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सेक्सुअल पावर बढ़ाने के लिए खाएं ये 5 सुपर फूड्स



सेक्सुअल पावर बढ़ाने के लिए खाएं ये 5 सुपर फूड्स 
आपको शायद पता नहीं होगा कि कुछ फूड्स (Foods) ऐसे भी हैं, जो आपके सेक्सुअल पावर (Sexual Power) को तुरंत बढ़ा (Increase) देते हैं. यूं कहें, तो ये वायग्रा (Viagra) की तरह काम करते हैं. ये आपकी सेक्स ड्राइव को बढ़ाकर आपकी सेक्स लाइफ (Sex Life) को और भी हेल्दी (Healthy) बनाते हैं. क्या हैं ये सुपर फूड्स (Super Foods) आइए देखें.

सुपर फूड्स
1. स्ट्रॉबेरी

ये विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है, जो पुरुषों में स्पर्म काउंट को बढ़ाता है. साथ ही यह हार्ट और आर्टरीज़ में रक्त संचार को सुचारू बनाए रखता है. स्ट्रॉबेरीज़ को डार्क चॉकलेट में डुबोकर खाएं, यह कामोत्तेजना को बढ़ाता है.
2. बादाम


ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई के गुणों से भरपूर बादाम सेक्स बूस्टर का काम करता है. सेलेनियम जहां इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर रखता है, वहीं ज़िंक सेक्स हार्मोन की बढ़ोत्तरी करता है और विटामिन ई हार्ट को हेल्दी रखता है.
रोज़ाना बादाम का सेवन याद्दाश्त बढ़ाने के साथ-साथ सेक्सुअल लाइफ को भी हेल्दी बनाता है.
3. तरबूज़


इसमें कामोत्तेजना बढ़ानेवाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें मौजूद लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन सेक्स ड्राइव को बूस्ट करने में मदद करता है.
4. शकरकंद


पोटैशियम से भरपूर शकरकंद हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफ़ी मददगार होता है, जिससे पुरुष इरेक्टाइल डायस्फंक्शन के ख़तरे से बचे रहते हैं. बीटा कैरोटीन और विटामिन ए इंफर्टिलिटी को दूर रखते हैं.
5. स़फेद तिल


ज़िंक से भरपूर तिल बेहतरीन सेक्स बूस्टर फूड है. यह टेस्टोस्टेरॉन और स्पर्म प्रोडक्शन की बढ़ोत्तरी में मदद करता है.

सेक्स किलर फूड्स

चीज़, डायट सोडा, सोया, आर्टिफीशियल स्वीटनर्स, फ्राई व फैटी फूड्स, कैन्ड फूड आदि अवॉइड करें.


स्मार्ट सेक्सी टिप्स


1. अपनी सेक्स लाइफ को थोड़ा स्पाइसी बनाएं. कभी-कभार रूटीन से हटकर कुछ नया ट्राई करें.


2. पार्टनर को आकर्षित करने के लिए सेक्सी कपड़े पहनें. यह आपकी कामोत्तेजना का बढ़ाता है.


3. अरोमा कैंडल्स की ख़ुशबू सेक्स के प्रति आकर्षित करने में आपकी मदद करती हैं. अपने बेडरूम को मनपसंद ख़ुशबू से महकाएं.

4. कोशिश करें कि साल में एक बार स़िर्फ पति-पत्नी 2-4 दिनों के लिए बाहर जाएं. यह आपकी सेक्स लाइफ को दोबारा रिवाइव कर देता है.


5. पार्टनर को मॉर्निंग किस और गुडनाइट किस देना कभी न भूलें.


6. रोमांटिक बातें आपके रिश्ते में अहम् भूमिका निभाती हैं. अपनी बातों से उन्हें रिझाने का कोई मौक़ा हाथ से न जाने दें.


7. अगर दोनों ही वर्किंग हैं, तो वर्किंग आवर्स के बीच एक बार आई लव यू या मिस यू जैसे मैसेजेस आपकी सेक्स लाइफ के रोमांच को बनाए रखते हैं.


8. पार्टनर के शौक़ को जानते हैं, तो कभी-कभार उन्हें सरप्राइज़ ज़रूर दें.


9. सिर्फ़ गिफ़्ट ही आपके पार्टनर को ख़ुश नहीं करता, बल्कि किसी दिन बिन बताए उन्हें ऑफिस से पिक अप करने पहुंच जाएं या फिर सरप्राइज़ लंच प्लान करें.


10. एक-दूसरे को अपनी फैंटसीज़ के बारे में बताएं.


11. कुछ अलग करना चाहते हैं, तो शनिवार रात की बजाय रविबार की सुबह आपके प्यार के लिए बेस्ट टाइम होगा.


12. अक्सर महिलाएं पुरुष के पहल का इंतज़ार करती हैं. इस बार आप पहल करके उन्हें ख़ुश कर सकती हैं.



नहीं जानते होंगे आप ऑर्गैज़्म से जुड़ी ये 10 बातें (10 Surprising Facts Of Female Orgasm)

नहीं जानते होंगे आप ऑर्गैज़्म से जुड़ी ये 10 बातें (10 Surprising Facts Of Female Orgasm)

सेक्स या सेक्सुअल लाइफ में ऑगैज़्म यानी चरमसुख बहुत मायने रखता है. आज भी बहुतसी महिलाएं ऑगैज़्म तक नहीं पहुंच पाती, जिससे सेक्स उनके लिए उनका आनंददायक नहीं बन पाता, जितना उनके पार्टनर के लिए, इसलिए ऑर्गैज़्म से जुड़ी ये ज़रूरी बातें आपको भी पता होनी चाहिए…
1. ऑर्गैज़्म पेनकिलर का काम करता है

आपको सिरदर्द है, तो कोई और उपाय करने से पहले एक बार सेक्स ट्राई करें. दरअसल, सेक्स के दौरान शरीर में ऑक्सीटॉसिन रिलीज़ होता है, जो हमें रिलैक्स करता है, तभी तो ऑर्गैज़्म आपके सिरदर्द के लिए बेहतरीन पेनकिलर का काम करता है.
2. कंडोम ऑर्गैज़्म क्वालिटी को अफेक्ट नहीं करता

