचे लिखे गये अन्य कारणों से भी हो सकते हैं-
पेट दर्द
वायरल इंफेक्शन (viral infection in hindi)
फूड पाइज़निंग
दवाएं
बैक्टीरियल इंफेक्शन (bacterial infection in hindi)

2. क्या प्रेगनेंसी में दस्त होना सामान्य है? 
(Kya pregnancy me dast hona normal hai)



प्रेगनेंसी की शुरूआत में जीवनशैली में बदलाव होने की वजह से दस्त (loose motion in hindi) होना सामान्य है, लेकिन तीसरी तिमाही में यह चिंता का विषय बन सकता है। दरअसल, प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में दस्त (loose motion in hindi) होना समय से पूर्व डिलीवरी (premature delivery in hindi) की तरफ इशारा करते हैं।

यह ज़रूरी नहीं है कि दस्त (diarrhoea in hindi) होने की वजह से डिलीवरी होने वाली है, मगर इसका मतलब यह हो सकता है कि गर्भवती महिला का शरीर प्रसव के लिए तैयार हो रहा है।

3. प्रेगनेंसी की पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही में दस्त होना 
(Pregnancy ki pehli, dusri aur tisri timahi me dast hona)



प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में दस्त होना- प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में अचानक से खानपान और हार्मोन्स में बदलाव होने की वजह से दस्त (diarrhoea in hindi) होना सामान्य है।


प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में दस्त होना- प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में दस्त (diarrhoea in hindi) बहुत कम होते हैं, लेकिन अगर गर्भवती महिलाओं को इसके साथ बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द महसूस हो तो उन्हें डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में दस्त होना- प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में दस्त होना कई मामलों में सामान्य नहीं है, क्योंकि कई बार यह समय से पूर्व डिलीवरी (premature delivery in hindi) की तरफ इशारा करते हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

4. प्रेगनेंसी में दस्त होने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? 
(Pregnancy me dast hone par doctor ke paas kab jana chahiye)

प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) होने की वजह से गर्भवती महिलाओं को काफी ज्यादा असुविधा होती है। हालांकि कई मामलों में दस्त (loose motion in hindi) होना सामान्य है, लेकिन अगर गर्भवती महिलाओं को नीचे लिखे गये लक्षण महसूस हो तो उन्हें फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-
गाढ़ा पीला पेशाब आना
सिर दर्द होना
चक्कर आना
पेशाब की मात्रा कम होना
अधिक प्यास लगना

5. प्रेगनेंसी में दस्त कम करने के घरेलू उपाय क्या है? 
(Pregnancy me dast ko kam karne ke gharelu upay kya hai)

गर्भावस्था में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं नीचे लिखे गये घरेलू उपायों को आज़मा सकती हैं-


खूब पानी पीएं- प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से छुटकारा पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को हर दो घंटे में कम से कम 1 लीटर पानी ज़रूर पीना चाहिए।


अदरक की चाय पीएं- प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को अदरक की चाय पीनी चाहिए। इसमें मौजूद गुण दस्त (loose motion in hindi) की समस्या को दूर करने में सहायक होते हैं।


गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीएं- प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से छुटकारा पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को एक गिलास गुनगुने पानी में तीन चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहिए।


नींबू पानी पीएं- गर्भावस्था में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं एक गिलास पानी में स्वादानुसार नींबू, चीनी और नमक मिलाकर पीएं।


पुदीना पानी पीएं- प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं आधे कप पानी में पुदीने की तीन चार पत्तियों को मिलाकर दिन में दो से तीन बार पीएं।


साबूदाना का पानी पीएं- गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए एक मुठ्ठी साबूदाना को एक जग पानी में तीन से चार घंटे भिगो कर रख दें और इसके बाद इस पानी को दिन में तीन से चार बार पीएं।


अनार खाएं- प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) को रोकने के लिए गर्भवती महिलाओं को अनार खाना चाहिए। अगर गर्भवती महिला को अनार के बीज पसंद नहीं है, तो इसकी जगह वे इसका जूस पी सकती हैं।


मेथी पाउडर को पानी में मिलाकर पीएं- प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को एक गिलास पानी में दो चम्मच मेथी पाउडर मिलाकर पीना चाहिए।


चाय पत्ती खाएं- प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाएं आधा चम्मच चाय की पत्ती को पानी के साथ खाएं। इसको खाने से गर्भवती महिलाएं दस्त (loose motion in hindi) को काफी हद तक रोकने में सफल हो सकती है। ध्यान दें कि अगर गर्भवती को उल्टी भी हो रही है तो उसे चाय की पत्ती नहीं खानी चाहिए।

ध्यान दें- उपरोक्त घरेलू उपाय दस्त (loose motion in hindi) को रोकने में कारगर है, लेकिन गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह के बाद ही इनका इस्तेमाल करें।

6. प्रेगनेंसी में दस्त से कैसे बचें? 
(Pregnancy me dast se kaise bache)
प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) की समस्या से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं नीचे लिखे गये सुझावों को अपना सकती है-


दूषित पानी न पीएं- प्रेगनेंसी की शुरूआत से ही गर्भवती महिलाओं को दूषित पानी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद कीटाणु दस्त (loose motion in hindi) के कारण बन सकते हैं।


अशुद्ध पानी से ब्रश न करें- गर्भवती महिलाओं को अशुद्ध पानी से ब्रश नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद कीटाणु शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं और इसकी वजह से दस्त (diarrhoea in hindi) हो सकते हैं।


शरीर में नमी बरकरार रखें- गर्भावस्था की शुरूआत से ही गर्भवती महिलाओं को दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में नमी बरकरार रहती है और दस्त (diarrhoea in hindi) जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है।


खाना अच्छी तरह से पका कर खाएं- गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को कच्चा भोजन खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है और दस्त (diarrhoea in hindi) होने की संभावना बढ़ जाती है।

7. गर्भावस्था में यात्रा करने के दौरान दस्त से कैसे बचे? 
(Pregnancy me yatra karne ke dauran dast se kaise bache)


कई बार गर्भवती महिलाओं को यात्रा करने के दौरान दस्त की शिकायत हो जाती है, जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी होती है। प्रेगनेंसी में यात्रा के दौरान दस्त से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को सड़क के किनारे बिकने वाली खानपान की चीज़ो से परहेज करना चाहिए। दरअसल, इस तरह की चीज़ों में कीटाणु होने की संभावना ज्यादा होती है और इससे दस्त होने का खतरा बढ़ सकता है।

8. क्या प्रेगनेंसी में दस्त होने से बेबी को नुकसान होता है? 
(Kya pregnancy me dast hone se baby ko nuksan hota hai)


प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) होने पर गर्भ में पल रहे शिशु को तब तक कोई नुकसान नहीं होता है, जब तक गर्भवती महिला की स्थिति गंभीर न हो। अगर गर्भवती महिलाओं को ज़रूरत से ज्यादा दस्त (diarrhoea in hindi) हो रहे हैं तो उन्हें पानी की कमी हो सकती है और इससे शिशु तक होने वाले रक्त प्रवाह में रूकावट पैदा हो सकती है।

प्रेगनेंसी में दस्त (loose motion during pregnancy in hindi) से छुटकारा पाने के लिए गर्भवती महिलाएं ऊपर बताए गये उपायों को आज़मा सकती हैं। इसके अलावा अगर दस्त (loose motion in hindi) ज्यादा हो रहे हैं तो गर्भवती महिलाओं को फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि यह समय से पूर्व डिलीवरी (premature delivery in hindi) की तरफ इशारा करते हैं।

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