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• पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज PCOD से बचें -


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• पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज PCOD से बचें - 

पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज आज पूरे विश्व की महिलाओं के लिए एक गंभीर समस्या बन गयी है. इस बात को महिलाओं के साथ ही पुरुषों को भी समझना जरुरी है क्योकि विश्व की आधी आबादी स्त्रियों की है तथा उनमे आप सभी की माता, बेटी, बहन, पत्नी, मित्र, आदि हैं तथा महिलाओं को होने वाली किसी भी पीड़ा या दुःख पुरुषों को भी अत्यधिक प्रभावित करते हैं. 

युवती एवं प्रोढ़ महिलाओं में बढ़ते पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज का कारण अक्सर उनकी असंतुलीय दिन-चर्या होती है जिससे उनको अनियमित मासिक धर्म (Irregular menstruation), महिला सेक्स हार्मोन (Female sex hormones) कम बनना, या पुरुष हार्मोन अधिक बनना, थाईराइड, इन्सुलिन का संतुलन बदलना आदि समस्याएं हो जाती हैं. 
साथ ही आज हमारे बच्चों के अत्यधिक मोबाइल उपयोग से हो रही अनियमित, परिश्रम रहित दिन चर्या और फ़ास्ट फ़ूड के बढ़ते बाज़ार ने विश्व में एक नई चिंता पैदा कर दी है. पूर्व में वयस्क महिलाओं में पाया जाने वाला पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज अब उन नव युवतियों में देखा जा रहा है, जो अभी रजस्वला (Menstruate) होना शुरू कर रहीं हैं. 

आज की आराम पसंद जीवन शैली के कारण शहरों में निवासरत युवतियों में शारीरिक श्रम का अभाव, बिलकुल पैदल नहीं चलना, व्यायाम की कमी या अभाव, रात देरी तक जागना, देर सुबह उठाना, मिलावट से भरपूर असंतुलित भोजन, वातावरण का प्रदूषण, शिक्षा में होड़ का दबाव आदि कई कारणों से उनमे रजस्वला होने के बाद से ही पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज के लक्षण आम तौर मिलने लग सकते हैं. 

पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज के कारण महिलाओं के अंदर पुरुष विशेषतायें जैसे चेहरे आदि पर बाल उग जाना, आवाज का भारीपन, आदि लक्षण या फिर मासिक अनियमितता के साथ, मुँहासे, मोटापा, पेडू में दर्द (pelvic pain), चिंता तथा अवसाद भी होने लगता है. युवती या प्रोढ़ा की भूख बढ़ जाती है, और मोटापा जैसी समस्या के साथ अंडाशय में गांठे बनाने लगतीं हैं. इस प्रकार के कई रोग एक साथ मिलने से ही इसे “पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज” कहा जाता हें| 
हमारे आज के डॉक्टर पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज को कण्ट्रोल करने के लिए दवाइयों के साथ ही वजन कम करने के लिए संतुलित आहार तथा नियमित व्यायाम की सलाह देते हैं. 
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माहवारी अनियमितता, टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) और मुंहासे आदि को गर्भनिरोधक गोलियां (control pills) देकर नियंत्रित किया जाता है. परन्तु ऐसा करना अत्यधिक हानिकारक सिद्ध हो सकता है क्योंकि इससे भविष्य में संतान न हो पाने, केंसर, ट्यूमर आदि की संभावना बढ़ जाती है. 

साथ ही इससे भविष्य में युवतियों का शारीरिक विकास प्रभावित होना, कई संभावित रोग जैसे -उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर), उच्च कोलेस्ट्रॉल high cholesterol, चिंता और अवसाद anxiety and depression, स्लीप एपनिया sleep apnea (रोगी के सोते समय कभी कभी सांस बंद हो जाने से दम घुटने का आभास), एंडोमेट्रियल कैंसर (कैंसर गर्भाशय स्तर के शोथ (सूजन) युक्त के कारण), दिल का दौरा (heart attack हार्ट अटेक), मधुमेह diabetes, स्तन कैंसर breast cancer, आदि कॉम्प्लीकेशन उत्पन्न हो जाती हैं. 


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पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज से बचने के लिए तथा पूर्व नियंत्रण के लिए अगर माता-पिता पालक शुरू से ध्यान दें, तो उनकी संतान पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज से बच सकती है. 


पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज से बचने तथा हमेशा स्वस्थ रहने के लिए कोई भी महिला या परिवार मेरे बताये अनुसार अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करता है तथा खान-पान तथा एक्सरसाइज भी बताये अनुसार लेता है, तो उसे कभी भी पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज, कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, चर्म रोग आदि कोई भी गंभीर बीमारी नहीं होगी और वह आजीवन अपने परिवार के साथ स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रह सकेंगी. 


साथ ही निम्न बातों पर भी ध्यान रखें – 

1. घर का संतुलित अच्छा खाना या हेल्थी फ़ूड की आदत बनाई जाए. 





