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महिलाएं सेक्स के लिए होती है


इन खास दिनों में महिलाएं सेक्स के लिए होती है काफी उत्तेजित



महिलाएं भी सेक्स में उतनी ही रूचि लेती हैं जितने की पुरुष लेते हैं. लेकिन कहा जाता है महिलाएं इसमें आधीक रूचि लेती हैं. ख़ास कर भारत में, यहाँ महिलाओ सेक्स के बारे में खुल कर बात नहीं कर पाती है. जिस वजह से उनकी सेक्स इच्छा में भी गिरावट देखी जाती है. लेकिन क्या आपको पता है, एक समय ऐसा भी रहता है जब महिलाओ की सेक्स इच्छा चरम पर रहती है. और वह सेक्स करने को उतावली हो जाती है. महिलाओं के कुछ दिन ऐसे ही होते हैं जिसमें वो सेक्स के लिए अधिक उतावली हो जाती है. उन्ही दिनों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं. 

दरअसल, एक शोध के अनुसार, मासिक धर्म यानि पीरियड के 5 से 7 दिन तक महिलाओ की सेक्स इच्छा चरम पर होती है. पीरियड ख़त्म होते ही महिलाओ में सेक्स उत्तेजना बढ़ाने वाले हार्मोन्स में तेज़ी आती है. जिससे महिलाये सेक्स के लिए पागल हो जाती है. इसी दौरान उन्हें सेक्स करने की ललक जगती है. 

आपको बता दें, यह समय महिलाओ के गर्भधारण के लिए भी सबसे सटीक माना गया है. ये समय आपके सेक्स संबंधों को मधुर बनाने के लिए भी एकदम सही है. पीरियड्स के दिनों में ही महिलाओं को अधिक आनंद आता है और सेक्स के लिए जैसे तड़प उठती हैं.
सेक्स के दौरान कंडोम का गलत इस्तेमाल आपको डाल सकता है मुसीबत में



सेक्स के समय कंडोम का उपयोग करना बहुत जरुरी है. उसमें भी इसका सही से उपयोग करना आयना चाहिए. अगर इसका गलत इस्तेमाल किया तो आपको भरी नुकसान झेलना पड़ सकता है. कंडोम से कई तरह की बिमारियों खासकर गर्भधारण से बचा जा सकता है. लेकिन जहां फायदे है वहां इसके नुकसान होना भी स्वाभाविक है. कंडोम न केवल आपकी सेक्स लाइफ को प्रभावित कर सकते हैं बल्कि आपको यौन संबंधित बीमारियों का भी शिकार बना सकते हैं. इसी के बारे में जान लें जरा कि क्या क्या नुकसान पहुंचा सकता है एक कंडोम.

* दर्द एवं एलर्जी : सप्ताह में दो से अधिक बार कंडोम का उपयोग करने से योनि की आंतरिक परत और झिली में संवेदनशीलता कम या समाप्त हो जाती है. जिसके कारण स्त्रियों की यौनि से स्खलित होने वाले प्राकृतिक लुब्रिकेंट (चिकनाई युक्त) का स्वत: स्खलन कम हो जाता है जिसके चलते योनि में खरास या सूखापन आता देखा गया है.

* योनि ग्रीवा में घाव : कंडोम का अधिक उपयोग करने से योनि ग्रीवा में कटाव और छिलन के साथ-साथ दर्दनाक घाव भी हो जाते हैं. जिसे स्त्रियां असमय मासिक चक्र का आना मानकर उसकी परवाह नहीं करती हैं और जननांगों और गर्भाशय में भयंकर संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है.

* लेटेक्स के बने कंडोम : लेटेक्स के बने कंडोम ऐलर्जी का सबसे आम कारण हैं और सेक्स के दौरान स्त्री की प्रतिक्रिया को घटा देते हैं, क्योंकि इसके प्रयोग के कारण योनि में सूखापन और खुजली के रूप में देखा गया है. 

