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ये एक चीज आपको देगी सुकून भरी नींद


ये एक चीज आपको देगी सुकून भरी नींद
अच्छी सेहत के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है. अगर आप अच्छी नींद नहीं ले रहीं तो कई तरह की बीमारियों के होने की संभावना अधिक हो जाती है.



देशभर में ठंड अपनी चरम पर है. कई हिस्सों में तापमान काफी कम होने के कारण लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ठंड में कई लोगों को नींद के बार बार खुलने की समस्या होती है. उन्हें सोने में काफी परेशानी होती है. ऐसे में जरूरी होता है कि वो अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करें. इस खबर में हम आपको एक ऐसी खास चीज के बारे में बताएंगे जिससे आप सुकून की नींद ले सकेंगी.

अच्छी सेहत के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है. अगर आप अच्छी नींद नहीं ले रही तो कई तरह की बीमारियों के होने की संभावना अधिक हो जाती है. इसमें दिल की बीमारी, मोटापा और डाइबिटीज जैसी परेशानियां प्रमुख हैं. ऐसे में नींद पूरी करने के लिए बादाम का प्रयोग काफी असरदार होता है. ठंड के मौसम में बादाम का सेवन कर आप सुकून की नींद ले सकती हैं. हाल ही में हुए एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है.

आपको बता दें कि बादाम में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो शरीर में मैग्निशियम की 19 फीसदी जरूरत को पूरा करता है. जो लोग इंसौम्नियां की बीमारी से ग्रसित हैं उनके लिए ये बेहद फायदेमंद है.

एक स्टडी से ये बात सामने आई है कि बादाम के सेवन से नींद में दखल देने वाला स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर कम होता है. इसके अलावा आप अच्छी नींद के लिए सोने से पहले गुनगुने पानी से नहा सकती हैं. इससे शरीर को गर्माहट मिलेगी और आपको अच्छी नींद आएगी

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प्लास्टिक की बोतल पर होती है टौयलेट से ज्यादा गंदगी
प्लास्टिक बोतलों से होने वाली परेशानियों से बचने के लिए जरूरी है कि आप यूज्ड बोतलों का दोबारा इस्तेमाल ना करें.

हाल ही में हुए एक अध्ययन में ये बात सामने आई कि जिस प्लास्ट‍िक के बोतल का इस्तेमाल लोग बार-बार पीने के पानी के लिए करते हैं, उसमें दरअसल टौयलेट सीट से भी ज्यादा कीटाणु होते हैं, जो बीमारियों का कारण बनते हैं.

इस अध्ययन की मानें तो बोतलों में पाए जाने वाले कीटाणुओं में ज्यादातर ऐसे होते हैं जिससे लोगों को गंभीर बीमारियां होती हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप कुछ जरूरी बातों का खासा ख्याल रखें जिससे आप खुद को इन बीमारियों से दूर रख सकें.

प्लास्टिक बोतलों से होने वाली परेशानियों से बचने के लिए जरूरी है कि आप यूज्ड बोतलों का दोबारा इस्तेमाल ना करें. खासतौर पर बाजार में मिलने वाले बोतलों का दोबारा इस्तेमाल करने से बचें.

सबसे जरूरी बात कि घर की जरूरतों के लिए आप बीपीए फ्री प्लास्टिक की बोतलों को ही खरीदें. इसके अलावा शीशे और स्टेनलेस स्टील वाली बोतलों का इस्तेमाल सेहत के लिए अच्छा होता है
मानसिक रूप से कमजोर करती है सेल्फी लेने की आदत
आजकल लोगों के बीच, खास कर के युवाओं के बीच सेल्फी को लेकर जिस तरह की दीवानगी देखी जाती है वो हैरान करने वाला है.

आजकल लोगों के बीच, खास कर के युवाओं के बीच सेल्फी को लेकर जिस तरह की दीवानगी देखी जाती है वो हैरान करने वाला है. लोगों की ये आदत अब जानलेवा बन चुकी है. हाल ही में हुई एक स्टडी में ये बात सामने आई कि सेल्फी लोगों में कौस्मेटिक सर्जरी के लिए प्रौत्साहित करती है.