अगर आपको लगता है कि कंडोम पहनने से सेक्स प्रक्रिया उतनी आनंददायक नहीं रहती, जितनी होनी चाहिए, तो यकीन मानिए एक्सपर्ट्स आपसे बिल्कुल इत्तेफ़ाक नहीं रखते. उनके मुताबिक कंडोम पहनने या न पहनने का ऑर्गैज़्म पर कोई असर नहीं पड़ता. यह ऑर्गैज़्म में बिल्कुल भी अड़चन नहीं बनता.
3. 30% महिलाएं ऑर्गैज़्म से वंचित रह जाती हैं

अगर आप ऑर्गैज़्म का अनुभव करने में सक्षम नहीं हो पाई हैं, तो घबराएं नहीं, बल्कि आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लगभग 30% महिलाएं ऑर्गैज़्म तक नहीं पहुंच पातीं. कभी-कभार इसका कारण फीमेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन भी होता है. अगर आप भी क्लाइमैक्स तक नहीं पहुंच पा रही हैं, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें. आप चाहें, तो डायबिटीज़ या थायरॉइड भी चेक करवा सकती हैं.
4. जी स्पॉट आपके ऑर्गैज़्म को बेहतर बना सकता है

अक्सर बहुत-सी महिलाओं को अपने जी-स्पॉट के बारे में पता ही नहीं होता. आपको पता होना चाहिए कि वेजाइना के किस हिस्से में स्टिमुलेशन होने पर आप ऑर्गैज़्म तक पहुंचती हैं. आमतौर पर जी स्पॉट का टेक्स्चर रफ होता है, इसलिए इसे ढूंढ़ना बहुत मुश्किल नहीं. अपने जी स्पॉट की पहचान कर आप ऑर्गैज़्म तक आसानी से पहुंच सकती हैं.
5. उम्र के साथ ऑर्गैज़्म बेहतर होता जाता है
कहते हैं उम्र के साथ बहुत-सी चीज़ें बेहतर होती जाती हैं और ऑर्गैज़्म भी उसी का एक हिस्सा है, जो उम्र के साथ और बेहतर होता जाता है. रिपोर्ट्स की मानें, तो बढ़ती उम्र में महिलाओं को ऑर्गैज़्म आसानी से और जल्दी मिलता है, जो कि कम उम्र में उतनी जल्दी नहीं मिलता. जहां 18-24 साल की लड़कियों में मात्र 61% को ऑर्गैज़्म मिलता है, वहीं 30 की उम्र की लगभग 65% महिलाओं को ऑर्गैज़्म मिलता है, तो वहीं 40-50 की उम्र की 70% महिलाओं को ऑर्गैज़्म मिलता है.

6. अलग-अलग पोज़ीशन्स से जल्दी ऑर्गैज़्म मिलता है

अगर आप रोज़ ही एक ही सेक्स पोज़ीशन ट्राई करती हैं और ऑर्गैज़्म तक नहीं पहुंच पातीं, तो आज कुछ अलग ट्राई करें. आज आप एक या दो पोज़ीशन्स ट्राई करें, इसके अलावा ओरल सेक्स को भी इसमें शामिल करें.
7. आपका आत्मविश्‍वास ऑर्गैज़्म को प्रभावित करता है

महिलाएं अक्सर अपने प्राइवेट पार्ट्स को लेकर काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, पर उसकी ज़रूरत नहीं, क्योंकि वेजाइना को कोई परफेक्ट शेप या साइज़ जैसी चीज़ नहीं होती. आपका प्राइवेट पार्ट जैसा भी है, आपको उसमें कॉन्फिडेंस होना चाहिए, क्योंकि आपका आत्मविश्‍वास ही आपको बेहतर ऑर्गैज़्म दिला सकता है.
8. महिलाओं के लिए टॉप पोज़ीशन

सेक्सोलॉजिस्ट्स के मुताबिक जिन महिलाओं को जल्दी ऑर्गैज़्म नहीं मिलता, उन्हें टॉप पोज़ीशन ट्राई करनी चाहिए, इसमें उन्हें जल्दी ऑर्गैज़्म मिलता है. बहुत-सी महिलाएं पूरी ज़िंदगी यही सोचती हैं कि सेक्स करना पति की ज़िम्मेदारी है, उन्हें बस उसमें साथ देना है, जबकि ऐसा है. संभोग को जब तक दोनों समान रूप से एंजॉय नहीं करेंगे, दोनों को ही उस चरमसुख की प्राप्ति नहीं होगी.
9. दुर्लभ मामलों में एक्सरसाइज़ से भी हो सकता है ऑर्गैज़्म
एक्सपर्ट की मानें, तो कुछ लोगों को एक्सरसाइज़ या मसाज के दौरान भी ऑर्गैज़्म मिल सकता है, हालांकि यह बहुत दुर्लभ स्थिति है. ऐसा बिरले लोगों के साथ ही होता है. दरअसल, एक्सरसाइज़ या मसाज के दौरान रक्त संचार बढ़ जाता है. अगर किसी के प्राइवेट पार्ट्स में ब्लड फ्लो बढ़ जाए, तो उसे ऑर्गैज़्म मिल सकता है. उदाहरण के लिए किसी को ट्रेडमिल पर चलने मात्र से ऑर्गैज़्म आ सकता है.
10. ज़्यादातर महिलाओं को ऑर्गैज़्म में व़क्त लगता है

यह तो सभी को पता है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ऑर्गैज़्म देरी से आता है, पर यह पूरी तरह सामान्य है. इसके लिए आप यह बिल्कुल न सोचें कि आपमें कोई कमी है, बल्कि अपनी सेक्स लाइफ को एंजॉय करें. याद रखें, आप अपनी सेक्स लाइफ को जितना इंट्रेस्टिंग बनाएंगी, ऑर्गैज़्म उतनी जल्दी मिलेगा.