2. स्ट्रीट फ़ूड, फ़ास्ट फ़ूड, चाकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, प्रोटीन पाउडर आदि की आदत से अपने बच्चों को बचाएं क्योकि ये पदार्थ आवश्यक संतुलित आहार की इच्छा समाप्त कर देते हैं जिससे शरीर एक प्रकार के कुपोषण का शिकार होकर अनियंत्रित मोटापे की और बढ़ने लगता है. 


3. वर्तमान स्थिति में अधिकांश लडकियां शारीरिक परिश्रम नहीं करती हैं. अतः उन्हें साइकल सवारी, रस्सी कूद, खो-खो, जैसे खेल के लिए प्रोत्साहित करें. 

4. रात्रि जल्दी सोने और प्रात: जल्दी जगाने की आदत बनाये, इसके लिए यह जरुरी है कि माता-पिता स्वयं भी नियमित जीवन शैली अपनाएं ताकि संतान भी उनका अनुसरण अवश्य करेगी. 


5. प्रात: घूमने जाना, योग आदि की आदत भी महिलाओं को इस रोग से ही नहीं, अपितु अन्य रोगों से भी बचाए रखेगी. 


6. किसी भी स्थिति में घर में शादी, उत्सव, पूजा आदि के कारण अक्सर महिलायें माहवारी रोकने की हार्मोन टेबलेट खा लेती हैं. पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज से बचने के लिए किसी भी स्थिति में इसे नहीं खायी जाये, क्योंकि यह इस रोग का बड़ा कारण हो सकता है. पीरियड को आगे बढ़ाने का एक सरल और सुरक्षित उपाय यह है कि जब भी आपको ऐसी स्थिति आये, तब आप अपने नियत पीरियड के समय से दो दिन पहले से होम्योपैथी की सायक्लोमिन 30 (Cyclomin 30) की पांच बूँद आधा कप पानी से या इसकी छः से आठ मीठी पिल्स को दिन में एक बार तब तक लेती रहें, जब तक आपको अपना पीरियड बढ़ाना हो. ध्यान रखें, इसे आदत न बनाये और प्राकृतिक चक्र में कम से कम हस्तक्षेप करें. 


अतः पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज PCOD और अन्य गंभीर रोगों से बचाने के लिए निम्न उपचार करें – 

1. सल्फर 200 को सुबह 7 बजे, दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच गोली चूसें या पांच बूँद आधा कप पानी से ले. 

2. HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 101 की दो गोली दिन में तीन बार लें. 


3. HSL कम्पनी की DROX 6 की दस बूँद आधे कप पानी में दिन में चार बार लें. 

4. बायोकाम्ब नं. 24 की 6 गोली हर चार-चार घंटे से गुनगुने पानी से या चूंस कर अवश्य लें. 

5. हर 15 दिन में सोरिनम 200 की पांच बूँद आधा कप पानी से k बार ले. इसे कुल चार बार ले. 

6. इस रोग से ग्रसित महिलाएं हर माह मुझ से अवश्य संपर्क करें. 

• शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग –


पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिसीज से बचने तथा हमेशा स्वस्थ रहने के लिए कोई भी महिला या परिवार मेरे बताये अनुसार अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करता है तथा खान-पान तथा एक्सरसाइज भी बताये अनुसार लेता है, तो उसे कभी भी कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, चर्म रोग आदि कोई भी गंभीर बीमारी नहीं होगी और वह आजीवन अपने परिवार के साथ स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रह सकेंगी -

1. सबसे पहले आप सुबह 7 बजे कुल्ला करके सल्फर 200 को, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें. 


2. इन दवाइयों को लेने के एक हफ्ते बाद हर 15 दिन में सोरिनम 200 की पांच बूँद आधा कप पानी से कुल चार बार ले, ताकि आपके शरीर के अंदर जमा दवाई और दूसरे अन्य केमिकल और पेस्टीसाइड के विकार दूर हो सकें और आपके शरीर के सभी ह्रदय, फेफड़े, लीवर, किडनी आदि मुख्य अंग सुचारू रूप से कार्य कर सकेंगे. बच्चों और ज्यादा वृद्धों में ये सभी दवा 30 की पावर में दें.

3. अगर कब्ज रहता हो, तो होम्योलेक्स या HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 67 की एक या आधी गोली रोज रात एक सफ्ताह तक 9.30 बजे लें. इसके बाद हर व्यक्ति को चाहिए कि वह इसे हर हफ्ते एक या आधी गोली रात्रि 9.30 बजे ले.


4. आप सुबह दो से चार गिलास कुनकुना पानी पीकर 5 मिनिट तक कौआ चाल (योग क्रिया) करें. 

5. साथ ही पांच या अधिक से अधिक दस बार तक सूर्य नमस्कार करें. फिर 200 से 500 बार तक कपाल-भांति करें. इसके बाद प्राणायाम करें.

6. रोज सुबह और रात को 15-15 मिनिट का शवासन भी करें. 


7. फिर एक घंटे बाद अगर सूट करे, तो कम से कम एक माह तक नारियल पानी लें. या फिर इसे दोपहर चार बजे भी ले सकते हैं.

