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खुश्क सर्दियों में त्वचा से प्यार कर बैठेंगे, अगर अपनाएंगे ये उपाय

खुश्क सर्दियों में त्वचा से प्यार कर बैठेंगे, अगर अपनाएंगे ये उपाय

सर्दियां आते ही शरीर और चेहरे पर ड्राईनेस, एलर्जी, खुजली और रेडनेस जैसी समस्या भी साथ आती है। यदि आप इस समस्या से निपटना चाहते हैं और खुद मॉइस्चराइज़ रखने के लिए केमिकल प्रोडक्ट से दूर रहना चाहते हैं तो आपको कुछ घरेलू उपचारों पर ध्यान देना चाहिए। ये उपचार ऐसे हैं कि इनके लिए न तो आपको बहुत ज्या दा मेहनत करने की जरूरत है और न ही इसके लिए कहीं दूर जाने की जरूरत है। यह साधारण से उपाय आपकी रसोई में ही मौजूद हैं और इन्हेंि करना भी है बहुत आसान।

बादाम का तेल - बादाम में स्वास्थ्य, त्वचा और बालों के लिए कई फायदे मौजूद होते हैं। बादाम का तेल एक प्राकृतिक घटक है जिसे त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। सर्दियों के मौसम में स्किन को हेल्दी रखने में बादाम का तेल भी सहायता करता हैं। अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है तो हफ्ते में दो बार इससे अपनी स्किन पर मालिश करें।

एलोवेरा - एलोवेरा एक जीवाणुरोधी और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में काम करता है। यह आपके मुंहासे को कम करने में मदद करता है। इसमें पॉलीसैकराइड भी शामिल हैं जो नई कोशिकाओं के विकास को प्रोत्साहित करता है। इसके अलावा एलोवेरा जेल सर्दियों के मौसम में त्वचा के रूखेपन को दूर करने में सहायता कर सकता है।


दही - दही के सेवन से हमारे शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। इसमें स्वस्थ बैक्टीरिया पाया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा है। दही के फेस मास्क में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता हैं जो मुक्त कणों या फ्री रेडिक्ल्स को आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाने से रोकता हैं। सर्दियों के मौसम में दही एक नेचुरल मॉइस्चराइज़र है। इसके लिए दही से चेहरे की मसाज करें और 20-25 मिनट के लिए छोड़ दें।

जैतून का तेल - जैतून का तेल स्वस्थ मोनोसंसैचुरेटेड फैट, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लैमरेटरी का भरपूर स्रोत है। यदि आप सर्दियों के मौसम में शरीर पर ऑलिव ऑयल से मसाज करते हैं तो यह स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसके अलावा इसमें विटामिन-ई भरपूर मात्रा में होता है जो त्वाचा को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है।

पपीते का पेस्ट - फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट में समृद्ध पपीता न केवल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायता करता है, बल्कि सर्दियों के मौसम में त्वचा के रूखेपन को दूर करने के लिए पपीता का इस्तेमाल भी अच्छा उपाय है। इसके लिए आप पपीते का पेस्ट बनाकर चेहरे पर कुछ देर मसाज करें और फिर चेहरा धो लें।


शरीर के लिए अत्यावश्यक है विटामिन डी, जानें इसके स्रोत




शरीर को तंदुरूस्त रखने के लिए कैल्शियम और प्रोटीन की तरह विटामिन डी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन डी एक वसा-घुलनशील खनिज है जो त्वचा में बनता है जब यह सीधे सूर्य की रोशनी के संपर्क में आता है। यह एक अद्वितीय विटामिन है, जो मजबूत हड्डियों, मांसपेशियों तथा दांतों, सेल विकास नियंत्रण, उचित प्रतिरक्षा और न्यूरोमस्क्यूलर कामकाज, और हमारे समग्र स्वास्थ्य के रखरखाव सहित कई कार्यों के लिए आवश्यक है। विटामिन डी की कमी से हड्डियों की कई बीमारी दूर हो सकती है। सर्दियों में धूप कम रहने के कारण लोगों में इसकी कमी ज्यामदा देखने को मिलती है। आइए जानें सूरज की रोशनी के अलावा और कौन से हैं वे स्रोत जिनसे मिल सकता है विटामिन डी।



मशरूम - कई स्वास्थ्य संबंधी फायदों से भरपूर मशरूम खाने में काफी स्वादिष्ट है। आप इसकी सूखी या रसेदार सब्जी बनाकर अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। मशरूम वास्तव में, विटामिन डी से भरपूर एकमात्र प्लांट स्रोत हैं। मशरूम बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे विटामिन बी1, विटामिन बी2, विटामिन बी5 और तांबे जैसे खनिजों में भी समृद्ध है। मशरूम में विटामिन डी की मात्रा प्रकार और विविधता के हिसाब से भिन्न होती है। शिटेक मशरूम को सभी मशरूम में विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है।

सैल्मन मछली - सैल्मन मछली में हेदी फैट होता है, जो इसे विटामिन डी का उत्कृष्ट स्रोत बनाती है। लगभग 3.5 औंस सैल्मन मछली आपको विटामिन डी की अनुशंसित आहार राशि का 80 फीसदी प्रदान करता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाने के कारण भी मछली स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होती है।


कॉड लिवर ऑयल - कॉड लिवर ऑयल कई वर्षों से एक लोकप्रिय सप्लीमेंट रहा है और यह विटामिन डी, विटामिन ए, और ओमेगा -3 फैटी एसिड में बेहद समृद्ध है। इस तेल का सेवन नियमित रूप से स्वस्थ और मजबूत हड्डियों को बढ़ावा देने, वयस्कों में ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने और मस्तिष्क गतिविधि में सुधार करने के लिए जाना जाता है।
अंडा - अंडे में भी विटामिन डी होता है। यदि आप अपने आहार में रोजाना एक अंडे को शामिल करते हैं तो इससे 10 फीसदी विटामिन डी मिलता है। विटामिन डी के अलावा, अंडा विटामिन बी12 और प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत हैं।
रिकोटा चीज – रिकोटा चीज विटामिन डी का बहुत ही अच्छा स्रोत है। इसमें अन्य पनीर की तुलना में पांच गुना अधिक विटामिन डी होता है। इसके अलावा दूध भी विटामिन डी का अच्छा स्रोत है। दूध कैल्शियम, पोटेशियम और प्रोटीन का भी एक अच्छा स्रोत है।

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