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अनार के फायदे


त्वचा के लिए अनार के फायदे
अनार खाने के फायदे 
Anar ke fayde (in hindi)

अनार अनार का नाम सुनते ही व्यक्ति के मुंह में पानी आ जाता है जैसा कि आप के मुंह में आ गया है क्योंकि अनार 12 महीने बाजार में मिलता रहता है और लोग इसे बहुत पसंद करते हैं यह काफी पोस्टिक आहार है अनार हमारे शरीर के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है इसलिए मैं Tipsbabu.com पर आपको अनार खाने के कुछ ऐसे फायदे बताऊंगा जो अनार की खेती करने वाले को भी नहीं पता होंगे।

1. यदि किसी व्यक्ति की याददाश्त कमजोर है तो उस व्यक्ति को अनार रोजाना खाने चाहिए जिससे उस व्यक्ति की याददाश्त मजबूत होने लगेगी।

2. यदि किसी व्यक्ति को हाई या लो ब्लड प्रेशर की बीमारी है तो उस व्यक्ति को अनार खिलाएं जिस से उस व्यक्ति की बीमारी ठीक हो जाएगी।

3. यदि किसी व्यक्ति की हड्डियों याद जोड़ों में दर्द होता है तो उसे अनार खाने चाहिए जिस से उस व्यक्ति के जोड़ों या हड्डियों का दर्द ठीक हो जाएगा।

4. यदि व्यक्ति अनार खाता है तो वह व्यक्ति कभी भी मोटापे से परेशान नहीं होगा।

5. जब व्यक्ति का जी मचलने लगता है तब व्यक्ति को अनार खाने चाहिए जिससे मुझे बहुत फायदा मिलेगा।

6. यदि व्यक्ति को दस्त लग गए हैं तो उसे अनार खिलाने चाहिए।

7. अनार का जूस पीने से हमारे शरीर को कैंसर से लड़ने की शक्ति मिलती है।

8. यदि कोई व्यक्ति गठिया का शिकार है तो उसे अनार खाने चाहिए यह उसमें बहुत फायदेमंद है।


9. अनार खाने से हमारे खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है।

10. अनार खाने से हमारे शरीर में खून के गठ्ठे नहीं बनते हैं।

11. अनार खाने से हमारा रक्त संतुलित मात्रा में बहता रहता है।

12. यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि वह समय से पहले बूढ़े लगने लगा है तो उस व्यक्ति को अनार खाने चाहिए अनार खाने से आप यंग और जवा दिखेंगे।

13. यदि कोई महिला गर्भवती है तो उसे हर रोज अनार का जूस पीना चाहिए जिससे बच्चे के कम वजन की दिक्कत नहीं आती है और बच्चे को बीमारी का सामना नहीं करना पड़ता है।

14. अनार खाने से महिला की छाती में होने वाली कैंसर से छुटकारा मिलता है।

15. गर्मियों के दिनों में अनार जरूर खाने चाहिए इनसे हमें पोस्टिक आहार मिलता है।

16. अंनार का दैनिक सेवन सेक्स ड्राइव को बढ़ाने में बहुत ज्यादा मदद करता है।

17. यदि कोई अपनी तवचा से प्रेम करता है और उसे नरम बनाकर रखना चाहता है तो उसे अनार का सेवन करना चाहिए क्योंकि अनार से त्वचा में नमी बरकरार रहती है।

18. मुंह पर होने वाली कील मुहासों से अनार खाने से छुटकारा मिल जाता है।


19. व्यक्ति अनार खाएगा तो सूर्य की किरणें मुंह पर कभी भी नकारात्मक असर नहीं दिखाएंगी।




अनार में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-वायरल और एंटी-ट्यूमर गुण पाए जाते हैं, और इसे विटामिन, विशेष रूप से विटामिन ए, विटामिन सी, और विटामिन ई के साथ-साथ फोलिक एसिड का एक अच्छा स्रोत कहा जाता है। इस अद्भुत फल में ग्रीन टी की तुलना में तीन गुना एंटीऑक्सिडेंट होता है।
त्वचा को रखे स्वस्थ्य


