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डिप्रेशन से छुटकारा


डिप्रेशन से छुटकारा – आसान 11 उपाय


एक साल पहले खबर आई कि मशहूर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अवसाद या डिप्रेशन की शिकार हो गई थी। उस समय दीपिका बहुत ही परेशान चल रही थी। उनकी परेशानी फिल्मों की असफलता नहीं थी बल्कि कोई ऐसा गम था जो उन्हें अंदर ही अंदर खाए जा रहा था। हालांकि दीपिका ने किसी को जाहिर नहीं होने दिया कि वह डिप्रेशन के दौर से गुजर रही हैं।
दीपिका के इस मामले से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि डिप्रेशन कभी भी और किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। अपने पिछले लेख में हमने डिप्रेशन के लक्षणों के बारे में बताया। आइए इस लेख में जानते हैं डिप्रेशन से छुटकारा – आसान 11 उपाय :
सकारात्मक उर्जा के लिए आप कभी भी व्यायाम करना न छोड़े। व्यायाम करने से शरीर में सेरोटोनिन और टेस्टोस्टेरोन हारमोंस का स्त्राव होता है जिससे दिमाग स्थिर होता है और अवसाद देने वाले बुरे विचार दूर रहते हैं।
उस माहौल से निकलिए जिसकी वजह से आप डिप्रेशन में है। इसके लिए आप किसी ऐसी जगह का चुनाव कर सकते हैं जो आबोहवा के हिसाब से आपको सूट करे।
डिप्रेशन से पीड़ित रोगी को तली-भुनी चीजें, मिर्च- मसालेदार चीजें, मैदा, चीनी तथा दूषित भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट आपके भीतर चिड़चिड़ापन और चिंता बढ़ा सकता है।
ऐसी अवस्था में आप हर्बल चाय का ज्यादा सेवन करें। इससे आपके शरीर को एक प्राकृतिक उर्जा मिलेगी।
छोटी-छोटी बातों का ध्यान दें जैसे; दूसरों की सहायता के बारे में सोचें, जरूरतमंद लोगों को कपड़े या कंबल मुहैया कराएं, छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं और उसे हासिल करने की कोशिश करें।
अपने लिए समय निकालें और सामाजिक मेलजोल बढ़ाएं तथा दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं।
फल, सब्जी, मांस, फलियों जैसे संतुलित और पौष्टिक आहार का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।
नकारात्मक लोगों से दूर रहें। ऐसे लोगों से दूर रहने से मन को शांति मिलेगी।
डिप्रेशन की वजह आपका पार्टनर या जॉब है, तो कुछ समय के लिए उनसे दूरी बना लें।
धुम्रपान और शराब को अपने आप से दूर रखें और समय-समय पर डॉक्टर से सलाह लेते रहें।
आज में जीने की कोशिश करें तथा प्रकृति और जानवर से प्यार करें।

देखिए डिप्रेशन एक ऐसी चीज है जिससे कोई भी प्रभावित हो सकता है। कोशिश कीजिए कि आप हमेशा खुश रहें। लोगों को अक्सर देखा गया है कि वह छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेने लगते हैं। वह भूल जाते हैं कि इस दुनिया में वह फिजूल की बातें सोचने के अलावा जिंदगी जीने भी आए हैं। दुख-सुख तो जिंदगी का एक पार्ट है, वह तो आते जाते रहेंगे। महत्वपूर्ण यह है कि आप जिंदगी को किस तरह से जी रहे हैं। अपने अंदर की प्रतिभा तथा क्षमता को नजरअंदाज करके डिप्रेशन में मत आइए बल्कि कोशिश करते रहें कामयाबी जरूर मिलेगी।