महिलाओं के 10 कामोत्तेजक अंग (Top 10 Sexiest Erogenous Parts Of A Women’s Body)

सेक्स के दौरान महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए अधिकांश पुरुष उनके एक या दो बॉडी पार्ट्स पर ही फोकस करते हैं, जबकि महिलाओं के शरीर में कई ऐसे अंग हैं जहां स्पर्श करने से उनमें कामेच्छा जागृत होती है. कौन से हैं वे सीक्रेट बॉडी पार्ट्स? पार्टनर को उत्तेजित किए बिना आप सेक्स लाइफ़ का भरपूर आनंद नहीं उठा सकते. महिला पार्टनर को कामोत्तेजित करने के लिए उनके ख़ूबसूरत शरीर के संवेदनशील अंगों से छेड़छाड़ करना ज़रूरी है, लेकिन ज़्यादातर पुरुष महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए स़िर्फ ब्रेस्ट का ही सहारा लेते हैं. उन्हें लगता है स़िर्फ इसके साथ छेड़छाड़ से ही महिलाओं में कामोत्तेजना बढ़ती है, लेकिन ऐसा नहीं है. सिर से लेकर पैर तक महिलओं के शरीर में कई ऐसे संवेदनशील अंग हैं जिन्हें छूने भर से उनमें कामवासना जागृत हो जाती है. अगर आप भी अपने पार्टनर के साथ सेक्स का पूरा लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो जानिए उनके कामोत्तेजक अंगों को.
1. जांघ का अंदरूनी हिस्सा

जांघों का अंदरूनी हिस्सा बेहद संवेदनशील होता है. यहां प्यार से छूने, सहलाने या किस करने से महिलाओं की उत्तेजना बढ़ जाती है और वो सेक्स को ज़्यादा एन्जॉय करती हैं. घुटनों के भीतरी भाग की ही तरह जांघ के अंदरूनी हिस्से में भी कई नर्व एंडिंग्स होती हैं, जो इसे सेंसिटिव बनाती हैं.
2. कलाइयों का भीतरी भाग

कलाई की त्वचा बहुत पतली होती है, साथ ही इसके भीतरी हिस्से में कई नर्व एंडिंग्स होने की वजह से ये बहुत सेंसिटिव होता है. इस जगह पर पार्टनर का स्पर्श महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए काफ़ी है.
3. कान

क्या आपको पता है कि कान भी प्रमुख कामोत्तेजक अंग हैं. ये शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूप से उत्तेजित करते है. तो अगर आप काम क्रिया के चरमानंद को महसूस करना चाहते हैं तो अपने पार्टनर के कान के निचले हिस्से या पीछे के भाग पर किस करें. इसके अलावा सेक्सी बातों के ज़रिए पार्टनर को मानसिक रूप से सेक्स के लिए उकसाया जा सकता है.
4. गर्दन का पिछला हिस्सा

पार्टनर द्वारा गर्दन के पिछले हिस्से पर किया गया स्पर्श या चुंबन महिलाओं को बेहद उत्तेजित कर देता है और वो सेक्स की गहराई में उतर जाती हैं. दरअसल, गर्दन का पिछला हिस्सा बहुत सेंसिटिव होता है. अगर आप भी अब तक अपने पार्टनर के इस सीक्रेट सेक्सी अंग से अंजान थे, तो अब आप भी अपने पार्टनर की गर्दन को टारगेट करिए और बनाइये अपनी सेक्स लाइफ़ को एन्जॉयफुल.
5. पैर और अंगूठा
पैर हमारे शरीर का सबसे उपेक्षित भाग हैं, लेकिन यहां नर्व्स एंडिंग की भरमार होती है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि पैर और अंगूठा भी बेहद कामोत्तेजक अंग हैं. ख़ासकर तलवा और अंगूठा ज़्यादा सेंसिटिव होता है, इसलिए यहां की गई हरकत कुछ महिलाओं को बहुत भाती है और पार्टनर का प्यार भरा स्पर्श पाकर वो तुरंत कामुक हो जाती हैं.


6. पलकें
जब आप अपने पार्टनर की हसीन पलकों को प्यार से चूमेंगे तो उसके शरीर में एक सिहरन पैदा होगी, जो उसे आपके करीब लाकर काम क्रिया के आनंद को और भी बढ़ा देगी. दरअसल, पलकों की त्वचा बेहद पतली होती है और कई नर्व्स की मौज़ूदगी इसे संवेदनशील बना देती है, इसलिए इसकी गिनती कामोत्तेजक अंगों में होती है. लेकिन आपकी पार्टनर अगर लेंस का इस्तेमाल करती है तो प्यार जताते समय ज़रा सावधानी बरतें.
7. हाथ

हथेलियों में भी कई प्रेशर पॉइंट्स होते हैं, इसलिए इसे दबाने से आनंद बढ़ता है. हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील अंग है जीभ और उसके बाद नंबर आता है फिंगरटिप्स का, लेकिन इस सेक्सी पार्ट की जानकारी के अभाव में अधिकांश कपल्स सेक्स के असली आनंद से वंचित रह जाते हैं. आप ऐसी ग़लती न करें और अपनी लव लाइफ़ को रोमांचक बनाने के लिए प्यार से अपने पार्टनर का हाथ अपने हाथों में थामें. इससे उत्तेजना तो बढ़ेगी ही, साथ ही पार्टनर को आपके प्यार की गहराई का भी एहसास होगा.
8. घुटनों के पीछे का हिस्सा

इस अहम् कामोत्तेजक अंग की जानकारी बहुत कम लोगों को होती है. दरअसल, घुटने के पिछले हिस्से की स्किन शरीर के अन्य भागों से ज्यादा पतली होती है, इसलिए यहां कुछ भी हरकत करने पर तुरंत दिमाग़ तक संदेश पहुंचता है. इस हिस्से पर चेहरे या हाथों से रगड़ने पर कामोत्तेजना पैदा होती है. अगर आपको यक़ीन नहीं हो रहा, तो ज़रा ख़ुद ही ट्राई करके देखिए.
9. पीठ

हम लोअर बैक के बीच के हिस्से की बात कर रहे हैं, यह एरिया बहुत संवेदनशील होता है. यहां चुंबन करने से महिलाएं न स़िर्फ उत्तेजित होती है, बल्कि उनका तनाव भी कम होता है. अगर आप भी सेक्स का पूरा आनंद लेना चाहते हैं तो पार्टनर के पीठ पर चेहरा रखकर ज़ोर से रगड़ें और फिर देखें कैसे वो आपकी बाहों में आने के लिए बेकरार होेती है.
10. कमर

आपको शायद इस बात का अंदाज़ा भी नहीं होगा कि महिलाओं के शरीर का ये हिस्सा कितना सेंसिटिव होता है. पार्टनर की ख़ूबसूरत पतली कमर पर हल्के हाथों से मसाज़ या थोड़ी-सी गुदगुदी उन्हें कामोत्तेजित करने के लिए काफी है. इतना महत्वपूर्ण होते हुए भी महिलाएं अपने शरीर के इस हिस्से पर खास ध्यान नहीं देतीं, क्योंकि उन्हें लगता है कि पार्टनर इस हिस्से पर ध्यान नहीं देगा. तो अब आप अपने पार्टनर को उसकी बॉडी के इस अहम् हिस्से की अहमियत समझाएं.