स्टडी के मुताबिक, सेल्फी लेने के बाद लोगों में मानसिक दबाव अधिक हो जाता है. ज्यादा सेल्फी लेने वाले लोग अधिक चिंतित महसूस करते हैं. उनका आत्मविश्वास कम हो जाता है और वे शारीरिक आकर्षक में कमी महसूस करते हैं. ज्यादा सेल्फी लेने वाले लोगों में अपने लुक्स को लेकर काफी हीन भावना बढ़ जाती है, ये भावना इतनी तीव्र होती है कि वो अपनी कौस्मेटिक सर्जरी कराने की सोचने लगते हैं.

इस स्टडी में करीब 300 लोगों को शामिल किया गया है. अध्ययन में पाया गया कि किसी फिल्टर का उपयोग किए बिना सेल्फी पोस्ट करने वाले लोगों में चिंता बढ़ने और आत्मविश्वास में कमी देखी जाती है. सेल्फी लेने और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद मूड खराब होता है और इसका सीधा असर आत्मविश्वास पर पड़ता है.
स्टडी में ये भी देखा गया है कि ये मरीज सेल्फी लेने और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद अधिक चिंतित, आत्मविश्वास में कमी और शारीरिक आकर्षण में खुद को कमतर आंकते हैं. यही नहीं, जब मरीजों ने अपनी सेल्फी बार-बार ली तथा अपनी सेल्फी में बदलाव की तो सेल्फी के हानिकारक प्रभाव 
इन महिलाओं को होती है डाइबिटीज की परेशानी
पुरुष हो या महिलाएं सबके लिए डाइबिटीज किसी चुनौती से कम नहीं है. इस परेशानी से बचने के लिए जरूरी है कि आप शांत रहें.

पुरुष हो या महिलाएं सबके लिए डाइबिटीज किसी चुनौती से कम नहीं है. इस परेशानी से बचने के लिए जरूरी है कि आप शांत रहें, कूल रहें किसी भी तरह की परेशानी में अपना पौजिटिव अप्रोच रखें. आपके स्वभाव में कई तरह की गंभीर बीमारियों का राज झुपा है.

हाल ही में हुई एक स्टडी में ये बात सामने आई है कि जो महिलाएं पौजिटिव अप्रोच के साथ अपना जीवन गुजारती हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बहुत कम होता है. यह दावा मेनोपौज के बाद महिलाओं पर की गई स्टडी में किया गया है.

इस स्टडी में वूमेन हेल्थ इनिशिएटिव के आंकड़ो का इस्तेमाल भी किया गया है. इस शोध में करीब एक लाख तीस हजार महिलाओं को शामिल किया गया था. इन महिलाओं को शुरू में डाइबिटीज की परेशानी नहीं थी. लेकिन बाद में इनमें से कइयों को डाइबिटीज की परेशानी हुई.

स्टडी में सकारात्मक और नकारात्मक स्वभाव की महिलाओं की तुलना की गई. शोध में शामिल एक एक्सपर्ट की माने तो किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व जीवनभर एक समान ही रहता है. यही कारण है कि नेगेटिव स्वभाव वाली महिलाओं को पॉजिटिव स्वभाओं वाली माहिलाओं के मुकाबले डायबिटीज का खतरा अधिक होता है.

उन्होंने आगे बताया कि महिलाओं के व्यक्तित्व से हमें ये जानने में मदद मिलेगी कि उन्होंने डायबिटीज होने की कितनी संभावना है. स्टडी के नतीजों में यह भी सामने आया कि मेनोपौज के बाद नेगेटिव स्वाभाव और डायबिटीज होने का गहरा संबंध है.को महसूस किया.
प्रेग्नेंसी के बाद कम करना है वजन तो अपनाएं ये आसान तरीके
प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं का वजन बढ़ जाता है और आपनी लाख कोशिशों के बाद भी वो अपना वजन कम नहीं कर पाती.

प्रेग्नेंसी के बाद वजन घटाना एक बड़ी चुनौती होती है. आमतौर पर प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं का वजन बढ़ जाता है और आपकी लाख कोशिशों के बाद भी वो अपना वजन कम नहीं कर पाती. इस खबर में हम आपको उन तरीकों के बारे में बताएंगे जिनकी मदद से आप प्रेग्नेंसी के बाद भी अपना वजन कम कर सकेंगी.

खूब पीएं पानी

पानी पीना वजन कम करने का सबसे आसान तरीका है. अगर आप सच में अपना वजन कम करना चाहती हैं तो अभी से रोजाना 10 से 12 ग्लास पानी पीना शुरू कर दें.

