Header Ads

ऐसे रखे अपनी नाजुक आँखों का ख्याल



ऐसे रखे अपनी नाजुक आँखों का ख्याल


ऐसे रखे अपनी नाजुक आँखों का ख्याल

दिवाली के बाद से बढते प्रदूषण ने सिर्फ हमारी सेहत पर ही बुरा असर नहीं डाला हैं बल्कि इससे हमारी पर भी दुष्प्रभाव पड़ते देखे जा रहे है। ऐसे में आप अपनी नाजुक आंखों को किस तरह बचा कर रख सकते हैं, आइए जानते हैं.....

ड्राई आइजः बढ़ते प्रदूषण के कारण हमारे वातावरण में स्मॉग, फॉग और धुएं का मिश्रण बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। खास तौर पर जाड़े में इसकी संभावना बहुत बढ़ जाती है। आंखों में सूखापन, लाली, सेंसेटिविटी आदि इसके लक्षण हैं। अगर आपको भी कोई ऐसी समस्या हो रही है, तो फौरन किसी अच्छे नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें।

सफाईः हम में से बहुत से लोगों की ये आदत होती है कि जब भी हमारी आंखों में कुछ चला जाता है या हल्की सी भी खुजली होती है, तो अपनी आंखें मलने लगते हैं, जो की बहुत ही गलत आदत है। क्योंकि हमारे हाथ गंदे होते हैं और हम अपनी आंखों को छूते हैं, जिससे इंफेक्शन होने का खतरा काफी ज़्यादा हो जाता है।

सन ग्लास का उपयोगः आंखों की सुरक्षा के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि जब भी धूप में या ऐसी जगह पर जाएंए जहां धूल बहुत ज़्यादा हो तो हमेशा सन ग्लास का प्रयोग करें।

आई मेकअप से दूर रहेः अगर आपकी आंखों में किसी भी प्रकार की परेशानी हो रही होए तो किसी भी प्रकार के आई मेकअप से दूर रहें, क्योंकि ऐसा हो सकता है कि आपके मेकअप प्रोडक्ट में इस्तेमाल किए गए केमिकल से एलर्जी हो जाए और आपकी समस्या कहीं और न बढ़ जाए।

लापरवाही न करें जब भी कहीं बाहर से आएं अपनी आंखें ठंडे व साफ पानी से धोएं। आप अगर चाहें तो आंखों में गुलाबजल भी डाल सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करेंए क्योंकि हमारी आंखें बेहद नाजुक होती हैं। ऐसे में आंखों के साथ की गई थोड़ी.सी भी लापरवाही कहीं आपके लिए मुसीबत ना बन जाए।


नेल फंगस के उपचार के लिए अपनाये ये घरेलु तरीके

नाखूनों में संक्रमण स्वस्थ्य के लिए काफी हानिकारक स्तिथि है। यह गंदगी, प्रदूषण, सा$फ सफाई ना होना, भसथेटिक मोजे, और पैरों में बहुत देर तक पसीना जमा रहने की वजह से होता है।

कभी कभी नाखूनों में संक्रमण का कारण शरीर में असंतुलित पीएच लेवल और कमजोर रोग प्रतिरोधक छमता हो सकती है। अगर इसका इलाज सही समय पर ना किया जाए तो इससे नाखून मोटे हो जाते हैं जिनमें आगे चल कर बहुत दर्द होता है।

यह सारे लक्षण अगर आपके नाखूनों में हैं और उसके आस पास सूजन रहती हो तो नीचे दिए गए नुस्खों को आजमाये।

एप्पल साइडर वेनिगर - यह न सिर्फ आपको चमकदार त्वचा देगा बल्कि इसमें पाए जाने वाले एसिटिक एसिड और एंटी इन्फ्लैमटोरी गुणों के कारण यह नाखूनों के संक्रमण को बढऩे नहीं देता है। एप्पल साइडर विनगर और पानी की बराबर मात्रा लें। अब इसमें अपने पैर और हाथ दोनों भिगों दें। इसे रो$ज करने से संक्रमण ठीक हो जायेगा।
लहसुन - लहसुन से नाखूनों का संक्रमण ठीक किया जा सकता है। इसमें एंटी फंगल गुण होते हैं जिससे दोबारा बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं। कुछ लहसुन की कलियाँ लें इसे अच्छे से मैश कर लें। फिर इसमें वाइट विनगर मिलाएं। अब इस मिश्रण में अपने नाखूनों को 10-20 मिनट के लिए भिगोएं। इसे रो$ज करने से संक्रमित नाखून ठीक होजाएंगे।

नींबू का रस - नींबू का सिर्फ दाग धब्बा ठीक करता है बल्कि यह नाखूनों का इन्फेक्शन भी ठीक करता है। नींबू में एंटीसेप्टिक और ऐन्टीबैक्टिरीअल गुण पाए जाते हैं जिससे संक्रमण बढऩे से रुकता है। नींबू में पाए जाने वाला सिट्रस एसिड उन बैक्टीरिया को खत्म करता जिससे इंजेक्शन होता है। नींबू का रस दिन में दो बार नाखूनों पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें।

टी ट्री आयल - टी ट्री आयल नाखूनों के संक्रमण को ठीक करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। यह प्राकृतिक कीटाणुनाशक है जिसमें कवकनाशी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं हो सकता है कि यह नाखूनों का संक्रमण जल्दी ठीक ना करे लेकिन सबसे उपयोगी इलाज है। थोड़ा सा टी ट्री आयल लें उसमें जैतून का तेल मिलाएं। अब रुई की मदद से इसे नाखूनों पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें।