अनार विटामिन सी में समृद्ध है। यह पोषक तत्व त्वचा के स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ये एंटीऑक्सिडेंट्स जैसे प्रोथेन्थैनिडिन्स और फ्लैवोनोइड्स के साथ भरपूर हैं जो उम्र बढ़ने के संकेतों (जैसे झुर्रियां) में बहुत अच्छा काम करता है।
मुंहासों से मिलती है राहत



अनार का रस त्वचा पर लगाने से मुंहासों से राहत मिलती है। इससे त्वचा के छीलने या लालिमा जैसे किसी प्रकार के साइड-इफेक्ट्स भी नहीं दिखाई देता। अनार मुंहासे साफ़ करने के लिए एक शानदार फल है। एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी से भरपूर अनार मुंहासे के लिए एक “सुपरफूड” हैं।
लाइपेस को रोकता है अनार


बैक्टीरिया लाइपेज नामक एक एंजाइम उत्पन्न करता है जो हमारी त्वचा में सीबम को पचाने में मदद करता है। पाचन के बाद, लाइपेस फैटी एसिड और गंदगी को त्वचा में छोड़ देता है जिससे जलन होती है। अनार का अर्क लाइपेस उत्पादन को कम करने में प्रभावी रहा है, त्वचा की सूजन बढ़ने से रोका जा सकता है।


बैक्टीरिया को विकास को नियंत्रित करे अनार बैक्टीरिया का विकास, अनार के अर्क के प्रभाव से कम होता है। अर्क में मौजूद पॉलीफेनोल भी बैक्टीरिया के दोनों उपभेदों को कम करने और नष्ट करने का काम करते हैं।
अनार के फायदे



1. अनार के छीलके और पत्तियों का उपयोग किसी भी तरह की पाचन समस्याओं, पेट विकार या दस्त को शांत करने में सहायता करता है। इस फल की पत्तियों से बना चाय पीना भी पाचन समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है।


2. अमेरिकी जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, अनार एंटीऑक्सीडेंट में समृद्ध हैं और यह शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोक सकता है। नियमित रूप से अनार का रस लेने से शरीर में रक्त का प्रवाह अच्छा बना रहता है।

3. अनार में फ्लैवोनोइड्स नामक एंटीऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा होती है। यह विभिन्न कैंसर पैदा करने वाले मुक्त कणों या फ्री रेडिकल्स से लड़ने का काम करता है। एक्सपर्ट के बुताबिक प्रोस्टेट और स्तन कैंसर के उच्च जोखिम वाले लोगों को अनार का रस पीना शुरू करना चाहिए, क्योंकि इससे उन्हें कैंसर के विकास के जोखिम को कम करने में सहायता मिलेगी।


4. अनार में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण दांत में जमें प्लाक के प्रभाव को कम करने और विभिन्न मौखिक बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने में सहायता करता है।


5. अनार फल का सेवन करके शरीर में स्वस्थ रक्त प्रवाह बनाए रखा जा सकता है। अनार खून की आपूर्ति करता है, इस प्रकार यह एनीमिया के लक्षणों जैसे थकावट, चक्कर आना और कमजोरी जैसे लक्षणों को कम करने में सहायता करता है।




6. मधुमेह के रोगियों के लिए अनार का रस विभिन्न कोरोनरी बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है। इसके अलावा यह विभिन्न हृदय रोगों के विकास को भी रोकती है।

अनार के फायदे और नुकसान साथ ही जाने खाने का सही समय और तरीका


अनार खाने से हमारे शरीर को काफी सारे फायदे होते हैं। अनार में कुछ ऐसे महत्तवपूर्ण तत्व होते हैं जो कि हमारे शरीर के लिए काफी जरूरी होते हैं। अनार में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, फोलिक एसिड और एंटीआक्सीडेंट होता है जो कि शरीर के लिए काफी महत्तवपूर्र्ण तत्व हैं। बता दें कि अनार स्वास्थ्य के साथ-साथ सुंदरता को भी बरकार रखता है।

