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एंटीबायोटिक्स का बच्चों में सीमा से ज्यादा इस्तेमाल न होने दें –

 एंटीबायोटिक्स का बच्चों में सीमा से ज्यादा इस्तेमाल न होने दें –

केन्द्रीय सरकार के नियमों के अनुसार किसी भी हॉस्पिटल में अधिक से अधिक 50 फीसदी बच्चों को ही एंटीबायोटिक दी जानी चाहिए, 
केन्द्रीय सरकार ने बीमारी के इलाज व दवाइयों के इस्तेमाल का एक प्रोटोकाल बनाया है. इसके अनुसार एसएनसीयू में एंटीबायोटिक दवाइयों के इस्तेमाल की सीमा तय की गई है. 
म.प्र. में शिशु मृत्यु दर 65 बच्चे प्रति हजार है. 
इसलिए यूनिसेफ ने एंटीबायोटिक का आंकडा कम करने के लिए म.प्र. के 50 जिलों में करोडों की लागत से आधुनिक एसएनसीयू बनवाए हैं.
यहां पर भर्ती रोगियों की मृत्यु दर और उनकी हर पल की जानकारी रखी जाती है.
लेकिन अधिकाँश डॉक्टर इस नियम का पालन नही कर बच्चों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं.
इंदौर ही नहीं, अपितु भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में भी एंटीबायोटिक दवाइयों की खपत 90 फीसदी से ज्यादा ही है.

•https://healthtoday7.blogspot.com/
समाचार पत्र में छपी एक खबर के अनुसार इंदौर के एम.वाय. हॉस्पिटल में 94.44 फीसदी बच्चों और नवजातों को एंटीबायोटिक दवा दी जा रही है
जबकि नियमानुसार 50 फीसदी से कम बच्चों को यह दवा दी जानी चाहिए.
इन दवाओं से बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है.
चूंकि एम.वाय. एक सरकारी अस्पताल है और प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल है,
ऐसे में यह लापरवाही बच्चों के लिए घातक है.
इंदौर संभाग में खरगोन व बडवानी जिला अस्पतालों की स्थिति भी कुछ इसी तरह की है.
नवजात शिशु में एंटीबायोटिक दवा के प्रति रजिस्टेंस पैदा हो सकता है और फिर दी जाने वाली हायर एंटीबायोटिक्स के साइड इफेक्ट भी सामने आते हैं, जैसे -
1. बच्चों की आंखों का कमजोर होना,
2. डायबटीज होना,
3. लीवर
4. श्वांस
5. ह्रदय की गंभीर बीमारी होना
6. आदि.
प्राइवेट हॉस्पिटलों में तो आजकल लगभग सभी बच्चों को हायर एंटीबायोटिक्स दी जा रही है, जिसके दुष्परिणाम उन्हें उनके आगामी जीवन में भुगतना ही पड़ेंगे.
अधिकांश बच्चों को हम बुखार के कारण डॉक्टर के पास ले जाते हैं.
अगर आप बच्चों या आपके परिवार में किसी को भी कोई भी बीमारी के शुरू होते ही एकोनाईट 6 की दो बूँद एक चम्मच पानी से मात्र दो बार दे दें, तो अधिकाँश बीमारियाँ वही पर ही दब जाती हैं.
इसके बाद निम्न उपचार करें, ताकि एंटीबायोटिक्स दवाइयों की जरुरत ही नहीं पड़े. –
निम्न दवाइयों को मिलाकर किसी भी होम्योपैथी की दुकान से बनवा लें और फिर हर तीन-तीन घंटे से किसी भी बुखार की सामान्य अवस्थाओं में ज्वर उतारने हेतु दो दिन तक दे दे. –
एकोनाइट 12, बेलाडोना 12, ब्रायोनिया 12, जेल्सीमियम 30, फैरम फास 30.
साथ ही बारिश के मौसम में अगर हमारे परिवार का कोई भी सदस्य भीग जाता है या उसे ठंडी हवा लगने से बुखार, सर्दी, जुकाम, गले या हाथ-पाँव और कमर या शरीर के किसी अंग में दर्द हो या और किसी तरह की पीड़ा हो तो ऐसे सभी प्रकरणों में डल्कामारा 30 के रोज तीन-चार डोज दो से तीन दिन तक लेने से इन सभी परेशानियों में तत्काल आराम मिलता है. अतः बारिश के मौसम में इस दवा को घर में जरुर रखें.
छोटे बच्चों के उपचार में विशेष सावधानी रखें और उन्हें एक चम्मच फाइव फास सिरप को दो चम्मच पानी के साथ दिन में चार बार देते रहे, तो वे हमेशा स्वस्थ रहेंगे.
फिर भी किसी भी गंभीर स्थिति में पास के किसी भी विशेषज्ञ डॉ. को दिखा दे.
साथ ही आपके स्वास्थ्य से सम्बंधित इन बातों पर भी विचार करें -
क्या आप आपकी किसी भी गंभीर बीमारी से बचना चाहते हैं,
क्या आप इन बीमारियों से अपने बच्चों और परिवार को भी बचाना चाहते हैं,
साथ ही अपने शरीर की इम्यूनिटी पावर बढ़ाना चाहते हैं,
अन्य कई गंभीर बीमारियों से भी अपने आपको और अपने परिवार को बचाना चाहते हैं;
तो नियमित रूप से अपने पूरे परिवार व बच्चों के साथ अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करते रहें.
इसके साथ ही शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करने और हमेशा स्वस्थ रहने के लिए अगर कोई व्यक्ति निम्न उपचार नियमित रूप से लेता रहता है और खान-पान और एक्सरसाइज निम्नलिखित अनुसार करेगा, तो उसे कभी भी कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, चर्म रोग आदि किसी भी तरह की गंभीर बीमारी नहीं होगी और वे आजीवन सपरिवार स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रह सकेंगे –

• शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग –

हमेशा स्वस्थ रहने के लिए कोई भी व्यक्ति या परिवार अगर निम्न उपचार द्वारा अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करता है और खान-पान तथा एक्सरसाइज भी निम्न अनुसार लेता है, तो उसे कभी भी कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, चर्म रोग आदि कोई भी गंभीर बीमारी नहीं होगी और वह आजीवन सपरिवार स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रह सकेगा -
1. सबसे पहले आप सुबह 7 बजे कुल्ला करके सल्फर 200 को, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
2. इन दवाइयों को लेने के एक हफ्ते बाद हर 15-15 दिन में सोरिनम 200 का मात्र एक-एक पांच बूँद का डोज चार बार तक ले, ताकि आपके शरीर के अंदर जमा दवाई और दूसरे अन्य केमिकल और पेस्टीसाइड के विकार दूर हो सकें और आपके शरीर के सभी ह्रदय, फेफड़े, लीवर, किडनी आदि मुख्य अंग सुचारू रूप से कार्य कर सकेंगे. बच्चों और ज्यादा वृद्धों में ये सभी दवा 30 की पावर में दें.
3. अगर कब्ज रहता हो, तो होम्योलेक्स या HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 67 की एक या आधी गोली रोज रात एक सफ्ताह तक 9.30 बजे लें. इसके बाद हर व्यक्ति को चाहिए कि वह इसे हर हफ्ते एक या आधी गोली रात्रि 9.30 बजे ले.
4. आप सुबह दो से चार गिलास कुनकुना पानी पीकर 5 मिनिट तक कौआ चाल (योग क्रिया) करें.
5. साथ ही पांच या अधिक से अधिक दस बार तक सूर्य नमस्कार करें. फिर 200 से 500 बार तक कपाल-भांति करें. इसके बाद प्राणायाम करें.
6. रोज सुबह और रात को 15-15 मिनिट का शवासन भी करें.
7. फिर एक घंटे बाद अगर सूट करे, तो कम से कम एक माह तक नारियल पानी लें. या फिर इसे दोपहर चार बजे भी ले सकते हैं.
8. सुबह और शाम को अगर संभव हो, तो एक घंटा अवश्य घूमें.
9. रात को सोते समय अष्टावक्र गीता में बताये अनुसार दो मिनिट के लिए “मैं स्वयं ही तीन लोक का चैतन्य सम्राट हूँ” ऐसा जाप करें.
10. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के चार्ज किये और मिलाकर बने चुम्बकित जल को लगभग 50 मिलीलीटर की मात्रा में रोज दिन में 3 बार उपयोग करें.
11. रोज सुबह उच्च शक्ति चुम्बकों को हथेलियों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए लगायें और रात्रि को खाने के दो घंटे बाद पैर के तलुवों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए दक्षिणी चुम्बक को बायीं ओर और उत्तरी चुम्बक को दाहिनी ओर लगाये.
12. गेंहू, जौ, देसी चना और सोयाबीन को सम भाग मिलाकर पिसवा ले और उसकी रोटी सादे मसाले की रेशेदार सब्जी से खाएं. दाल का प्रयोग कम कर दें.
13. बारीक आटे व मैदे से बनी वस्तुएं, तली वस्तुएं एव गरिष्ठ भोजन का त्याग करे।
14. सुबह-शाम चाय के स्थान पर नीबू का रस गरम पानी में मिला कर पिएं।
15. खाने में सिर्फ सेंधे नमक का प्रयोग करें.
