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दांतों की देखभाल

दांतों की देखभाल
दांत सांफ करने के 9 घरेलू नुस्खे

जब पीले या खराब दांत को साफ करना है तो आपको बाजार में कई ऐसे प्रोडक्ट मिल जाएंगे जो आपके दांत को चमाकने का दावा करते हैं। ये प्रोडक्ट ऐसे होते हैं जिनमें कई तरह के केमिकल्स मिलाए जाते हैं। यदि आप चाहते हैं कि बिना केमिकल्स के आपके दांत मोतियों की तरह चमके तो आपको नीचे दिए गए कुछ नेचुरल या घरेलू उपायों को अपनाना होगा।
बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा में दांत को चमाने के नेचुरल गुण पाया जाता है, यही वजह है कि बेकिंग सोडा आज बिकने वाले जितने भी टूथपेस्ट हैं उनमें एक लोकप्रिय घटक है। बेकिंग सोडा दांतों पर रगड़ने से पीलापन दूर होता है। इसके लिए आप ब्रश को सीधा बेकिंग सोडा में डिप कर लें या फिर एक बड़ा चम्मच बेकिंग सोडा में चुटकीभर नमक मिला लें और फिर इसे ब्रश से दांतों पर रगड़े। इसके अतिरिक्त, बेकिंग सोडा आपके मुंह में एक क्षारीय वातावरण बनाता है, जो बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है
च्यूइंगम चबाएं

यदि अपने दांत को साफ करना चाहते हैं तो आप भोजन के बाद बिना चीनी वाली च्यूइंगम चबाएं। इसके लिए दांत ब्रश नहीं करने वालों को प्रत्येक भोजन के बाद एक च्यूइंगम को मुंह में डालकर 20 मिनट तक चबाना चाहिए। जब तक इसे चबाते हैं तो मुंह में बनने वाली लार से प्राकृतिक तौर पर दांतों की धुलाई हो जाती है और प्लॉक में बनने वाले एसिड निष्क्रिय हो जाती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आप ब्रश न करें और च्यूइंगम ही चबाते रहें।
नमक का इस्तेमाल

वैसे ज्यादा नमक खाना सेहत के लिए नुकसानदेह होता है लेकिन यदि आप इसका दांतों पर इस्तेमाल करते हैं तो यह फायदा भी देता है। नमक में सोडियम और क्लोराइड दोनों का मिश्रण होता है, जो दांतों का पीलापन कम करने में मदद करता है। लेकिन इसके ज्यादा इस्तेमाल से दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचता है।
नींबू या स्ट्रॉबेरी का उपयोग

दांतों को चमकाने या सफेद करने के लिए उन पर नींबू या स्ट्रॉबेरी रगड़ सकते हैं। ये कुदरती तौर पर दांतों में चमक लाते हैं। लेकिन इनका उपयोग कभी-कभी ही करना चाहिए।
सेब का सिरका

सेब के सिरका में जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो आपके दांतों को सफेद करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, सिरका का अति प्रयोग भी आपके दांतों पर इनामेल को खत्म कर सकता है, इसलिए इसका उपयोग प्रति सप्ताह कुछ समय तक सीमित करें। 
दातुन
दांत साफ करने के लिए एक बहुत ही कारगर और आसान उपाय यह है कि आप एक गिलास पानी में आधा नींबू का रस मिलाएं। इसमें रातभर दातुन को रखकर छोड़ दें। सुबह इसी दातुन का उपयोग करें। इससे दांतों का पीलापन समाप्त हो जाएगा। अगर प्रतिदिन दातुन नहीं कर सकते तो सप्ताह में एक दिन जरूर दातुन अवश्य करें। इससे न केवल दांत बल्कि मसूड़े स्वस्थ व मजबूत भी होते हैं। –
सरसों का तेल और नमक

हल्दी के फायदों से आप वाकिफ होंगे। यह इम्यूनिटी को बढ़ाता है, साथ ही यह बॉडी में हीलिंग पावर को भी बढ़ाता है। हल्दी, सरसों का तेल और नमक मिलाकर मंजन करें। दांत मजबूत होंगें और पीलापन भी जाएगा।
हाइड्रोजन पेरोक्साइड

हाइड्रोजन पेरोक्साइड एक नेचुरल ब्लीचिंग एजेंट है और आपके मुंह में बैक्टीरिया को मार सकता है। दांत को चमकाने के लिए आप इसे माउथवॉश की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं या बेकिंग सोडा के साथ मिलाकर टूथपेस्ट बना सकते हैं।
फलों और सब्जियों का सेवन

