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गर्भावस्था में थकान होने के कारण और उपाय


गर्भावस्था में थकान होने के कारण और उपाय 
(pregnancy me thakan hone ke karan aur upay)

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कई छोटी-छोटी शारीरिक समस्याओं से जूझना पड़ता है, जिनमें से गर्भावस्था में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) एक है। क्योंकि प्रेगनेंसी में ज्यादातर महिलाओं को थकान महसूस होती है, इसीलिए इसे आम समस्याओं में गिना जाता है। इस ब्लॉग में हम आपको गर्भावस्था में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) होने के कारण और थकान कम करने के उपाय बता रहे हैं।

1. क्या प्रेगनेंसी में थकान होना सामान्य है? 
(kya pregnancy me thakan hona samanya hai)

लगभग हर गर्भवती महिला को पहली तिमाही के दौरान थकान होती है, इसीलिए गर्भवस्था में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) होना सामान्य होता है। गर्भावस्था के दौरान जब गर्भवती महिला के शरीर में बदलाव होते हैं तब अक्सर उन बदलावों को अपनाते वक्त शरीर सुस्त पड़ने लगता है, जिससे उसे थकान महसूस होती है।

2. गर्भावस्था में थकान कब तक होती है? 
(pregnancy me thakan kab tak bani rehti hai)

गर्भावस्था में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) पहली तिमाही में शुरू होती है। दूसरी तिमाही में ज्यादातर महिलाओं की थकान कम हो जाती है, लेकिन तीसरी तिमाही शुरू होते ही गर्भावस्था में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) फिर से महसूस होने लगती है।

गर्भवती महिलाओं को यह समस्या प्रेगनेंसी के अलग-अलग चरणों में कई कारणों से हो सकती है। कुछ गंभीर मामलों में थकान, किसी अन्य समस्या का संकेत भी हो सकती है, इसीलिए ज्यादा थकान महसूस होने पर अपने डॉक्टर से इसकी जांच करवाएं।

3. प्रेगनेंसी में थकान होने के क्या कारण होते हैं? 
(pregnancy me thakan hone ke kya karan hote hai)

गर्भावस्था में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) होने के विभिन्न कारण पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही में अलग- अलग हो सकते हैं। नीचे प्रेगनेंसी में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) के कारणों का उल्लेख किया गया है।


गर्भावस्था में थकान: हार्मोनल बदलाव से- प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई बदलाव होते हैं, जिसमें हार्मोनल बदलाव एक है। गर्भावस्था के दौरान प्रोजेस्टेरोन हार्मोन (progesterone hormone in hindi) की वृद्धि से अक्सर थकान महसूस होती है।


गर्भावस्था में थकान: नींद पूरी न होने से- कई महिलाओं को पर्याप्त नींद न मिलने की वजह से उन्हें गर्भावस्था में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) महसूस होती है।


गर्भावस्था में थकान: पोषक तत्वों की कमी से- गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्वों का अलग महत्व होता है। कई बार गर्भवती महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से भी उसे प्रेगनेंसी में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) महसूस होती है।


गर्भावस्था में थकान: ज्यादा काम करने से- घर के कामों में व्यस्त रहने वाली घरेलू महिलाएं ज्यादा काम काज करने की वजह से प्रेगनेंसी में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) का अनुभव कर सकती हैं। इसके अलावा नौकरी करने वाली गर्भवती महिलाओं को भी ऑफिस के कामकाज की वजह से थकान महसूस हो सकती है।


गर्भावस्था में थकान: वज़न बढ़ने से- गर्भावस्था के दौरान सभी महिलाओं का वज़न बढ़ता है। वज़न बढ़ने की वजह से अक्सर शरीर की पाचन क्रिया सुस्त हो जाती है और प्रेगनेंसी में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) महसूस होने लगती है।


गर्भावस्था में थकान: मॉर्निंग सिकनेस से- ज्यादा मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness in hindi) यानी जी मिचलाने, जी घबराने, उल्टी आने (vomiting in pregnancy in hindi) के कारण गर्भवती महिलाओँ को प्रेगनेंसी में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) महसूस हो सकती है।


गर्भावस्था में थकान: खून की कमी से- कुछ गंभीर मामलों में गर्भवती महिलाओं के शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया (anemia in pregnancy in hindi) के कारण उन्हें प्रेगनेंसी में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) हो सकती है।


गर्भावस्था में थकान: बीपी और शुगर कम होने से- कई बार गर्भावस्था की पहली तिमाही में महिला का बीपी (blood pressure in pregnancy in hindi) और शुगर (sugar in pregnancy in hindi) कम होने की वजह से प्रेगनेंसी में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) महसूस होती है।


गर्भावस्था में थकान: भावनात्मक बदलाव से- गर्भावस्था के दौरान नौ महीनों में कई बार गर्भवती महिलाओं को भावनात्मक बदलावों का भी सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उन्हें गर्भावस्था में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) महसूस हो सकती है।

