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लाजवाब औषधि है घृतकुमारी, ऐसे करें प्रयोग

लाजवाब औषधि है घृतकुमारी, ऐसे करें प्रयोग


घृतकुमारी बेमिसाल एंटी एजिंग औषधि है। आयुर्वेद में इसे बेमिसाल औषधि के रूप में वर्णित किया गया है। जिसे अंग्रेजी में एलोवेरा कहा जाता है। इसके इन्हीं औषधीय गुणों के कारण इसे कई ब्यूटी प्रोडक्ट में इस्तेमाल किया जाता है। सबसे अच्छी बात यह कि इसे आप चाहें तो घर में भी उगा सकते हैं। बेरंग सा दिखने वाला यह औषधीय पौधा आपकी खूबसूरती को चार चांद लगा सकता है। जानें इसके लाभ।
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कील-मुंहासों की समस्या में - एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भरपूर घृतकुमारी यानी एलोवेरा की विशेषता यह है कि यह कील-मंहासों से राहत दिलाने में बहुत ही प्रभावी है। यह बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन को त्वचा से दूर करता है और जब बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन होगा नहीं तो कील-मुंहासों की समस्या भी कंट्रोल में रहेगी।

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बढ़ाए चेहरे का निखार - एलोवेरा त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद न केवल गंदगी को साफ करता है, बल्कि डेड सेल्स को साफ करने का भी काम करता है, जिससे चेहरे पर निखार आ जाता है। इसलिए इसे बहुत अच्छा क्लींजर भी माना जाता है। अगर आपके पास एलोवेरा जेल है तो अच्छी बात है, वरना आप एलोवेरा के पत्तों से जेल निकालकर इस्तेमाल कर सकते हैं।



जख्म भरने का काम - एलोवेरा को कभी-कभी मामूली घावों और जलने के लिए उपचार के रूप में प्रयोग किया जाता है। यदि आपको कोई चोट लगी हुई है या कोई घाव है या फिर किसी कीड़े ने काट लिया है, तो होने वाली जलन से राहत पाने के लिए एलोवेरा लगाएं। ऐसा करने से आपके जख्म जल्दी भरेंगे।
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नेचुरल एंटी-एजिंग प्रोडक्ट - एलोवेरा में पॉलिसाक्राइड, लेक्टिन और एंथ्राक्विनोन जैसे कंपाउंड या यौगिक होते हैं जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। एलोवेरा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है। यह त्वचा पर मौजूद महीन रेखाओं को साफ करने का काम करता है। यह एक बेस्ट और नेचुरल एंटी-एजिंग प्रोडक्ट है।

प्रेगनेंसी में हेल्दी चीज़ें बच्चे के अच्छे विकास में मदद करती हैं।

प्रेगनेंसी में हेल्दी चीज़ें बच्चे के अच्छे विकास में मदद करती हैं। अब चूंकि सर्दियों का मौसम शुरु हो गया है तो इस मौसम में बाज़ार में कई अच्छी और मौसमी सब्ज़ियां और हर्ब्स आदि उपलब्ध रहते हैं। यहां हम लिख रहे हैं ऐसी ही 4 हेल्दी और हरी सब्ज़ियों के बारे में जो प्रेगनेंट महिलाओं के लिए फायदे मंद साबित हो सकती हैं।




पालक एक ऐसी सब्ज़ी है जो सभी के लिए फायदेमंद है। प्रेगनेंसी में आपको अपने भोजन में पालक को स्थान देना चाहिए। पालक फोलेट और विटामिन बी2 का बहुत अच्छा स्रोत हैं , जो आपके बच्चे के मस्तिष्क के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।




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मेथी प्रेगनेंसी के दौरान बहुत लाभदायक साबित होती है। मेथी से फोलेट जैसे पोषक तत्व प्राप्त होते हैं जो बच्चे के मस्तिष्क के लिए अच्छा होता है। मेथी की हरी पत्तियां सर्दियों में अच्छी क्वालिटी और सस्ते दामों पर उपलब्ध होती हैं। आप इनके परांठे, थेपले या साग बनाकर खा सकती हैं।



हरी मटर के दानों से ठंड के मौसम में कई ज़ायकेदार चीज़ें तैयार की जाती हैं। इस मौसम में आप हरी मटर के परांठे, सलाद, सब्ज़ी, टिक्की और करी खा सकती हैं। हरी मटर विटामिन ए, विटामिन के, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, मैग्नीशियम, विटामिन सी, फाइबर और प्रोटीन का समृद्ध स्रोत हैं। गर्भ में बच्चे के विकास के लिए यह सब आवश्यक है।



ब्रोकोली- कैल्शियम और फोलेट के लिए इसे अपनी डायट में शामिल करें। इसके अलावा फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट्स, आयरन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी ब्रोकोली में अच्छी मात्रा में होते हैं और इसीलिए यह एक सुपर-फूड माना जाता है।


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बढ़ती उम्र और खान-पान में लापरवाही की वजह से शरीर में कई तरह के पोषक तत्व कम होने लगते हैं। सबसे महत्वपूर्म मिनरल्स में कैल्सियम आता है जिसकी कमी अक्सर लोगों को हो जाती है। कैल्शियम की कमी की वजह से हड्डियां कमजोर होने लगती है। कैल्शियम के कई अच्छे स्रोत हैं जिनके उपयोग से शरीर में इसकी पूर्ति की जा सकती है। दवाओं के द्वारा कैल्शियम की पूर्ति लंबे समय तक करना शरीर और पाचन तंत्र के लिए ठीक नहीं होता है। हम यहां कुछ खास खाद्य पदार्थ के बारे में बता रहे हैं जो कैल्शियम की पूर्ति करते हैं।



बीज : चिया सीड्स, अलसी, कद्दू और तिल के बीज कैल्शियम के अच्छे स्रोत होते हैं. इनमें कैल्शियम के साथ-साथ प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पर्याप्त मात्रा में होता है।


बादाम : बादाम खाने से सिर्फ दिमाग ही तेज नहीं होता है बल्कि हड्डियां भी मजबूत होती है क्योंकि बादाम में कैल्शियम पाया जाता है. ऐसे में आप भी बादाम को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।



बीन्स : एक कप बीन्स में 24 प्रतिशत तक कैल्शियम होता है इसलिए बीन्स का सेवन करने से शरीर में कैल्शियम की कमी पूरी हो जाती है।

पनीर : इसमें कैल्शियम के साथ-साथ प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में होता है, जिससे आप कई हेल्थ प्रॉब्लम से बचे रहते हैं।
दही : एक कप प्लेन दही में 30 प्रतिशत कैल्शियम के साथ-साथ फास्फोरस, पोटेशियम और विटामिन B2 और B12 होता है. ऐसे में अगर आप दूध नहीं पीते तो इसका सेवन कर सकते हैैं।



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