टहला करें

प्रेग्नेंसी के बाद वजन कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप वौक शुरू करें. कई रिपोर्टों में भी ये बाते सामने आई है कि प्रेग्नेंसी के बाद वजन घटाने के लिए जरूरी है टहलना.

खाना और नींद रखें अच्छी

आपको बता दें कि तनाव और नींद पूरी ना होने से कई तरह के रोग हो जाते हैं. इसके अलावा आप बाहर का खाना बंद कर दें. घर का बना खाना खाएं और पर्याप्त नींद लें. स्ट्रेस ना लें. खुद को कूल रखें.

बच्चे को कराएं ब्रेस्टफीड

आपको ये जान कर हैरानी होगी पर ये सच है कि ब्रेस्टफीड कराने से महिलाओं के वजन में तेजी से गिरावट आती है. और इस बात का खुसाला कई शोधों में भी हो चुका है. ब्रेस्टफीड कराने से शरीर की 300 से 500 कैलोरी खर्च होती है. कई जानकारों का मानना है कि स्तमपान कराने से महिलाओं का अतिरिक्त वजन कम होता है.
बिना एक्सर्साइज और डाइटिंग के आसानी से करें वजन कम
सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि आप ताजे और हरे साग, सब्जियों और फलों का सेवन करें. फ्रूट चाट के मुकाबले ताजे फलों का सेवन अधिक फायदेमंद होता है.
वजन कम करने के लिए लोग क्या क्या नहीं करते. एक्सर्साइज और डाइटिंग के लिए नए नए पैंतरों को आजमाते हैं. पर बहुत कम लोग ही होते हैं कि उन्हें इस परेशानी से निजात मिलती है. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव कर आप कैसे अपना वजन कम कर सकती हैं. तो आइए जानें उन टिप्स के बारे में.

खूब करें फलों और सब्जियों का सेवन

सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि आप ताजे और हरे साग, सब्जियों और फलों का सेवन करें. फ्रूट चाट के मुकाबले ताजे फलों का सेवन अधिक फायदेमंद होता है. इससे शरीर को भरपूर मात्रा में फाइबर मिलता है, जिससे डाइजेशन बेहतर बनता है.

समय पर सोएं

ज्यादातर कामकाजी लोग अपने नींद को लेकर गंभीर नहीं होते. पर पूरी नींद ना लेने से आपकी सेहत बुरी तरह से प्रभावित होती है. अगर आप स्वस्थ रहना चाहती हैं तो जरूरी है कि आप पूरी नींद लें.

चिप्स या तले हुए खाद्य पदार्थों से रहें दूर

जिस तरह की हमारी जीवनशैली हो गई है हम तले हुए चीजों की ओर तेजी से बढ़ने लगे हैं. अपने काम के बीच हम चिप्स जैसी चीजों को खाते रहते हैं जो हमारी सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है. आपको बता दें कि सभी पैकेट वाली चीजों में प्रिजर्वेटिव पाए जाते हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ वजन भी बढ़ाते हैं.

नाश्ता कभी ना करें स्किप

नाश्ता दिनभर का सबसे जरूरी आहार है. अगर आप वजन कम करना चाहती हैं तो जरूरी है कि आप नाश्ता कभी ना छोड़ें. जो लोग नाश्ता नहीं करते, दूसरे वक्त में अधिक खाना खाते हैं. इस चक्कर में आपका वजन बढ़ जाता है.

खूब पीएं पानी

वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आप अधिक पानी का सेवन करें. अगर आप सौफ्ट ड्रिंक की शौकीन हैं तो ये आपके लिए परेशानी की बात हो सकती है. कोल्ड ड्रिंक्स में कैलोरीज की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो तेजी से वजन बढ़ाती हैं. वजन कम करने के लिए सॉफ्ट ड्रिंक्स की जगह ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें.
बाईं करवट सोने के फायदों को जान हैरान हो जाएंगी आप
आपके सोने के तरीके में आपकी सेहत का राज छिपा है. सोने का तरीका आपकी सेहत को काफी प्रभावित करता है.