मौखिक स्वास्थ्य को सुधारने में है फायदेमंद अनार 
अनार में एंटी-प्लाक गुण पाए जाते हैं जो समग्र मौखिक स्वास्थ्य में सुधार ला उसे तरोताज़ा कर देते हैं। अनार में मौजूद तत्व दंत पट्टिका (प्लाक) के खिलाफ संरक्षण प्रदान करने में सक्षम होते हैं। पट्टिका गठन को कम करके, यह दंत क्षय, पायरिया, मसूड़े की सूजन और कृत्रिम दांतों स्टोमेटिटिस जैसी दंत समस्याओं के जोखिम को कम कर देते हैं।

अनार के फायदे हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाने में 
अनार आपके हृदय के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत सेहतमंद होता है। यह रक्त-धमनियों (blood-vessels) को पोषित कर रक्त-प्रवाह में सुधार लाता है। इटली में नेपल्स विश्वविद्यालय में किए गए एक 2005 के अध्ययन के अनुसार, अनार का रस धमनियों के सख्त होने (atherosclerosis) के उपचार एवं उससे बचाव में मदद करता है।

इसके अलावा, ब्रिटिश के पोषण जर्नल में प्रकाशित एक 2010 के अध्ययन में पाया गया है कि 800 मिलीग्राम अनार के बीज का तेल ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है और उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (HDL) अनुपात में सुधार लाता है।
अनार के औषधीय गुण स्वस्थ रक्त-चाप बनाए रखने में सहायक 
अनार उच्च रक्त-चाप के रोगियों के लिए भी बहुत फलदायक होता है। यह एक अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट है और विटामिन सी एवं नाइट्रिक ऑक्साइड का एक अच्छा स्रोत है। इसके पौषिक गुण रक्त प्रवाह को नियमित करने एवं रक्त-धमनियों को पोषित करने के लिए जाने जाते हैं। यह दिल के दौरे के होने की संभावना को भी बहुत हद तक कम कर देता है।

रोज़ाना एक गिलास अनार का जूस पियें और रक्त-चाप को नियंत्रित करें। 
नोट:- अनार का सेवन करते समय रक्त-चाप के स्तर को देखते रहें , विशेष रूप से तब जब आप अनार का सेवन ब्लड प्रेशर की दवाइयों के साथ कर रहे हों।

अनार के स्वास्थ्य लाभ जोड़ों के दर्द के लिए 
अनार जोड़ों एवं उससे संबंधित समस्याओं का भी एक सफल उपचार है। संधिशोथ (osteoarthritis), अस्थिसंधिशोथ (rheumatoid arthritis) और समग्र जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए अनार के बीजों का सेवन दैनिक नियमित रूप से करें। यह एंटी-ऑक्सीडेंट एवं सूजन को कम करे वाले गुणों से युक्त है और जोड़ों में आई अकड़ एवं सूजन को कम करने में सक्षम है।

2005 में पोषण के जर्नल में प्रकाशित एक अध्य्यन के अनुसार अनार में ऐसे तत्व समाविष्ट हैं जो जोड़ों को क्षति पहुंचने से रोकते हैं।
जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए -

रोज़ाना एक गिलास अनार का जूस पियें। लेकिन यदि आप कोई दवाई ले रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से परामर्श ज़रूर कर लें।
आप अनार के जूस एवं किसी भी तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर उसे मालिश करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
स्मरण-शक्ति को बढ़ाता है अनार 
अनार का सेवन करने से स्मरण-शक्ति को तो बढ़ावा मिलता ही है परंतु साथ ही में यह अल्ज़ाइमर (भूलने की बीमारी) जैसे दिमाग से सम्बंधित विकारों को भी हराने की क्षमता रखता है। 2013 में हुए एक शोध में पाया गया कि अनार दिमाग की क्रियाओं में सुधार लाता है और उम्र-सम्बंधित दिमाग की समस्याओं को भी ठीक करता है।

