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सेक्सुअल फिटनेस क्या है ?

सेक्सुअल फिटनेस क्या है ? कितना जानते हैं आप इसके बारे में.....

एक सामान्य इंसान को सेक्स की ज़रूरत और चाहत होती है। यह चाहत व ज़रूरत अलग-अलग लोगों में अलग-अलग हो सकती है। किसी को कम, किसी को ज़्यादा। इसी तरह आकर्षण होना भी स्वाभाविक है। फैंटसीज़ यानी कल्पना करना, जैसे- किसी ख़ास व्यक्ति की ओर यदि हम आकर्षित होते हैं, तो उसके बारे में सोचना और कल्पना में उसके साथ सेक्स करना भी स्वाभाविक व सामान्य है। सेक्स की चाह होने पर मास्टरबेट करना भी हेल्दी माना जाता है।


क्या सेक्स से आपको और आपके पार्टनर को पहले जैसी संतुष्टि नहीं मिलती ? क्या सेक्स से आपको ऊब और बोरियत होने लगी है ? क्या यह महज़ शारीरिक क्रिया बन गया है आपके लिए या अब भी भावनात्मक रूप से आप इसे आनंददायक क्रिया मानते हैं ?





यदि आप में ऊपर बताए तमाम लक्षण मौजूद हैं, तो आप सेक्सुअली फिट हैं और यदि आप में सेक्स ड्राइव यानी सेक्स की चाह कम है या कम हो रही है, तो आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम है। अगर आप शादीशुदा हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ कितनी अच्छी है?



ये तमाम सवाल ख़ुद से और अपने पार्टनर से करें, तो आप ख़ुद जान जाएंगे कि आप सेक्सुअली कितने फिट हैं।



पेनकिलर नहीं, शरीर के हर दर्द को दूर करेंगे ये 5 हर्ब्स

अक्सर अधिक शारीरिक मेहनत करने से शरीर के किसी भी हिस्से या मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। अधिकतर लोग इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए पेनकिलर ले लेते हैं। यदि आप भी किसी तरह के दर्द का सामना कर रहें हैं तो आप दवाएं लेने की बजाय अपने आहार में जड़ी-बूटियों को शामिल करें। शरीर के आंतरिक अंगों की सूजन दर्द का प्रमुख कारण होता है। अर्थराइटिस, कमर और गर्दन में दर्द जैसी परेशानियों का सामना करने पर भी आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों का सेवन कर सकते हैं। हमारे किचन में बहुत से ऐसे हर्ब्स मौजूद होते हैं, जिनमें दर्द कम करने की क्षमता होती है। जानें, कौन-कौन से हैं वे हर्ब्स जो दर्द में दिलाते हैं राहत।



दालचीनी- दालचीनी में पाए जाने वाले यूजेनाल और सिनेमेल्डीहाइड दर्दनिवारक की तरह काम करते हैं। दालचीनी खून का बहाव और थक्का जमने की प्रक्रिया ठीक रखती है और जलन को दूर करती है।



जीरा- जीरे में एंटीऑक्सीडेंट होता है, जीरा पाचन ठीक रखने के साथ सूजन दूर करने में मददगार साबित होता है। खून साफ रखने में भी जीरा अहम भूमिका निभाता है।



हल्दी- अर्थराइटिस के दर्द को कम करने के लिए हल्दी एक कारगर औषधि। हल्दी में पाया जाने वाला कूरकूमिन मे दर्द निवारक गुण होता है।



अदरक- अदरक में गिंजरोल पाया जाता है। अदरक में सर्दी को भगाने के गुण होतें हैं साथ ही साथ यह अर्थराइटिस के दर्द को कम करने के भी काम आता है।


लौंग- आमतौर पर खाने को सुगंधित बनाने के लिए लौंग का इस्तेमाल होता है लेकिन दांतों के दर्द को दूर करने में भी लौंग प्रभावी माना जाता है। दांतों की समस्याओं के लिए लौंग का तेल को एक रामबाण उपचार है। इसके अलावा लौंग में पाया जाने वाला यूजेनाल जलन व अर्थराइटिस के दर्द से निजात दिलाता है।


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