माउथ वॉश - माउथ वॉश में एंटीसेप्टिक और एंटी-फंगल गुण होते हैं किसकी वजह से वह मुँह के कीटाणु मर जाते हैं। इसीलिए यह नाखूनों के संक्रमण लिए लाभदायक है । थोड़ा माउथवॉश लें उसमें थोड़ा एप्पल साइडर वेनेगर मिलाएं । अब इस मिश्रण को नाखूनों पर लगाएं और थोड़ी देर के लिए छोड़ दें । इसे रो$ज करने से नाखूनों का संक्रमण ठीक हो जायेगा।

ऑरगैनो ऑइल - ऑरगैनो ऑइल में एंटी-फंगल, एंटी बैक्टीरियल, एंटी इन्फ्लैमटॉरी और ऐनल्जीसिक गुण पाए जाते हैं। जो नाखूनों के संक्रमण से बचाता है। इसके लिए दो चम्मच ऑरगैनो ऑइल लें इसमें दो चम्मच जैतून का तेल मिलाएं अब इसे अच्छे से मिला लें। इस मिश्रण को नाखूनों पर लगाएं। इसे हफ्ते में दो से तीन बार करें।

गर्म पानी - हमेशा अपने हाथों और नाखूनों को गर्म पानी से धोए क्योंकि गर्म पानी से डेड स्किन निकल जाती है जिससे नाखूनों में संक्रमण नहीं होता है यही नहीं गर्म पानी से ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है। अब इसके लिए गर्म पानी में थोड़ा सा नारियल का तेल या नींबू का रस डालें इसमें थोड़ी देर अपने हाथ और पैर भिगो कर रखें। इसे रो$ज करें संक्रमण ठीक होने लगेगा।

बॉडी फिटनेस के फंडे सीखे |

फिटनेस कैसे रखना है :
बॉडी बिल्डिंग की दुनिया में मिसेज मसल नाम से मशहूर माना जाता है की सामान्य पतली दुबली और घर में रहने वाले महिलाएं भी वर्कआउट व बैलेंस डाईट से खुद को फिट बना सकती है | महिलाए घर के कामों को सी एकमात्र एक्सरसाइज न मानें | उन्हें कम से कम 35-40 मिनट वर्कआउट जरुर करना चाहिए | वेट के साथ स्ट्रेंथ वर्कआउट करें और न कर पाएं तो कम से कम रस्सिकुद, योगा और जोंगिग जरुर करना चाहिए |




यह बनाए रखे डाईट रेगुलर और सही लाइफस्टाइल -
पहले अपनी रेगुलर डाईट में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट विटामिन और फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बनाएं | बाजार का ऑयली और जंक फूट कम खाए | दिन में थोडा-थोडा करके 5-6 बार खाना है | फ्रूट जूस और पानी ज्यादा लेनी चाहिए | वे अब दिन में 6-7 बार खाने में प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट फैट,फाइबर युक्त डाईट लेना और भरपूर पानी पीना है | और दूसरा रोज कमसे कम 30-45 मिनट जोगिंग योगा और कार्डियो रस्सिकूद, स्ट्रेचिंग, ट्रेडमिल वॉक को धीरे-धीरे अपनी एक्सरसाइज में शामिल करना चाहिए | तनाव, भूखे रहने आराम न करने और डाईट चार्ट फ़ॉलो न करने की आदत छोड़ें | पूरा खोराक लें और समय पर सोना है और उठने की आदत डालनी चाहिएं |
खुराक-प्रतियोगिताओं में जरुरत के अनुसार डाईट बदलती रही है | खाने में ब्रेड, अंडे, ओदस, चिकन, ब्राउन चावल, शकरकंद, फल, पालक के साथ सेम फली और खीरा शामिल है | व् खाने में ऑलिव ऑयल इस्तेमाल करती है | बादाम व खरोटा एक चम्मच वेह प्रोटीन भरपूर गुणवता वाला प्रोटीन जो खासकर मसल्स मजबूत बनाने के लिए उपयोग में लिया जाता है | यह बाजार में मिलती है | और कैल्शियम,मल्तिवितामिन, ग्लूटेमाईन वह छाछ प्रोटीन और बीसीएए रहता है |

हप्ते में 5 दिन कार्डियो वर्कआउट के साथ फ्री वेट कम्पाउंड एक्सरसाइज | 
पैरों के लिए स्क्वैट्स, लेग प्रेस कर्ल्स छलांग पंजों के बल खड़े होना, बैठना घुटनों के बल वजन उठाना और लेटकर कुल्हे को ऊपर उठाना | 
कमर के लिए आगे झुककर वजन उठाना, पुल अप्स, केबल एक्सरसाइज और बाइसेप्स-कर्ल्स साइन के लिए बीच प्रेस लेटकर हाथो को स्ट्रेच करना और केबल चेस्ट प्रेस | 
कंधों और ट्राईसेप के लिए पुश-अप्स पैरेलल बार डिप्स ट्राईसेप एक्सटेंशन बंधी रस्सी खीचना, फ्रूट और लेटरल एक्सरसाइज हफ्ते में एक बार प्लायोमेट्रिक वर्कआउट भी करना चाहिए | 

तिगुनी एक्सरसाइज - मसल्स बनाने के लिए 1-2 साल या फिर कम से कम तिन महीने प्रॉपर डाईट के साथ रेगुलर एक्सरसाइज जरुरी है | महिलाओं के शरीर में प्रोजेस्टेरोन और एक्ट्रोजन हार्मोस की मात्रा कम व स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है | इस वजह से महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले मसल्स बनाने के लिए तीन गुना ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है |

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.