अनार के जूस के फायदे एनीमिया के लक्षणों से लड़ने के लिए 
अनार एनीमिया से पीड़ित रोगियों के लिए एक संजीवनी बूटी के सामान है। यह शरीर में लौह की कमी को पूरा कर रेड ब्लड सेल्स की संख्या को भी बढ़ाता है। यह रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा में बढ़ोतरी कर उसके प्रवाह में भी सुधार लाता है। इसके अलावा यह विटामिन सी से भी भरपूर होता है जो लौह के अवशोषण में सहायता करता है।
इस फील्ड में हुए शोधों के अनुसार अनार एनीमिया के लिए एक बहुत ही सक्षम डाइटरी सप्लीमेंट है और एनीमिया के लक्षणों से लड़ने में शरीर को पूरा सहयोग देता है।

एनीमिया को मात देने के लिए
रोज़ाना अपने सुबह के नाश्ते के साथ एक कप अनार का जूस पियें।
इसका दूसरा विकल्प यह है कि आप अनार के बीजों को पीसकर चूर्ण बना लें और रोज़ाना सुबह आधा चमच्च चूर्ण गर्म पानी में मिलाकर पी लें।
अनार के लाभ कैंसर का उपचार करने में 
अनार की स्वास्थ्य के लिए गुणवत्ता छोटी-छोटी बिमारियों तक ही सिमित नहीं है, अपितु यह कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से लड़ने का भी सामर्थ्य रखता है। यह कैंसर की कोशिकाओं का नाश कर ट्यूमर के विकार पर पूर्ण-विराम लगाता है। अनार के फल का सेवन प्रोस्टेट, फेफड़ें, स्तन एवं स्किन कैंसर में अत्यंत फलदायक होता है। इस फील्ड में किये गए अनेक शोधों ने अनार के स्तन एवं स्किन कैंसर पर सकारात्मक प्रभाव की पुष्टि करी है। अनार कैंसर से बचाव करने में भी अति सक्षम है। कैंसर से बचाव करने के लिए या फिर उसका उपचार करने के लिए अनार को अपने दैनिक आहार में शामिल करें।

अनार के रस का फायदा है मधुमेह को नियंत्रित करना

जो लोग मधुमेह या फिर किसी भी उपापचयी सम्बंधित बीमारियों से ग्रस्त हैं, उनके लिए अनार बहुत ही फायदेमंद फल है। यह इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता को कम करता है और मधुमेह से होने वाली समस्याओं से भी बचाव करता है। पोषण अनुसंधान (Nutrition Research) में प्रकाशित एक 2013 के अध्ययन में पाया गया कि अनार के रस में अद्वितीय एंटीऑक्सीडेंट पॉलीफेनॉल्स (टैनिन और एंथोस्यानिंन्स) होते हैं जो टाइप 2 मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देता है अनार

अनार उन महिलाओं के लिए अत्यंत फायदेमंद होता है जो गर्भवती होने का प्रयास कर रहीं हैं। यह गर्भाशय में रक्त प्रवाह को बढ़ा उसे सशक्त कर देता है और गर्भपात के खतरे को खत्म कर देता है। फार्माकोग्नॉसी पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार अनार प्रजनन अंगों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है और गर्भ धारण करने में सहायता करता है। परंतु यह अध्ययन इस बात को भी उजागर करता है की अनार के अधिकतम सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इसके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं।

अनार में विटामिन C और K के साथ-साथ फोलिक एसिड भी होता है जो गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास को बढ़ावा देता है। यह शरीर को चिंता एवं तनाव से भी मुक्त कराने में सहायक है जो गर्भ धारण करने में और समग्र स्वस्थ्य में सुधार लाने में मदद करता है।

गर्भ धारण की संभावना को बढ़ाने के लिए अनार के बीज और छाल (तना) का चूर्ण बना लें और उन्हें बराबर मात्रा में मिला लें। इस मिश्रण को एक हवाबंद डिब्बे में रख दें और कुछ हफ़्ते के लिए रोज़ाना दिन में दो बार आधा चम्मच पाउडर गर्म पानी में मिलाकर पी लें। रोज़ाना दिन में एक बार एक गिलास अनार के रस का सेवन भी कर सकते हैं।

