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इन चीजो को ना करे सिजेरियन डिलीवरी के बाद


इन चीजो को ना करे सिजेरियन डिलीवरी के बाद
Parentune Support के द्वारा बनाई गई 




सिजेरियन सेक्‍शन से डिलीवरी के बाद सामान्‍य स्थिति में आने में वक्‍त लगता है। एक अनुमान के मुताबिक डिलीवरी के बाद महिला को नॉर्मल होने में लगभग 18 महीने लग जाते हैं। क्‍योंकि इस दौरान महिला अपने स्‍वास्‍थ्‍य से ज्‍यादा अपने बच्‍चे पर ध्‍यान देती है और अक्‍सर वह रात-रात भर जागकर उसकी देखभाल करती है। सीजेरियन सर्जरी से उबरने के लिए सकारात्‍मक सोच का होना सबसे ज्‍यादा जरूरी है। अपना और बच्‍चे का ख्‍याल रखिए साथ ही नियमित जांच करवाइए पर साथ ही साथ कुछ ऐसी चीजे है जो आपको सिजेरियन डिलीवरी बाद नहीं करनी चाहिए जब तक आप बिलकुल ठीक नहीं हो जाती |
क्या न करें सिजेरियन डिलीवरी के बाद ?

इंफेक्‍शन को अनदेखा ना करे -- सी सेक्‍सन के बाद इंफेक्‍शन हो सकता है, इसलिए हमेशा आप अपने अंगो की जांच करते रहिए। इसके अलावा योनि में सूजन, लाल दानें या फिर जहां चीरा लगा है वहां पर दर्द तो नही हो रहा है। यदि इस प्रकार के लक्षण दिखें तो चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क कीजिए। 

तनाव ना करे और रिलैक्स करे --सी सेक्‍सन प्रसव के तुरंत बाद से मां के शरीर की स्थिति देखी जाती है। इस दौरान यह देखा जाता है कि जो दवाइयां आपको दी गई हैं उनका असर कितना हुआ है। दवाइयों का असर कम करने के लिए आप ज्‍यादा से ज्‍यादा आराम कीजिए। इससे शरीर को रिलैक्‍स मिलेगा और आपका तनाव भी कम होगा। 


भारी वजन ना उठाये -- सजेरयन ऑपरेशन के बाद मिहला को ठीक होने म लगभग 6 माह का समय लग जाता है । इस अविध के दौरान मिहला को वजन वाले काम से परहजे करना चाहीए | शुरूआत के दो महीने में बिल्‍कुल भी ऐसा नहीं करना चाहिए। अन्‍यथा ब्‍लीडिंग हो सकती है।


पेट पर जोर डालने वाले काम न करें-- सीजेरियन प्रसव के बाद महिला को ऐसे काम कतई नहीं करना चाहिए, जिससे पेट पर जोर पडे, अन्‍यथा टांकों के फूलने या सूजने का डर रहता है। कई बार टांके टूट भी जाते हैं और भयानक दर्द होती है।


सीढियों से दूरी रखें-- ऑपरेशन के बाद से सीढियों पर चढ़ना शुरू न कर दें। इससे पेट पर जोर पड़ता है और महिला को काफी थकान भी हो जाती है। कई बार सीढि़यों को चढ़ने पर ब्‍लीडिं भी हो जाती है।


सेक्‍स करने से बचें-- सीजेरियन प्रसव होने के आधे महीने तक कम से कम सेक्‍स न करें। अन्‍यथा गर्भाशय में समस्‍या हो सकती है और समस्‍या खड़ी हो सकती है।

खांसी व सर्दी-जुकाम से बचें -- सीजेरियन प्रसव के बाद सर्दी-जुकाम से अपना बचाव करें और संक्रमण से बचकर रहें। खांसी आदि भी जोर आने पर नियंत्रण रखें और हल्‍के से खांसे ताकि टांकों पर जोर न पडेे।


डिहाईड्रेशन से बचें -- नई मां को ऐसे पोषक तत्‍व व पेय पदार्थ लेने चाहिए ताकि उसे डिहाईड्रेशन न होने पाएं। इस अवस्‍था में कब्‍ज की समस्‍या भी होती है जिसका निदान पानी को पर्याप्‍त मात्रा में पीने और फाइबर युक्‍त आहार का सेवन करने से संभव है।


तेल मसाला न खाएं -- ऑपरेशन से प्रसव होने के बाद तली भूनी चीजों से दूरी बनाकर रखें और उनका सेवन कतई न करें। इससे रिकवरी होने में समस्‍या होती है।


देर तक न नहाएं-- सीजेरियन प्रसव होने के बाद देर तक न नहाएं। इससे संक्रमण हो सकता है। थोड़ी देर तक नहाएं या वाइप्‍स का इस्‍तेमाल करें।

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बुखार से बचें-- ऐसे स्‍थानों पर न जाएं जहां कोई बीमार हो या संक्रमण फैला हो। बुखार महसूस होने पर डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करें। घाव आदि होने पर शीघ्र उपचार करें।


बिना सलाह के व्‍यायाम ना करे-- सिजेरियन के बाद आप खुद से व्‍यायाम करने का निर्णय मत लीजिए। कोई भी शारीरिक गतिविधि करने से पहले चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए। पहले यह निश्चित कर लीजिए कि आपका शरीर व्‍यायाम करने के लायक हुआ है या नही। सिजेरियन के दौरान जो घाव हुए थे वो सामान्‍य हुए हैं या नहीं। इन सबकी जांच करवाने के बाद ही आप व्‍यायाम शुरू कीजिए। यदि आपका शरीर सामान्‍य है तो आपका चिकित्‍सक आपको व्‍यायाम करने की सलाह देगा। 



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