फलों और सब्जियों का सेवन ज्यादा कीजिए। यह शरीर के साथ-साथ आपके दांतों के लिए अच्छा होता है। इसके लिए आप स्ट्रॉबेरी और अनानास जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं।
तों को मजबूत कैसे करें – 6 आहार



जब दांतों में कई तरह की समस्या बढ़ जाती है जैसे कैविटी, दांत दर्द, दांतों का पीलापन और मसूड़े में दर्द तब हम दांतों को मजबूत कैसे करे उसके बारे में सोचते हैं। आइए आपको उन आहारों के बारे में बताते हैं जिससे आपको दांतों को मजबूत करने में बहुत ही सहायता मिलेगी।
वैसे ब्रशिंग और फ़्लॉसिंग केवल एकमात्र चीजें नहीं हैं जो आप नियमित रूप से अपने दांतों को मजबूत करने में मदद के लिए कर सकते हैं।

लेकिन आहार भी आपके मौखिक स्वास्थ्य को बढ़ाने का काम करती है। कैल्शियम और फॉस्फोरस में समृद्ध खाद्य पदार्थ आपके दांतों के लिए बहुत अच्छे हैं, क्योंकि ये आपके मुंह में अनहेल्दी एसिड का सामना करके एनामल की रक्षा करने में मदद कर सकता है।

वैसे आपको बता दें कि एसिडिक खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ आपके दाँतों के एनामल को नुकसान पहुंचाते हैं, यही कारण है कि आपको उन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिनसे आपके दांत लाभान्वित हो सके।
लहसुन

लहसुन को लंबे समय से शरीर और दांतों के लिए अच्छा माना जाता है। हालांकि यह भोजन में एक स्वादिष्ट स्वाद जोड़ता है, साथ ही यह आपके मौखिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा है। आपको बता दें कि लहसुन जीवाणुरोधी या एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है।
इसमें एलिसिन नामक तत्व मौजूद है।

यह वह तत्व है जिसमें एंटीफंगल, एंटीवायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। वैसे एलिसिन को ओरल फ्लोरा इंबैलेंस से लड़ने में मदद के लिए भी जाना जाता है। यह खराब बैक्टीरिया को नियंत्रित करता है जो कैविटी और मसुड़े के रोग जैसे दांत की समस्याओं का कारण बनता है। – वजन घटाने में लहसुन का लाभ
शतावरी
एस्पेरेगस या शतावरी एक स्वादिष्ट ग्रीष्मकालीन सब्जी है, लेकिन क्या आप जानते थे कि इसमें महत्वपूर्ण फाइबर है तथा यह प्रोबायोटिक्स से भरपूर है जिसे हम अच्छे बैक्टीरिया के रूप में भी जानते हैं। इससे आपकी पाचन शक्ति सही रहती हैं। यदि आपकी पाचन शक्ति सही है तो इसका असर आपके दांतों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
पालक

पालक हर किसी के लिए अच्छा और पौष्टिक आहार है। यह पत्तेदार हरी सब्जी विटामिन और खनिजों से भरपूर है। पालक आयरन, विटामिन ए, विटामिन सी और फोलिक एसिड का एक अच्छा स्रोत है। ये विटामिन और खनिज आपके दंत स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। आप पालक की सब्जी बनाकर खा सकते हैं या फिर पालक का जूस भी पी सकते हैं।

विटामिन के अलावा, पालक आपको एंटीऑक्सीडेंट भी देता है। ये पदार्थ आपके शरीर से हानिकारक ऑक्सीकरण एजेंटों को हटाता है। पालक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट का फायदा दांतों और मसूड़ों को बहुत ही अच्छी तरह से मिलता है।
एवोकाडो

एवोकाडो वास्तव में आपके स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है और आपके दंत स्वास्थ्य के लिए आहार का बहुत ही बहुत अच्छा स्रोत है। एवोकैडो प्रोबायोटिक्स फाइबर से भरा हुआ है जो स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देने में सहायता करता है।
अंडा
अंडा दांतों की मजबूती के लिए जाना जाता है, इसलिए यदि आप इन्हें खा सकते हैं तो जरूर खाएं। अंडा, दांतों के लिए इसलिए लाभकारी हैं, क्योंकि इनमें कैल्शियम और फास्फोरस होता है।

