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सबसे ज्यादा आयरन किसमे होता है


सबसे ज्यादा आयरन किसमे होता है


आयरन एक खनिज है जो शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों को करता है। इसका मुख्य कार्य पूरे शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाना और लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करना है। सबसे ज्यादा आयरन किसमे होता है, आज हम इसके बारे में बात करेंगे। आयरन एक आवश्यक पोषक तत्व है, जिसे आप भोजन से प्राप्त कर सकते हैं।
महिलाओं या प्रेग्नेंट महिला के शरीर में आयरन की कमी होती है ऐसे में उन्हें आयरन वाले आहार का सेवन करना चाहिए। आपको बता दें कि आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। आइए उन आहारों के बारे में जानते हैं जिसमें सबसे ज्यादा आयरन होता है।
फलियां

सबसे ज्यादा आयरन फलियों में भी पाया जाता है। फलियों में से कुछ सबसे आम प्रकार सेम, दाल, चिकपी, मटर और सोयाबीन हैं। फलियां फोलेट, मैग्नीशियम और पोटेशियम में भी समृद्ध हैं।
इसके अतिरिक्त, फलियां आपके वजन कम करने में मदद कर सकती हैं। इसमें घुलनशील फाइबर पाया जाता हैं, जो पूर्णता की भावनाओं को बढ़ा सकता हैं और कैलोरी सेवन को कम कर सकता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि बीन्स युक्त एक उच्च फाइबर आहार वजन घटाने के लिए प्रभावी है।
आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ है पालक

पालक में बहुत कम कैलोरी होता और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। आपको बता दें कि 100 ग्राम पके हुए पालक में 3.6 आयरन पाया जाता है। पालक विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और खनिजों से भरा है।

यह विटामिन ए, विटामिन बी 2, विटामिन सी और विटामिन के का एक अच्छा स्रोत है, और इसमें मैग्नीशियम, मैंगनीज, फोलेट, आयरन, कैल्शियम और पोटेशियम भी शामिल है। पालक कैरोटीनोइड नामक एंटीऑक्सीडेंट में भी समृद्ध है जो कैंसर के खतरे को कम कर सकता है, सूजन को कम कर सकता है और बीमारी से आपकी आंखों की रक्षा कर सकता है।
कद्दू के बीज

कद्दू के बीज एक स्वादिष्ट, पोर्टेबल नाश्ता हैं। कद्दू के बीज एंटीऑक्सिडेंट्स, मैग्नीशियम, जिंक और फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत हैं, जिनमें ये सभी आपके दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा कद्दू के बीज आयरन का भी बहुत अच्छा स्रोत है। 28 ग्राम कद्दू के बीज में लगभग 4.2 एमजी आयरन पाया जाता है। ये मैग्नीशियम के सर्वोत्तम स्रोतों में से एक हैं, जिनमें कई लोग कम हैं। – वजन कम करने के लिए खाएं 5 बीज
लोहयुक्त आहार है क्विनोआ


क्विनोआ ग्लूटेन-फ्री तथा प्रोटीन में उच्च है। यह उन खाद्य पदार्थों में से एक है जिसमें सभी नौ आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। यह फाइबर, मैग्नीशियम, बी-विटामिन, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन ई और विभिन्न फायदेमंद एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत है। अगर आपके शरीर में आयरन की कमी है तो आप क्विनोआ का सेवन कीजिए।

आपको बता दें कि 185 ग्राम पके हुए क्विनोआ में 2.8 एमजी आयरन पाया जाता है। क्विनोआ में अन्य अनाज की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। एंटीऑक्सीडेंट आपकी कोशिकाओं को मुक्त कणों द्वारा किए गए नुकसान से बचाने में मदद करता हैं।
टोफू

टोफू प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है और इसमें सभी आठ आवश्यक एमिनो एसिड होते हैं। टोफू को सोयाबीन का पनीर भी कहा जाता है। इसे सोयाबीन को अलग-अलग आकार के टुकड़ों में बांट कर बनाया जाता है।

