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लेडीज स्पेशलः


लेडीज स्पेशलः 10 मिनट की एक्सरसाइज में हमेशा रहें फिट
लेकिन डेली एक्सरसाइज न करने की वजह लोगों के जीवन में बीमारियों की दस्तक बढ़ने लगती है। हम यहां महिलाओं के लिए स्पेशल 10 मिनट के वर्कआउट और एक्सरसाइज को बता रहे हैं जो उनको हमेशा फिट रखती है।
महिलाओं को फिट रखते हैं ये एक्सरसाइज। ©Shutterstock.

बदलता लाइफ स्टाइल और काम का प्रेशर लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा परेशान कर दिया है। कुछ लोगों के पास समय नहीं है तो कुछ लोग काम में इतना थक जाते हैं की फिर एक्सरसाइज नहीं कर पाते हैं। महिलाओं के लिए यह समस्या बहुत ज्यादा होती है। लेकिन डेली एक्सरसाइज न करने की वजह लोगों के जीवन में बीमारियों की दस्तक बढ़ने लगती है। हम यहां महिलाओं के लिए स्पेशल 10 मिनट के वर्कआउट और एक्सरसाइज को बता रहे हैं जो उनको हमेशा फिट रखती है।

स्ट्रेचिंग
किसी भी महिला को हमेशा फिट रहने के लिए स्ट्रेचिंग से शुरूआत करनी चाहिए। इसके लिए आप सबसे पहले आपको अपने हाथों और गर्दन को मूवमेंट दें फिर अपने कंधों को गोल-गोल घूमाएं। उसके बाद पैरों को चौड़ाई में खोलकर शरीर को बायें और दायें की तरफ मूव करना चाहिए।

प्लैंक से लचीलापन 

प्लैंक एक्सरसाइज से आप अपने आपको लचीला बना सकती हैं। इसे करने के लिए आपको अपनी शरीर को हिलाना नहीं है बल्कि इसे एक पोजिशन में ही करना है। इसे करने के लिए सबसे पहले push-up की पोजिशन में आ जाएं। फिर पैर और कमर को सीधा करें। ध्यान रखें‍ कि आपकी कमर इस बीच झुकें नहीं। जितनी देर हो सके, इसी पोजिशन में रहने की कोशिश करें।

स्टैमिना बढ़ाएं 

प्लैंक के बाद आपको push-ups करना है इसे करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। ध्यान रखें कि इस समय अपनी bdoy और घुटने एकदम सीधे होने चाहिए। अब अपनी बॉडी का पूरा भार अपने हाथों और पैरों के पंजों पर डाल दें। फिर पूरी body को हवा में उठाएं और नीचे ले आएं। Push-ups आपकी chest, एब्‍स, हाथों की मसल्स और रीढ़ की हड्डी को मजबूती देता है। साथ ही पुशअप करने से आपका स्टैमिना बढ़ता है।

जांघ की एक्सरसाइज 

पुशअप के बाद आपको lunges करना है इसे करने के लिए आप सबसे पहले स्टैंड-अप position में आएं और अपने पैरों को हिप्स की लाइन में लें आएं। उसके बाद एक पैर आगे की ओर बढ़ाएं। ऐसा करते समय ध्यान रखें कि आपकी कमर सीधी और पैर 90 डिग्री पर हो। हाथ को आराम की position में रखें और जमीन पर जोर डालते हुए पीछे खड़ी position में वापस लौट आएं। ऐसा दूसरे पैर से भी करें। इसे exercise को भी एक मिनट करें। यह exercise आपके body के निचले हिस्से के लिए काफी असरदार है। इससे thigh की muscles strong होती है।

घुटनों को मजबूत बनाएं 

इस exercise को करने के लिए अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई तक खोलना है और पैरों के तलवे पर खड़ा होकर धीरे-धीरे नीचे बैठने की मुद्रा में आना है। ऐसा सोचें कि जैसे आप chair पर बैठ रही हैं। फिर खुद को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं। नीचे जाते समय आपके घुटने और पैर एक सीध में होने चाहिए। आपकी कमर सीधी और हाथ सामने की ओर होने चाहिए। ऐसा एक मिनट तक करें। Squats करने से कमर के नीचे के पार्ट जैसे घुटने, hips, thigh strong होती है। यही नहीं पेट के लिए भी यह exercise बहुत अच्छी है।



प्रेगनेंसी के समय करें ये एक्सरसाइज कम होगा लेबर पेन और बच्चा भी होगा तंदुरुस्त
प्रेगनेंसी के समय महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सजग होने की

एक्सरसाइज जो प्रेगनेंसी के दौरान करनी चाहिए। ©Shutterstock.



