Header Ads

गर्दन में दर्द के कारण और उपचार


गर्दन में दर्द के कारण और उपचार


आपकी गर्दन की हड्डियां, स्नायुबंधन और मांसपेशियां आपके सिर को सपोर्ट करती हैं। गर्दन में दर्द एक आम समस्या है। गर्दन की मांसपेशियों में तनाव खराब पोस्चर के कारण होता है। किसी भी असामान्यता, सूजन, या चोट के कारण गर्दन में दर्द या अकड़न हो सकती है।

इसके अलावा कई बार हमारी दिनचर्या भी गर्दन में दर्द का कारण बन जाती है तथा कोई पुरानी चोट भी इसकी वजह हो सकती है। गलत तरीके से उठना-बैठना, लेटना या फिर मोटे तकिए का इस्तेमाल करना भी आपके गर्दन को पीड़ा देने का काम करती है।

कई घंटों तक एक ही मुद्रा में बैठे रहना तथा तनाव लेने की वजह से भी गर्दन में दर्द उठ जाता है। इन समस्याओं के अलावा मोच या भारी सामान उठाने के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव हो जाने की वजह से भी दर्द हो सकता है।
गर्दन में दर्द हो तो क्या करें

गर्दन में दर्द होना एक सामान्य समस्या है। ऐसे में हर बार दवा लेने की जगह कुछ घरेलू उपाय को भी अपना सकते हैं। अगर आपको गर्दन में दर्द की शिकायत है, तो हॉट वॉटर बैग से उस जगह पर सिंकाई करें। इसके अलावा एक्यूप्रेशर और एक्यूपंचर से भी गर्दन के दर्द को दूर किया जा सकता है।

आप चाहें तो चुम्बकीय चिकित्सा का भी सहारा ले सकते हैं। कई बार विटामिन डी की कमी से भी गर्दन में दर्द उठ जाता है। हड्डियों के विकास और स्वास्थ्य के लिए विटामिन डी महत्वपूर्ण है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो शरीर विभिन्न क्षेत्रों में, विशेष रूप से जोड़ों के आसपास में पुराने दर्द को जन्म दे सकता है।

इसके अलावा विटामिन बी कॉम्प्लेक्स एक प्राकृतिक एनाल्जेसिक एजेंट है। यह न्यूरोपैथिक और मस्कुलोस्केलेटल मूल दोनों के दर्द और सूजन को कम करता है। यदि आपको लंबे समय से दर्द की शिकायत है, तो एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
आइए जानते हैं गर्दन में दर्द को दूर करने के उपाय के बारे में जानते हैं –
1. हर दिन का गर्दन का व्यायाम करें। धीरे-धीरे अपने सिर को साइड-टू-साइड और ऊपर-नीचे मूव करें।

2. अपना डेस्क, कुर्सी और कंप्यूटर को एडजस्ट करें ताकि मॉनिटर आंख के स्तर पर हो।

3. यदि आप लंबी दूरी की यात्रा करते हैं या अपने कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करते हैं, तो उठें, घूमें और अपनी गर्दन की एक्सरसाइज करें।

4. यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो जल्द से जल्द छोड़ दें। धूम्रपान गर्दन के दर्द को बढ़ा सकता है।
सेब का सिरका


सेब का सिरका गर्दन के दर्द और जकड़न के लिए एक उत्कृष्ट घरेलू उपचार है। सेब का सिरके में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गर्दन की मांसपेशियों में तनाव से राहत देगा। इसके लिए आप सिरके में नेपकिन भिगोकर अपनी गर्दन पर रखें और इसे एक-एक घंटे के लिए छोड़ दें। गर्दन दर्द से राहत पाने के लिए आप इसे दिन में दो बार दोहराएं।
सेंधा नमक


सेंधा नमक में सल्फेट और मैग्नीशियम होता है, जो शरीर में कई एंजाइमों को विनियमित करने में मदद करता है। यह रक्त परिसंचरण या ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है और तनाव तथा मांसपेशियों के तनाव को कम करता है। इसके लिए आप बाथटब के तीन-चौथाई भाग को गर्म पानी से भरें और उसमें सेंधा नमक मिलाएं और 10 से 15 मिनट के लिए इसे सोक करें।