सेक्स रिसर्च: सेक्स से जुड़ी ये 20 Amazing बातें, जो हैरान कर देंगी आपको

सेक्स को लेकर समय-समय पर रिसर्च होते रहते हैं और इन रिसर्च में बड़े ही दिलचस्प बातें पता चलती हैं. यहां हम कुछ ऐसी ही दिलचस्प बातें बता रहे हैं.

1. सप्ताह में दो या तीन बार सेक्स करनेवाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ जाती है.
2. एक सर्वे के अनुसार 60 प्रतिशत पुरुष चाहते हैं सेक्स के लिए औरत पहल करे.
3. एक अमेरिकन न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार 50 प्रतिशत लोग विवाह तक वर्जिन रहना चाहते हैं, जबकि 39 प्रतिशत लोगों का विचार था कि शादी के बंधन में बंधने से पहले सेक्स का जितना हो सके, उतना आनंद उठा लेना चाहिए.
4. सेक्स के दौरान हार्ट अटैक से मरने वाले पुरुषों में से 85 % पुरुष ऐसे होते हैं, जो अपनी पत्नी को धोखा दे रहे होते हैं.
5. जिन लोगों को नींद आने की शिकायत हो, उसके लिए सेक्स से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता, क्योंकि सेक्स के बाद अच्छभ नींद आती है. रिसर्च के अनुसार ये नींद वाली दूसरी दवाओं की तुलना में 10 गुना ज्यादा कारगर है.
6. औसतन इंसान अपनी पूरी ज़िंदगी में से लगभग दो ह़फ़्ते किस करने में बिताता है
7. हर पुरुष हर सात सेकंड में कम से कम एक बार सेक्स के बारे में ज़रूर सोचता है.
8. मोटापा घटाना चाहते हैं तो सबसे आसान और बेहतरीन उपाय है सेक्स का आनंद लें, क्योंकि सेक्स से तेजी से कैलोरी बर्न होती है.
9. 25 % महिलाएं सोचती हैं कि पुरुष पैसों से सेक्सी बनता है.
10. कुछ शेर दिन में 50 बार सेक्स करते हैं.
11. क्या आप जानते हैं कि इंसान और डॉल्फिन ही मात्र ऐसे हैं, जो आनंद के लिए सेक्स करते हैं.
12. सांप को दो सेक्स ऑर्गन होते हैं.
13. चूहे दिन में 20 बार तक सेक्स का आनंद उठा सकते हैं.
14. ज्यादा सेक्स करनेवाले पुरुषों की दाढी अपेक्षाकृत तेज़ी से बढती है.
15. लेटेक्स कंडोम की औसत लाइफ़ 2 साल होती है.
16. सेक्स करने से प्रति घंटे 360 कैलोरी बर्न होती है.
17. 20 प्रतिशत पुरुषों को ओरल सेक्स से आनंद आता है, जबकि 6 प्रतिशत महिलाओं को ये महज फोरप्ले का हिस्सा लगता है.
18. अमेरिका में 12-15 साल के किशारों में ओरल सेक्स का चलन तेज़ी से बढ रहा है और मजेदार बात तो ये है कि वो इसे सेक्सुअल क्रिया मानते ही नहीं.
19. रोमांटिक उपन्यास पढनेवाली औरतें ऐसे उपन्यास न पढनेवाली औरतों की तुलना में सेक्स का ज्यादा आनंद उठा सकती हैं.
20. सेक्स पेनकिलर का काम तो करता ही है, साथ ही ये तीन तरह से और फ़ायदेमंद है-
– ये माहवारी के समय होनेवाली तकलीफ़ों को कम करता है.
– माइग्रेन का ददर्र् उठने पर सेक्स करने से फौरन राहत मिल जाती है.
– ह़फ़्ते में दो बार सेक्स करनेवाले लोगों के शरीर में इम्यूनोग्लोब्यूलिन ए की मात्रा ज्यादा पाई जाती है, जो सर्दी से शरीर को सुरक्षा करता है.
सेफ सेक्स के 20 + असरदार ट्रिक्स (20 + Effective Tricks For Safe Sex)

सेफ सेक्स न सिर्फ आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ से बचाता है, बल्कि आप अनवॉन्टेड प्रेग्नेंसी से भी सुरक्षित रहती हैं, इसलिए ज़रूरी कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल.