टोफू एक सोया से बना खाद्य पदार्थ है जो शाकाहारियों और कुछ एशियाई देशों में लोकप्रिय है। यह आयरन और कैल्शियम तथा खनिज मैंगनीज, सेलेनियम और फॉस्फोरस का एक उत्कृष्ट स्रोत भी है। 126 ग्राम टोफू से हमें लगभग 3.6 एमजी आयरन प्राप्त होता है।
आयरन के स्रोत है ब्रोकली


अगर आप अपने शरीर में आयरन बढ़ाना चाहते हैं तो आप ब्रोकली का नियमित रूप से सेवन कीजिए। ब्रोकली विटामिन के और विटामिन सी तथा फोलिक एसिड का एक अच्छा स्रोत है। यह पोटेशियम, फाइबर भी प्रदान करता है। विटामिन सी – कोलेजन बनाता है, जो शरीर के ऊतक और हड्डी बनाता है और घावों को ठीक करने में मदद करता है।

विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और शरीर को मुक्त कणों को नुकसान पहुंचाने से बचाता है। यह कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकता है। आपको बता दें कि 156 ग्राम पके हुए ब्रोकली से आपको 1 एमजी आयरन प्राप्त होता है।
डार्क चॉकलेट


पोषक तत्वों से भरपूर डार्क चॉकलेट आपकी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। कोको पेड़ के बीजों से बनी यह चॉकलेट पूरी पृथ्वी पर एंटीऑक्सीडेंट का सबसे अच्छा स्रोत है। डार्क चॉकलेट अविश्वसनीय रूप से स्वादिष्ट और पौष्टिक है। 28 ग्राम डार्क चॉकलेट में लगभग 3.3 एमजी आयरन पाया जाता है।
आयरन की गोली खाने के नियम और नुकसान

शरीर में कभी-कभार रक्त की कमी हो जाती है, जिसे चिकित्सीय भाषा में एनीमिया कहते हैं, तो हम कई सारे रोगों के शिकार हो सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि शरीर में आयरन के अभाव में हीमोग्लोबिन का बनना सामान्य से बहुत कम हो जाता है, जिससे खून में इसकी कमी हो जाती है।


अगर शरीर में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी हो तो गर्भवती महिलाओं में एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है। जिस शरीर में आयरन की कमी आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है, इसकी अधिकता भी आपके स्वास्थ्य को हानि पहुंचा सकता है। ऐसा देखा गया है कि लोग बॉडी में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आयरन की गोलियां लेते हैं, जो कई बार सेहत के लिए नुकसानदायक है।
आयरन की गोलियां


वैसे शरीर में आयरन की कमी को पूरा काबुली चना, राजमा, सोयाबीन, मेथी और सरसों का साग, बादाम, सूखे मेवे, मसूर की दाल, पालक, अंगूर, अमरूद, संतरे आदि खाद्य पदार्थ कर देते हैं। लेकिन इसके बावजूद शरीर में आयरन की कमी पूरी न हो तो डॉक्टर की सलाह से आयरन की गोलियां ले सकते हैं। डॉक्टर की सलाह से आयरन की गोली तब ली जाती है जब महिला प्रेग्नेंट हो या फिर उसे मासिक धर्म हो।
आयरन की गोलियों के नुकसान – कितनी जरूरी है आयरन


कई बार लोग शरीर में खून की कमी को पूरा करने के लिए आयरन की गोलियों का सेवन करते हैं। लेकिन इसका ज्यादा सेवन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। वैसे आपको बता दें कि बॉडी में आयरन की मात्रा 20 ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए, इससे अधिक होने पर शरीर में हीमोक्रोमेटिक रोग के लक्षण पनपने लगते हैं।