इम्युनिटी बढ़ाने का उपाय है गुड़, जानें और किससे बढ़ता प्रतिरोधक शक्ति


शरीर को कुछ खाद्य पदार्थों खिलाने से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्युनिटी मजबूत हो सकती है। यदि आप सर्दी जुकाम और फ्लू से बचना चाहते हैं तो गुड़ का सेवन करना शुरू कर दीजिए। इसके अलावा यह सर्दी में गर्मी पैदा करता है और ठंड़ से बचाता है।
इम्युनिटी बढ़ाने का उपाय है गुड़

शुरू से ही गुड़ भारतीय खानपान का हिस्सा रहा है। आज भी गांव में लोग गुड़ और इससे बनी चीजों का सेवन नियमित रूप से करते हैं। इससे सर्दी, जुमाक और गले में खरास जैसी छोटी मोटी समस्या दूर हो जाती है। इसके अलावा छोटे-बड़े शहरों में प्रदूषण की समस्या एक आम समस्या बन चुकी है, इससे वे लोग ज्यादा परेशान है जिनकी इम्यूनिटी बहुत ही कमजोर है। ऐसे लोगों को गुड़ का जरूर सेवन करना चाहिए।

दरअसल, गुड़ शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने तथा गंदगी को साफ करने के लिए जाना जाता है। काफी लोग बाहर से आने के बाद या खाना खाने के बाद गुड़ जरूर खाते हैं, क्योंकि यह न केवल पाचन में मदद करता है बल्कि गले और फेफड़ों के लिए भी अच्छा होता है। साथ ही गुड़ शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक रखता है। इसके अलावा गुड़ अस्थमा के रोगियों के लिए लाभकारी है क्योंकि इसमें ऐंटी-ऐलर्जिक गुण होता है।
कैसे करें गुड़ का सेवन


गले की खरास और प्रदूषण की समस्या से यदि खुद को निजात दिलाना है तो आप एक चम्मच मक्खन में थोड़ा सा गुड़ और हल्दी मिला लें और दिन में 3-4 बार इसका सेवन करें। नियमित तौर पर इसे खाने से शरीर में मौजूद जहरीले तत्व बाहर निकल जाते हैं और शरीर को टॉक्सिन फ्री बनाने में सहायता मिलती है। यदि आप गुड़ को सरसों तेल में मिलाकर खाते हैं तो आप सांस से जुड़ी दिक्कतों से राहत पा सकते हैं। –
इम्युनिटी बढ़ाने वाले कुछ अन्य आहार
1. ठंड लगने के बाद ज्यादातर लोग विटामिन सी की ओर रुख करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम को बनाने में मदद करता है। विटामिन सी को सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने के लिए माना जाता है। इसके लिए आप साइट्रस फलों का सेवन कीजिए।

2. शिमला मिर्च विटामिन सी का बहुत ही अच्छा स्रोत हैं। इसमें साइट्रस फलों की तुलना में दोगुना विटामिन सी होता है। ये बीटा कैरोटीन का एक समृद्ध स्रोत भी हैं। विटामिन सी आपकी इम्यूनिटी को बढ़ावा देने के अलावा, स्वस्थ त्वचा को बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा बीटा कैरोटीन आपकी आंखों और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है।


3. ब्रोकोली विटामिन और खनिज से भरपूर है। विटामिन ए, विटामिन सी, और विटामिन ई के साथ-साथ कई अन्य एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर से भरपूर ब्रोकोली स्वास्थ्यप्रद सब्जियों में से एक है जिसे आप सेवन कर सकते हैं। इसका सेवन करके आप अपनी इम्यूनिटी को बढ़ा सकते हैं।

4. लहसुन दुनिया में लगभग हर जगह पाया जाता है। यह स्वाद के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। यह न केवल संक्रमण से लड़ने में आपकी सहायता करता है बल्कि इसमें इम्यूनिटी बढ़ाने वाले गुण सल्फर युक्त कंपाउंड पाए जाते हैं।
5. अदरक गले में खराश और अन्य सूजन संबंधी बीमारियों को कम करने में सहायता करता है। इसके अलावा अदरक मतली को कम करने तथा इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा अदरक पुराने दर्द को कम करने में सहायता करता है और कोलेस्ट्रॉल कम करता है।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.