– सेफ सेक्स के लिए कंडोम को सबसे बेहतरीन उपाय माना जाता है. कंडोम न केवल आपको अनचाहे गर्भ से बचाता है, बल्कि इंफेक्शन, एचआईवी/एड्स या फिर अन्य सेक्सुअल डिसीज़ से भी आपका बचाव करता है.
– यदि सेक्सुअल रिलेशन में लुब्रिकेटेड कंडोम का इस्तेमाल करें, तो ज़्यादा अच्छा है. लुब्रिकेशन न केवल कंडोम को फटने से बचाता है, बल्कि इसे इस्तेमाल करना भी आसान होता है.
– ध्यान रहे कि एक समय में एक ही कंडोम पहनें, दो कंडोम पहनने से आपको नुक़सान हो सकता है.
– ओरल सेक्स से बचें, क्योंकि इससे कई तरह के इंफेक्शन्स होने का ख़तरा रहता है. कई ऐसे उदाहरण भी सामने आए हैं, जब ओरल सेक्स से व्यक्ति को कैंसर व सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ हुई हैं.
– यदि आप गर्भनिरोधक के रूप में कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ले रही हैं, तो इसे कभी भी मिस न करें. यानी इसे रेग्युलर नियत समय पर लेना न भूलें. हां, यदि कभी एक दिन मिस हो जाए, तो दूसरे दिन दो पिल्स एक साथ ले लें. फिर दोबारा नियमित रूप से पिल्स लेती रहें.
– आमतौर पर पीरियड्स के दौरान सेक्स करना सेफ माना जाता है, क्योंकि इस दौरान कंसीव करने के चांस कम होते हैं. लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होता है, ख़ासतौर से तब जब आपका मेन्स्ट्रुअल साइकल छोटा हो. इसलिए महिलाएं पीरियड्स के सर्कल को समझते हुए दिनों को कैलकुलेट करके अनचाहे गर्भ से सुरक्षित रह सकती हैं.
– सेफ सेक्स के रूप में कुछ कपल्स एक तरीक़ा ऐसा भी अपनाते हैं, जिसमें मेल पार्टनर ऑर्गेज़्म के समय बाहर ही डिस्चार्ज कर देता है. लेकिन यह तरीक़ा भी अधिक सुरक्षित नहीं है. कई बार पुरुष एक्साइटमेंट के समय यह जान ही नहीं पाते कि उनके प्राइवेट पार्ट के आगेवाले हिस्से पर वीर्य गिर चुका होता है व उसमें शुक्राणु हो सकते हैं, जिससे शायद प्रेग्नेेंसी भी हो सकती है.
– सेफ सेक्स के रूप में गर्भनिरोधकों के बारे में तो सभी बहुत कुछ जानते होंगे, पर कुछ ऐसे गर्भनिरोधक भी हैं, जिनका इस्तेमाल अनसेफ सेक्स के बाद भी प्रभावकारी होता है, जिसे इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव कहते हैं.
हाल ही में हुए रिसर्च में 59% महिलाओं ने माना कि उन्हें इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव की बहुत कम जानकारी है, जबकि 12% महिलाएं इनके बारे में जानती तक नहीं हैं.

तो आइए, सेफ सेक्स के रूप में इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव के बारे में जानते हैं.
– यूं तो अनसेफ सेक्सुअल रिलेशन के बाद गर्भनिरोध के रूप में सबसे अधिक भरोसा इमर्जेंसी कंट्रासेप्टिव पिल्स पर किया जाता है, पर इनके अलावा भी कुछ विकल्प हैं, जो पूरी तरह से सेफ हैं.
– ऐसे में इमर्जेंसी इंट्रायूटेराइन डिवाइस (आईयूडी) का इस्तेमाल भी बेहतर विकल्प हो सकता है.
– आईयूडी प्लास्टिक या तांबे का बना छोटा-सा उपकरण होता है, जिसे अनसेफ सेक्स के बाद भी महिलाएं यूटेरस में फिक्स करवा सकती हैं. एक बार लगाया गया आईयूडी कम से कम 5 से 10 साल तक गर्भनिरोध में मदद करता है.
– अक्सर हिलाएं यह सोचकर इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स का सेवन नहीं करती हैं कि इससे उनकी फर्टिलिटी कम हो जाती है, जबकि ऐसा नहीं है. हां, यह ज़रूर है कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के इस्तेमाल से उस महीने के पीरियड्स प्रभावित हो सकते हैं, पर ये इंफर्टिलिटी की वजह नहीं होता है, अतः इनका इस्तेमाल सेफ समझा जाता है.
– ध्यान रहे कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल सामान्य इस्तेमाल के लिए नहीं है. इसका इस्तेमाल उसी स्थिति में करते हैं, जब सामान्य कॉन्ट्रासेप्टिव लेने से चूक जाएं. वैसे बेहतर तरीक़ा यह भी हैै कि आप किसी डॉक्टर से इनके इस्तेमाल से संबंधित जानकारी पहले ही ले लें.
– रिसर्च में पाया गया कि 50% महिलाओं के बीच यह मिथ है कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल एबॉर्शन के लिए किया जाता है, जो कि ग़लत है.
– इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का काम एबॉर्शन करना नहीं है. इनके सेवन से अंडाशय में बन रहे अंडकोष का निर्माण रुक जाता है या वो गर्भाशय में नहीं जाते, जिससे प्रेग्नेंसी हो ही नहीं सकती.
– इस बात का भी ख़ास ख़्याल रखें कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल केवल इमर्जेंसी में ही लें, क्योंकि इनका नियमित रूप से इस्तेमाल करना नुक़सानदायक हो सकता है.
– यह एक मिथ है कि असुरक्षित सेक्सुअल रिलेशन होने के तुरंत बाद या फिर 24 घंटों के अंदर ही इनका सेवन लाभदायक हो सकता है, जबकि हक़ीक़त में ऐसा नहीं है.
– असुरक्षित सेक्स के 72 घंटों यानी 3 दिनों के अंदर तक इसका इस्तेमाल प्रभावकारी होता है. वैसे आप जितनी जल्दी इसका इस्तेमाल करेेंगी फ़ायदा उतना ही जल्दी होगा.
– सेक्स के दौरान अनचाहे गर्भ से बचने के लिए न अब महिलाओं को कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने की ज़रूरत है और न ही पुरुषों के लिए कंडोम ही एकमात्र विकल्प है, क्योंकि अब पुरुषों के लिए भी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल तैयार किया जा रहा है, जो उनके पुरुषत्व को भी प्रभावित नहीं करेगी. ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने फैमिली प्लानिंग के लिए पुरुषों की कॉन्ट्रासेप्टिव पिल को तैयार कर ली है, जो जल्द ही बाज़ार में उपलब्ध होगी.
सेक्स अलर्ट

– गर्भनिरोध के लिए प्रचलित तरीक़ों में जो महिलाएं गर्भनिरोधक इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रही हैं, वे अलर्ट हो जाएं, क्योंकि हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार, जो महिलाएं
कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन का इस्तेमाल अधिक करती हैं, उन्हें दूसरों की अपेक्षा एचआईवी इंफेक्शन का ख़तरा 40% अधिक होता है.
– दुनियाभर में 14.4 करोड़ महिलाएं हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन को अधिक महत्व देती हैं, जिनमें क़रीब 4.1 करोड़ महिलाएं कंट्रासेप्टिव इंजेक्शन का इस्तेमाल करती हैं, जबकि 10.3 करोड़ महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं.
– पुरुष प्रजनन क्षमता को अवरोध कर उन्हें कंट्रोल कर सकनेवाली मेडिसिन एच2-गैमेंडाजोल व जेक्यू1 पर भी रिसर्च चल रहा है. ये मेडिसिन शरीर में स्पर्म बनाने की प्रक्रिया को ब्लॉक कर देंगी और भविष्य में सेफ सेक्स के रूप में इनका भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.
– अपने पार्टनर के साथ ईमानदार रहकर न केवल आप अपनी सेक्सुअल लाइफ अच्छी तरह से एंजॉय कर सकते हैं, बल्कि सेक्सुअल डिसीज़ के ख़तरों को भी कम कर सकते है.
कुछ दिलचस्प बातें