क्या है हीमोक्रोमाटोसिस ?
हीमोक्रोमाटोसिस उस स्थिति को कहते हैं, जब शरीर में आयरन यानी लौह तत्व जरूरी मात्रा से बहुत ज्यादा हो जाता है। आपके शरीर को हीमोग्लोबीन बनाने के लिए आयरन की जरूरत होती है। हीमोग्लोबीन आपके रक्त का वह हिस्सा है, जो सभी कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। लेकिन जब शरीर में आयरन बहुत ज्यादा होता है, तो यह लीवर और हृदय को नुकसान पहुंचा सकती है।
आयरन की गोलियों के अन्य नुकसान


1. हीमोक्रोमाटोसिस का असर मरीज के सीधे लिवर पर असर पड़ता है। इसका इलाज यदि सही समय पर नहीं किया गया तो तो लिवर डैमेज होने की संभावना बढ़ जाती है या फिर लीवर में लोहे की अधिकता से सिरोसिस हो जाता है और बाद में कैन्सर का रूप धारण कर लेता है।
2. शरीर में आयरन की अधिकता से मांसपेशियों को भी नुकसान होता है। यह इतना बड़ा नुकसान है कि इससे हृदय गति बंद होने का खतरा रहता है।
3. यदि शरीर में ज्यादा लोहा जमा हो जाए, तो इसका प्रभाव अंडकोष पर भी पड़ता है। इससे शुक्राणु पैदा करने वाली कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जो पुरुष को बच्चा पैदा करने में नाकाम कर देती हैं।
4. बिना सोचे-समझे आयरन की गोलियां खाना या उसका अधिक सेवन करना इंसान को गठिया का रोगी बना देता है। हाथ-पैर के जोड़ों में अधिक लोहा जमा हो जाने से गठिया रोग हो जाता है।
6. इसके अलावा आयरन की गोलियां या अधिक मात्रा में लौहयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पाचन तंत्र बिगड़ जाता है।
7. आयरन का ज्यादा सेवन करने से आपकी आंखें कमजो/र हो सकती हैं और चेहरे पर काले दाग हो सकते हैं।
आयरन की कमी के लक्षण और स्रोत
आयरन की गोली खाने के नियम

खाली पेट आयरन की गोलियों को न लें। आयरन की गोली खाने का समय दोपहर को माना गया है।
जिस दिन आयरन गोली खाते हैं उस दिन दूध से बनी कोई भी चीज न खाएं।
इसके अलावा गोली को चबाकर न खाएं तथा गोली को बिना पानी के न लें इससे आपके शरीर पर दुष्प्रभाव हो सकता है।


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फलियां

सेम, मटर और मसूर आयरन में समृद्ध हैं। इन फलियों में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, खनिज और फायदेमंद प्लांट कपाउंड की अच्छी मात्रा भी पाई जाती है जो विभिन्न बीमारियों के आपके जोखिम को कम कर सकता है।
नट्स और बीज

नट्स और बीज आयरन के अच्छे स्रोत होते हैं, साथ ही साथ अन्य विटामिन, खनिजों, फाइबर, स्वस्थ वसा और फायदेमंद प्लांट कपाउड की एक श्रृंखला भी है। प्रत्येक दिन डाइट में इसे जरूर शामिल कीजिए।
सब्जियों का सेवन


अगर आप आयरन की गोली लेना नहीं चाहते हैं तो आप आपनी डाइट में कुछ सब्जियों को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। सब्जियों में अक्सर आयरन की महत्वपूर्ण मात्रा होती है। यह आपकी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना कर सकता है। इसके लिए आप हरी पत्तेदार सजियां खाएं, मशरूमा और टमाटर का सेवन कीजिए। पत्ता गोभी एंटीऑक्सीडेंट, विटामिंस, फोलेट और फाइबर से भरपूर होने के साथ आयरन के प्रमुख स्रोत भी होते हैं।
आयरन की कमी के लक्षण और स्रोत