16. रात को सोने से पहले पेट को ठण्डक पहुँचायें। इसके लिए खाने के चार घंटे बाद एक नेपकिन को सामान्य ठन्डे पानी से गीली करके पेट पर रखें और हर दो मिनिट में पलटते रहें. 15 मिनिट से 20 मिनिट तक इसे करें.
17. मैथी दाना 250 ग्राम, अजबाइन 100 ग्राम और काली जीरी 50 ग्राम को पीस कर इस चूर्ण को कुनकुने पानी से रात्रि 9.30 बजे एक चम्मच लें.
18. रात्रि को खाना और जमीकंद खाना, शराब पीना व धूम्रपान अगर करते हों या तम्बाखू खाते हों, तो इन्हें बंद करें. शाकाहारी भोजन ही लें.
19. अपने शरीर की सालाना ओवरहालिंग के लिए साल में एक बार अपने आसपास के किसी भी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में जाकर वहां का दस दिन का कोर्स करें.
20. अपने घर के बुजुर्ग लोगों की रोज एक घंटे के लिये सेवा और मदद करें.
21. अपने आसपास की झोपड़पट्टी में रहने वाले किसी गरीब व्यक्ति की हर हफ्ते जाकर मदद करें.
22. अध्यात्मिक कैप्सूल के रूप में मेरी पुस्तक मुक्तियाँ की एक-एक मुक्ति तीन माह तक रोज पढ़ें. इससे आपकी नेगेटिव एनर्जी कम होगी और पॉजिटिव एनर्जी बहुत तेजी से बढेगी.
23. मेरी स्वस्थ रहे, स्वस्थ करें, मुक्तियाँ और अन्य कई पुस्तकों को मेरे Samadhan समाधान ग्रुप से निशुल्क डाउन लोड करें. आप चाहे तो अपना email address मेरे मेसेज बाक्स में दे दे, तो मैं आपको डायरेक्ट मेल कर दूंगा.
24. होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब नम्बर से मिलती हैं. इनके नम्बर ध्यान से लिखें. साथ ही होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब में कन्फ्यूज न हों. इन्हें साफ़-साफ़ लिखें.
25. किसी भी गंभीर मरीज को किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को तत्काल दिखायें.
26. होम्योपैथी की दवाइयों को मुंह साफ़ करके कुल्ला करके लेना चाहिए. इनको लेते समय किसी भी तरह की सुगन्धित चीजों और प्याज, लहसुन, काफी, हींग और मांसाहार आदि से बचे और दवा लेने के आधा घंटा पहले और बाद में कुछ न लें.
27. हर दिन नई एलोपथिक दवाइयां बन रही हैं और अधिकांश पुरानी दवाइयों के घातक और खतरनाक परिणामों के कारण इन्हें कुछ ही वर्षों में भारत को छोड़ कर विश्व के कई देशों में बेन भी किया जा रहा है.
28. हमें भी चाहिये कि हम मात्र एलोपथिक दवाइयों पर ही निर्भर न रहकर योगासन, सूर्य किरण भोजन, अमृत-जल या सूर्य किरण जल चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, बायोकेमिक दवाइयाँ आदि निर्दोष प्रणालियों को अपना कर खुद और अपने परिवार को सुरक्षित करें.
29. इस तरह दवा मुक्त विश्व का निर्माण करना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है और इसके लिए आप सभी का सहयोग चाहिये, जो आप मेरे इन सन्देशों को दूर-दूर तक फैला कर मुझे दे सकते हैं.
30. मेरी सभी स्वास्थ्य सम्बन्धी, लोक कल्याण, मानवाधिकार और आध्यात्मिक पोस्ट और पुस्तकों को देखने और उन्हें डाउनलोड करने के लिए आप मेरे ग्रुप “Samadhan समाधान” से जुड़ सकते हैं. 

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