डिप्रेशन
ये संकेत बताते हैं कि आप ले रहे हैं ज्यादा तनाव


तनाव को प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण मानसिक या भावनात्मक तनाव की स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है। ज्यादा तनाव लेना कई बीमारियों की जननी के रूप में जाना जाता है। क्रोनिक स्ट्रेस आपके शरीर के लगभग सभी अंगों को प्रभावित कर सकती है। आज हम जानेंगे उन संकेतों के बारे में जिसके जरिए आप जान पाएंगे कि आप ज्यादा तनाव ले रहे हैं।
मुंहासे

ज्यादा तनाव लेने पर इसका असर आपके चेहरे पर मुंहासे के रूप में दिखाई देता है। तनाव की वजह से हार्मोन में बदलाव होता है जो मुहांसों का कारण है। आपको बता दें कि शरीर में जरूरत से ज्यादा टॉक्सिन तत्व जमा होने से हो एक्ने या मुंहासे हो सकते हैं। कई अध्ययनों ने यह भी पुष्टि की है कि मुंहासे तनाव के उच्च स्तर से जुड़ा हो सकता है।
क्रोनिक पेन

शरीर के किसी भी अंग में भयंकर उठने वाले दर्द को क्रोनिक पेन कहा जाता है। दर्द और पीड़ा एक आम शिकायत है जो तनाव के स्तर को बढ़ा सकती है। कई अध्ययनों से पता चला है कि तनाव हार्मोन कार्टिसोल का बढ़ा हुआ स्तर क्रोनिक पेन से जुड़ा हुआ है।
सिरदर्द

नियमित रूप से होने वाला सिरदर्द भावनात्मक तनाव, थकान व शोरगुल से भी हो सकता है। तनाव सिरदर्द के लिए एक आम ट्रिगर है। कई अध्ययनों से पता चला है कि तनाव सिरदर्द को बढ़ा सकता है। सिर या गर्दन के क्षेत्र में ये दर्द ज्यादा होता है। ऐसे दर्द अक्सर तनाव की लंबी अवधि से संबंधित होते हैं। – सिरदर्द के कारण और उपाय
कम एनर्जी और अनिद्रा
अनिद्रा से ग्रसित कुछ लोग अक्सर रात में नींद न आने और पूरी रात जागने की शिकायत कर सकते हैं। यह समस्या तनाव से शुरू हो सकती है। पुरानी थकान और कम ऊर्जा के स्तर भी लंबे समय तक तनाव का कारण हो सकती है। तनाव भी नींद को बाधित कर सकता है और अनिद्रा का कारण बन सकता है, जिससे शरीर को भरपूर ऊर्जा नहीं मिलती है।
पसीना आना


आप ज्यादा तनाव ले रहे हैं इसका एक संकेत यह है कि आपको बिना कुछ किए ज्यादा पसीना आएगा। आपको बता दें कि शरीर को अतिरिक्त तनाव में शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए अधिक पसीना आता है। अत्यधिक पसीना चिंता, थकावट, थायराइड की स्थिति और कुछ दवाओं के उपयोग के कारण हो सकता है। – 
तेज दिल का धड़कना
दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। हमारी जिंदगी तभी तक है जब तक हमारे दिल की धड़कन चल रही है। तेज दिल की धड़कन और हृदय गति में वृद्धि उच्च तनाव के स्तर के लक्षण भी हो सकता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि उच्च तनाव के स्तर में तेजी दिल के तेज धड़कने से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा दिल की बीमारी और पक्षाघात के लिए तनाव को दोषी ठहराया जाता है।
अवसाद


कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि क्रोनिक अवसाद के विकास में योगदान दे सकती है। अवसाद के अलावा तनाव को बढ़ाने में संभावित योगदानकर्ताओं में पारिवारिक इतिहास, हार्मोन स्तर, पर्यावरणीय कारक और यहां तक कि कुछ दवाएं भी शामिल हैं।
भूख में परिवर्तन
ज्यादा तनाव लेने से भूख में परिवर्तन आम हैं। इसमें भूख बहुत ही कम लगने लगती है। कई लोग ऐसे भी होते हैं जब वो तनाव में होते हैं तो उन्हें बहुत ज्यादा भूख लगती है।

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