ये दोनों तत्व दांतों की मजबूती में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। अंडे में विटामिन डी भी होता है, जो कैल्शियम को एब्जॉर्ब करने में शरीर की मदद करता है।
कैल्शियम और फॉस्फोरस वाले आहार

पनीर, दही, दूध, और पत्तेदार सब्जियां ये वो खाद्य पदार्थ हैं, जो कैल्शियम में समृद्ध होते हैं जबकि मांस, अंडा और मछली वो खाद्य पदार्थ हैं जो फॉस्फोरस में उच्च हैं। वे सभी आपके एनामल को मजबूत और स्वस्थ रखने में सहायता कर सकते हैं।
इन 4 कारणों की वजह से होते हैं दांत पीले


चिकित्सकीय और मौखिक स्वास्थ्य आपके समग्र स्वास्थ्य और कल्याण का एक अनिवार्य हिस्सा है। खराब मौखिक स्वच्छता कैविटी और गम रोग का कारण बन सकता है। यह चीज हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह से भी जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं उन 4 कारणों के बारे में जिसकी वजह से दांत पीले होते हैं।
अत्यधिक चाय या कॉफी से बचें

क्या आप जानते थे कि आपके हर दिन मौखिक देखभाल दिनचर्या भी पीले दांतों का कारण बन सकती है? दांतों के पीले रंग को रोकने के लिए आपको मौखिक देखभाल पर ध्यान देना चाहिए। अत्यधिक चाय या कॉफी पीना तथा अम्लीय फल और सब्जियां खाने से दांत पीले हो सकते हैं।
ज्यादा रगड़कर ब्रश न करें
यदि आप बहुत ज्यादा रगड़कर ब्रश करते हैं तो आपके इनेमल पर बूरा असर पड़ सकता है। वह पतला हो सकता है। यह दांतों की परत को नुकसान पहुंचा सकता है जिससे दांत पीले रंग में दिखाई देते हैं।
फ्लॉसिंग भी जरूरी

दिन में दो बार अपने दांतों को ब्रश करने के अलावा, फ्लॉसिंग भी दांत को स्वस्थ रखने के लिए एक बहुत ही अच्छा उपाय है। अगर आप फ्लॉसिंग नहीं करते हैं तो इससे न केवल इनेमल पर प्लाक जमेगा बल्कि बैक्टीरिया के हमले और पीले दांतों का खतरा भी बढ़ सकता है।
माउथवाश का उपयोग

माउथवाश का उपयोग करने से पहले दो बार सोचें। यदि आप ज्यादा माउथवाश का उपयोग करते हैं तो इससे आपके दांतों को परेशानी हो सकती है। माउथवाश इनेमल को नष्ट कर सकता है और आपके लिए पीले दांत का कारण बन सकता है।
दांतों की बीमारियों को दूर करने के लिए टिप्स
फलो का ज्यादा से ज्यादा सेवन कीजिए

दांतों की चमक तथा दांतों की बीमारियों को दूर करने के लिए आपके आहार में फलों का होना बहुत ही जरूरी है। खासतौर पर ऐसे फल जिनमें विटामिन सी की मात्रा हो। अपको बता दें कि फलों में कई तरह के एंजाइम और दूसरे जरूरी तत्व होते हैं जो दांतों को नेचुरल तरीके से साफ कर देते हैं। – ब्रश करने का सही समय
स्ट्रॉ का इस्तेमाल
एक्सपर्ट के मुताबिक आप कोई भी पेय पदार्थ पी रहे है तो स्ट्रॉ की मदद से पिएं। इससे उस तरल का आपके दांतों पर कम असर होगा।
जीभ की सफाई

कई लोग अपने दांतों की सफाई तो करते हैं लेकिन जीभ की सफाई करना या भूल जाते हैं या फिर उसे तवज्जो नहीं देते हैं। जीभ की सफाई भी बहुत जरूरी है। यदि जीभ गंदी रह जाएगी तो उस पर बैक्टीरिया पनप सकते हैं जोकि मुंह की दुर्गंध का कारण भी होते है। ब्रश करने के साथ ही किसी अच्छे टंग-क्लीनर से जीभ साफ करना भी बहुत अहम है।
खूब पानी पिएं

दांतों की देखभाल के लिए आप नियमित रूप से ज्यादा से ज्यादा पानी पीजिए। यह नेचुरल माउथवॉश है जो मुंह को समय-समय पर साफ करता रहता है। इससे दांतों पर चाय-काफी या दूसरी खाने-पीने की चीजों के दाग साफ हो जाते हैं।