* योनि की प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान : सप्ताह में दो बार से अधिक कंडोम का उपयोग किया जाता है तो कंडोम योनि की प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है. इसके उपयोग से योनि की अम्लीय वातावरण में उथल-पुथल पैदा हो जाती है.
सेक्स के बाद सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पुरुषो को भी होती है वो परेशानी



सेक्स लाइफ को परफेक्ट बनाने के कई तरीके होते हैं. इन पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है. आपका पार्टनर कैसा है और कैसे उसके साथ सेक्स को एन्जॉय करना है. बता दें, पुरुष अपनी सेक्स लाइफ के बारे में बहुत ज्यादा सोचते हैं. महिलाओं से ज्यादा सोचते हैं अपनी सेक्स लाइफ के बारे में यही वजह है कि वे इंटरकोर्स के बाद उस पूरे एक्सपीरियंस के बारे में बहुत कुछ सोचते हैं. एक रिसर्च में कुछ पुरुषों से पूछा कि पोस्ट-सेक्स यानी सेक्स के बाद उन्हें कैसा महसूस होता है और क्या वे किसी तरह का प्रेशर खुद पर महसूस करते हैं? तो इस पर कई तरह की जवाब मिले हैं. 

पुरुषों को होती है ये दिक्कत, जानिए क्या कहा- 

* सेक्स के बाद ज्यादातर पुरुष अपनी परफॉर्मेंस के बारे में सोचते हैं. वे अपनी पार्टनर के एक्सप्रेशन्स और बॉडी लैंग्वेज के जरिए यह जानने की कोशिश करने में लगे रहते हैं कि उसके लिए यह पूरा एक्सपीरियंस कैसा रहा. 

* सिर्फ महिलाएं ही नहीं बहुत से पुरुष भी ऐसे हैं जो पोस्ट-सेक्स यानी सेक्स के बाद अच्छा महसूस नहीं करते हैं. सेक्स सेशन के करीब 40 मिनट बाद तक मुझे उदासी महसूस होती रहती है और यह बेहद सामान्य प्रतिक्रिया है.
* मेरी गर्लफ्रेंड चाहती है कि मैं सेक्स के बाद करीब 1 घंटे तक उसको अपनी बाहों पर भरकर रखूं और उससे मीठी-मीठी बातें करूं. ऑफिस में थकान भरे दिन के बाद मेरे लिए यह नामुमकिन हो जाता है कि मैं देर रात तक अपनी आंखें खोलकर रखूं.

* ईमानदारी से कहूं तो मैं अक्सर अपने प्राइवेट पार्ट के साइज को लेकर आशंकित रहता हूं और अक्सर मैं यह सोचता हूं कि क्या साइज से सचमुच प्लेजर हासिल करने में कोई फर्क पड़ता है या फिर सेक्स पोजिशन्स ज्यादा अहमियत रखते हैं.
सेक्स के दौरान महिलाओं को इसलिए होता है दर्द, कई होते हैं कारण




महिलाओं को सेक्स के दौरान दर्द होता है. ये कई बार देखा गया है कि महिलाएं जब भी सेक्स करती हैं उन्हें काफी दर्द की अनुभूति होती है. ये दर्द पहली बार सेक्स करने से ज्यादा होता है लेकिन इसके अलावा भी इस दर्द के कई कारण हो सकते है. आज हम आपको कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में बताने जा रहे है. जान लेते हैं उनके दर्द के कारण जिन्हें आप आम समझते होंगे.

ये हैं दर्द के कारण:

* यूरिनल इन्फेक्शन के चलते भी सेक्स के दौरान दर्द होने की समस्या होती है.

* महिलाओ की योनि के ड्राई होने की वजह से भी सेक्स के दौरान दर्द हो सकता है. इससे बचने के लिए सेक्स से पहले फोरेप्ले पर ध्यान दे.


* कई बार सेक्स के दौरान हम गलत पोजीशन का इस्तेमाल कर लेते है. जिस वजह से दर्द होता है.