अनार के नुकसान
अनार में मौजूद एंज़ाइम लिवर में मौजूद कुछ एंज़ाइमों के कामकाज में बाधा कर सकते हैं। यदि आप लिवर विकारों के लिए किसी भी विशिष्ट दवा पर हैं, तो इस फल या इसके रस लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

आप एक डाइट पर हैं और अपने कैलोरी की मात्रा को देख रहे हैं, तो यह फल या इसका रस लेने से बचें। अनार से कैलोरी में इजाफा होता है। यह वजन बढ़ने का कारण भी बन सकता है।

इस फल की अत्यधिक खपत कई विकारों का कारण बन सकती है। उनमें से कुछ मतली, उल्टी, पेट दर्द और दस्त हैं। लेकिन यह लक्षण आमतौर पर कुछ ही घंटों के बाद कम हो जाते हैं। अनार की अत्यधिक खपत जठरांत्र पथ (gastrointestinal tract) में जलन भी पैदा कर सकती है।

इस फल की खपत के कई लक्षण हो सकते हैं जो एलर्जी का कारण बन सकते हैं। ये लक्षण हैं -

कुछ भी निगलने में दर्द होना
चकत्ते
चेहरे की सूजन
सांस लेने में कठिनाई होना
मुंह में सूजन और दर्द
इसलिए आवश्यक है कि इसे आप सीमित मात्रा में खाएँ और कुछ आवश्यक बातों का ध्यान रखें।
कुछ बातों का ध्यान रखें -

आप एक सप्ताह तक अनार को कमरे के सामान्य तापमान पर स्टोर कर सकते हैं।
यदि आप उन्हें फ्रिज में रखना चकते हैं तो उन्हें प्लास्टिक में लपेट कर रखें।
अनार के ताज़ा बीज को 3 से 4 दिनों के लिए फ्रिज में रखा जा सकता है।
अनार के बीज खाने के बाद यदि आपको खाद्य एलर्जी के लक्षण दिखें, उसका सेवन करना तुरंत रोक दें और अपने चिकित्सक से परामर्श लें।
अनार के रस का सेवन रक्त-सम्बंधित दवाइयों के साथ डॉक्टर की सलाह लेने के पश्चात ही करना चाहिए।
किसी भी प्रकार का अनार-पूरक चुनने से पहले, हमेशा पहले डॉक्टर से परामर्श करें।

अनार के घरेलू उपयोग:-
अनार खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही हमारे स्वास्थय के लिए भी अच्छा होता है। अनार में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन्स ए, सी, ई और के होता है। अनार में एंटीऑक्सीडैंट का गुण स्वास्थय और सुन्दरता दोनों के लिए बहुत लाभकारी है। अनार में एंटी एजिंग गुण भी पाया जाता है जो झुर्रियों को कम करता है। अनार ह्रदय को बलशाली और पेट की बिमारियों को दूर करता है। अनार के छिलके भी काफी फायदेमंद है। अनार के साथ-साथ इसके छिलके के घरेलू उपयोग कुछ इस प्रकार है :-