8. सुबह और शाम को अगर संभव हो, तो एक घंटा अवश्य घूमें.

9. रात को सोते समय अष्टावक्र गीता में बताये अनुसार दो मिनिट के लिए “मैं स्वयं ही तीन लोक का चैतन्य सम्राट हूँ” ऐसा जाप करें. 


10. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के चार्ज किये और मिलाकर बने चुम्बकित जल को लगभग 50 मिलीलीटर की मात्रा में रोज दिन में 3 बार उपयोग करें. 

11. रोज सुबह उच्च शक्ति चुम्बकों को हथेलियों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए लगायें और रात्रि को खाने के दो घंटे बाद पैर के तलुवों पर 15 मिनिट से आधे घंटे के लिए दक्षिणी चुम्बक को बायीं ओर और उत्तरी चुम्बक को दाहिनी ओर लगाये.

12. गेंहू, जौ, देसी चना और सोयाबीन को सम भाग मिलाकर पिसवा ले और उसकी रोटी सादे मसाले की रेशेदार सब्जी से खाएं. दाल का प्रयोग कम कर दें. 


13. बारीक आटे व मैदे से बनी वस्तुएं, तली वस्तुएं एव गरिष्ठ भोजन का त्याग करे। 

14. सुबह-शाम चाय के स्थान पर नीबू का रस गरम पानी में मिला कर पिएं। 

15. खाने में सिर्फ सेंधे नमक का प्रयोग करें.


16. रात को सोने से पहले पेट को ठण्डक पहुँचायें। इसके लिए खाने के चार घंटे बाद एक नेपकिन को सामान्य ठन्डे पानी से गीली करके पेट पर रखें और हर दो मिनिट में पलटते रहें. 15 मिनिट से 20 मिनिट तक इसे करें.

17. मैथी दाना 250 ग्राम, अजबाइन 100 ग्राम और काली जीरी 50 ग्राम को पीस कर इस चूर्ण को कुनकुने पानी से रात्रि 9.30 बजे एक चम्मच लें.

18. रात्रि को खाना और जमीकंद खाना, शराब पीना व धूम्रपान अगर करते हों या तम्बाखू खाते हों, तो इन्हें बंद करें. शाकाहारी भोजन ही लें.


19. अपने शरीर की सालाना ओवरहालिंग के लिए साल में एक बार अपने आसपास के किसी भी प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में जाकर वहां का दस दिन का कोर्स करें. 

20. अपने घर के बुजुर्ग लोगों की रोज एक घंटे के लिये सेवा और मदद करें.

21. अपने आसपास की झोपड़पट्टी में रहने वाले किसी गरीब व्यक्ति की हर हफ्ते जाकर मदद करें. 

22. अध्यात्मिक कैप्सूल के रूप में मेरी पुस्तक मुक्तियाँ की एक-एक मुक्ति तीन माह तक रोज पढ़ें. इससे आपकी नेगेटिव एनर्जी कम होगी और पॉजिटिव एनर्जी बहुत तेजी से बढेगी. 


23. मेरी स्वस्थ रहे, स्वस्थ करें, मुक्तियाँ और अन्य कई पुस्तकों को मेरे Samadhan समाधान ग्रुप से निशुल्क डाउन लोड करें. आप चाहे तो अपना email address मेरे मेसेज बाक्स में दे दे, तो मैं आपको डायरेक्ट मेल कर दूंगा.


24. होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब नम्बर से मिलती हैं. इनके नम्बर ध्यान से लिखें. साथ ही होम्योकाम्ब और बायोकाम्ब में कन्फ्यूज न हों. इन्हें साफ़-साफ़ लिखें. 

25. किसी भी गंभीर मरीज को किसी विशेषज्ञ डॉक्टर को तत्काल दिखायें.


26. होम्योपैथी की दवाइयों को मुंह साफ़ करके कुल्ला करके लेना चाहिए. इनको लेते समय किसी भी तरह की सुगन्धित चीजों और प्याज, लहसुन, काफी, हींग और मांसाहार आदि से बचे और दवा लेने के आधा घंटा पहले और बाद में कुछ न लें. 


27. हर दिन नई एलोपथिक दवाइयां बन रही हैं और अधिकांश पुरानी दवाइयों के घातक और खतरनाक परिणामों के कारण इन्हें कुछ ही वर्षों में भारत को छोड़ कर विश्व के कई देशों में बेन भी किया जा रहा है. 

28. हमें भी चाहिये कि हम मात्र एलोपथिक दवाइयों पर ही निर्भर न रहकर योगासन, सूर्य किरण भोजन, अमृत-जल या सूर्य किरण जल चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, बायोकेमिक दवाइयाँ आदि निर्दोष प्रणालियों को अपना कर खुद और अपने परिवार को सुरक्षित करें. 

29. इस तरह दवा मुक्त विश्व का निर्माण करना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है और इसके लिए आप सभी का सहयोग चाहिये, जो आप मेरे इन सन्देशों को दूर-दूर तक फैला कर मुझे दे सकते हैं.

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