* महिलाओ को अक्सर डिलवेरी के बाद कुछ समय तक सेक्स करने में दर्द होने की शिकायत होती है.

* एक से अधिक लोगो के साथ सम्बन्ध बनाने की वजह से भी सेक्स के दौरान दर्द होता है.



क्या आप भी करती हैं ये काम, तो कभी नहीं ले पाएंगी सेक्स का मज़ा



पार्टनर की अनुपस्थिति में महिला हो या पुरुष अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए हस्थमैथुन करते है. ये उनके लिए आम बात है जो अपने पॉर्टनर से दूर रहते हैं और आपकी शारीरिक इच्छा को पूरा करने के लिए हस्थमैथुन करते ही हैं. यह महिलाओ और पुरुषो द्वारा सामान तौर से की जाने वाली एक शारीरक क्रिया है. जिसका इस्तेमाल लोग अपने उत्तेजना को शांत करने के लिए करते है. महिलाएं भी नियमित रूप से हस्थमैथुन करती है. लेकिन आपको बता दें, ऐसी महिलाएं सेक्स का मज़ा नहीं ले पाती. 

महिलाओ को करना पड़ता है इन परेशानियों का सामना:

* जो महिलाए हस्थमैथुन की आदि हो जाती है. हस्थमैथुन की आदि होने की वजह से ऐसी महिलाए अपने पति के साथ सेक्स को एन्जॉय नहीं कर पाती है.

* कुछ महिलाओ की आदत में हस्थमैथुन शामिल हो जाता है. ऐसी महिलाए अगर किसी वजह से हस्थमैथुन नहीं कर पाती है तो उन्हें तनाव और चिड़चिड़ापन होने लगता है.

* हस्थमैथुन करने वाली महिलाओ को हीमेच्‍यूरिया नामक बीमारी हो सकती है. इस बीमारी में महिलाओ की यूरिन से ब्लड आने लगता है.

* नियमित हस्थमैथुन करने वाली महिलाओ में पीरियड, मासिक धर्म अथवा मेंसुरेशन साइकिल जैसी परेशानियों के साथ ही गुप्‍तांग में सूखापन भी देखा जाता है.

रात का ये समय होता है सेक्स के लिए सही


सेक्स आज हर कोई कम उम्र में ही करने लगा है. यह आज के लोगों के जीवन का अभिन्न अंग बन गया है. कई लोग तो सेक्स को ही अपनी जिंदगी का मकसद मानने लगे है. लेकिन सेक्स को परफेक्ट बनाने के लिए आपको कई तरह की बातें ध्यान रखनी होती है. सेक्स की सही उम्र से तो लगभग सभी वाकिफ है पर समय की बहुत अहमियत होती है. आज हम इसी के बारे में बताने जा रहे हैं कि सेक्स के लिए कितना समय सही रहता है. 

सेक्स के लिए रात 10 बजे से 11 बजे तक का समय परफेक्ट समय मन गया है. ऑनलाइन फार्मेसी यूकेमेडिक्सडॉट कॉम की ओर से ब्रिटेन में कराए गए एक सर्वे के अनुसार शनिवार रात 11 बजे से पहले किए गए 23 मिनट के सेक्स से लोगों को सबसे अधिक आनंद मिला है. सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि ज्यादातर लोग पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध वीक एंड में बनाना पसंद करते हैं.

सर्वे में यह बात भी सामने आई कि औसतन ब्रिटिश चरम सुख प्राप्त करने से पहले पार्टनर के साथ फोरप्ले पसंद करते हैं व 78 फीसदी लोगों ने माना कि सेक्स के लिए बेडरूम सबसे अच्छी जगह है. सर्वे में 2000 लोग शामिल हुए. सर्वे में शामिल करीब 65 फीसदी लोगों ने शारीरिक संबंध के लिए रात 10 बजे से 11 बजे के समय को चुना. जबकि मात्र छह प्रतिशत लोगों ने सुबह 7 से 8 बजे के बीच सेक्स करने की चाहत रखी.

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