प्रेगनेंसी के समय महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सजग होने की जरूरत होती है। प्रेगनेंसी के समय क्या एक्सरसाइज या व्यायाम करना चाहिए ? प्रेगनेंसी के समय व्यायाम करना से क्या फायदा होता है ? प्रेगनेंसी के समय कौन से व्यायाम करने चाहिए ? इस तरह के तमाम सवाल लोगों के दिमाग में रहते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार आम दिनों की तरह ही प्रेगनेंसी के समय भी व्यायाम की जरूरत होती है। लेकिन प्रेगनेंसी के समय बहुत ज्यादा भारी वाले व्यायाम नहीं करना चाहिए। प्रेगनेंसी के समय ऐसे व्यायाम करने चाहिए जो ज्यादा ऊर्जा न लेते हों और थकान भी न लगे। तो आइए जानते हैं प्रेगनेंसी के समय व्यायाम के बारे में कुछ खास बातें……..

स्ट्रेचिंगः प्रेगनेंसी के समय सबसे बेहतर व्यायाम स्ट्रेचिंग को माना जाता है। गर्दन और कंधों के आस-पास के भाग को भी एक्सरसाइज की जरूरत होती है। प्रेगनेंसी के दौरान स्ट्रेचिंग व्यायाम करने से मांसपेशियां लचीली व गर्म होती है। इससे गर्भावस्था में प्रसव के समय काफी फायदा मिलता है। ये भी पढ़ेंः 5 स्ट्रेचिंग्स जो आपको वर्कआउट के बाद ज़रूर करनी चाहिए।

योगः प्रेगनेंसी के दौरान योगा करेंगी तो रेगुलर प्रैक्टिस से उन्हें पैल्विक, हिप्स और पैरों की मसल्स को स्ट्रैच करने में आसानी होगी। प्रतिदिन योगा करने से गर्भावस्था के दौरान असामान्य‍ रक्तचाप की समस्या सॉल्व हो जाती है, इसके साथ ही शुगर लेवल भी कंट्रोल रहता है। इससे गर्भावस्था के दौरान होने वाली जेस्टेशनल डायबिटीज या उच्च रक्तचाप की समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।

योगा को नियमित रूप से जीवन में शामिल कर गर्भवती महिलाएं अपने शरीर और दिमाग की नसों को ब्रिदिंग एक्सरसाइज से नॉर्मल कर सकती हैं। इससे हार्मोंस संतुलित होते हैं और महिलाएं भावनात्मक रूप से मजबूत होती हैं। ये भी पढ़ेंः 30 मिनट का योग बदल देगा आपकी जिंदगी, जानें कैसे ?

आरामः सुबह, दोपहर और शाम को काम के बाद शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़कर आराम करने की मुद्रा में रहना भी जरूरी है। आराम के लिए व्यायाम भी जरूरी है, इससे दूसरे काम करने के लिए आपमें चुस्ती-फुर्ती बनी रहती है।
क्या रखें सावधानियां
योगा करने से पहले आपको इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि अपने डॉक्टर की सलाह के बिना आप कोई एक्सरसाइज ना करें।
यदि आप पहली बार योगा करने जा रही हैं तो सही पोस्चर के लिए किसी योगा एक्सपर्ट की देखरेख में ही योगा करें। जिससे आपको अधिक से अधिक योगा के लाभ मिल सकें।
गर्भावस्था के दौरान जब ब्लड प्रेशर हाई तो व्यायाम न करें।
व्यायाम के दौरान यदि आप थकान व चक्कर जैसा महसूस कर रही हैं तो एक्सरसाइज करना बंद कर दें और आराम करें।
व्यायाम करने वाली जगह पर पर्याप्त रोशनी व हवा होनी चाहिए।


फिटनेस रिसर्चः हमेशा फिट और जवां रहने के लिए ये 3 एक्सरसाइज हैं सबसे बेहतर
रिसर्च में कहा गया है कि इन तीनों एक्सरसाइज के करने से रक्‍त में अधिक मात्रा में ऑक्‍सीजन और ग्‍लूकोज पहुंचता है।
फिट और जवां रहने के लिए तीन बेस्ट एक्सरसाइज। ©Shutterstock.