4. गर्भावस्था में थकान होना शिशु के लिए कितना हानिकारक होता है? 
(pregnancy me thakan hona shishu ke liye kitna hanikarak hota hai)

आमतौर पर गर्भावस्था में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) शिशु के लिए हानिकारक नहीं होता है। हालांकि कई बार प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा थकान होना गर्भवती के लिए गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि गर्भवती महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया (animea in hindi) की वजह से उन्हें थकान महसूस हो सकती है और इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर भी पड़ सकता है। आपको बता दें कि प्रेगनेंसी में एनीमिया का इलाज संभव है।

इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान कभी- कभी महिलाएं, क्रोनिक फटीग सिंड्रोम (chronic fatigue syndrome in hindi) यानी अत्यधिक थकान की शिकार हो जाती है, जो गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है।

अत्यधिक थकान होने पर, यह हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (hyperemesis gravidarum in hindi) का लक्षण भी हो सकता है। प्रेगनेंसी में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) ज्यादा होने पर अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

5. प्रेगनेंसी में थकान कम करने के लिए क्या करें? 
(pregnancy me thakan kam karne ke liye kya kare)

गर्भावस्था के दौरान महिला का वज़न अतिरिक्त होने की वजह से उसे थकान होना स्वाभाविक है। प्रेगनेंसी में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) कम करने के कई उपाय हैं। आप इन उपायों को अपना कर थकान कम कर सकती है।


अपने शरीर की जरूरतों को समझें- गर्भावस्था में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) होने पर सबसे पहले आपको अपने शरीर की जरूरतों को समझना होगा। प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही के दौरान आपको ज्यादा से ज्यादा आराम करने की जरूरत होती है। एेसे में जब भी समय मिले थोड़ा आराम कर लें।


अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं- प्रेगनेंसी में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) होने पर इसका असर गर्भवती महिला की दिनचर्या पर भी पड़ सकता है, इसीलिए अपनी दिनचर्या को नियमित रखें। दिन में अपने हर काम के लिए समय निर्धारित करें और उसी के अनुसार काम करें।


अच्छी नींद लें- प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में थकान पर नियंत्रण पाने के लिए अच्छी नींद लेना सबसे जरूरी है। अच्छी नींद से शरीर तरोंताज़ा रहेगा और थकान कम होगी।


पोषक तत्व युक्त खाना खाएं- डॉक्टर कहते हैं कि जिन गर्भवती महिलाओँ की भोजन की थाली में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व युक्त आहार होता है, उनमें ऊर्जा का स्तर हमेशा ऊंचा होता है। पोषक तत्व युक्त भोजन में ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा शामिल करें। आप पोषक तत्व युक्त भोजन में साबुत अनाज, दाल, हरी सब्जियां, फल, दूध और उससे बनी वस्तुएं, अंडा और मछली खा सकती हैं।


भरपूर मात्रा में पानी पीएं- कई बार शरीर में पानी की भरपूर मात्रा न होने की वजह से भी गर्भवती महिला को थकान महसूस हो सकती है। दिन भर में छह से आठ गिलास पानी अवश्य पीएं।


व्यायाम और योग करें- प्रेगनेंसी में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) दूर करने के लिए व्यायाम और योग काफी असरदार होता है। रोज़ाना घर पर कुछ सामान्य व्यायाम और योग कर के आप तरोंताज़ा महसूस कर सकती हैं। थकान कम करने लिए स्विमिंग करना सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है, इसीलिए रोज़ाना कम से कम आधे घंटे के लिए स्विमिंग यानी तैराकी जरूर करें।


पैदल चलें- गर्भावस्था में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) से राहत पाने का एक और अच्छा उपाय रोज़ाना पैदल सैर करना होता है। डॉक्टर कहते हैं कि गर्भवती महिलाएं अगर रोज़ सुबह और शाम कम से कम 30 मिनट तक पैदल चलती हैं तो इससे उनकी थकान कम हो सकती है।


अन्य कामों में मन लगाएं- गर्भावस्था के दौरान थकान (tiredness during pregnancy in hindi) को दूर करने के लिए आप अन्य कामों में मन लगा सकती हैं। इस समय अच्छी किताबें पढ़ने, खाना बनाने, दोस्तों या परिजनों से बातें करने और टीवी देखने से आप थकान कम महसूस करेंगी।

गर्भावस्था में थकान (tiredness in pregnancy in hindi) से घबराएं नहीं, क्योंकि यह हर महिला को होने वाली एक आम समस्या है। प्रेगनेंसी में थकान होने के कारण एवं थकान कम करने से संबंधित बातों का उल्लेख इस लेख में किया गया है। इन बातों को ध्यान में रख कर आप थकान से राहत पा सकती हैं।
हालांकि प्रेगनेंसी में थकान (tiredness during pregnancy in hindi) ज्यादा होने पर इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि कभी-कभी थकान ज्यादा होने पर मां और शिशु के स्वास्थ्य पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसीलिए थकान ज्यादा होने पर अपने डॉक्टर की सलाह लें।

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