– अक्सर पुरुष नसबंदी कराने से कतराते हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण यह मिथ है कि इससे उनमें कमज़ोरी आ जाती है, जबकि ऐसा नहीं है.
– स्पर्म की संख्या पूरे वीर्य में 1 फ़ीसदी से भी कम होती है. 99 फ़ीसदी वीर्य प्रोस्टेट (30%) व शुक्राशय (69%) से ही बनता है.
– कई पुरुषों को ऐसा लगता है कि उनके पुरुषत्व का प्रमाण प्रजनन क्षमता पर ही आधारित है. ऐसे लोगों को अपना शक दूर करने के बाद ही नसबंदी करानी चाहिए.
– नसबंदी कराने के बाद वीर्य की दो रिपोर्ट स्पर्म निगेटिव होनी ज़रूरी है. इसके बाद आप नॉर्मल सेक्स लाइफ एंजॉय कर सकते 
7 टाइप के किस: जानें कहां किसिंग का क्या होता है मतलब?(7 Different Kisses And Their Hidden Meaning)


प्यार के इज़हार का ख़ूबसूरत तरीका है किस यानि चुंबन. लेकिन क्या आप जानते हैं चुंबन की भी ज़बान होती है. आप किस अंग पर किस करते हैं, उससे आपकी फीलिंग का पता चलता है.


माथे पर चुंबन

माथे पर चुंबन आपकी घबराहट दूर करता है और आपके अंदर आत्मविश्वास जगाता है. इसलिए रिश्तों के आरंभ में आत्मीयता बढ़ाने के लिए लोग अपने साथी का माथा चूमते हैं.
गाल पर चुंबन

गाल पर चुंबन का मतलब शारीरिक संबंध की ओर बढ़ना नहीं, बल्कि प्रेम और वात्सल्य का इज़हार भी होता है. इसीलिए गाल पर मर्यादित चुंबन किसी के प्रति आपका स्नेह दर्शाता है.
कॉलरबोन पर चुंबन

कॉलरबोन यानी गले और छाती के जोड़ पर चुंबन आत्मीयता का प्रतीक माना जाता है. इसका मतलब यह भी होता है कि रिश्ते को अगले चरण में ले जाने के लिए मन से पूरी तरह तैयार है.

कान पर चुंबन
कान पर चुंबन यानी रिश्ते के अगले चरण में पहुंच जाना है, जहां आप अपने साथी से हास-परिहास कर सकते हैं. इस तरह के चुंबन में एक तरह से अक्सर शरारत का भी आभास होता है.
हाथ पर चुंबन

हाथ पर चुंबन जिसे आप प्रेम करते हैं, उसके हाथ पर होंठ रखकर चुंबन लेते हैं. हाथ पर चुंबन किसी की प्रशंसा में भी लिए जाते हैं. कभी-कभी अच्छी भावना व्यक्त करने के लिए हाथ चूम लेते हैं.
होंठ पर चुंबन

होंठ पर चुंबन बेहद संवेदनशील होता है. आमतौर पर आप जिसे प्रेम करते हैं उसके होंठों का चुंबन लेते हैं. इसके अलावा किसी दोस्त के होंठ का चुंबन लेने का मतलब आप उसके साथ डेट पर जाने के लिए तैयार हैं.
चुंबन व टाइट आलिंगन

चुंबन व टाइट आलिंगन जिसे दिलोजान से चाहते हैं उसका करते हैं. होंठों का गहरा मिलन और साथी का कसकर आलिंगन यह भी इंगित करता है कि आप मोहब्बत के चरम अवस्था पर जाने के लिए तन और मन से तैयार हैं.

जानें जिम के 8 Exciting सेक्स बेनेफिट्स(8 Exciting Sex Benefits Of Gym)


जिम में रोज़ाना एक्सरसाइज़ करने से न स़िर्फ बॉडी फिट एंड फाइन रहती है, बल्कि ये सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाने में भी मदद करता है. रेग्युलर जिम जाना आपके अंतरंग पलों के लिए क्यों फ़ायदेमंद है? आइए, जानते हैं.

1. टेस्टोस्टेरॉन लेवल बढ़ता है

अंतरंग पलों में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ये हार्मोन सेक्स की इच्छा और क्रियाशीलता के लिए उत्तरदायी है. रिसर्च बताती है कि रेग्युलर एक्सरसाइज़, ख़ासकर जिम में किए जानेवाले स्न्वैट्स से टेस्टोस्टेरॉन लेवल बढ़ता है.
2. एनर्जी लेवल बढ़ता है

रेग्युलर एक्सरसाइज़ करने से एनर्जी लेवल बढ़ता है और ये एनर्जी सेक्स लाइफ में भी आपको एनर्जेटिक बनाए रखता है और आप सेक्स को ज़्यादा एंजॉय कर पाते हैं.
3. आत्मविश्‍वास बढ़ता है

मोटापा सेक्स के लिए हानिकारक है. इससे जल्दी थकान महसूस होने लगती है और मोटापे का शिकार व्यक्ति पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाता. इससे उसका आत्मविश्‍वास टूट जाता है और वह सेक्स से दूर भागने लगता है. जिम में एक्सरसाइज़ करने से मोटापा कम होता है और टेस्टोस्टेरॉन लेवल बढ़ने से सेक्स की इच्छा जागने लगती है.