दौड़ने से हमारा दिल और फेफड़े बेहतर काम करते हैं। एक महत्त्‍वपूर्ण शोध ने दौड़ने और जवां मस्तिष्‍क के बीच की कड़ी ढूंढ निकाली है। इसमें कहा गया है कि कड़े कार्डियोवस्‍कुलकर व्‍यायाम करने से रक्‍त में अधिक मात्रा में ऑक्‍सीजन और ग्‍लूकोज पहुंचता है। जब आप लंबे समय तक दौड़ते हैं, तो आपको इसके दूरगामी लाभ प्राप्‍त होते हैं। सभी प्रकार के व्‍यायाम आपके दिमाग में अधिक ऊर्जा का निर्माण करते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया है कि दौड़ना, तैरना और साइकल चलाना सबसे बेहतर एक्सरसाइज होते हैं। ये तीनों एक्सरसाइज इंसान को लंबे समय तक फिट और जवां बनाये रखते हैं। जो लोग नियमित तौर पर दौड़ते हैं उन पर उम्र का असर बहुत धीरे-धीरे होता है। ये भी पढ़ेंः फिटनेस व वेटलॉस की तैयारी कर रही महिलाएं अपनाएं ये आसान स्टेप्स।
फिट रहने के लिए अन्य व्यायाम की तुलना में दौड़ना सबसे अच्छा व्या‍याम है। दौड़ना बहुत ही सरल और जल्द फायदा पहुंचाने वाला व्यायाम है। दौड़ने के लिए किसी खास तकनीक की भी आवश्यकता नहीं होती। इससे ना केवल वज़न नियंत्रित होता है बल्कि आप पर उम्र का असर भी देर से दिखाई देता है। आज की आरामतलब जीवनशैली में लोगों के पास व्यायाम के लिए समय नहीं। ऐसे में दौड़ना सबसे अच्छा व्यायाम है। दौड़ने से ना केवल मांसपेशियां मजबूत होती हैं, बल्कि शरीर भी फिट रहता है। ये भी पढ़ेंः डिप्रेशन को दूर करने के लिए स्विमिंग हो सकता है बेहतर विकल्प।

दौड़ने के फायदेः कुछ दिनों की दौड़ से ही मस्तिष्‍क में सैकड़ों-हजारों नयी कोशिकाओं का निर्माण हो जाता है। इससे मस्तिष्‍क की कार्यक्षमता में इजाफा होता है। साथ ही आपकी याददाश्त पर भी सकारात्मक असर होता है। इससे आप डिमेंशिया और अल्‍जाइमर जैसे याददाश्त संबंधी रोगों से बचे रह सकते हैं।

बीमारियों रहती हैं दूरः दौड़ने से डायबिटीज़, अर्थराइटिस और हृदय की बीमारियों का खतरा कम होता है। ध्यान रखें व्यायाम की शुरुआत में अधिक समय तक ना दौड़ें। धीरे-धीरे करके व्या‍याम का समय बढ़ायें।

फिटनेस लेवलः वज़न नियंत्रित रखना है तो दौड़ने की आदत बना लें। अगर आप प्रतिदिन नहीं दौड़ सकते, तो हफ्ते में कम से कम 3 दिन दौड़ें। दौड़ने से शरीर में मौजूद अतिरिक्त वसा का प्रयोग होता है और शरीर का आकार ठीक रहता है।

दिमाग रहता है मजबूतः नियमित रूप से दौड़ने से आपकी निर्णयात्‍मक क्षमता में भी इजाफा होता है। इससे आप अधिक कुशलता से योजना -निर्माण कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको अन्‍य मस्तिष्‍क संबंधी कार्य, जैसे जादू को पकड़ना आदि करने में भी आसानी होती है।

स्किन रहती है जवांः दौड़ने से शरीर में रक्ता संचार ठीक प्रकार से होता है और झुर्रियां देर से पड़ती हैं। वर्क आउट से तनाव कम होता है और आपकी त्वचा में भी चमक आती है।
रोग प्रतिरोधक क्षमताः दौड़ने से शरीर की मेटाबॉलिज्म तेज होता है और प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। स्वस्थ शरीर के लिए प्रतिरोधी क्षमता का ठीक से काम करना बेहद आवश्य़क है।

स्ट्रेस होता है कमः तनाव को हम आधुनिक जीवनशैली से अलग नहीं कर सकते। शायद आपने पहले भी तनावमुक्ति के कई साधन अपनाये हों। इस बार प्रतिदिन कुछ देर तक दौड़ कर देखें।

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