मानव शरीर के लिये आयरन अत्यंत जरूरी है जिसे लौह तत्व कहा जाता है। आयरन इसलिये जरूरी है क्योंकि यह जीवन के लिये जरूरी ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के अन्य अंगों तक पहुँचाती है। शरीर में कभी-कभार रक्त की कमी हो जाती है जिसे चिकित्सीय भाषा में अनीमिया कहते हैं। इतना ही नहीं आयरन हमारी माँसपेशियों में ऑक्सीजन का प्रयोग और उसे शरीर में सहेज कर रखने में भी मदद भी करता है।


यह भी जरूरी है कि शरीर के लिये जरूरी आयरन को संतुलित मात्रा में लेनी चाहिये। ऐसा इसलिये क्योंकि शरीर में इसकी कमी और अधिकता दोनों ही नुकसान पहँचा सकती है।

आयरन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हेमोग्लोबिन बनाने के लिए ज़रूरी है। आहार से पर्याप्त आयरन न मिलने से एनीमिया हो सकता है। इसे आयरन की कमी वाला एनीमिया कहा जाता है। इसलिये शरीर में आयरन की कमी का पूर्वानुमान व निदान आवश्यक होता है।

आयरन की कमी के लक्षण व संकेत


आयरन की कमी के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि व्योक्ति इससे किस हद तक प्रभावित है। अगर यह कमी गंभीर नहीं है, तो यह कम परेशान करती है, लेकिन शरीर में आयरन की मात्रा अधिक घट जाने से परेशानियाँ बढ़ जाती है। आयरन की कमी की वजह से आंखों के सामने बैठे बैठे अंधेरा छा जाता है और चक्क र आ जाता है।


दिनभर बिना काम किये थकान महसूस होती है। 8 घंटे की नींद पूरी करने के बाद भी अगर आपको थकान का एहसास हो तो समझिये कि आयरन की कमी के संकेत हो सकते हैं। आयरन की कमी सीधे चेहरे पर दिखती है क्यों कि खून की कमी से त्व चा में पीलापन आ जाता है। जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है तब दिमाग में खून की पूर्ति नहीं हो पाती जिससे हमेशा सिरदर्द होता रहता है। सबसे पहले नाखून पीले दिखने लगेंगे। उसके बाद कमजोर हो कर यह टूटने लगते हैं।

कैसे निपटे इस कमी से
शरीर में आयरन की कमी का निदान करने के लिए खून बढ़ाने वाले आहार लेने चाहिये। पौष्टिक आहार खाकर आयरन की कमी से बचा जा सकता है। इसके अलावा आप डॉक्टमर से सलाह लेकर आयरन टैबलेट भी ले सकते हैं। भोजन में आटा, काबुली चना, राजमा, सोयाबीन, मेथी और सरसों का साग, बादाम, सूखे मेवे, मसूर की दाल, पालक, अंगूर, अमरूद, संतरे आदि का सेवन करना चाहिये. इसके साथ ही अंकुरित दाल का सेवन खून की मात्रा बढ़ाने में सहायक होती है।

गर्भवती महिलाओं के लिए 

गर्भवती महिलाओं और उसके अजन्मे बच्चे के लिए आयरन एक महत्वपूर्ण खनिज है। आयरन हीमोग्लोबिन का एक घटक है। अगर शरीर में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी हो तो गर्भवती महिलाओं में एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है।
महिलाओं में आयरन की कमी के लक्षण
शरीर में अगर आयरन की कमी आ जाये तो इसका पता हमें आसानी से लग जाता है, क्योंकि जब हम कोई भी काम नहीं करते हैं तब भी हमें थकान महसूस होने लगती है। शरीर में जब भी आयरन की कमी आती है तो हमारे शरीर की मांसपेशियां कमज़ोर हो जाती है। हीमोग्लोबिन खून को लाल रंग देने का काम करता है और साथ ही शरीर में ऑक्सीजन ले जाने का काम भी करता है, लेकिन अगर हमारे शरीर में आयरन की कमी आ जाये तो हीमोग्लोबिन सही ढंग से काम नहीं कर पाता। आयरन की मात्रा को सही रखने के लिए हमें गुड़ का सेवन करना चाहिए। क्योंकि आयरन एक ऐसा खनिज पदार्थ है जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है।