शुगर-फ्री च्युइंगम का इस्तेमाल करें अगर आप दांतों को स्वस्थ्य रखना चाहते हैं तो शुगर-फ्री च्युइंगम का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यह स्लाइवा बनाने में मदद करता है जो प्लाक एसिड को साफ करने का काम करता है।
ब्रश का इस्तेमाल
ब्रश करने के लिए मुलायम ब्रश का ही इस्तेमाल करें। ब्रश करते वक्त भी इस बात का ध्यान रखें कि दांत रगड़ें नहीं बस हल्के हाथों से उन्हें साफ करें। इसके अलावा ब्रश करने का सही तरीका पता होना भी बहुत जरूरी है। इसके लिए आप दांत के डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं।

अपने दातो की देखभाल कैसे करें


दांत हमारे शरीर के अनमोल रत्नों में से एक होते हैं। इनके बिना हमारी सुन्दरता अधूरी होती है और साथ में हमारी हंसी भी। दांतों से ही हमारी सुन्दरता बढ़ती है। शरीर को स्वास्थ्य रखने के लिए दांतों का होना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि जब हम खाना अच्छे से और चबा कर खाते हैं, तो वो खाना अच्छे से पच जाता है, इसलिए हमें पता होना चाहिए कि दांतों की सफाई और देखभाल कैसे करें ।

दांत भोजन को चीरने और चबाने के काम आते हैं। जब भी हम भोजन करते हैं तब भोजन के पश्चात अगर हम अपने दांत अच्छे से साफ नहीं करेंगे तो भोजन के जो कण हमारे दांतों में रह जाते हैं उनसे दांतों में सडन पैदा हो जाती है इसलिए हमें खाना खाने के बाद अच्छे से अपने दांत साफ़ करने चाहिए। दांतों की देखभाल हम जानते हैं कि दांतों के बिना हमारी सुन्दरता अधूरी होती है, इसलिए दांत के टूट जाते पर हम नकली दांत लगवा लेते हैं, लेकिन अगर हम उन्हीं दांतों की सही से देखभाल करें, तो हमें नकली दांत लगवाने की जरूरत नहीं पड़ती।

अपने दांतों की देखभाल कैसे करनी चाहिए, आज हम इस बारे में बात करते हैं… खाने के बाद ब्रश खाना खाने के तुरंत बाद हमें ब्रश नहीं करना चाहिए। क्योंकि भोजन में जो एसिड होता है, वो दांतों के एनेम को मुलायम कर देते हैं लेकिन जब हम ब्रश कर लेते हैं, तो वह एनेम खत्म हो जाता है। हमें चाहिए कि खाने के कम से कम एक घंटे तक ब्रश न करे ऐसा करने से एनेम थोड़े कडक हो जाते हैं। सही से ब्रश करें आप को ब्रश करने का तरीका पता होना चाहिए। आप जब भी ब्रश कर रहे हो उसे जोर लगाकर या तेजी से नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से आप के मसूड़ों में सूजन पैदा हो सकती है।

धुम्रपान छोड़ें हमारे मसूड़ों के लिए सबसे खतरनाक होता है धुम्रपान। धुम्रपान हमारे दांतों को ही खराब नहीं करता बल्कि इससे हमारे पूरे शरीर को नुकसान पहुंचता है। धुम्रपान करने से बहुत अधिक मात्रा में बैक्टीरिया हमारे मुंह में ही रह जाते हैं और दांतों व मसूड़ों के संक्रमण हमारे पूरे तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इससे हमारे दिल, दिमाग, और खून वेसेल्स सभी को खतरे का सामना करना पड़ सकता है। चीनी का कम प्रयोग चीनी आप के दांतों का सबसे बड़ा दुश्मन होता है, इसको खाने से आप के दांत खराब हो जाते हैं। इसलिए जितना हो सके आप को इससे बचकर रहना चाहिए। ठंडा या गर्म न खाएंं अगर आप अपने दांतों को सही रखना चाहते हो तो आप को न तो अधिक गर्म और न ठंडी वस्तु का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से आप के दांत खराब हो सकते हैं। दांत को बचाएंं जब भी आप किसी दुर्घटना के शिकार होते हो, तो इस बात पर ध्यान दे कि आपके दांत को चोट न आये। अगर आप के दांत को चोट आ भी जाती है, तो उसे साफ पानी या दूध से धोएं। और उसे डॉक्टर के पास ले जाए। जितनी देर हो सके उसे दूध में ही रहने दे। ये आप के लिए अच्छा होगा।

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