रोज़ाना अनार खाने से शरीर में रक्त का संचालन अच्छी तरह से होता है। यह खून में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ात है।
अनार खाने से ब्रेस्ट कैंसर, फेफडों के कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना कम होती है।
अनार त्वचा की नमी को बरकरार रखता है। यह कील मुंहासें से बचाता है। अनार रोज़ाना खाने से त्वचा पर सूर्य की किरणों का नकारात्मक असर नहीं पड़ता है और चेहरे पर झुर्रियाँ नहीं आती।
गर्भवती महिला को रोज़ाना अनार का जूस पीना चाहिए। इससे बच्चे को कम वज़न, दाँतों सम्बन्धित समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता और बच्चा हैल्थी होता है।
अनार के जूस का सेवन करने से हड्डियाँ और जोड़ो में मज़बूती आती है। यह गठिए जैसे रोगी के लिए बहुत फायदेमंद है।
अनर के रोज़ाना सेवन करने से ब्लड प्रेशर और याददाशत सम्बन्धित समस्याएं दूर होती है।
1-2 किलो पानी में 50 ग्राम अनार की जड़ की छाल डालकर 24 घंटे तक फूलने के लिए छोड़ दें। उसके बाद हाथ से मसलकर आग पर चढ़ा कर उबाले। एक किलो पानी बचने पर तीन बराबर भागों बाँट कर 2-2 घंटे के अंतराल 1-1 भाग रोगी को भूखे पेट पिलाने के बाद खाने को कुछ ना दें। अगले दिन सुबह एरण्ड-तेल का जुलाब दें। इस जुलाब से दस्त के साथ सारे टेप वार्म मृतावस्था में बाहर निकल जाते है।
अनार की जड़ की छाल का काढा बना कर देने से सूखे के रोग में लाभ होता है। इस रोग को ममरखा, मुखण्डी, अस्थिशोष, रिकेट्रस आदि नामों से जाना जाता है।
अनार के छिलकों को मुँह में रखकर चूसने से खाँसी में लाभ होता है।
अनार की छाल के काढ़े में सोंड़ का चुर्ण मिलाकर देने से खूनी बवासीर में आशातीत लाभ होता है।
कुटज और अनार के छाल का काढा बनाकर शहद के साथ देने से खूनी अतिसार में लाभ होता है।
अनार के पत्ते 10 ग्राम तथा गुलाब के ताज़े फूल 10 ग्राम को आधा सेर पानी में उबालकर चौथाई भाग बचने पर छान कर 10 ग्राम घी मिलाकर सुबह-शाम पीने से उन्माद में लाभ होता है।

10 ग्राम अनार की जड़ की छाल १ लीटर पानी में उबालें। आधा बाकी रहने पर उसमें 5 ग्राम फिटकरी डालें। इस पानी की पिचकारी लेने से स्त्रियों के प्रदररोग, रक्तप्रदर, गर्भाशय में होने वाले जख्म जैसी समस्याएं दूर होती है।
अनार के पत्तों को पानी में पीसकर दिन में दो बार लेप करने से सिरके बाल झड़ने बंद हो जाते है।
50 ग्राम अनार के पत्तों का रस, 50 ग्राम बेल के पत्तों का रस, 50 ग्राम तिल का तेल हल्की आग पर पकाएं। जब तेल शेष मात्रा में रहे तो उतारकर छान लें और ठंडा कर शीशी में बंद कर लें। इसकी 2-2 बूँदें कान में डालने से लाभ होता है।
भिड बर्रै, ततैया, मधुमक्खी, विच्छू आदि विषैले जीवों के डंक पर अनार के पत्तों को पीसकर लेप करने से आराम मिलता है।
अनार के छिलके से चेहरे पर स्क्रब करने से मृत त्वचा को निकालने में सहायक होते है।
अनार के छिलकों का स्क्रब बनाकर उसमें ब्राउन शुगर और शहद को मिला लें। इसे चेहरे पर लगाने से चेहरा निखर जाता है।
अनार खाने से अधिक उम्र के लोगों को होने वाली एलजाइमर नामक बीमारी दूर होती है।
अनार खाने से पेट के आसपास की चर्बी कम हो जाती है। अनार का रस वज़न घटाने में भी मदद करता है।
अनार के जूस में फ्रक्टोज होता है। इससे ब्लड शुगर नहीं बढता। यह दिल के मरीज के लिए बहुत फायदेमंद है। यह रक्त वाहिकाओं की सूजन कम करता है। यह खून को पतला करता है और रक्त के थक्के जमने नहीं देता।
यह शरीर में आयरन पहुंचाता है। इससे एनिमिया नामक बीमारी नहीं होते।
अनार हृदय रोगी के लिए भी बहुत फायदेमंद है। यह शरीर के कॉलेस्ट्रोल को काबू में रखता है। यह हानिकारक कॉलस्ट्रोल को भी लाभकारी कॉलस्ट्रोल में बदल देता है।
इस प्रकार अनार के साथ उसके छिलके भी बहुत उपयोगी है।


अनार का ज्यूस पिने के फायदे, जिसे आप नहीं जानते!