4. मिलती है टोन्ड-अट्रैक्टिव बॉडी

स्लिम-ट्रिम व टोन्ड बॉडी सबको आकर्षित करती है. जिम जाने से एब्स टोन्ड होते हैं. हाथ और पैरों की मसल्स स्ट्रॉन्ग होती हैं. महिलाओं की कमर पतली होने लगती है. बॉडी में कर्व्स आने लगते हैं. प्यार के उन ख़ास पलों में आपकी आकर्षक बॉडी पार्टनर को आपके और क़रीब ले आती है.
5. दूर होता है स्ट्रेस

आमतौर पर स्ट्रेस के कारण कपल्स अंतरंग पलों को पूरी तरह एंजॉय नहीं कर पाते. तनावग्रस्त होने पर उन्हें सेक्स की इच्छा नहीं होती. स्ट्रेस से स्टेमिना भी घटता है. जिम में रेग्युलर एक्सरसाइज़ स्ट्रेस बस्टर का काम करता है. एक्सरसाइज़ करने के बाद आप रिलैक्स महसूस करते हैं.
6. बैलेंस डायट

जिम में एक्सरसाइज़ के साथ ही ट्रेनर आपको डायट चार्ट भी देते हैं. वो आपके एक्सरसाइज़ टाइप और शरीर की ज़रूरतों के अनुसार आपका डायट चार्ट बनाते हैं. वर्कआउट के बाद शरीर को पोषक तत्वों की ज़रूरत पड़ती है. मसल्स और बॉडी बिल्डिंग के लिए हाईप्रोटीन और ज़िंक युक्त डायट लेनी चाहिए. हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए बैलेंस डायट बहुत ज़रूरी है.
7. ब्रीदिंग पर कंट्रोल होता है
एक्सरसाइज़ और योग आपको ब्रीदिंग पर कंट्रोल करना सिखाता है और सही ब्रीदिंग टेकनीक से आप सेक्स का ड्यूरेशन और प्लेज़र दोनों बढ़ा सकते हैं.
8. ऑर्गेज़म को बेहतर बनाता है

रिसर्च से ये बात पता चली है कि जो महिलाएं रेग्युलर एक्सरसाइज़ करती हैं, वे जल्दी उत्तेजित हो जाती हैं और ऑगेज़म को एन्जॉय करती हैं. दरअसल एक्सरसाइज़ से उनमें सेक्स हार्मोन्स का लेवल बढ़ जाता है, जिससे वे बेहतर सेक्स पार्टनर साबित होती हैं.
रिलेशनशिप को हेल्दी रखने के लिए ज़रूरी है फिट रहना (Making Fitness A Priority Benefits Your Relationship)
फिटनेस को अब तक हेल्थ से ही जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन सच तो यह है कि आपकी फिटनेस (Making Fitness A Priority) आपके रिश्ते को भी प्रभावित कर सकती है. आप फिट रहेंगे, तो आपका रिश्ता भी हेल्दी और फिट बना रहेगा. यक़ीन न हो, तो यहां दी गई बातों पर ग़ौर करें और फिटनेस व रिश्ते से जुड़े कुछ पहलुओं पर अपना नज़रिया बदलें.

अगर आप भी अपने रिश्ते को हेल्दी रखना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी फिटनेस पर ध्यान देना शुरू कर दें. शादी से पहले ही नहीं, शादी के बाद भी फिट रहना बेहद ज़रूरी है. तो आज और अभी से ही अपने रिश्ते को बनाएं हेल्दी.

– हेल्थ और फिटनेस को पर्सनल फिटनेस से न जोड़ें, बल्कि इसका प्रभाव आपके पार्टनर व आपके रिश्ते पर भी पड़ता है.

– एक अध्ययन से यह बात सामने आई कि कुछ कपल्स ने यह महसूस किया कि फिटनेस से उनके व्यक्तित्व व रिश्ते पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा.
– अपने अनुभव के बारे में बताते हुए एक शख़्स ने कहा- पहले मुझे लगता था कि एक्सरसाइज़ और फिटनेस स़िर्फ पर्सनल केयर के अंतर्गत आता है, लेकिन मुझे किसी ने सलाह दी कि इसे इस तरह से देखो कि तुम्हें अपनी फैमिली, अपने पार्टनर के लिए भी फिट रहना है. इस सोच के साथ जब मैंने वर्कआउट और डायट वगैरह पर ध्यान देना शुरू किया, तो वाकई मेरा कॉन्फिडेंस भी बढ़ा और जब-जब मैंने अपनी बेटी और पत्नी को कहा कि मुझे तुम्हारे लिए फिट रहना है, ताकि मैं भी तुम्हारी तरह यंग और फिट नज़र आऊं. यह सुनकर मेरी फैमिली भी बेहद ख़ुश हुई और हमारी बॉन्डिंग और स्ट्रॉन्ग हुई.

– शादी के बाद फिटनेस का ख़्याल रखना और भी ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि इससे आप में और आपके पार्टनर दोनों में यह एहसास बढ़ता है कि आप एक-दूसरे के लिए हेल्दी और आकर्षक नज़र आना चाहते है. इसके अलावा आप अधिक उत्साह व उमंग का अनुभव भी करते हैं.

– अमूमन लोगों की, ख़ासतौर से भारतीय लोगों की यह सोच रहती है कि जब तक शादी न हो जाए, तक तक ही आपको फिट और अट्रैक्टिव लगना है, लेकिन शादी के बाद वो इस पहलू को इस कदर नज़र अंदाज़ कर देते हैं कि उनमें न स़िर्फ बेहिसाब मोटापा बढ़ जाता है, बल्कि कई बीमरियों के भी शिकार होने लगते हैं. जिस वजह से रिलेशनशिप और यहां तक कि सेक्स लाइफ भी प्रभावित होती है.

– मुंबई में रहनेवाले एक कपल- ज्योत्सना (40) व हरी (45) ने रिलेशनशिप में फिटनेस के महत्व को बताते हुए कहा- “हमारी लव मैरिज हुई थी. शादी के दो साल बाद एक बेटा हुआ और फिर तीन साल बाद दूसरा बच्चा. बच्चों की देखभाल और अपनी प्रोफेशनल लाइफ ने हमारी ज़िंदगी को बोरिंग बना दिया था. हम इतने थक जाते थे कि एक-दूसरे से बात करने की भी एनर्जी नहीं होती थी. इस बीच हम दोनों का ही वज़न भी तेज़ी से बढ़ रहा था. वीकेंड पर एक दिन हम यूं ही अपने पुराने फोटोग्राफ्स देख रहे थे और तब हमें एहसास हुआ कि हमने इस क़दर ख़ुद को नज़रअंदाज़ किया हुआ है कि हमारी लाइफ में अब रोमांस, हेल्थ और एनर्जी है ही नहीं. स़िर्फ बच्चों का भविष्य और पैसा कमाना ही हमारी ज़िंदगी का उद्देश्य बन गया. तब हमने डिसाइड किया कि चाहे जो हो हम अपनी अगली एनीवर्सरी तक फिट और एनर्जेटिक बनने की कोशिश करेंगे, यही हमारा एक-दूसरे को गिफ्ट भी होगा. अब इस निर्णय के कितने फ़ायदे हुए, यह भी जान लें-

– हम रोज़ सुबह जल्दी उठते, साथ-साथ जॉगिंग, एक्सरसाइज़ और योग करते. इससे हम अधिक समय एक-दूसरे के साथ बिताते.