सभी लोगों के सोने का तरीका अलग अलग होता है. कुछ लोग दाईं ओर करवट ले कर सोते हैं तो कुछ बाईं ओर. कई लोग पेट के बल सोना ज्यादा पसंद करते हैं. पर क्या आपको पता है कि आपके सोने के तरीके में आपकी सेहत का राज छिपा है. सोने का तरीका आपकी सेहत को काफी प्रभावित करता है. पर क्या आपको पता है कि बाईं करवट सोना कितना फायदेमंद होता है?

इस खबर में हम आपको बाईं करवट सोने का फायदे बताएंगे.
डाइजेशन के लिए भी बाईं ओर करवट कर के सोना अच्छा होता है. असल में बाईं तरफ करवट लेकर सोने से शरीर में मौजूद वेस्ट मटेरियल आसानी से छोटी आंत से बड़ी आंत तक पहुंच जाता है. इसके बाद वेस्ट मटेरियल शरीर से आसानी से बाहर निकल जाता है और व्यक्ति को पेट संबंधी समस्याएं होने का खतरा कम होता है.
जिन लोगों को सोते वक्त खर्राटा लेने की समस्या होती है उनके लिए ये जेस्चर काफी अच्छा होता है. दरअसल, बाईं करवट लेकर सोने से जुबान और गला न्यूट्रल पोजिशन में रहते हैं, जिससे सोते समय सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होती है.
इन सारे फायदों के अलावा बाईं करवट लेकर सोने से गर्दन और कमर दर्द से राहत मिलती है. किडनी और लिवर बेहतर तरीके से काम करते हैं. गैस और सीने में जलन की समस्या नहीं होती है. अल्जाइमर का खतरा भी कम होता है.
जानकारों की माने तो बाईं करवट हो कर सोना सेहत के लिहाज से काफी अच्छा होता है. इस पोजिशन में सोने से पाचन अंग बेहतर काम करते हैं.
हमारा दिल बाईं ओर होता है. जब हम उसी तरफ करवट कर के सोते हैं को हमारे दिल पर कम दबाव होता है और हमारी सेहत के लिए ये फायदेमंद होता है.
प्रेग्नेंसी में महिलाओं को खास तौर पर बाईं करवट के सोना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि इस जेस्चर में उनकी कमर पर कम दबाव पड़ता है साथ ही गर्भाशय और भ्रूण में खून का बहाव अच्छे से होता है.

महिलाओं के लिए खतरनाक हैं तली हुई चीजें, पढ़ें ये रिपोर्ट
अगर आप भी तले हुए खाने जैसे फ्राई चिकन या फिश, के शौकीन हैं तो आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है.


अगर आप भी तले हुए खाने जैसे फ्राई चिकन या फिश, के शौकीन हैं तो आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है. हाल ही में हुई एक स्टडी में ये बात सामने आई है कि इस तरह का ज्यादा खानपान आपकी सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकता है. अमेरिका में मेनोपौज के बाद महिलाओं पर हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि नियमित तौर पर तली हुई मछली या चिकन खाने वाली महिलाओं में दूसरी महिलाओं के मुकाबले जल्दी मौत होने का खतरा 13 फीसदी अधिक होता है.

इस स्टडी की माने तो तली हुई मछली या चिकन का कम प्रयोग करना लोगों की सेहत के लिए काफी लाभकारी होता है. शोध में कहा गया कि जब किसी भी खाद्य पदार्थ को तलते हैं तो वो अधिक मात्रा में फैट सोखता है. वहीं, तलने के बाद खाने की चीज ज्यादा क्रंची हो जाती है, जिसका लोग जरूरत से ज्यादा सेवन कर लेते हैं जिसके कारण उन्हें कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं.

इसके अलावा ऐसी बहुत सी स्टडीज रही हैं जिनमें ये बात सामने आई है कि तले हुए खाने हमारी सेहत के लिए काफी हानिकारक हैं.
इस शोध में 50 से 79 वर्ष की लगभग 107,000 महिलाओं की खाने की आदतों की जांच की. इसमें स्टडी में शामिल सभी महिलाओं से पूछा गया कि वो किन चीजों को कितना सेवन करती हैं. नतीजे में ये बात सामने आई कि अधिक तले खाद्य पदार्थों को खाने साली महिलाओं में जल्दी मौत का खतरा 13 फीसदी अधिक हो जाता है. जबकि दिल की बीमारी का खतरा 12 फीसदी तक अधिक होता है.

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