अनार का नाम आते ही हम सबके जह्न में यही कहावत याद आती हे की ‘एक अनार सो बीमार’। खेर, ये तो हम सभी लोग जानते हैं कि अनार और अनार का ज्यूस स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। नियमित रुप से इसका सेवन करने से सिर्फ खून बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि रूप निखारने के लिए भी काम करता हे। ये फाइबर, विटामिन सी और विटामिन के का एक बहुत अच्छा स्त्रोत है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स के भी ढ़ेरों फायदे हैं। आइए जानते हे इसके अनूठे फायदे के बारेमें…

* एक शोध के अनुसार एक गिलास अनार का ज्यूस पिने से 30 से 40 वर्ष के लोग और बुजूर्ग अपनी याददाश्त को बेहतर बना सकते हे।

* अनार में न्यूरो-प्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हे। इसका लगातार सेवन करने से ब्रेन हेमरेज जेसी घातक समस्याएं होने की सम्भावना भी नष्ट हो जाती हे।

* जोड़ दर्द और आर्थरायटीस से ग्रस्त रोगियों के लिए अनार का ज्यूस वरदान की तरह हे। रोगियों को दिन में एक बार कम से कम 75 से 100 मिली अनार का ज्यूस पीना चाहिए, इससे बहुत ही फायदा होता हे।


* दिल की बीमारियों के लिए भी अनार को बहुत पौष्टिक माना जाता है। अनार को एक बेहतर ब्रेन टोनिक भी माना जाता हे। एक शोध में पाया गया है कि आधा ग्लास अनार का रस और तीन खजूर का सेवन करने से दिल के दौरे का रिस्क कम हो सकता है।

* अनार धमनियों को कड़ा होने से 33 प्रतिशत तक रोकता है और इसमें फैट्स जमने की आशंका को 28 प्रतिशत तक कम कर सकता है।

* रोजाना अनार का जूस पीने से सेक्स क्षमता में उतना ही इजाफा होता है, जितना की वियाग्रा दवा के सेवन से।

* अनार में Ellegic Acid, एंटीऑक्सीडेंट, पॉली अनसेचुरेटेड फेटी एसिड, ओमेगा 5, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, फॉलिक एसिड, विटामिन A, C, E, राइबोफ्लेविन, थायमिन, आयरन जेसे तत्व पाए जाते हे।

* अनार या किसी भी फल का रस फ्रेश बनाकर पीना ज्यादा हितकारी होता हैं। बाजार के ज्यूस में मिलावट के साथ साथ हानिकारक तत्व भी मोजूद होते हैं।

* अनार को त्वचा के कैंसर, स्तन-कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि के कैंसर और पेट में अल्सर की संभावना घटाने की दृष्टि से भी विशेष उपयोगी पाया गया है।

* आप कोशिश करे तो अपनी व्यस्त जीवनशेली में से अपने लिए थोडा समय निकाल सकते हैं और शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। पर ध्यान रखे सदैव पूरा एक अनार खायें इसे किसी के साथ शेयर ना करे। इसके पुरे फल में सभी दाने गुणकारी नहीं होते इसलिए इसे आधा ना खाये और इसे रोजाना सलाद के रूप में या ब्रैक फ़ास्ट में खायें।

* अनार से अधिक उम्र के लोगो को होने वाली एलजाइमर नामक बीमारी से भी छुटकारा मिलता है।

* अनार ऑस्टियोआर्थराइटिस मरीज को विशेष तौर पर दिया जाता हैं यह कार्टिलेज को तोड़ने में सहायक होता हैं।
* अनार उच्च रक्तचाप को घटाता है, सूजन और जलन में राहत पहुँचाता है, गठिया और वात रोग की संभावना घटाता और जोड़ों में दर्द कम करता है। कैंसर की रोकथाम में सहायक बनता है, शरीर के बुढ़ाने की गति धीमी करता है और महिलाओं में मातृत्व की संभावना और पुरुषों में पुरुषत्व बढ़ाता है।