– हम एक-दूसरे को चैलेंज भी करते और मोटिवेट भी, जिससे और भी जोश और उत्साह महसूस करते.

– हमारा खाना हेल्दी बनने लगा था अब.

– सुबह जल्दी उठने के लिए रात को जल्दी सोने की भी आदत पड़ने लगी थी.

– हमारे साथ-साथ हमारे बच्चे भी हेल्दी हैबिट्स सीख रहे थे.

– अगली एनीवर्सरी तक हम सच में ख़ुद को बेहतर और फिट महसूस कर रहे थे और इसका हेल्दी प्रभाव हमारे रिश्ते पर भी पड़ा.”

36 वर्षीया कंचन ने भी अपना अनुभव बताया, “मेरे पति अपनी फिटनेस पर बहुत ज़्यादा ध्यान देते हैं, जबकि मैं थोड़ी आलसी हूं. लेकिन मुझे इसका एहसास तब हुआ, जब मेरी बेटी स्कूल के किसी भी फंक्शन या मीटिंग में हमेशा पापा के साथ जाने की बात कहते थी और मुझे बोलती थी कि मम्मी आप मुझे स्कूल में लेने मत आया करो. जब हमने उससे इसका कारण पूछा, तो उसने कहा कि पापा जब भी आते हैं, तो हर कोई कहता है कि तेरे पापा कितने फिट और हैंडसम हैं. मम्मी तो उनकी आंटी लगती हैं. मुझे पहले तो कुछ समझ में ही नहीं आया, लेकिन इस अनुभव ने मेरी आंखें खोल दीं. अब मैं भी अपने पति के साथ रोज़ सुबह योगा क्लास जाती हूं और हेल्दी डायट भी लेती हूं. मैं काफ़ी हद तक फिट और स्मार्ट हो गई हूं. अपने बेटी को मैं थैंक्स भी कहती हूं कि सही व़क्त पर उसने अंजाने व मासूमियत में ही सही, पर मुझे फिटनेस का महत्व समझा दिया. अब तो मैं अपने पति के साथ पार्टीज़ में भी कॉन्फिडेंस के साथ जाती हूं और मुझे काफ़ी कॉम्प्लीमेंट्स भी मिलते हैं. हम सच में पहले से और क़रीब आए हैं.”

अगर एक्सपर्ट्स की बात करें, तो उनके अनुसार-
– शादी और फिटनेस में बहुत गहरा संबंध है. फिट और हेल्दी रहने से आप अधिक ऊर्जा व उत्साह का अनुभव करते हैं, जिससे आप अपने रिश्ते में भी अधिक उत्साह का अनुभव करते हैं.

– फिटनेस से आपका कॉन्फिडेंस बढ़ता है, जिससे सीधा-सीधा असर आपके रिश्ते पर भी पड़ता है.

– एक साथ वर्कआउट करने से आप अपने साथी के क़रीब आते हैं. आप दोनों में आपसी समन्वय व सामंजस्य बेहतर होता है. शेयरिंग की भावना बढ़ती है.

– सेक्स लाइफ भी बेहतर होती है. बढ़ी हुई ऊर्जा और बेहतर बॉडी इमेज आपसी आकर्षण को बढ़ाते हैं.

– तनाव कम होता है. हेल्दी रहने और रेग्यूलर एक्सरसाइज़ से आपका स्ट्रेस लेवल कम होता है. एक्सपर्ट्स यह बताते हैं कि तनाव आपको शारीरिक व भावनात्मक रूप से कमज़ोर बनाकर रिश्तों की आत्मीयता को धीरे-धीरे ख़त्म करता है. यहां तक कि सेक्स लाइफ को स्पॉइल करने में सबसे बड़ा रोल स्ट्रेस यानी तनाव का ही होता है. जहां सेक्स लाइफ अच्छी नहीं होगी, वहां रिश्ता अपने आप कमज़ोर होता चला जाएगा. ऐसे में जब तनाव कम होगा, तो आपका रिश्ता भी तनाव से मुक्त होगा.

– आप जब अपने पार्टनर के साथ मिलकर फिटनेस गोल डिसाइड करते हैं, तो और भी उत्साह के साथ अपना लक्ष्य पाने की कोशिश करते हैं. फिटनेस से यदि आप दोनों और क़रीब आएं, तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है?

– इसे सीधे तौर पर कहा जाए, तो जब आप ख़ुद अच्छा महसूस करते हो, तो आप एक बेहतर पति/पत्नी बन सकते हो.

– यदि आपको जिम की मेंबरशिप या योगा क्लासेस की टाइमिंग्स सूट नहीं करती या महंगी लगती है, तो दूसरे तरी़के से फिटनेस प्रोग्राम प्लान किया जा सकता है, जैसे- आप दोनों सुबह जल्दी उठकर वॉक पर जाएं या टेरेस पर स्किपिंग व स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.

– शाम को ऑफिस से आते समय या घर आने के बाद ही साथ में बाहर वॉक करते हुए मार्केट जाएं और सब्ज़ी व ज़रूरी सामान साथ लाएं.

– लिफ्ट का इस्तेमाल न करें. सीढ़ियों से जाएं.

– घर के काम में साथ-साथ हाथ बंटाएं.
– कपड़ों को लॉन्ड्री में देने की बजाय उनकी इस्तरी ख़ुद करें. एक दिन आप करें और एक दिन आपका पार्टनर- इस तरह से काम बांट लें.

– इन सबके अलावा नियमित रूप से अपना ब्लड शुगर लेवल, बीपी, कोलेस्ट्रॉल व अन्य टेस्ट्स करवाएं.

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