आयरन की गोली खाने के नियम और नुकसान

पुरषों के मुकाबले आयरन की कमी महिलाओं में अधिक पाई जाती है। आयरन की कमी का प्रमुख कारण पौष्टिक आहार का सही तरीके से न लेना माना जाता है। आयरन फेफड़ों से शरीर के अन्य भागो में ऑक्सीजन पहुंचने का काम करता है। आयरन हमारी मांसपेशियों में ऑक्सीजन का प्रयोग करता है, साथ में उसे स्टोर करने में भी मददगार होता है। आज हम बात करते हैं कि महिलाओं में आयरन की कमी के लक्षणों के बारे में जो इस प्रकार से है-
थकान
जब भी हमारे शरीर में आयरन की कमी आ जाती है, तो हमें थकान महसूस होने लगती है ओर हम अपने काम की ओर ध्यान नहीं दे सकते। ऐसे में हमें अपने खून की जांच करवा लेनी चाहिए।

फीका चेहरा
हीमोग्लोबिन का काम होता है हमारे शरीर के खून को लाल रंग देना, जिससे हमारे चेहरे में चमक रहती है। अगर हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन कम होगा, तो हमारा चेहरा फीका और पीला हो जाता है।
सांस का फूलना
जब भी हम सीढियों को चढ़ते हैं या हर रोज के काम करने से हमारी सांस फूलने लगती है तो यह आयरन की कमी की ओर इशारा होता है।
तेज धड़कने
हीमोग्लोबिन का काम होता है हमारे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचना।लेकिन जब हमारे शरीर में ऑक्सीजन सही ढंग से नहीं पहुंचती। तब हमारी सांस तो फूलती ही है ओर साथ में हमारी धड़कने भी तेज हो जाती है।

टांगो का हिलना
जब भी शरीर में आयरन की कमी होती है, तो न चाहते हुए भी हमारी टांगे हिलने लगती है। हम इस पर नियंत्रण नहीं पा सकते।

सिरदर्द
ऑक्सीजन हमारे दिल के लिए ही नहीं बल्कि हमारे दिमाग के लिए भी बहुत जरूरी होती है। इसलिए जब भी हमारे शरीर में आयरन के कमी होती है, तो हमारे सिर में बहुत तेज़ी से दर्द होने लगता है और सिरदर्द की दवा का भी कोई असर नहीं होता।

घबराहट
जब हमें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलती, तब हमें घबराहट होने लगती है, ऐसे में हमारे ब्लडप्रेशर के साथ गड़बड़ी होने लगती है तब हमें आयरन की गोलियों का सेवन करना चाहिए या फिर संतरे का जूस पीना चाहिए आपको फायदा मिलता है।
बालों का झड़ना
जब हमारे शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो हमारे बालों का झड़ना शुरू हो जाता है और साथ में हमारे नाख़ून भी नर्म हो जाते हैं।
जब हमारे शरीर में आयरन की कमी हो जाती है तो हमारे शरीर को बहुत से नुकसान हो सकते हैं, जैसे कि हिमोक्रोमेटोसिस के जो मरीज होते हैं, वो डायबीटीज के मरीज हो जाते हैं। लिवर में लोहे की अधिक मात्रा होने पर कैंसर भी हो सकता है। जब हमें ऑक्सीजन की सही मात्रा नहीं मिलती, तो हमारी हृदय की गतिविधि बंद होने का खतरा रहता है। इससे गठिया रोग की भी शिकायत हो सकती है। हमारे शरीर में आयरन की कमी न हो इसके लिए हमें चिकन, अंडे, फिश, संतरा, स्ट्रोबेरी, अंगूर, हरी सब्जियां, हरी मिर्च, टमाटर, आलू आदि का सेवन करना चाहिए।

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