* बच्चों की खाँसी, अनार के छिलकों का चूर्ण आधा-आधा छोटा चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम चटाने से मिट जाती है।

* अनार का जूस रोज़ पीने से ये शरीर में PSA के स्तर को कम करता है और कैंसर से लड़ने वाली कोशिकाओं की मदद करता है।

* अनार शरीर में स्वस्थ खून को बनाए रखता है ये शरीर में आयरन भी पहूंचता है जिससे एनीमिया जैसी बीमारी नहीं होती।

* इसका ज्यूस पीने से अधिक उम्र कि समस्याओं को झुर्रियां रोकने में मदद करता है। इसका जूस पीने से चेहरा चमकता और जवान बना रहता है और ये बुढ़ापा भी जल्दी आने नहीं देता।


अनार के छिलके से बनायें नैचुरल माउथवाश



क्या आपके मुँह से हमेशा बदबू निकलने के कारण लोग आपसे बात करने से कतराते हैं? इसके लिए ज़रूरी है कि आप अच्छी तरह से ब्रश करें और कुछ भी खायें हमेशा उसके बाद मुँह को पानी से धो लें। लेकिन उसके बाद माउथवाश से कुल्ला करना बहुत ज़रूरी होता है इससे आपके मुँह में बैक्टिरीया नहीं पनप पाते हैं जिसके कारण ही मुँह में बदबू होती है। लेकिन इसके लिए आप केमिकल बेस्ड माउथवाश इस्तेमाल करने के जगह घर पर बनाया हुआ माउथवाश क्यों नहीं इस्तेमाल करते। आप आसानी से घर पर अनार के छिलके से नैचुरल माउथवाश बना सकते हैं। अनार के छिलके में एन्टीऑक्सिडेंट और एन्टीबैक्टिरीयल गुण होता है जो ओरल हाइजिन के लिए अच्छा होता है। इससे जिंजवाइटिस, बैड ब्रेथ और माउथ अल्सर जैसे प्रॉबल्म्स के होने के आशंका को कम किया जा सकता है।

अनार का छिलका कैसे काम करता है?

जर्नल ऑफ एडवांस फार्मासुटिकल टेक्नॉलोजी एंड रिसर्च के अनुसार अनार का एन्टीमाइक्रोबायल एक्टिविटी स्ट्रेपटोकोक्स म्यूटेन (Streptococcus mutans) बैक्टिरीया को पनपने नहीं देते है। ये बैक्टिरीयम ओरल कैविटी में रहता है जिसके कारण मुँह से बदबू, जिंजवाइटिस और पेरीओडोन्टल डिज़िज आदि डेंटल प्रॉबल्म होते हैं। इसके अलावा अनार के छिलके में एन्टीकार्सिनोजेनिक एक्टिविटी होता है जो ओरल कैंसर होने के संभावना को भी कम करता है। स्टडी के अनुसार अनार के छिलके से बने माउथवाश से 10 मिनट तक मुँह धोने पर बैक्टिरीया नहीं पनप पाते हैं।

कैसे करें इसका इस्तेमाल?

आप घर पर आसानी से इस माउथवाश को बना सकते हैं-

• अनार के फल को चार भागों में बांटकर दानों को निकाल लें। लेकिन ध्यान रहे कि उसका पीला भाग अच्छी तरह से निकला ज़रूर हो।

• अब उन छिलकों को धूप में सुखायें जब तक कि वह पूरी तरह से ड्राई न हो जाय।

• अब इन छिलकों को पीस कर पाउडर बना लें।
• एक लीटर पानी 20 ग्राम अनार के छिलके का पाउडर मिलायें और कुछ देर तक इसको उबालें। छानकर ठंडा होने के लिए रख दें। अब इस माउथवाश को फ्रिज में रखकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं

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